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  • जानें किस जगह जमीन का विवाद सुलझाने गई पुलिस टीम पर हुआ हमला, थानेदार और पुलिसकर्मियों को बनाया बंधक; ASI का  हाथ टूटा

    जानें किस जगह जमीन का विवाद सुलझाने गई पुलिस टीम पर हुआ हमला, थानेदार और पुलिसकर्मियों को बनाया बंधक; ASI का  हाथ टूटा

     

    जोधपुर  : राजस्थान के जोधपुर जिले के बालेसर इलाके से पुलिस पर हमले की बड़ी खबर सामने आई है। यहां दो पक्षों में हुए जमीन विवाद को शांत कराने गई चामू पुलिस पर हमला कर दिया गया। झगड़ा कर रहे लोगों ने चामू थानाधिकारी ओमप्रकाश और अन्य पुलिसकर्मियों पर हमला कर उनको बंधक बना लिया।

    मारपीट में एक सहायक थानेदार का हाथ तोड़ दिया गया। हमले की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बाद में वहां भारी पुलिस बल पहुंचा और थानाधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों को छुड़वाया।

    जानकारी के अनुसार चामू पुलिस पर यह हमला शनिवार देर रात को गोदलाई गांव में हुआ। वहां दो पक्षों में जमीन को लेकर बड़ा विवाद हो गया था। इसकी सूचना पर चामू पुलिस वहां पहुंची थी। पुलिस गई तो विवाद निपटाने के लिए थी लेकिन भीड़ उस पर भारी पड़ गई।

    बताया जा रहा है कि आरोपी के घर की महिलाएं और पुरुष पुलिस पर ही टूट पड़े। उन्होंने चामू थानाप्रभारी ओमप्रकाश समेत अन्य पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।.

    बताया तो यह भी जा रहा है कि इस दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग भी हुई थी। लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। बाद में उनको छुड़वाने गए एएसआई के साथ भी मारपीट की गई। उसके बाद जैसे ही इसकी सूचना पुलिस के आलाधिकारियों के पास पहुंची तो हड़कंप मच गया। फिर आसपास के पुलिस थानों और पुलिस लाइन से बुलाया गया जाब्ता वहां पहुंचा।

    जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव खुद भी वहां पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आरोपियों से छुड़वाया और बाद में पुलिस वहां ने वहां दर्जनभर आरोपियों को भी धरदबोचा और उनके वाहन भी सीज कर लिए गए। उन सभी को चामू थाना लाया गया। चामू थाने को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बहरहाल पुलिस इस मामले में ज्यादा कुछ बताने से बच रही है।

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला;हिंदू विवाह की वैधता के लिए कन्यादान की रस्म जरूरी नहीं

    इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला;हिंदू विवाह की वैधता के लिए कन्यादान की रस्म जरूरी नहीं

     

    इलाहाबाद : यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक मामले में फैसला लेते हुए कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के अनुसार हिंदू विवाह में कन्यादान की रस्म निभाना आवश्यक नहीं है। एक्ट के अनुसार यदि शादी में कन्यादान की रस्म नहीं निभाई जाती तो वह शादी अधूरी नहीं मानी जाएगी। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने 22 मार्च को एक मामले में फैसला सुनाते हुए हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के सेक्शन 7 का हवाला दिया और कहा कि हिंदू विवाह में कन्यादान करना एक आवश्यक रस्म नहीं है।

    कोर्ट ने कहा कि यदि कोई युवक और युवती हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के सेक्शन 7 के तहत बताई गई बातों को मानकर उसके अनुसार विवाह करते हैं तो उनकी शादी वैध होगी, भले ही उसमें कन्यादान की रस्म न निभाई गई हो।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में यह फैसला रिव्यू पिटीशन में सुनाया, जहां याचिकाकर्ता कन्यादान को हिंदू विवाह का जरूरी हिस्सा मानकर इसके लिए कोर्ट में गवाह पेश करने की बात कही। याचिकाकर्ता ने कहा कि विवाह में कन्यादान की रस्म पूरी की गई थी या नहीं इसकी जांच के लिए गवाह पेश किए जाने चाहिए, जिस पर कोर्ट ने साफ किया कि हिंदू विवाह में कन्यादान की रस्म समापन के लिए जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कन्यादान हुआ है या नहीं हुआ है यह किसी भी मामले के निर्णय को प्रभावित नहीं करेगा।

    हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के सेक्शन 7 के अनुसार किसी भी हिंदू विवाह को वैध होने के लिए, सप्तपदी के अनुसार विवाह करना आवश्यक है। हिंदू विवाह में विवाह के दौरान जैसे ही सप्तपदी की रस्म पूरी होती है, वैसे ही विवाह वैध और बाध्यकारी होता है। जब विवाह के दौरान युवक और युवती अग्नि के सामने सात फेरे लेते हैं और वचन से एक दूसरे के साथ विवाह के बंधन में बंध जाते हैं तब ही हिंदू विवाह पूरा हो जाता है। हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में विवाह के समापन के लिए कन्यादान की रस्म का जिक्र नहीं है।

  • 10 मई से शुरू होने जा रही है यात्रा,केदारनाथ सहित चारधाम के लिए कल से शुरु होगी रजिस्ट्रेशन..

    10 मई से शुरू होने जा रही है यात्रा,केदारनाथ सहित चारधाम के लिए कल से शुरु होगी रजिस्ट्रेशन..

     

    MBD NEWS नई दिल्ली : केदारनाथ आपदा के बाद से लगातार हर साल सालों की संख्या में भक्त उत्तराखंड के चारधाम की यात्रा कर रहे हैं। उत्तराखंड के चारधाम की यात्रा में भक्त यमुनोत्री, गंगोत्री, केदरानाथ और बदरीनाथ की यात्रा करते हैं। कई भक्त जहां सभी धामों की यात्रा करते हैं, तो कई भक्त एक या दो धाम की यात्रा भी करने के लिए आते हैं।

    गंगोत्री और बदरीनाथ में आप जहां सड़क के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं, तो वहीं यमुनोत्री और केदरानाथ में आपको चलना पड़ता है। भक्तों को सबसे ज्यादा केदारनाथ यात्रा के दौरान चलना पड़ता है। हालांकि आप हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ आसानी से पहुंच सकते हैं। इस साल चारधाम यात्रा 10 मई से शरू हो रही है।

    वहीं, चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों को आठ अप्रैल 2024 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू होने जा रही है। आपको बता दें कि कि सरकार की ओर से किसी भी यात्री को पंजीकरण के बिना चार धाम पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    ऐसे में चार धाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि यात्रा पर जाने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लें। चारधाम के लिए पर्यटन विभाग ने पंजीकरण के लिए तैयारी पूरी कर ली हैं। इस बार पंजीकरण के बाद पर्ची पर यात्रियों को आवश्यक मोबाइल नंबर भी मिलेंगे।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें, केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। चमोली जिले में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को बह्ममुहूर्त का तीर्थ यात्रियों के लिए खुलेंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीखों का ऐलान बसंत पंचंमी के दिन हुआ था। जबकि, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्ष्य तृतीया के दिन खुलेंगे।

  • पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) प्रश्नपत्र लीक मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, यतिन और लोकेश की 1 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क

    पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) प्रश्नपत्र लीक मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, यतिन और लोकेश की 1 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क

     

    जम्मू : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) प्रश्नपत्र लीक मामले में 1 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि उसने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत आरोपी मेसर्स न्यू ग्लोबल फ्यूमिगेशन कॉर्पोरेशन के मालिक यतिन यादव और उसके सहयोगी लोकेश कुमार की 1 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।

    ईडी ने कहा कि यह संपत्ति यतिन यादव और अन्य द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस के 1200 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित मामले में कुर्क की गई है।

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  • उरी में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी; घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम, दो आतंकवादी ढेर

     उरी में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी; घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम, दो आतंकवादी ढेर

     

    MBD NEWS : श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए एक और आतंकवादी को ढेर कर दिया। सेना के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

