Category: EDUCATION

  • पंजाब में टीचरों को मिली मनचाही जगह पोस्टिंग की सुविधा, 19 मई पंजाब पोर्टल पर आवेदन करने की आखिरी तारीख

    पंजाब में टीचरों को मिली मनचाही जगह पोस्टिंग की सुविधा, 19 मई पंजाब पोर्टल पर आवेदन करने की आखिरी तारीख

     

    जालंधर : पंजाब सरकार ने अब टीचरों को मनचाही जगहों पर पोस्टिंग की सुविधा दे दी है। पंजाब शिक्षा विभाग ने टीचरों को पसंदीदा स्टेशन पर ट्रांसफर के लिए आवेदन करने को कहा है। यह आवेदन पंजाब पोर्टल पर 17 मई से 19 मई के बीच ही किए जा सकेंगे। यह भी बताया गया है कि वह सिर्फ जिले के खाली पड़े स्टेशन को ही अपने विकल्प के तौर पर चुन सकते हैं।

    पंजाब शिक्षा विभाग ने बताया कि अध्यापकों को पंजाब पोर्टल पर लॉग-इन करने के बाद ट्रांसफर में स्टेशन चॉइस लिंक दिखाई देगा। जिले के खाली स्टेशनों की सूची विभाग की वेबसाइट ssapunjab.org पर उपलब्ध है। जो टीचर, कर्मचारी ट्रांसफर कराने में सफल हो जाएंगे, उनका नए स्टेशन पर जॉइन करना अनिवार्य होगा। एक बार ट्रांसफर होने पर किसी भी स्थिति में इसे रद नहीं किया जाएगा।

  • CBSE ने  10वीं का रिजल्ट कियाघोषित, 93.12 प्रतिशत हुए पास, यहां भी लड़कियों ने फिर मारी बाजी

    CBSE ने  10वीं का रिजल्ट कियाघोषित, 93.12 प्रतिशत हुए पास, यहां भी लड़कियों ने फिर मारी बाजी

    CBSE ने  10वीं का रिजल्ट कियाघोषित, 93.12 प्रतिशत हुए पास, यहां भी लड़कियों ने फिर मारी बाजी

     

    नई दिल्ली : सीबीएसई बोर्ड ने 12 मई को दसवीं कक्षा का बोर्ड रिजल्ट घोषित कर दिया है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 93.12 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। गौरतलब है कि दसवीं बोर्ड परीक्षा, देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में 21 लाख 65 हजार 805 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 20 लाख 16 हजार 779 छात्र पास हुए हैं। इनमें से 2 प्रतिशत छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं।

    दसवीं बोर्ड परीक्षा में पास होने वाले विद्यार्थियों में से 94.25 प्रतिशत लड़कियां हैं। लड़कियों से लगभग 2 प्रतिशत कम 92.27 फीसदी लड़के दसवीं बोर्ड परीक्षा में पास हुए हैं। वहीं यदि ट्रांसजेंडर छात्रों की बात की जाए तो 90 प्रतिशत ट्रांसजेंडर छात्र 10वीं सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं।

    सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक दसवीं कक्षा के रिजल्ट में भी त्रिवेंद्रम रीजन देश भर में अव्वल रहा है। त्रिवेंद्रम रीजन के 99.91 प्रतिशत छात्र 10वीं की बोर्ड परीक्षा में पास हुए हैं। दूसरे नंबर पर 99.18 प्रतिशत के साथ बेंगलुरु है। तीसरे स्थान पर 99.14 पास प्रतिशत के साथ चेन्नई है।

    इससे पहले 12 मई को ही सीबीएसई ने 12वीं का बोर्ड रिज्लट भी जारी किया। पूरे देश के औसत पास प्रतिशत की बात की जाए तो सीबीएसई ने बताया कि इस वर्ष 12वीं बोर्ड में कुल 87.33 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। 12वीं बोर्ड में भी त्रिवेंद्रम रीजन देश भर में अव्वल रहा है। गौरतलब है कि देश भर में 16 लाख से अधिक छात्रों ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड के लिए अपना पंजीकरण करवाया था।

    सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 1,95,799 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। यानी करीब 9 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जो कि 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल करने में कामयाब रहे। वहीं करीब 2 प्रतिशत यानी कि 44,297 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं।

