Category: EDUCATION

  • मान सरकार का बड़ा एक्शनः PSTET प्रश्नपत्र मामले में दो प्रोफेसर सस्पेंड,दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ मामला दर्ज…

     मान सरकार का बड़ा एक्शनः PSTET प्रश्नपत्र मामले में दो प्रोफेसर सस्पेंड,दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ मामला दर्ज…

    चंडीगढ़ -पंजाब राज्य शिक्षक एलिजिबिलिटी टेस्ट की परीक्षा को सोमवार को रद्द कर दिया गया परीक्षा के प्रश्नपत्रों में उत्तर हाईलाइट होने का मामला सामने आया था। इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्रवाई करते हुए गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के 2 प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा पंजाब पुलिस को पेपर लीक मामले की साजिश में शामिल लोगों की पहचान करके तुरंत ही गिरफ्तार करने के निर्देश भी दिया गया है। दरअसल इस मामले में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों का दावा है कि कुल 60 से 57 प्रश्नों के विकल्प बोल्ड में थे। ये पुष्टि नहीं की जा सकी कि बोल्ड टेक्स्ट में साझा किए गए सभी उत्तर सही थे या नहीं।

    हालांकि कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर पेपर को शेयर कर अधिकांश बोल्ड विकल्पों को सही उत्तर बताया है। जीएनडीयू रजिस्ट्रार ने आदेश देकर कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रो. हरदीप सिंह और इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. रविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सुबह ट्वीट करके जानकारी दी थी- GNDU ने खेद व्यक्त किया है और बिना किसी शुल्क के परीक्षा फिर से आयोजित करेगा। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए मैंने अपने विभाग को आदेश दिए हैं कि तीसरी पार्टी के साथ MOU साइन करते समय उम्मीदवारों के मुआवजे का क्लॉज भी रखा जाए। इसमें परीक्षार्थियों को परेशानी क्यों हो।

  • पढ़ाई के साथ अब नौकरी भी कर सकेंगे भारतीय छात्र,Science,Technology,Engineering,mathmatics के छात्रों को होगा फायदा,USA ने नई वीजा सेवा का किया ऐलान

    पढ़ाई के साथ अब नौकरी भी कर सकेंगे भारतीय छात्र,Science,Technology,Engineering,mathmatics के छात्रों को होगा फायदा,USA ने नई वीजा सेवा का किया ऐलान

    वॉशिंगटन : अमेरिकी सरकार ने वीजा आवेदनों के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग योजना शुरू की है। इससे अमेरिका आने के इच्छुक अंतरराष्ट्रीय छात्रों को फायदा मिलेगा। विज्ञान, तकनीक, प्रोद्यौगिकी और गणित (Science, Technology, Engineering, mathmatics (STEM)) की पढ़ाई करने अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों को भी इससे बड़ा फायदा होगा।

    अमेरिका के यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने ऐलान किया है कि STEM के क्षेत्र में ओपीटी (वैकल्पिक व्यवहारिक प्रशिक्षण) (Optional Practical Training) करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को इससे फायदा होगा। मतलब अब वह पढ़ाई के साथ ही काम भी कर सकेंगे।

    यूएससीआईएस के अनुसार, वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग सेवा छह मार्च से शुरू हो गई है। वहीं कुछ अन्य कैटेगरी के लिए यह सेवा तीन अप्रैल से शुरू होगी। यूएससीआईएस के निदेशक यूआर एम जदाउ का कहना है कि एफ-1 छात्रों को प्रीमियम प्रोसेसिंग के साथ ही ऑनलाइन फाइलिंग और इमीग्रेशन में भी फायदा दिया जाएगा। भारतीय मूल के अजय भुतोरिया ने भी अमेरिकी सरकार के इस कदम की सराहना की है।

  • हिजाब पहनकर परीक्षा नहीं दे पाएंगी मुस्लिम छात्राएं, शिक्षा मंत्री कहा- सभी को करना होगा नियमों का पालन

    हिजाब पहनकर परीक्षा नहीं दे पाएंगी मुस्लिम छात्राएं, शिक्षा मंत्री कहा- सभी को करना होगा नियमों का पालन