    अधिकारियों ने बतााया कि सहुरा नाला में घुसपैठ करने वाले समूह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान आतंकवादी को ढेर कर दिया गया। अब दो आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। इससे पहले शुक्रवार सुबह नियंंत्रण रेखा के पास सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए तत्काल उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।

    गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया, जबकि दूसरे को बाद में ढेर कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया, घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। मौके पर तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मारे गए आतंकवादी की पहचान की कोशिश हो रही है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा एजुकेशन एक्ट रद्द करने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई,17 लाख छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

     सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा एजुकेशन एक्ट रद्द करने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई,17 लाख छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

     

    MBD NEWS: नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा एजुकेशन एक्ट को रद्द करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने मदरसा संचालकों की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मदरसा ऐक्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह असंवैधानिक है और सेकुलरिज्म के खिलाफ है।

     

    मदरसा बोर्ड की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट का अधिकार नहीं बनता कि इस एक्ट को रद्द करे… 17 लाख छात्र इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। वहीं, करीब 25000 मदरसे प्रभावित हुए हैं। ये लगभग 125 साल पुराना है, 1908 से मदरसा रजिस्टर हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हाईकोर्ट ने मदरसा एक्ट के प्रावधानों को समझने में भूल की है। हाईकोर्ट का ये मानना कि ये एक्ट धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है, ग़लत है।” सुपीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओ पर केंद्र, यूपी सरकार, यूपी मदरसा एजुकेशन बोर्ड को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने यूपी और केंद्र सरकार को 31 मई तक जवाब दखिल करने को कहा है।

  • कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र नाम दिया ‘न्याय पत्र’, किसानों को MSP गारंटी, महिलाओं को 1 लाख रुपए सालाना; जानें क्या किये जनता से वादे

    कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र नाम दिया ‘न्याय पत्र’, किसानों को MSP गारंटी, महिलाओं को 1 लाख रुपए सालाना; जानें क्या किये जनता से वादे

     

    MBD NEWS: नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र ‘न्याय पत्र’ के नाम से जारी किया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पी. चिदंबरम समेत कई नेताओं की मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय में यह घोषणा पत्र जारी किया गया। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पांच न्याय- ‘युवा न्याय’, ‘नारी न्याय’, ‘किसान न्याय’, ‘श्रमिक न्याय’ और ‘हिस्सेदारी न्याय’ को शामिल किया है। इसके साथ ही 25 गारंटी का भी इस घोषणा पत्र में जिक्र है।

    कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में 25 लाख रुपये तक नि:शुल्क इलाज के लिए कैशलेस बीमा योजना और 50 फीसदी की आरक्षण सीमा खत्म करने का वादा किया है।इसके अलावा जातिगत जनगणना कराने, कर्ज माफी आयोग बनाने, रोजगार की गारंटी देने का भी ऐलान किया है। वहीं महालक्ष्मी योजना के तहत गरीब परिवारों की महिला को एक लाख रुपए प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता राशि, ‘युवा न्याय’ के तहत 25 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया है।

    वहीं, कांग्रेस के घोषणापत्र पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हमारा घोषणा पत्र देश के राजनीतिक इतिहास में ‘न्याय के दस्तावेज’ के रूप में याद किया जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाई गई ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पांच स्तंभों पर केंद्रित थी। यात्रा के दौरान युवा न्याय, किसान न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय की घोषणा की गई थी। जहां कहीं भी हम गए, वहां पर इन न्याय की बात की और इसकी गारंटी भी हमने दी है। इन पांच स्तंभों में से 25 गारंटियां निकलती हैं और हर 25 गारंटियों में किसी न किसी को लाभ मिलेगा।”

    घोषणा पत्र में ये गारंटियां और पांच न्याय इस तरह वर्णित किए गए हैं-

    युवा न्याय :