    वहीं चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड की श्रेणी में आने वाले 278 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। वहीं इसी श्रेणी से आने वाले 58 छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। इस श्रेणी में कुल 7154 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे इनमें से 6627 यानी कि 92.63 परसेंट छात्र दसवीं बोर्ड परीक्षा में पास हुए हैं।

    सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक इस वर्ष 1 लाख 34 हजार 774 छात्रों ने कंपार्टमेंट की परीक्षा पास की है। 10वीं व 12वीं कक्षा के रिजल्ट से पहले ही सीबीएसई छह अंकों का डिजीलॉकर सिक्योरिटी पिन जारी कर चुका है। इसके माध्यम से डिजीलॉकर से छात्र अपनी मार्क्‍सशीट (अंकतालिका) व माइग्रेशन सर्टिफिकेट ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। सीबीएसई ने संबंधित सभी स्कूलों को एक सकुर्लर जारी कर डिजीलॉकर के लिए सिक्योरिटी पिन जारी किया था।

    सीबीएसई द्वारा रिजल्ट जारी करने के बाद छात्र डिजीलॉकर पर अपनी मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड का कहना है कि पिन के माध्यम से किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुजांइश नहीं रहेगी। दरअसल पिछले वर्ष से सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों के महत्वपूर्ण डाटा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए डिजीलॉकर के लिए छह अंकों के सिक्योरिटी पिन की व्यवस्था को शुरू किया है।

    ऐसे करें चेक अपना रिजल्ट
    – CBSE Board की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
    – होमपेज पर उस लिंक पर क्लिक करें, जहां CBSE Board 10th Result 2023 लिखा हो।
    – एक नया लॉगिन पेज खुलेगा।
    – अपना रोल नंबर और माता का नाम दर्ज करें।
    – CBSE Board 10th Result 2023 चेक करें और इसे डाउनलोड करें।
    – भविष्य के संदर्भों के लिए एक प्रिंट आउट ले लें।

  • CBSE  ने जारी किया 12वीं का रिजल्ट , 87.33%  छात्र हुए पास; त्रिवेंद्रम

    CBSE  ने जारी किया 12वीं का रिजल्ट , 87.33%  छात्र हुए पास; त्रिवेंद्रम 99.91 प्रतिशत के साथ टॉप पर

    नई दिल्ली : सीबीएसई कक्षा 12 का रिजल्ट जारी हो चुका है। इस बार कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 87.33% है। बोर्ड ने अभी तक तो सीबीएसई ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया है, हालांकि जानकारी के मुताबिक 10वीं का रिजल्ट भी आज ही जारी किया जाएगा।

    बता दें कि त्रिवेंद्रम रीजन 99.91 पास प्रतिशत के साथ टॉप पर है। लड़कियां 90.68 पास प्रतिशत के साथ लड़कों से 6.01% आगे हैं। अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए सीबीएसई अपने छात्रों को फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड डिवीजन नहीं देगा।

    इन वेबसाइट्स पर भी चेक कर करें रिजल्ट

    cbseresults.nic.in
    cbse.nic.in
    cbse.gov.in
    digilocker.gov.in
    results.gov.in
    DigiLocker
    UMANG

    रीजन वाइज ऐसा रहा रिजल्ट

    त्रिवेंद्रम- 99.91 फीसदी
    बंगलुरू – 98.64 फीसदी
    चेन्नई – 97.40 फीसदी
    दिल्ली वेस्ट – 93.24 फीसदी
    चंडीगढ़ – 91.84 फीसदी
    दिल्ली ईस्ट – 91.50 फीसदी
    अजमेर – 89.27 फीसदी
    पुणे – 87.28 फीसदी
    पंचकुला – 86.93 फीसदी
    पटना – 85.47 फीसदी
    भुवनेश्वर – 83.73 फीसदी
    गुवाहाटी- 83.73 फीसदी
    भोपाल – 83.54 फीसदी
    नोएडा – 80.36 फीसदी
    देहरादून – 80.26 फीसदी
    प्रयागराज – 78.05 फीसदी

    गौर हो कि 11 मई को रिजल्ट जारी होने की सूचना वायरल हो रही थी, जिस पर बोर्ड के अधिकारियों ने कहा था कि अभी रिजल्ट की डेट नहीं घोषित की गई है। सीबीएसई 12वीं के नतीजे आज, 12 मई को घोषित कर दिए गए हैं। स्टूडेंट्स आधिकारिक वेबसाइट पर अपने रोल नंबर दर्ज कर नतीजे चेक कर सकते हैं।