     

    नई दिल्ली : हिजाब पहनने वाले छात्रों को 9 मार्च से शुरू होने वाले दूसरे प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (पीयूसी) की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ये जानकारी कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने दी। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह, इस साल भी छात्रों को यूनिफॉर्म पहननी होगी। हिजाब पहनने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का पालन करना होगा। शिक्षण संस्थान और सरकार निर्धारित नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं।

    वहीं बीसी नागेश ने यह भी कहा कि हिजाब प्रतिबंध के बाद परीक्षा में बैठने वाले मुस्लिम छात्रों की संख्या में सुधार हुआ है, हालांकि, उन्होंने अपने दावों को साबित करने के लिए कोई सटीक संख्या नहीं बताई। उन्होंने दावा किया कि हिजाब पर प्रतिबंध के बाद अधिक मुस्लिम बहनें परीक्षा में शामिल हुईं, और अब अधिक मुस्लिम छात्राओं का नामांकन हुआ है।

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक में सरकारी संस्थानों को छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग वाली याचिकाओं को तत्काल सूचीबद्ध करने की याचिका खारिज कर दी थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा, “मैं एक बेंच बनाउंगा।” इस मामले में एक वकील ने इस आधार पर याचिका की तत्काल सुनवाई की मांग की थी कि लड़कियां एक और शैक्षणिक वर्ष खोने के कगार पर हैं क्योंकि 9 मार्च से उन सरकारी स्कूलों में PUC की परीक्षाएं शुरू होनी हैं जहां हिजाब की अनुमति नहीं है।

    वकील ने कहा था कि परीक्षा पांच दिनों के बाद आयोजित होने वाली है। उन्होंने आगे कहा, उनका एक साल बर्बाद हो चुका है। उनका यह साल भी बर्बाद हो जाएगा। जब पीठ ने यह कहा कि छुट्टियां शुरू होने से एक दिन पहले मामले का उल्लेख किया गया है, तो वकील ने कहा कि पहले भी दो बार मामले का उल्लेख किया जा चुका है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने तारीख तय किये बिना कहा कि वह पीठ गठित करेगी।

  • विदेश में ट्रेनिंग के लिए जा रहे प्रिंसिपलों के दूसरे बैच को CM भगवंत मान ने दिखाई हरी झंडी

    विदेश में ट्रेनिंग के लिए जा रहे प्रिंसिपलों के दूसरे बैच को CM भगवंत मान ने दिखाई हरी झंडी

     

    – कोई सिफारिश नहीं, मेरिट के आधार पर हो रही है ट्रेनिंग के लिए चयन: मुख्यमंत्री

     

    – 4 मार्च से 11 मार्च तक चलेगा सिंगापुर में प्रिंसिपलों का ट्रेनिंग सैशन

     

    चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि राज्य शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी तबदीली का गवाह बनेगा जिससे विद्यार्थी अपने उज्जवल भविष्य की सृजना कर सकेंगे।