    1. पहली नौकरी पक्की – हर शिक्षित युवा को 1 लाख रुपए की अप्रेंटिसशिप का अधिकार

    2. भर्ती भरोसा : 30 लाख सरकारी नौकरियां, सभी खाली पोस्ट कैलेंडर के अनुसार भरेंगे

    3. पेपर लीक से मुक्ति : पेपर-लीक रोकने के लिए नए कानून और नीतियां

    4. गिग-वर्कर सुरक्षा : गिग वर्कर के लिए बेहतर कामकाजी नियम और संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा

    5. युवा रोशनी : युवाओं के लिए 5,000 करोड़ रुपए का नया स्टार्टअप फंड नारी

    नारी न्याय :

    1. महालक्ष्मी – हर गरीब परिवार की एक महिला को हर साल 1 लाख रुपए।

    2. आधी आबादी, पूरा हक – केंद्र सरकार की नई नौकरियों में 50 फीसदी महिला आरक्षण

    3. ⁠शक्ति का सम्मान – आशा, मिड डे मील और आंगनवाड़ी वर्कर्स को ज्यादा सैलरी, दोगुनी सरकारी योगदान से

    4. अधिकार मैत्री – महिलाओं को कानूनी हक़ और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाली एक अधिकार-सहेली, हर पंचायत में

    5. सावित्री बाई फुले हॉस्टल – कामकाजी महिलाओं के लिए दोगुना हॉस्टल किसान

    किसान न्याय :

    1. सही दाम – एमएसपी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन फॉर्मूले वाली

    2. कर्ज मुक्ति – कर्ज माफी प्लान प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परमानेंट आयोग

    3. बीमा भुगतान का सीधा ट्रांसफर – फसल नुकसान पर 30 दिन के अंदर सीधे खाते में पैसा ट्रांसफर

    4. उचित आयात-निर्यात नीति – किसानों के सलाह से नई इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पॉलिसी बनेगी

    5. जीएसटी-मुक्त खेती – किसानी के लिए ज़रूरी हर चीज़ से जीएसटी हटेगा

    श्रमिक न्याय :

    1. श्रम का सम्मान – 400 रुपए कम से कम दैनिक मज़दूरी, मनरेगा में भी

    2. सबको स्वास्थ्य अधिकार – 25 लाख रुपए का हेल्थ-कवर : मुफ़्त इलाज़, अस्पताल, डॉक्टर, दवा, टेस्ट, सर्जरी

    3. शहरी रोजगार गारंटी – शहरों के लिए भी मनरेगा जैसी नई योजना

    4. सामाजिक सुरक्षा – असंगठित मजदूरों के लिए जीवन और दुर्घटना बीमा

    5. सुरक्षित रोजगार – मुख्य सरकारी कार्यों में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम मजदूरी बंद

    हिस्सेदारी न्याय :

    1. गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती

    2. आरक्षण का हक़ – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50 फीसदी सीमा हटाकर एससी/एसटी/ओबीसी को आरक्षण का पूरा हक़

    3. एससी/एसटी सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी एससी/एसटी जनसंख्या, उतना बजट, यानी ज़्यादा हिस्सेदारी

    4. जल-जंगल-जमीन का कानूनी हक़ – वन-अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फैसला

    5. अपनी धरती, अपना राज – जहां एसटी सबसे ज्यादा, वहां पैसा लागू

  • मौत से ठीक पहले बच्चियों ने पिता को आखिरी कॉल में कहा , पापा हमें बचा लो, आग लग गई है, हमारा दम घुट रहा है…

    मौत से ठीक पहले बच्चियों ने पिता को आखिरी कॉल में कहा , पापा हमें बचा लो, आग लग गई है, हमारा दम घुट रहा है…

     

    दिल्ली के सदर बाजार स्थित एक घर में लगी भीषण आग में दो बच्चियों की दम घुटने से मौत हो गई. अब उन बच्चियों के फोन की रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें दोनों ने अपने पिता को मरने से पहले कॉल किया था. कहा था कि पापा हमें बचा लो. आग लगी है और हमारा दम घुट रहा है. दोनों बच्चियों ने फिर मां को भी फोन किया. हालांकि, दोनों बच्चियों को बचाया नहीं जा सका. अभी भी पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगा रही है.