  • नंगल की फैक्ट्री में गैस लीक होने के कारण 35 छात्रों सहित कई लोग चपेट में- इलाका सील,मौके पर पहुंच प्रशासन ने संभाली कमान…

    नंगल की फैक्ट्री में गैस लीक होने के कारण 35 छात्रों सहित कई लोग चपेट में- इलाका सील,मौके पर पहुंच प्रशासन ने संभाली कमान…

     

    नंगल : बड़ी खबर पंजाब के रोपड़ जिसे से है। यहां के नंगल शहर में गुरुवार को एक फैक्ट्री से गैस लीक होना का मामला सामने आया है। गैस लीक होने से प्राइवेट स्कूल के 30 से 35 छोटे बच्चों समेत कई लोग चपेट में आ गए। कुछ बच्चों और शिक्षकों ने उल्टी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। इसके बाद प्रभावित शिक्षकों और छात्रों को नंगल के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सारे इलाके को सील कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, स्कूल के पास ही दो बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं, इनमें से किसी एक उद्योग से गैस लीक होने की आशंका है। जांच के बाद असली बात सामने आएगी। प्रभावित बच्चों और शिक्षकों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया हैं। वहीं सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्कूल में छुट्टी करवाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया। वहीं गैस रिसाव से बच्चों की हालत बिगड़ने की सूचना पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी मौके पर पहुंचे और कहा ऐसी जगह स्थित पर स्कूलों पर होगी सख्त कार्यवाही

  • PSEB ने 8वीं कक्षा का परिणाम किया घोषित , लड़कियों ने एक बार फिर मारी बाजी

    PSEB ने 8वीं कक्षा का परिणाम किया घोषित , लड़कियों ने एक बार फिर मारी बाजी

     

    चंडीगढ़ : पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आठवीं कक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। 8वीं बोर्ड एग्जाम में शामिल स्टूडेट्स आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in और indiaresults.com पर अपने परिणाम चेक कर सकते हैं। 8वीं में कुल 98.01 फीसदी स्टूडेंट्स सफल घोषित किए गए हैं। रिजल्ट में स्टूडेंट्स के रोल नंबर, नाम, अभिभावक का नाम आदि जानकारी दर्ज होगी। 98.68 प्रतिशत छात्राएं और 97.41 छात्र पास हुए हैं।

    बता दें, पंजाब बोर्ड ने 25 फरवरी से 22 मार्च, 2023 तक कक्षा 8वीं की परीक्षाएं आयोजित की थीं। इस साल लगभग 3 लाख छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए अपना पंजीकरण कराया है।

    ऐसे करें चेक रिजल्ट
    -सबसे पहले पीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाएं।
    -होमपेज पर, ‘परिणाम’ पर क्लिक करें।
    -अपना रोल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करें।
    -सबमिट बटन पर क्लिक करें।
    -PSEB 8वीं परिणाम 2023 स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा।
    -भविष्य के संदर्भ के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट लें।

  • स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर , जांच में जुटी पुलिस…

     स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर , जांच में जुटी पुलिस…

     

    नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मथुरा रोड पर यह दिल्ली पब्लिक स्कूल, जिसे बम से उड़ाने की सूचना पुलिस को मिली है। ये धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे दिल्ली फायर सर्विस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। सूचना मिलते ही मौके पर एम्बुलेंस और पुलिस पहुंच गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    पुलिस के मुताबिक, यह किसी की शरारत लग रही है। बच्चे सुरक्षित हैं, अब तक सभी के बीच पैनिक की स्थिति नहीं है। स्कूल ने करीब 8 बजकर 10 मिनट पर 100 नंबर पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। वहीं, इससे कुछ दिन पहले ही साउथ दिल्ली के एक स्कूल में बम होने की कॉल मिली थी।

  • CUET PG 2023 Exam Date: सीयूईटी पीजी 2023 परीक्षा की डेट घोषित, यहां चेक करें पूरा शेड्यूल

    CUET PG 2023 Exam Date: सीयूईटी पीजी 2023 परीक्षा की डेट घोषित, यहां चेक करें पूरा शेड्यूल

     

    CUET PG 2023 Exam Date: सीयूईटी पीजी 2023 एग्जाम का शेड्यूल जारी कर दिया गया है. Exam 5 जून से शुरू होगा. अभी आवेदन की प्रक्रिया चल रही है.

