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  • मनाली में सोलंगनाला के नजदीक अंजनी महादेव में फटा बादल, लोगों ने भागकर बचाई जान, कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट

    मनाली में सोलंगनाला के नजदीक अंजनी महादेव में फटा बादल, लोगों ने भागकर बचाई जान, कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट

     

     

    चंबा- हिमाचल प्रदेश के मनाली में सोलंगनाला के साथ लगते अंजनी महादेव मे बादल फटने से पलचान में भारी तबाही हुई है। जानकारी के अनुसार पलचान पुल पर मलबा आने से मनाली लेह मार्ग अवरुद्ध हो गया है। बादल फटने से आई बाढ़ से पलचान में एक मकान भी ढह गया है।

    वहीं बाढ़ आने से नदी में बने एक बिजली प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। एसडीएम मनाली रमण कुमार शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नदी तट पर बसे लोगों को अलर्ट कराया गया है। उन्होंने बताया की बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है। बिजली के छोटे प्रोजेक्ट को भी क्षति पहुंची है। उधर, बादल फटने के बाद इलाके के कई घरों में मलबा घुस गया। इससे लोगों में दहशत का माहौल रहा। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कुछ भागों में आज से 31 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं, बीती रात को कई भागों में भारी बारिश हुई है। उधर, पांवटा साहिब-शिलाई एनएच-707 पर भूस्खलन हुआ है। इससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी लाइनें लग गईं। निजी व सरकारी बसें भी फंसी रही। यात्री परेशान हैं। हाईवे से गुजरते समय तीन गाड़ियों पर पत्थर गिर गए। हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

  • कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; एक जवान घायल

     कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; एक जवान घायल

     

     

    श्रीनगर  : जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रात से मुठभेड़ जारी है। एनकाउंटर के बीच सुरक्षाबलों के जवानों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी घायल है। बता दें कि सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा की लोलाब घाटी के त्रिमुखा टॉप पर जारी है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को उस समय घेर लिया जब वह वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास जंगल में भागने की कोशिश कर रहे थे।

    एक दिन पहले ही 23 जुलाई को पुंछ के बट्टल सेक्टर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को बैकफुट पर ला दिया था। हालांकि, भारी गोलीबारी में सेना का एक जवान घायल हो गया था, जो इलाज के दौरान शहीद हो गया। सेना के मुताबिक, जवान अलर्ट थे। हाल ही में 17 जुलाई को भी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो आतंकी ढेर हो गए थे। एनकाउंटर नॉर्थ कश्मीर के कुपवाड़ा के केरन सेक्टर के नजदीक LOC के पास हुआ था। इससे पहले डोडा के कास्तीगढ़ इलाके में मुठभेड़ होने की बात सामने आई थी। इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान घायल हुआ था। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में इजाफा हुआ है। इसके बाद सेना ने भी अपने ऑपरेशन तेज कर दिए हैं।

  • भारी बारिश के कारण ढह गया 3 मंजिला मकान, दादी और दो पोतियों की मौत

     भारी बारिश के कारण ढह गया 3 मंजिला मकान, दादी और दो पोतियों की मौत

     

    द्वारका : गुजरात में द्वारका जिले के जाम खंभालिया शहर में भीषण बारिश के कारण मंगलवार को एक घर की तीन मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में एक बुजुर्ग महिला और उसकी दो पोतियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना मंगलवार शाम को शहर के गगवानी फली इलाके में हुई और आधी रात तक चले लगभग छह घंटे के बचाव अभियान के बाद तीन पीड़ितों के शव बाहर निकाले गए और पांच लोगों को बचाया गया।

    पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों ने क्षेत्र में जारी भारी बारिश के कारण इमारत ढहने के बाद मलबे को हटाकर शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान केशरबेन कंजारिया (65), प्रीतिबेन कंजारिया (15) और पायलबेन कंजारिया (18) के रूप में की गई है।