    दिल्ली के सदर बाजार इलाके में मंगलवार को उस वक्त सनसनी मच गई जब वहां स्थित एक घर में भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में दो बच्चियों की जान चली गई. उस रात शायद ही कोई मोहल्ले में शांति से सो पाया होगा. इस हादसे के बाद बच्चियों की वो फोन रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें वो अपने पिता से कह रही हैं कि- पापा हमें बचा लो, आग लगी है और हमारा दम घुट रहा है.

    परिजनों की मानें तो घर में जिस समय आग लगी थी, उस समय दोनों बहनें अपने कमरे में सो रही थीं. आग लगने के बाद वे बाथरूम में बंद हो गईं. उन्हें लगा कि शायद बाथरूम के अंदर धुआं नहीं पहुंचेगा. बाद में जब दम घुटने लगा तो बच्चों ने लखनऊ में मौजूद अपने पापा यानि हाजी सालिम कुरैशी को कॉल की.

    इसके अलावा दोनों बहनों ने अपनी मां गुलिस्तां को भी फोन किया. जिस समय आग लगी उस समय हाजी सालिम के भाई और मुरादाबाद से विधायक हाजी मोहम्मद नासिर करोल बाग में किसी काम से आए हुए थे. खबर मिलने के बाद वह भी तुरंत कुरैश नगर भाई के मकान पर पहुंच गए. रेस्क्यू का काम उनके सामने ही हुआ. आग की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं. उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. लेकिन दोनों बच्चियों को बचाया नहां जा सका.

  • कांग्रेस नेता संजय का  पलटवार, कहा- ‘इस्तीफे के बाद निष्कासन की कार्रवाई हुई’

    कांग्रेस नेता संजय का  पलटवार, कहा- ‘इस्तीफे के बाद निष्कासन की कार्रवाई हुई’

     

     

    मुंबई: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने गुरुवार को दावा किया कि पार्टी से इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने अपना संक्षिप्त त्यागपत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर कटाक्ष किया गया है। निरुपम ने पार्टी अध्यक्ष को भेजे पत्र में लिखा है, “मैंने आखिरकार आपकी बहुप्रतीक्षित इच्छा पूरी करने का फैसला किया है और मैं घोषणा करता हूं कि मैं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना चाहता हूं।” उन्होंने कहा, “इस संचार को मेरा त्याग पत्र माना जाए।”

    एक्स पर आज पत्र की कॉपी साझा करते हुए निरुपम ने अपने पोस्ट में लिखा, “ऐसा लगता है कि पार्टी को कल रात मेरा इस्तीफा मिलने के तुरंत बाद उन्होंने मुझे निष्कसित करने का फैसला किया। इतनी तत्परता देखकर अच्छा लगा।” मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से उम्मीदवार नहीं बनाये जाने से नाराज पत्रकार से नेता बने निरुपम बागी हो गए थे। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेंगे।

    पिछले सप्ताह महा विकास अघाड़ी की सहयोगी पार्टी शिव सेना (यूबीटी) ने इस सीट से अमोल जी कीर्तिकर को उम्मीदवार बनाने की घोषणा के बाद निरुपम ने सार्वजनिक रूप से अपना गुस्सा जाहिर किया था। उन्होंने शिव सेना (यूबीटी) और कांग्रेस सीट-बंटवारे पर वार्ताकारों को कड़ी फटकार लगाई थी।

    निरुपम ने कथित तौर पर शिव सेना (यूबीटी) के सामने घुटने टेकने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्य प्रमुख पटोले और मुंबई प्रमुख वर्षा गायकवाड़ पर बिना नाम लिए एक घृणित परोक्ष हमला भी किया था। संयोग से, निरुपम (अविभाजित) शिवसेना से दो बार के पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के पूर्व मुंबई उत्तर लोकसभा सांसद हैं। उनके विद्रोह को भांपते हुए राज्य कांग्रेस ने भी उन्हें बुधवार को लोकसभा चुनाव के पार्टी के स्टार प्रचारकों की राज्य सूची से हटा दिया।