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जमुई कांड के 2 आरोपियों का पुलिस ने किया एनकाउंटर, मुख्य आरोपी नंदन के पैर में लगी गोली; दूसरा दरिंदा भी गिरफ्तार

जमुई कांड के 2 आरोपियों का पुलिस ने किया एनकाउंटर, मुख्य आरोपी नंदन के पैर में लगी गोली; दूसरा दरिंदा भी गिरफ्तार

 

जमुई : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, बैड टच और उसके दोस्त के साथ अमानवीय बर्बरता के चर्चित मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव को मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, उसके साथी और मामले के दूसरे नामजद आरोपी हरेराम यादव को भी पुलिस ने दबोच लिया है, जिसका पैर टूटने की सूचना है। दोनों आरोपी जमुई सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के निवासी हैं और बालू ढोने वाले ट्रैक्टर चलाने का काम करते हैं।

मुठभेड़ में नंदन के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए भागे मुख्य आरोपी नंदन यादव की तलाश में गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार छापेमारी कर रही थी। मंगलवार को जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो उसने भागने का प्रयास किया। इसी दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में नंदन के पैर में गोली लग गई। लहूलुहान हालत में पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी हरेराम को भी पैर में गंभीर चोट लगने के बाद पुलिस ने शिकंजे में ले लिया है।

19 सितंबर को फोटो खिंचवाने के दौरान की थी हैवानियत
पुलिस जांच के अनुसार, यह शर्मनाक वारदात 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे घटी थी। नाबालिग छात्रा अपने दोस्त के साथ इलाके में तस्वीरें खिंचवाने गई थी। इसी दौरान बालू माफिया और ट्रैक्टर से जुड़े इन मनचलों ने दोनों को अकेला पाकर घेर लिया। आरोपियों ने नाबालिग लड़के के साथ गंभीर मारपीट व दुर्व्यवहार किया और छात्रा के साथ छेड़खानी करते हुए उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर वायरल कर दिया गया, जिससे पूरे राज्य में भारी जनाक्रोश फैल गया।

वीडियो शेयर करने वाले 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर भी FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस ने केवल दरिंदों पर ही नहीं, बल्कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों पर भी कड़ा शिकंजा कसा है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि नाबालिग पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो शेयर, री-पोस्ट और वायरल करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो शेयर करना गैरकानूनी है और ऐसे सभी अकाउंट्स की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार दबिश दे रही है।