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    पुलिस ने बताया कि मलबे में फंसे पांच अन्य लोगों को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश जारी है। इस वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है, क्योंकि बांध ओवरफ्लो हो गए हैं और मानसूनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं।

    बुधवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटों में सूरत जिले के उमरपाड़ा तालुका में 276 मिमी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि नवसारी, जूनागढ़, देवभूमि द्वारका, कच्छ, डांग और तापी जिलों में भी भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। प्रभावित जिलों में प्रशासन ने लोगों के लिए सलाह जारी की है। लोगों को जारी सलाह में कहा गया है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक घर से बाहर न निकलें। उफनते नालों या पानी से भरी सड़क को पार करने की कोशिश न करें। नवसारी कलेक्टर ने भारी बारिश के मद्देनजर जिले के शैक्षणिक संस्थानों को बुधवार को बंद रखने का आदेश दिया है।

  • जानें मोदी सरकार के BUDGET को लेकर विपक्षी पार्टियों ने क्या कहा,राहुल ने इसे कुर्सी बचाओ बजट बताया

    जानें मोदी सरकार के BUDGET को लेकर विपक्षी पार्टियों ने क्या कहा,राहुल ने इसे कुर्सी बचाओ बजट बताया
     

    नई दिल्ली- केंद्रीय बजट में बिहार को 26 हजार करोड़ रुपये देने का एलान किया गया है। इस पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद की सांसद राबड़ी देवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राज्य में हत्या और चोरी हो रही है। मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है। युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही औक किसानों की समस्या अभी भी बरकरार है। बिहार को 26 हजार करोड़ रुपये आवंटित करना बिहार को झुनझुना देने के बराबर है।”

    बजट पर क्या बोले राहुल गांधी
    * इस बजट को लेकर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के कद्दावर नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने इसे कुर्सी बचाओ बजट बताया। राहुल गांधी ने इस बजट को सहयोगियों को खुश करने वाला बताया है। उन्होंने कहा, बजट में अन्य राज्यों की कीमत पर उनसे (सहयोगियों) खोखले वादे किए गए। राहुल ने कहा, ये बजट अपने मित्रों को खुश करने के लिए लाया गया है। इससे AA (अडानी अंबानी) को लाभ होगा और आम भारतीय को कोई राहत नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने इस बजट को कॉपी पेस्ट करार दिया। राहुल ने दावा किया कि बजट कांग्रेस के घोषणा पत्र और पिछले बजट से कॉपी किया गया है।

    * बजट पर क्या बोले खरगे?
    उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इसे कॉपी पेस्ट बजट करार दिया। खरगे ने ट्वीट कर कहा, कांग्रेस के न्याय के एजेंडे को ठीक तरह से कॉपी भी नहीं कर पाया मोदी सरकार का नकलची बजट। मोदी सरकार का बजट अपने गठबंधन के साथियों को ठगने के लिए आधी-अधूरी रेवड़ियां बांट रहा है, ताकि NDA बची रहे। ये देश की तरक्की का नहीं मोदी सरकार बचाओ बजट है।

    * बजट पर क्या बोलीं मायावती?
    बसपा अध्यक्ष मायावती ने संसद में पेश केन्द्रीय बजट को अच्छे दिन की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा बताया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट अपने पुराने ढर्रे पर कुछ मुट्ठी भर अमीर व धन्ना सेठों को छोड़कर देश के गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं, मेहनतकशों, वंचितों व उपेक्षित बहुजनों के त्रस्त जीवन से मुक्ति हेतु अच्छे दिन की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा है। मायावती ने कहा, देश में छाई जबरदस्त गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन तथा यहां के 125 करोड़ से अधिक कमजोर तबकों के उत्थान व उनके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं के प्रति इस नई सरकार में भी अपेक्षित सुधारवादी नीति व नीयत का अभाव है।

    * कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्रीय बजट में इंटर्नशिप योजना की घोषणा किए जाने के बाद मंगलवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी हुई है कि लोकसभा चुनाव के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्य विपक्षी दल का घोषणापत्र पढ़ा। वित्त मंत्री सीतारमण ने केंद्रीय बजट-2024-25 में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा की है जिसके तहत युवाओं को इंटर्नशिप के साथ 5,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘पहली नौकरी पक्की’नाम भी दिया था। मुझे इस बात की भी खुशी है कि उन्होंने कांग्रेस घोषणापत्र के पृष्ठ 30 पर उल्लिखित रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन (ईएलआई) को वस्तुतः अपना लिया है।’

    * तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “यह कुर्सी बचाओ बजट है।” टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, “पिछले दस वर्षों से कोई उम्मीद नहीं। हम सिर्फ नारे सुनते रहे। आज भी जुमले ही होंगे। इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। न तो उन्हें सरकार चलाने आता है और न ही उन्हें लोगों के दर्द से कोई मतलब है। वे बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन किसानों के लिए उन्होंने क्या किया? किसानों के लिए तीन कानून लाए गए, जिसे वापस लेना चाहिए।”

    * राकांपा (एसपी) नेता क्लाइड कैस्ट्रो ने कहा कि बजट में महाराष्ट्र का जिक्र तक नहीं किया गया। उन्होंने केंद्रीय वित्तीय मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “क्या निर्मला सीतारमण ने सिर्फ बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बजट पेश किया। यह बैसाखी के सहारे खड़ा रखने वाला बजट है। भाजपा नीत एनडीए सरकार को मालूम है कि अगर बजट बिहार और आंध्र प्रदेश के पक्ष में नहीं होता तो उनकी सरकार गिर जाती।” निर्मला सीतारमण ने भारत नहीं बल्कि एनडीए को फायदा पहुंचाने वाला बजट पेश किया है। उन्होंने आगे कहा कि बजट में महाराष्ट्र को नजरअंदाज करना भाजपा को विधानसभा में यहां की जनता सबक सिखाएगी।

    * केंद्रीय बजट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार बचानी है तो अच्छी बात है कि बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष योजनाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में बेरोजगारी बढ़ा दी है।”

    * केंद्रीय बजट पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर मुख्य बातें सामने आ गईं तो सरकार की पोल खुल जाएगी। सरकार गलत है और दिखावा कर रही है। इस बजट में कुछ भी नहीं है और यह केवल गुमराह करने वाला है।”

    * बजट 2024 पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “मोदी सरकार का पुराना इतिहास बताता है कि ये 2 करोड़ रोज़गार के वादे के साथ सत्ता में आई थी। चार करोड़ रोजगार यानि दोगुना झूठ, डबल इंजन की, नरेंद्र मोदी की सरकार यानी डबल झूठ।”

    * तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “यह कुर्सी बचाओ बजट है।” टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, “पिछले दस वर्षों से कोई उम्मीद नहीं। हम सिर्फ नारे सुनते रहे। आज भी जुमले ही होंगे। इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। न तो उन्हें सरकार चलाने आता है और न ही उन्हें लोगों के दर्द से कोई मतलब है। वे बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन किसानों के लिए उन्होंने क्या किया? किसानों के लिए तीन कानून लाए गए, जिसे वापस लेना चाहिए।”

  • जानें मोदी सरकार 3.0 के BUDGET में क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा

     जानें मोदी सरकार 3.0 के BUDGET में क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा

     

    नई दिल्ली- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को मोदी 3.0 सरकार का पहला बजट पेश किया। इसके बाद कई वस्तुएं उपभोक्ताओं के लिए सस्ती और महंगी हो गई हैं। वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन, सोना, चांदी और तांबे की कीमतों में कमी की घोषणा की।

    सस्ते और महंगे सामानों की लिस्ट-

    – वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर पर बीसीडी को घटाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की।

    – सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर 6 प्रतिशत और प्लेटिनम पर 6.4 प्रतिशत किया गया है।

    – मंत्री ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली तीन और दवाओं पर सीमा शुल्क छूट की घोषणा की।

    – वित्त मंत्री ने सोलर पैनलों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली छूट वाली पूंजीगत वस्तुओं की सूची का विस्तार करने का भी प्रस्ताव किया।

    क्या हुआ महंगा?
    वित्त मंत्री ने अमोनियम नाइट्रेट पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत और गैर-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक पर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे यह चीजें भी महंगी हो गई हैं। इसके अलावा स्पेसिफिक कम्युनिकेशन डिवाइस पर भी सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है।

    2023 के वार्षिक बजट के दौरान, वित्त मंत्री ने भारत में मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कैमरा लेंस सहित विभिन्न कंपोनेंट्स पर आयात टैक्स को कम करने की घोषणा की थी।

    केंद्र सरकार ने बजट में सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर छह प्रतिशत, प्लैटिनम पर 6.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, मोबाइल फोन और मोबाइल पीसीबीएस तथा मोबाइल चार्जर पर बीसीडी को घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी दिया।

    बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह 7वां बजट रहा। इससे पहले उन्होंने 5 पूर्ण और एक अंतरिम बजट पेश किया है। निर्मला सीतारमण देश की पहली ऐसी महिला वित्त मंत्री हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।

  • मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में कल पहला आम बजट करेगी पेश, पूरे देश की होगी नजर,इस बजट में जनता की क्या हैं अपेक्षाएं?

    मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में कल पहला आम बजट करेगी पेश, पूरे देश की होगी नजर,इस बजट में जनता की क्या हैं अपेक्षाएं?

     
    नई दिल्ली : संसद में मंगलवार को आम बजट पेश किया जाएगा। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है। आने वाले बजट पर पूरे देश की नजरें हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर के कुछ निवासियों ने इस बजट को लेकर अपनी उम्मीदें जाहिर की हैं।

    बजट को लेकर खिलाड़ी सेजल ने कहा कि सरकार जो बजट बना रही है, उसमें खिलाड़ियों के लिए वित्तीय प्रावधान होना चाहिए। कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी आर्थिक समस्याओं के कारण खेलों का खर्च नहीं उठा पाते हैं। इस वजह से बहुत सारी प्रतिभाएं छूट जाती हैं। इसलिए खिलाड़ियों के लिए वित्तीय प्रावधान जरूरी है और खिलाड़ियों के जीतने पर नौकरी का प्रावधान भी होना चाहिए।

    शहरवासी मुकेश शर्मा ने कहा कि आम लोगों के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भारी वृद्धि को कम किया जाना चाहिए। ब्याज दर भी बहुत अधिक है। टैक्स स्लैब में नरमी होनी चाहिए। इससे करदाता को राहत मिलेगी। देश में बेरोजगारी दर बढ़ी है, इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के लिए फंड बनाया जाना चाहिए।

    मनीष साहनी ने कहा कि देश में जिस तेजी से महंगाई बढ़ रही है, उसके हिसाब से टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। वेतनभोगी लोगों को टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। इस समय देश में नौकरियां बहुत कम हैं। इसके लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत देश में कई जगह फैक्ट्रियां लगाई जानी चाहिए ताकि नौकरियां पैदा हों। देश में रिसर्च सेंटर के लिए फंड लाया जाना चाहिए, तभी कहीं जाकर देश आगे बढ़ेगा।

    मुकेश गुप्ता ने कहा कि 65 वर्ष की आयु के बाद वेतनभोगी लोगों को उनके द्वारा चुकाए गए आयकर के अनुसार पेंशन मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण को कम करने के लिए प्रावधान में अधिक धनराशि उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी को सरल बनाना और उनमें बदलाव करना जरूरी है।