    यहाँ मैगसीपा में अध्यापकों के दूसरे बैच को सिंगापुर ट्रेनिंग के लिए हरी झंडी दिखा कर रवाना करने के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान इन अध्यापकों को विदेशों में प्रचलित आधुनिक अध्यापन अभ्यासों की ट्रेनिंग दी जायेगी। उन्होंने कहा कि वापसी के बाद यह अध्यापक विद्यार्थियों और अपने साथी अध्यापकों के साथ इन अभ्यासों को सांझा करेंगे और यह यकीनी बनाऐंगे कि विद्यार्थी विदेशों में पढ़ाई के पैटर्न से अवगत हो सकें। भगवंत मान ने कल्पना की कि इससे राज्य के विद्यार्थी विदेशों में पढ़े-लिखे अपने साथियों का मुकाबला करने के योग्य होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक क्रांतिकारी कदम है जो विद्यार्थियों की भलाई के लिए राज्य की समूची शिक्षा प्रणाली को बड़े स्तर पर मज़बूती देगा। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव वाली बात है क्योंकि यह अध्यापक आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के एजेंट के तौर पर काम करेंगे। भगवंत मान ने उम्मीद ज़ाहिर की कि इससे विद्यार्थियों को बहुत फ़ायदा होगा और राज्य की शिक्षा प्रणाली में अपेक्षित गुणात्मक तबदीली आयेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़े गौरव और संतोष वाली बात है कि इनमें से ज़्यादातर अध्यापक राज्य या राष्ट्रीय पुरस्कार ऐवार्डी हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपना अलग स्थान बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन अध्यापकों का चयन करने का एकमात्र मापदंड मेरिट है जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि वह शिक्षा सुधार में अग्रणी भूमिका निभाएं। भगवंत मान ने कहा कि ट्रेनिंग के बाद उनको राज्य भर के किसी भी स्कूल में तैनात करने के लिए उनके साथ पहले ही समझौता किया जा चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी ही एक पहलकदमी जो शिक्षा के सुधार के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगी, वह है स्कूल आफ एमिनेंस। उन्होंने कहा कि यह स्कूल भावी मुकाबलों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए और ज्यादा सहायक सिद्ध होंगे। भगवंत मान ने कल्पना की कि यह स्कूल दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनेंगे जिसको देश भर में अपनाया जायेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी यत्नों का एकमात्र उद्देश्य नौजवानों को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय हिस्सेदार बना कर हुनर के पलायल के रुझान को पलटना है। उन्होंने कहा कि पंजाबी नौजवानों में बड़ा सामर्थ्य है जिस कारण विश्व प्रसिद्ध आई. टी कंपनियाँ और यूनिवर्सिटियाँ राज्य के साथ ज्ञान सांझा करने सम्बन्धी समझौता करना चाहती हैं। भगवंत मान ने कहा कि वास्तव में पंजाब देश भर में मानक शिक्षा के मॉडल के तौर पर उभरा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर का दौरा शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों के पेशेवर ज्ञान और महारत में विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से अपनी किस्म की यह पहली पहलकदमी अध्यापकों की विदेश जाकर ट्रेनिंग के लिए राज्य योजना का हिस्सा है, जिसको मंत्री मंडल की तरफ से मंज़ूरी दी गई है और इसका उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि अध्यापकों के पेशेवर हुनर में विस्तार हो जिससे वह विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकें। भगवंत मान ने कहा कि इस कदम का एकमात्र उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मानक शिक्षा यकीनी बनाना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ट्रेनिंग अध्यापकों को पढ़ाने के अत्याधुनिक ढंगों, लीडरशिप के हुनर, अध्यापन-ट्रेनिंग सामग्री तैयार करने और महामारी के बाद की दुनिया में आडियो- विजुअल टैकनोलोजी के बारे जानने का मौका, असैंशियलज़ आफ स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट, स्कूल के माहौल में बदलाव, बिल्डिंग टीचर्ज प्रोफेशनल कैपिटल, कोर्स सम्बन्धी लीडरशिप, मैंटरिंग एंड लैसन अबजरवेशन सकिल्लज़, अध्यापन और सीखने में नविनता और प्रभावी संचार के साथ लैस करके उनके तजुर्बे को और विशाल करने में और ज्यादा सहायक सिद्ध होगी।

    उन्होंने कल्पना की कि यह पहलकदमी राज्य में शिक्षा प्रणाली के सुधार के लिए एक मील पत्थर साबित होगी। भगवंत मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब इन यत्नों स्वरूप पंजाब जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन कर उभरेगा।

  • PSEB 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा स्थगित,जानिए क्या है वजह…

     PSEB 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा स्थगित,जानिए क्या है वजह…

    चंडीगढ़ : पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी पत्र के अनुसार आज होने वाली बारहवीं कक्षा की अंग्रेजी की परीक्षा प्रशासनिक कारणों से स्थगित कर दी गई है। यह परीक्षा कब कराई जाएगी, इस बारे में विभाग ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है।

  • I-Social Club of PCM SD College for Women holds Essay Writing Competition on ‘Karnataka Tourism’

    I-Social Club of PCM SD College for Women holds Essay Writing Competition on ‘Karnataka Tourism’

     

     

    MBD WEB NEWS: Jalandhar February 10 (Sumesh sharma)- According to the guidelines of a national program entitled ‘Ek Bharat Shrestha Bharat’, the I-Social Club of PCM SD College for Women, Jalandhar organized an Essay Writing Competition on ‘Karnataka Tourism’. Karnataka, a land of sheer diversity in terms of culture, wildlife, beaches and a rich heritage makes it an absolute tourist destination. Students exhibited exceptional writing and oratory skills in expressing their views on this land of gold.