    CUET PG 2023 Exam Date: सीयूईटी पीजी 2023 परीक्षा की डेट घोषित, यहां चेक करें पूरा शेड्यूल

    CUET PG 2023 Exam Date.

    CUET PG 2023 Exam Date: सीयूईटी पीजी 2023 परीक्षा की डेट घोषित कर दी गई है. एग्जाम 5 जून 2023 से शुरू होकर 12 जून 2023 तक चलेगा. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( UGC) अध्यक्ष, एम जगदीश कुमार ने आज कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) पीजी 2023 की तारीखों की घोषणा की हैं. उन्होंने ट्वीट कर एग्जाम डेट की जानकारी दी है.

    CUET PG 2023 Exam, 5 जून, 6 जून, 7 जून, 8 जून, 9 जून, 10 जून, 11 जून और 12 जून 2023 को होगा. अभी इस परीक्षा के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू है. अभ्यर्थी 5 मई 2023 तक अप्लाई कर सकते है. पंजीकरण की डेट 19 अप्रैल से 5 मई 2023 की गई है. अब रजिस्ट्रेशन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. आधिकारिक वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर अप्लाई करने का लिंक 20 मार्च से ही एक्टिव है.

     

    ऐसे करें अप्लाई

    • अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जाएं.
    • होम पेज पर दिए गए पंजीकरण के लिंक पर क्लिक करें.
    • आवश्यक जानकारी दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें.
    • सभी शैक्षणिक दस्तावेज अपलोड करें.
    • फीस जमा करें और सबमिट करें.

    इस बार सीयूईटी पीजी 2023 में कुल 177 विश्वविद्यालय हिस्सा ले रहें हैं. यूजीसी प्रमुख द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 38 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 40 राज्य विश्वविद्यालय, 10 सरकारी संस्थान और 89 डीम्ड और निजी विश्वविद्यालय इसमें शामिल हैं.

    इन संस्थानों में पीजी कोर्स में दाखिला सीयूईटी पीजी स्कोर के जरिए ही होगा. एप्लीकेशन प्रोसेस खत्म होने के बाद प्रवेश पत्र आदि जारी किया जाएगा. ज्यादा जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं.

    बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी यूजी 2023 परीक्षा का कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है. 30 अप्रैल को CUET UG Exam 2023 के लिए एग्जाम सिटी इन्फॉर्मेशन स्लिप जारी की जाएगी और उसके बाद प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा. दोनों ही एग्जाम CBT में 13 लैंग्वेज में होंगे. इस बार दोनों ही एग्जाम में हिस्सा लेने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ी है.

    सौजन्य TV 9 Bharatvarsh

  • एडमिशन सीजन के बीच (NCERT) की नकली किताबों की धड़ल्ले हो रही है बिक्री,जारी है नकली किताबों का कारोबार, NCERT की 6 हजार Books जब्त

    एडमिशन सीजन के बीच (NCERT) की नकली किताबों की धड़ल्ले हो रही है बिक्री,जारी है नकली किताबों का कारोबार, NCERT की 6 हजार Books जब्त

     

    सोनीपत : स्कूलों में दाखिलों के सीजन के बीच हरियाणा में किताबों के बाजार में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की नकली किताबों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इसका खुलासा सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की रेड में हुआ है। सीएम फ्लाइंग की टीम ने प्रदेशभर में आठ जिलों में छापामारी कर 12 किताब विक्रेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    NCERT की नकली किताबों की बिक्री के मामले में हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने गंभीरता दिखाते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह विभागीय स्तर पर भी इस मामले में कार्रवाई करें।

    सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने इस मामले में हरियाणा में 25 जगह छापामारी की। यह कार्रवाई गुरुग्राम, हिसार, फरीदाबाद, करनाल, रोहतक, रेवाड़ी, पंचकूला और अंबाला जिलों में स्थित पुस्तकों की दुकानों पर की गई। इस दौरान गुरुग्राम में 7, हिसार में 2 और फरीदाबाद, करनाल और रेवाड़ी में 1-1 मामले दर्ज किए गए।