    वहीं एक व्यापारी ने कहा कि व्यापारी सरकार को आयकर और जीएसटी देते हैं। व्यापारियों के लिए एक निश्चित आयु के बाद पेंशन या बीमा योजना शुरू की जानी चाहिए, ताकि व्यापारी बुढ़ापे में गुजारा कर सकें।

  • मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम; अब RSS के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे केंद्रीय कर्मचारी, 58 साल से चल रहे प्रतिबंध को हटाया

    मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम; अब RSS के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे केंद्रीय कर्मचारी, 58 साल से चल रहे प्रतिबंध को हटाया

     

    केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि इससे पहले RSS की गतिविधियों में शामिल होने पर कर्मचारियों को कड़ी सजा देने तक का प्रावधान था।

     

    मोदी सरकार का बड़ा कदम।  - India TV Hindi

    मोदी सरकार का बड़ा कदम

    अब केंद्रीय कर्मचारी भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। केंद्रीय कर्मचारियों पर लगी पाबंदी की RSS के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं बन सकते, अब हट गई है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा यह तोहफा माना जा रहा है। केंद्र सरकार के अधिनिष्ठ कर्मचारी जो संघ के स्वयंसेवक के कार्यक्रमों में शामिल होना चाहते थे, पाबंदियों की वजह से उसमें शामिल नहीं हो सकते थे। इन पाबंदियों को हटाने की वजह से निश्चित तौर पर उनके अंदर एक खुशी का माहौल है, अब उसे पर लगी पाबंदी हटा ली गई है।

     58 साल पुरानी पाबंदी हटी

    केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में केंद्रीय कर्मचारियों के शामिल होने पर लगी 58 साल पुरानी रोक हटा दी है। इस आदेश में केंद्र सरकार द्वारा 1966, 1970 और 1980 के उन आदेशों में में संशोधन किया गया, जिनमें कुछ अन्य संस्थाओं के साथ-साथ आरएसएस की शाखाओं और अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर सरकारी कर्मचारियों को कार्रवाई, दंडात्मक प्रावधान लागू किए गए थे।

    वाजपेयी सरकार में भी लागू था कानून

    RSS की गतिविधियों में शामिल होने पर कर्मचारियों को कड़ी सजा देने तक का प्रावधान लागू किया गया था। हालांकि, इस बीच मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारों इस आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन केंद्र सरकार के स्तर पर यह आदेश बना हुआ था। 9 जुलाई 2024 को 58 साल का प्रतिबंध हटा दिया गया। बता दें कि ये कानून अटल बिहारी वाजपेई ने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भी लागू था।

    9 जुलाई 2024 को केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। यह आदेश गवर्नमेंट इंडिया मिनिस्ट्री आफ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशन डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेंनिंग डिपार्मेंट की तरफ से जारी किया गया है। आदेश पर डेप्युटी सेक्रेट्री गवर्नमेंट आफ इंडिया की हस्ताक्षर हैं।

  • NEET Exam को लेकर संसद में हुआ हंगामा : शिक्षा मंत्री ने कहा- पेपर लीक को लेकर कोई सबूत नहीं, राहुल ने कहा-गड़बड़ी हुई है

     NEET Exam को लेकर संसद में हुआ हंगामा : शिक्षा मंत्री ने कहा- पेपर लीक को लेकर कोई सबूत नहीं, राहुल ने कहा-गड़बड़ी हुई है

     

    नई दिल्ली : मानसून सत्र आज से शुरू हो गया। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नीट में हुई गड़बड़ी पर बोल रहे थे। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा किया और उनके इस्तीफे की मांग की। जबाव में शिक्षा मंत्री ने कहा, मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट का जो भी निर्देश होगा हम उसे मानेंगे। कोर्ट ने सभी छात्रों के सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट जारी करने को कहा था, जो पब्लिक डोमेन में है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 7 साल में एक भी पेपर लीक का सबूत नहीं हैं। हां कुछ जगहों पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में कुछ नहीं छिपा रही।

