
कल जालंधर में होने वाली अमित शाह की रैली से पहले सियासी सरगर्मियां हुई तेज, कई नेताओं के BJP में शामिल होने की चर्चाओं से अफवाहों का बाजार गर्म…
MBD NEWS: (सुमेश शर्मा) जालंधर, 29 सितंबर पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी बीच 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रस्तावित महारैली को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। भाजपा की यह रैली जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर परागपुर के पास आयोजित की जा रही है और इसे पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से कई नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग पार्टियों से जुड़े कुछ नेता भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि इनमें से कुछ चेहरे 30 सितंबर की रैली के दौरान भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक ऐसे संभावित दल-बदल को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक जालंधर से जुड़े एक प्रमुख दलित नेता के भी भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि उक्त नेता आगामी विधानसभा चुनाव में दोआबा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर सकता है। हालांकि, नेता का नाम और भाजपा में शामिल होने की पुष्टि फिलहाल आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि उक्त नेता पिछले कुछ समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है, लेकिन अभी तक किसी बड़े राजनीतिक मंच पर उसकी भूमिका को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में 30 सितंबर की रैली के दौरान अगर कोई बड़ा राजनीतिक चेहरा भाजपा में शामिल होता है तो यह पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकता है।
2027 के चुनाव को लेकर सभी दलों ने बढ़ाई गतिविधियां
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।
अब चुनावी माहौल को देखते हुए आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा की ओर से जालंधर में होने वाली रैली को भी 2027 के चुनाव से पहले राज्य में संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों को गति देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा की चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ का समापन भी जालंधर में होना है। ये यात्राएं राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरी हैं और पार्टी ने नशे के मुद्दे को आगामी चुनावी अभियान के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।
रैली में क्या होगा, इस पर टिकी नजरें
30 सितंबर की रैली के लिए भाजपा की ओर से बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार रैली स्थल के लिए 50 से अधिक एकड़ क्षेत्र में व्यवस्थाएं की गई हैं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है।
अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमित शाह की रैली में कौन-कौन से नेता मंच पर नजर आते हैं और क्या विभिन्न राजनीतिक दलों से कोई बड़ा चेहरा भाजपा में शामिल होता है।
फिलहाल अलग-अलग दल अपने-अपने स्तर पर 2027 के चुनाव को लेकर दावे और तैयारियां कर रहे हैं। अंतिम फैसला जनता के मत से ही होगा और चुनाव के बाद ही स्पष्ट होगा कि पंजाब की सत्ता किस दल या गठबंधन के हाथ में जाती है।