    कार्रवाई के दौरान सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड ने NCERT की 6000 नकली किताबें जब्त की हैं। बुकसेलर सस्ते दामों पर NCERT की नकली किताबें खरीदते और फिर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचते पाए गए हैं।

  • शिक्षा में बदलाव; साल में दो बार हो सकती हैं बोर्ड परीक्षाएं- आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस के मिश्रण की हो सकती है सिफारिश

    शिक्षा में बदलाव; साल में दो बार हो सकती हैं बोर्ड परीक्षाएं- आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस के मिश्रण की हो सकती है सिफारिश

     

    नई दिल्ली : स्कूली शिक्षा और उसमें भी खासतौर पर बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव हो सकता है। केंद्र सरकार द्वारा गठित नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) का विशेषज्ञ पैनल साल में दो बार बोर्ड परीक्षा और 12वीं कक्षा के लिए एक सेमेस्टर प्रणाली का पक्षधर है। एनसीएफ के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं का एक नहीं बल्कि वर्ष में कम से कम दो बार आयोजन किया जाना चाहिए। एनसीएफ यह भी सिफारिश कर सकता है कि छात्रों को इस बात की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए कि वे किस विषय की परीक्षा पहले और किस विषय की परीक्षा दूसरी बार होने वाले एग्जाम में देना चाहते हैं।

    यानी छात्र अपनी सुविधा अनुसार उन परीक्षाओं में पहले शामिल हो सकेंगे जिनकी तैयारी उनके द्वारा की जा चुकी है। यह पैनल विभिन्न स्कूल बोर्ड  में कक्षा 11 और 12 में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस को अलग करने वाली प्रक्रिया की बजाए साइंस और ह्यूमैनिटीज के मिश्रण की भी सिफारिश कर सकता है।

    इसरो के पूर्व अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन की अगुआई में 12 सदस्यीय संचालन समिति द्वारा तैयार की जा रही सिफारिशों को अपनाने के बाद परीक्षाओं की संरचना में एक बड़ा बदलाव होगा।

    गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के चार स्टेज हैं। इनमें फाउंडेशन, प्रीप्रेट्री, मिडिल और सेकेंड्री स्टेज शामिल हैं। सेकेंड्री स्टेज यानी कक्षा 9 से कक्षा 12 के लिए एनसीएफ को लागू किए जाने पर फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है।

    एनसीएफ के मुताबिक करिकुलम तैयार करने में शिक्षा बोडरें की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रश्न-पत्र बनाने वाले, जांच करने वाले और मूल्यांकन के लिए टेस्ट डेवेलपमेंटसे सम्बन्धित यूनवर्सिटी-सर्टिफाईड कोर्स की सिफारिश भी की जा सकती है। एनसीएफ में वोकेशनल, आर्ट्स, फिजिकल एजुकेशन को करिकुलम का अभिन्न अंग माना गया है। इसके लिए बोडरें को इन एरिया के लिए हाई क्वालिटी टेस्ट सिस्टम को तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    गौरतलब है कि इससे पहले शिक्षा के फाउंडेशनल स्टेज यानी बिल्कुल शुरूआती कक्षाओं के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत देश भर में ‘बालवाटिका’ योजना शुरू की जा चुकी है। देशभर के अलग-अलग 49 केंद्रीय विद्यालयों में पायलट परियोजना के तौर पर इस को शुरू किया गया है। यह 3-8 साल की उम्र के बच्चों के लिए देश का पहला एकीकृत नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क है।

    नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के सभी उपायों का उद्देश्य तीन विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करना है। इनमें अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली बनाए रखना, प्रभावकारी संप्रेषक या संवादात्मक बनाना, और सक्रिय शिक्षार्थी बनाना शामिल है।

    नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) छोटे बच्चों को 21वीं सदी की संज्ञानात्मक और भाषाई दक्षता से लैस करने में मदद करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा एनसीईआरटी से कहा गया है कि वह एनसीएफ को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने, बचपन की देखभाल एवं विकास में शामिल सभी हितधारकों को उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

  • NCERT प्रमुख ने पाठ्यपुस्तकों में बदलाव को लेकर कहा। विशेषज्ञों की सिफारिश पर हुआ संशोधन

     NCERT प्रमुख ने पाठ्यपुस्तकों में बदलाव को लेकर कहा। विशेषज्ञों की सिफारिश पर हुआ संशोधन