     नीट पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि पेपर लीक एक गंभीर मुद्दा है। परीक्षा व्यवस्था में बड़ी गड़बड़ी हुई है। शिक्षा मंत्री समस्या को नहीं समझ पा रहे हैं। पैसा हो तो आप कोई भी सीट ले सकते हैं। राहुल गांधी के बयान पर धर्मेंद्र प्रधान ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उनसे मुझे सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। मुझे जनता ने चुनकर भेजा है। रिमोट से सरकार चलाने वाले बयान दे रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था पर सवाल नहीं होने चाहिए. सिस्टम सुधारने के लिए सुझाव दें। वहीं नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाएगी। जांच के बाद लोग जेल भेजे जा रहे हैं।

  • बिहार संपर्क क्रांति के एक डिब्बे में हुआ जोरदार धमाका,परेशान यात्रियों ने आनन-फानन में बोगियों से लगाई छलांग

    बिहार संपर्क क्रांति के एक डिब्बे में हुआ जोरदार धमाका,परेशान यात्रियों ने आनन-फानन में बोगियों से लगाई छलांग

     

    समस्तीपुर : बिहार के समस्तीपुर जिले में बिहार संपर्क क्रांति में रविवार की सुबह अचानक ब्लास्ट होने से अफरा तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि लोग आनन-फानन में बोगियों से उतर गए।

    जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस लगी हुई थी। इसी दौरान ट्रेन में जोरदार ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट की आवाज सुनते ही ट्रेन के यात्रियों समेत प्लेटफॉर्म पर उपस्थित लोगों में अफरातफरी मच गई। इधर घटना की सूचना मिलते ही मौके पर आरपीएफ़ और जीआरपी की टीम पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि फायर सिलेंडर फटने से धमाका हुआ है। हालांकि खबर लिखे जाने तक इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

  • संसद के बजट सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक; बैठक में उठी तीन राज्यों के लिए विशेष दर्जे की मांग, NEET, ‘नेम प्लेट’ समेत इन मुद्दों पर हुआ मंथन

    संसद के बजट सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक; बैठक में उठी तीन राज्यों के लिए विशेष दर्जे की मांग, NEET, ‘नेम प्लेट’ समेत इन मुद्दों पर हुआ मंथन

     
    संसद के बजट सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एनडीए में शामिल सरकार की सहयोगी जेडीयू से संजय झा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की।

    जेडीयू ने कहा कि अगर विशेष राज्य का दर्जा देने में कोई दिक्कत है तो फिर बिहार को विशेष पैकेज दिया जाए। विपक्षी पार्टी राजद ने भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करने के साथ ही राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की भी मांग की। बीजू जनता दल ने सर्वदलीय बैठक में ओडिशा को भी विशेष राज्य का दर्जा देने का मुद्दा उठाया।

    जेडीयू ने बिहार में लगातार आने वाली बाढ़ के मुद्दे को उठाते हुए भारत सरकार से इस पर कदम उठाने और पड़ोसी देश नेपाल से भी बात करने की मांग की। कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक में लोकसभा में डिप्टी स्पीकर बनाने और यह पद विपक्ष को देने की मांग की। कांग्रेस ने इसके साथ ही नीट मामले पर भी सदन में चर्चा की मांग की।

    कांग्रेस से गौरव गोगोई, आप से संजय सिंह, सपा से रामगोपाल यादव, एआईएमआईएम से असदुद्दीन ओवैसी और लेफ्ट दलों सहित अन्य कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने कावंड़ यात्रा के दौरान ‘नेम प्लेट’ लगाने के योगी सरकार के फैसले को बैठक में उठाया। बीजद ने ओडिशा और वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी सर्वदलीय बैठक में उठाया।

    सर्वदलीय बैठक से बाहर आने के बाद एनसीपी (अजित पवार) गुट के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से ‘नेम प्लेट’ को लेकर किए गए फैसले को वापस लेने की मांग की।