     

    The activity was held to familiarise them with the beautiful topography, picturesque monuments, temples, national parks, coffee gardens and other places of historical relevance. Students took avid participation. Karuna of BA Semester III bagged first prize, Pallavi of BA Semester III got second prize. Divya of BSc Economics Semester IV made it to third position. President Naresh Kumar Budhia Ji, Senior Vice-President Vinod Dada ji, other members of the managing committee and Principal Prof.(Dr.) Pooja Prashar applauded the efforts of the club in conducting such an activity in the national interest.

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  • पी.सी.एम.एस.डी. कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर की पीसीसीटीयू यूनिट ने सरकार की नीतियों के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन 

    पी.सी.एम.एस.डी. कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर की पीसीसीटीयू यूनिट ने सरकार की नीतियों के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

     

  • ब्रिटेन में विदेशी छात्रों के लिए नियमों में हो सकता है बदलाव , अब ज्यादा समय तक काम करने की मिल सकती है अनुमति

    ब्रिटेन में विदेशी छात्रों के लिए नियमों में हो सकता है बदलाव , अब ज्यादा समय तक काम करने की मिल सकती है अनुमति

     

    लंदन : ब्रिटेन में भारतीयों समेत अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में श्रम की कमी को पूरा करने के लिए लंबे समय तक काम करने और ज्यादातर पार्टटाइम जॉब करने की अनुमति दी जा सकती है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। वर्तमान में यूके में विदेशी छात्रों, जिनकी संख्या लगभग 6,80,000 है, को टर्म टाइम के दौरान सप्ताह में अधिकतम 20 घंटे काम करने की अनुमति है।

    द टाइम्स ने बताया कि इस सीमा को 30 घंटे तक बढ़ाने या अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए इसे पूरी तरह से हटाने के लिए सरकार के भीतर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। पिछले साल देश में आए 1.1 मिलियन प्रवासियों में से 476,000 अंतर्राष्ट्रीय छात्र थे। इनमें से पिछले साल यूके आने वाले 33,240 आश्रितों सहित 161,000 छात्रों के साथ भारत छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बन गया।

    महामारी से पहले की तुलना में लगभग आधा मिलियन अधिक 1.3 मिलियन खाली पद हैं और प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के अनुसार व्यवसाय श्रमिकों की कमी का सामना कर रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने द टाइम्स को बताया कि विदेशी छात्रों के काम के घंटों की सीमा को हटाना विचारों की एक श्रृंखला का हिस्सा था, जिस पर विचार किया जा रहा है। यह कहते हुए कि यह विचार एक प्रारंभिक अवस्था में है। लेकिन देश में आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या को कम करने की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन की योजनाओं से काम रुक सकता है।

    पिछले साल 504,000 के अनुमानित रिकॉर्ड तक बढ़ने वाली शुद्ध प्रवासन संख्या के साथ, ब्रेवरमैन ने संख्या को कम करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें अवधि को कम करना शामिल है, विदेशी छात्र अपने पाठ्यक्रम के बाद ब्रिटेन में रह सकते हैं। यूके में अनुमत आश्रितों की संख्या और निम्न-गुणवत्ता पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले विदेशी छात्रों को प्रतिबंधित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

    हालांकि, शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रतिबंध यूके के विश्वविद्यालयों को दिवालिया कर देंगे, जो पैसे के लिए विदेशी छात्रों पर निर्भर हैं। यूके स्थित न्यू वे कंसल्टेंसी के अनुसार, विदेशी छात्रों और उनके आश्रितों ने न केवल 10,000 पाउंड से 26,000 पाउंड की फीस के माध्यम से बल्कि छात्र के लिए प्रति वर्ष 400 पाउंड के एनएचएस अधिभार और एक आश्रित के लिए 600 पाउंड के माध्यम से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया।

