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खुशखबरी; जानें किस दिन से शुरू हो रही है आदि कैलाश यात्रा, जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम..

 खुशखबरी; जानें किस दिन से शुरू हो रही है आदि कैलाश यात्रा, जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम..

 

 

देहरादून : उत्तराखंड में भगवान शिव के पवित्र धाम आदि कैलाश की यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अगर मौसम ने पूरा साथ दिया, तो 1 मई से इस साल की आदि कैलाश यात्रा का भव्य आगाज हो जाएगा। प्रशासन की तैयारियों के मुताबिक, अप्रैल के आखिरी सप्ताह से ही यात्रा के लिए जरूरी ‘इनर लाइन परमिट’ जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पिछले साल इस पवित्र यात्रा में 30 हजार से ज्यादा शिव भक्तों ने नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया था, और इस बार श्रद्धालुओं की इस संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बर्फबारी के कारण बंद रहती है व्यास घाटी

आदि कैलाश उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में स्थित बेहद खूबसूरत और दुर्गम व्यास घाटी में मौजूद है। अत्यधिक ऊंचाई वाले इस इलाके में नवंबर से लेकर मार्च तक भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस यात्रा को सर्दियों के मौसम में पूरी तरह से रोक दिया जाता है। अब बर्फ पिघलने के साथ ही प्रशासन ने एक बार फिर से इस कठिन लेकिन आस्था से भरी यात्रा को शुरू करने की पूरी योजना बना ली है।

बिना ‘इनर लाइन परमिट’ के नहीं मिलेगी एंट्री

सुरक्षा के लिहाज से आदि कैलाश की यात्रा बेहद संवेदनशील मानी जाती है। व्यास घाटी में छियालेख से आगे की यात्रा करने के लिए हर एक श्रद्धालु को ‘इनर लाइन परमिट’ लेना अनिवार्य होता है। इसके बिना किसी को भी आगे जाने की अनुमति नहीं होती। यह विशेष परमिट स्थानीय तहसील प्रशासन द्वारा यात्रियों के जरूरी दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही जारी किया जाता है, ताकि यात्रा के दौरान कोई भी अप्रिय घटना न घटे और सभी भक्त सुरक्षित दर्शन कर सकें।