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सुखबीर बादल पर कसेगा SIT का शिकंजा, पूर्व जत्थेदार का दावा- अकाल तख्त में कबूला था बहिबलकलां गोलीकांड का गुनाह

सुखबीर बादल पर कसेगा SIT का शिकंजा, पूर्व जत्थेदार का दावा- अकाल तख्त में कबूला था बहिबलकलां गोलीकांड का गुनाह

 

 

जालंधर : फरीदकोट के चर्चित बहिबलकलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। मामले की बारीकी से जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने गुरुवार को अपना अहम बयान दर्ज करवाया है। इस बयान में कुछ ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं, जो पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल ला सकते हैं।

अकाल तख्त के रिकॉर्ड में मौजूद है वीडियो सबूत

पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने एसआईटी को दिए बयान में यह बड़ा दावा किया है कि श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी पेशी के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने बहिबल गोलीकांड को लेकर अपनी जिम्मेदारी साफ तौर पर स्वीकार की थी। सबसे अहम बात यह है कि सुखबीर बादल का यह कथित कबूलनामा श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सार्वजनिक रूप से हुआ था और इसकी बकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। ज्ञानी रघुबीर सिंह के मुताबिक, यह वीडियो आज भी अकाल तख्त के रिकॉर्ड में पूरी तरह सुरक्षित है।

साजिश के तहत चलाई गई थीं बेगुनाहों पर गोलियां

अपने बयान में जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि बहिबल कलां में जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करवा रहे थे, उन निहत्थे और बेगुनाह लोगों पर एक सोची-समझी साजिश के तहत गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने पूरे सिख समुदाय के हृदय को छलनी कर दिया था और उनकी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई थी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सिख समुदाय की खातिर इस पूरे मामले में छिपी असली सच्चाई का सामने आना बेहद जरूरी है।

सुखबीर बादल पर कस सकता है कानूनी शिकंजा

सूत्रों की मानें तो पूर्व जत्थेदार के इस सनसनीखेज बयान के बाद एसआईटी की जांच की दिशा बदल सकती है। अब जांच टीम ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा दिए गए बयान और श्री अकाल तख्त में मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य सभी साक्ष्यों की गहराई से पड़ताल कर सकती है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि एसआईटी की जांच में इन दावों की पुष्टि हो जाती है, तो सुखबीर सिंह बादल के लिए कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां अचानक से कई गुना बढ़ जाएंगी।