    साथ ही चेतावनी दी कि स्नातक कार्य वीजा पर अंकुश भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करेगा, जो अंतत: ब्रिटेन में छात्र बाजार के अंत की ओर ले जाएगा।

  • 70 से अधिक छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया, PU में 15 मिनट बाद रोकी गई BBC की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री,रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित पुलिस टीमें की तैनात

    70 से अधिक छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया, PU में 15 मिनट बाद रोकी गई BBC की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री,रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित पुलिस टीमें की तैनात

    नई दिल्ली : जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की घोषणा के बाद स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) से जुड़े जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के चार छात्रों को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रहे 70 से अधिक छात्रों को बुधवार शाम को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। बुधवार को जेएमआई के गेट के पास विश्वविद्यालय में कक्षाएं निलंबित कर दी गईं और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित पुलिस टीमों को तैनात कर दिया गया।

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    उधर चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में NSUI ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी भारत में प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री का दोपहर के वक्त स्टूडेंट सेंटर पर प्रसारण कर दिया। इस दौरान लैपटॉप के साथ प्रोजेक्टर लगाकर स्क्रीन पर डॉक्यूमेंट्री प्ले की गई लेकिन 15 मिनट के अंदर ही पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसकी भनक लग गई और अथॉरिटीज ने मौके पर पहुंचकर प्रसारित की जा रही डॉक्यूमेंट्री को रुकवा दिया।

    BBC Documentary Screening at Jamia: Security Beefed Up Outside Gate No.7,  Several Students Detained | Key Points

    जामिया में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग शाम 6 बजे निर्धारित की गई थी। हालांकि, विश्वविद्यालय ने मंगलवार को कहा था कि एसएफआई द्वारा स्क्रीनिंग की घोषणा के बाद प्रशासन परिसर में किसी भी अनधिकृत सभा की अनुमति नहीं देगा। यह घटनाक्रम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में भारी ड्रामा के बाद आया, जब छात्रों ने आरोप लगाया कि विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री देखने के दौरान उन पर पत्थरों से हमला किया गया।

    BBS Documentary on Modi Live Updates: Jamia administration closes  university gates ahead of call for screening on BBC documentary on PM  Narendra Modi

    हालांकि, पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) मनोज सी. ने पथराव की खबरों का खंडन किया। घटना के बारे में पूछे जाने पर डीसीपी ने कहा, ‘मैं दोहराता हूं, अभी तक हमारे पास ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं है। अगर हमें जेएनयू के किसी भी वर्ग से शिकायत मिलती है, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस बीच, जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के कार्यालय में इंटरनेट सेवा और बिजली कनेक्शन मंगलवार शाम को लगभग तीन घंटे के लिए बंद कर दिया गया, क्योंकि कुछ छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री दिखाना चाहते थे। जेएनयू प्रशासन ने पहले छात्रों से डॉक्यूमेंट्री- ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ की स्क्रीनिंग रद्द करने के लिए कहा था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी चेतावनी देते हुए छात्रों से कहा कि यदि कोई भी डॉक्यूमेंट्री देखता है तो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

  • परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में PM मोदी ने छात्रों को दिया सफलता का गुरुमंत्र, इम्तिहानों में होंगे कारगर,अपने अनुभवों से छात्रों का बढ़ाया ज्ञान ..

    परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में PM मोदी ने छात्रों को दिया सफलता का गुरुमंत्र, इम्तिहानों में होंगे कारगर,अपने अनुभवों से छात्रों का बढ़ाया ज्ञान ..

    नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 27 जनवरी को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान कला उत्सव प्रतियोगिता में लगभग 80 विनर्स और देश भर के 102 छात्र और शिक्षक शामिल हैं।

    पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा मेरी भी परीक्षा है। बच्चे अपनी समस्या बताते हैं। अपनी व्यक्तिगत पीड़ा भी बताते हैं। मोदी ने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है। मुझे जानकारी होती है कि युवा पीड़ी क्या चाहती है। युवाओं को सरकार से क्या उम्मीदें हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने अपने सिस्टम से कहा कि इन सभी सवालों को संभालकर रखें ताकि आने वाले 10-15 साल बाद इन पर एनालिसिस किया जा सके। क्योंकि पीढ़ी बदलती जाती है।

    पीएम मोदी ने कहा कि पैरेंट्स अपने बच्‍चों के बारे में बाहर जाकर बड़ी बड़ी बातें कर देते हैं, और फिर बच्‍चों से वैसी ही उम्‍मीद करते हैं। ऐसे में क्‍या हमें इन दवाबों से दबना चाहिए क्‍या? दिनभर जो कहा जाता है, उसी को सुनते रहेंगे या अपने अंदर झांकेंगे? क्रिकेट में स्‍टेडियम में लोग चौका, छक्‍का चिल्‍लाते रहते है, तो क्‍या खिलाड़ी पब्लिक की डिमांड पर चौके छक्‍के लगाता है? खिलाड़ी केवल गेंद पर ध्‍यान देता है।

    छात्र के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बचपन में एक कथा सुनाते थे घड़े में पानी था। एक कौआ पानी पीना चाहता था। पानी पीने के लिए कौवे ने ककड़ उठाकर घड़े में डालें। इसे हम हार्डवर्क कहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग होते हैं जो हार्डवर्क ही करते रहते हैं। कुछ लोग होते हैं जिनके जीवन में हार्डवर्क का नामो निशान नहीं होता है। कुछ लोग होते हैं जो मुश्किल से हार्डवर्क करते हैं और कुछ लोग मुश्किल से स्मार्ट वर्क करते हैं। कौवे ने सिखाया है कि कैसे हार्डवर्क को स्मार्टली करना है।

    छात्रों के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि लोग पहले भी चोरी या नकल करते थे लेकिन छुप छुपकर करते थे। लेकिन अब गर्व से कहते हैं कि सुपरवाइजर को बेवकूफ बना दिया। यह जो बदलाव आया है वह खतरनाक है। दूसरा अनुभव यह है जो स्कूल या ट्यूशन चलाते हैं अभिभावक। वह टीचर भी सोचते हैं कि मेरा छात्र आगे निकल जाए इसलिए नकल को बढ़ावा देते हैं। वहीं कुछ छात्र नकल करने के तरीके खोजने में बहुत क्रिएटिव होते हैं।

    पीएम मोदी ने आगे, “मुझे कभी कभी लगता है कि अगर चोरी करने वाले अपने टैलेंट को सीखने में लगाता तो अच्छा कर पाता। किसी को उसे गाइड करना चाहिए था। अब जिंदगी बहुत बदल चुकी है। आज आपको हर जगह परीक्षा देनी होती है। नकल से जिंदगी से नहीं बनती है हो सकता है कि नकल से परीक्षा में नंबर तो ले आए। एक-आधे एग्जाम में नकल से पास भी हो जाओ लेकिन आगे जाकर ऐसे छात्र जिंदगी में फंसे रहेंगे। जो छात्र कड़ी मेहनत करते हैं उनकी मेहनत उनकी जिंदगी में रंग लाएगी।”

    पीएम मोदी से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में एक छात्रा ने पूछा कि परीक्षा के दौरान पढ़ाई कहां से शुरू करें? वहीं एक अन्य छात्रा ने पूछा कि वह अपने कार्यों को कहां से शुरू करें। वह अपने सभी कार्यों को समय पर कैसे पूरा करें? जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि काम का ढेर क्यों हो जाता है क्योंकि समय पर आपने काम किया नहीं। काम करना शुरू करें। कागज पर एक सप्ताह नोट करें कि आप अपना समय किस चीज को कितना देते हैं। इससे आपको ध्यान में आएगा कि जो आपको सबसे ज्यादा पसंद है उसी में आप सबसे ज्यादा ध्यान लगाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जो विषय आपको कम पसंद हैं उन्हें भी समय देना शुरू करें। ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा। आराम से अपने काम को बांटे। किस विषय को कितना टाइम देना है, उसको वर्गीकृत करें। इससे लाभ होगा।