     

    नई दिल्ली : एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में हालिया बदलाव किसी को खुश करने या नाराज करने के लिए नहीं किए गए हैं, बल्कि ये विशुद्ध रूप से विशेषज्ञों द्वारा की गई सिफारिशों पर आधारित हैं। सकलानी ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि एनसीईआरटी अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के आधार पर सभी कक्षाओं के लिए नई किताबें लाने जा रही है।

    एनसीईआरटी के प्रमुख के अनुसार, न केवल इतिहास की किताबों में, बल्कि अन्य सभी विषयों में भी बदलाव किए गए हैं, ताकि छात्रों का बोझ कम किया जा सके।

    साक्षात्कार के अंश:

    क्या यह सच है कि एनसीईआरटी नई स्कूल पाठ्यपुस्तकें ला रहा है?
    सकलानी: यह सच है कि एनसीईआरटी सभी कक्षाओं के लिए नई पाठ्यपुस्तकें तैयार कर रहा है। नया पाठ्यक्रम एनईपी पर आधारित होगा। नींव स्तर के लिए पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है और नई पाठ्यपुस्तकें अगले दो महीनों के भीतर उपलब्ध करा दी जाएंगी, जबकि उच्च कक्षाओं के पाठ्यक्रम में संशोधन अभी भी चल रहा है और एक वर्ष में नई पाठ्यपुस्तकों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

    एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में ये संशोधन क्यों किए जा रहे हैं?
    सकलानी: सबसे पहले, कोई बड़े बदलाव नहीं हैं। दूसरे, ये सभी संशोधन पिछले साल किए गए थे। तब कोरोनावायरस के कारण क्या स्थिति थी, यह सभी ने देखा है। छात्रों को पढ़ाई का भारी नुकसान हुआ है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के बंद होने से न केवल स्कूल स्तर के छात्रों, बल्कि देश और दुनिया के उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी सीखने का नुकसान हुआ है। ऐसे में एनसीईआरटी ने विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रम में कुछ संशोधन करने का फैसला किया, ताकि लंबे समय के बाद स्कूल आने वाले छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम हो सके।

    पाठ्य पुस्तकों से अध्यायों और तथ्यों को कम करने से छात्रों को क्या लाभ होगा?
    सकलानी: इसका सीधा फायदा छात्रों को हुआ है। हमने 2022 में ही सिलेबस कम कर दिया था और इससे लंबे समय के बाद स्कूल आने वाले छात्रों से पढ़ाई का बोझ कम हुआ। उन्हें अपनी परीक्षाओं के लिए कम सामग्री का अध्ययन करना पड़ा। यहां तक कि पहले से ही कोरोना के तनाव से जूझ रहे छात्रों पर परीक्षा संबंधी तनाव भी कम हुआ।

    कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि पाठ्यक्रम में बदलाव, मुगलों को पाठ्यपुस्तकों से पूरी तरह बाहर करने की रणनीति का हिस्सा है। आपका क्या कहना है?
    सकलानी: मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि एनसीईआरटी ने यह कदम किसी के कहने पर नहीं उठाया है। पाठ्यक्रम को कम करने का निर्णय किसी को खुश करने या नाराज करने के लिए नहीं लिया गया था। छात्रों को तत्काल राहत देने के लिए हमने यह कदम उठाया है। परिवर्तन देश भर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित हैं। यह आरोप कि पाठ्यपुस्तकों से मुगलों पर सभी अध्याय हटा दिए गए हैं, पूरी तरह निराधार हैं, ऐसा नहीं है।

    एनसीईआरटी ने किस आधार पर पाठ्यपुस्तकों से अध्याय हटाने का फैसला किया?
    सकलानी: इसके लिए हमने देशभर के शिक्षा विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई। इन विशेषज्ञों ने छात्रों का बोझ कम करने के लिए कक्षा 6 से 12 तक हर विषय और किताब का गहन अध्ययन किया और फिर ऐसे अध्यायों और तथ्यों को पाठ्यक्रम से हटाने की सिफारिश की जिन्हें दोहराया गया था. जिन विशेषज्ञों की सलाह ली गई उनमें विश्वविद्यालय स्तर के शिक्षाविद, स्कूलों से जुड़े विशेषज्ञ और एनसीईआरटी के ही विशेषज्ञ शामिल थे।