आंतकियों की शर्मनाक हरकत पहले नाम और धर्म पूछा, फिर मार दी गोली…महिला ने बताया पहलगाम अटैक का खौफनाक मंजर
पहलगाम : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब बेसराण इलाके में आतंकवादियों ने अचानक पर्यटकों और स्थानीय लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस कायराना आतंकी हमले में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई पर्यटक भी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई जब बैसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है, में आतंकवादी पहाड़ से नीचे उतरे और वहां मौजूद लोगों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर
इस हमले के एक चश्मदीद ने घटना का दिल दहला देने वाला मंजर बयां किया है। एक महिला चश्मदीद के मुताबिक, हमला उस वक्त हुआ जब एक महिला अपने पति के साथ भेलपूरी खा रही थी। आतंकवादी उनके पास आया, कुछ सवाल पूछे और बिना किसी जवाब का इंतजार किए सीधे उन पर गोली चला दी। घटना से जुड़ा एक बेहद विचलित कर देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गोली लगने वाले शख्स की पत्नी लोगों से अपने पति को बचाने के लिए चीखती हुई गुहार लगा रही है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
कुख्यात आतंकी संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी, जानें उसकी पूरी कुंडली
श्रीनगर- जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बैसरन पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला कर दिया इलाके में आतंकवादियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को भेजा गया है। इस हमले में कई लोगों के मारे जाने की खबर आ रही है। वहीं एक आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेवारी ली है।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी कि टीआरएफ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भयावह आतंकी हमले में कम से कम 26 पर्यटकों के मारे जाने की खबर है जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमले के दौरान आतंकियों ने पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछकर गोलीबारी की, जिसने इस घटना को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
बता दें कि टीआरएफ एक आतंकी संगठन है, जो 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद उभरा। यह पाकिस्तान समर्थित जिहादी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक तरह से दूसरा नाम है। TRF ने नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों जैसे कश्मीरी पंडितों, सरकारी कर्मचारियों, और पर्यटकों पर लगातार हमले किए हैं। यह संगठन भारतीय सुरक्षा बलों पर भी हमले करता है। TRF गैर-धार्मिक प्रतीकों का उपयोग कर स्वयं को धर्मनिरपेक्ष दिखाने की कोशिश करता है, लेकिन इसका लक्ष्य कश्मीर में आतंक फैलाना है।










