Author: Sumesh Sharma

  • बोरवेल में गिरी बच्ची चेतना का रेस्क्यू ऑपरेशन 9वें दिन भी जारी, 120 फीट पर हुक से लटकी है बच्ची ; हालत चिंताजनक

    बोरवेल में गिरी बच्ची चेतना का रेस्क्यू ऑपरेशन 9वें दिन भी जारी, 120 फीट पर हुक से लटकी है बच्ची ; हालत चिंताजनक

    कोटपूतली : राजस्थान के कोटपूतली में एक 700 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की बच्ची चेतना को बचाने का अभियान मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। 23 दिसंबर को हुए इस हादसे के बाद से चेतना बोरवेल में फंसी हुई है, जिससे उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने पहले दावा किया था कि चेतना को सोमवार तक बाहर निकाल लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस देरी ने बच्ची के परिवार और स्थानीय ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित कदम उठाए गए होते तो चेतना को पहले ही बचाया जा सकता था। हालांकि, प्रशासन ने किसी भी लापरवाही से इनकार किया है।

    परिजनों की नाराजगी को देखते हुए सोमवार देर शाम जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने उनसे मुलाकात की और उन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही चुनौतियों से अवगत कराया। कलेक्टर ने इस ऑपरेशन को राजस्थान का सबसे मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन बताया है और कहा है कि टीम हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन गहराई और अन्य तकनीकी कारणों से समय लग रहा है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत चेतना को बचाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। चेतना लगभग 120 फीट की गहराई पर एक हुक में फंसी हुई है, और 24 दिसंबर की शाम से उसकी कोई मूवमेंट नहीं देखा गया है, जिससे उसकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बचाव कार्य में एनडीआरएफ के छह जवानों की तीन टीमें रोटेशन में काम कर रही हैं। प्रत्येक बार में दो जवान 170 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर बोरवेल तक सुरंग खोद रहे हैं। जवानों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन गहराई के कारण उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही है। सभी प्रयासों के बावजूद, समय की पाबंदी को देखते हुए जल्द से जल्द चेतना को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए टीमों का समन्वित कार्य जारी है।

    बता दें, चेतना 23 दिसंबर को दोपहर दो बजे खेलते समय 700 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। शुरुआत में वह लगभग 150 फीट की गहराई में फंसी थी, लेकिन देसी जुगाड़ से उसे 30 फीट ऊपर खींचा गया था। तब से उसे खाना-पानी नहीं मिला है। रेस्क्यू टीम चेतना को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन समय बीतने के साथ-साथ बच्ची की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

  • बदलाव की तरफ बढ़ता बांग्लादेश; खत्म हो सकता है संविधान, नया देश बनाने का हो सकता है ऐलान!

    बदलाव की तरफ बढ़ता बांग्लादेश; खत्म हो सकता है संविधान, नया देश बनाने का हो सकता है ऐलान!

     

     

    नई दिल्ली- 1972 में शेख मुजीबर रहमान के दौर में बने बांग्लादेश के सविधान को खत्म करने की तैयारी की जा रही है। खबरों के मुताबिक 31 दिसंबर को बांग्लादेश में संविधान को ही खत्म करने का ऐलान हो सकता है। इसके अलावा राष्ट्रपति और सेना प्रमुख जैसे पदों का भी खात्मा हो सकता है।

    स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन की ओर से नए रिपब्लिक की घोषणा किए जाने की तैयारी है। अब तक यह जानकारी नहीं मिली है कि बांग्लादेश को इस्लामिक देश घोषित किया जाएगा या फिर सेकुलर गणराज्य बनाया जाएगा। फिलहाल अस्थिरता का आलम है और राष्ट्रपति एवं आर्मी चीफ जैसे पदों को समाप्त करने से यह और बढ़ सकती है। इससे भारत जैसे पड़ोसी मुल्कों के लिए भी चिंता बढ़ जाएगी। भारत के लिए एक चुनौती तो यही है कि यदि बांग्लादेश में किसी से बात की जाए तो वह कौन होगा। वहां फिलहाल कोई चुनी हुई सरकार नहीं है और अंतरिम सरकार के मुखिया नोबेल विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस हैं। उन्होंने अपने कार्य़काल के दौरान कट्टरपंथियों का खूब साथ दिया है, जिसे लेकर भारत समेत कई मुल्क चिंतित हैं। अमेरिका तक ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।
    छात्र नेता हसनत अब्दुल्ला ने बांग्लादेश के मौजूदा संविधान को लेकर कहा कि वह तो मुजीबवादी कानून है। उसे हम समाप्त करेंगे और दफन करेंगे।

    यही नहीं अब्दुल्ला ने भारत के खिलाफ भी अपनी नफरत को उजागर कर दिया। हसनत ने कहा कि 1972 के उस संविधान के चलते भारत को बांग्लादेश में दखल देने का मौका मिला। अब्दुल्ला ने कहा कि हम 31 दिसंबर की दोपहर को ढाका के सेंट्रल शहीद मीनार में ऐलान करेंगे और बताएंगे कि भविष्य का बांग्लादेश कैसा होगा। माना जा रहा है कि बांग्लादेश में इस तरह कट्टरपंथी विचारधारा के विस्तार लेने के पीछे पाकिस्तान है। यही नहीं छात्र आंदोलन के नाम पर तख्तापलट करने वाले नेता लगातार पाकिस्तान के दूतावास के संपर्क में हैं। यही नहीं हाल ही में इस्लामिक देशों के संगठन डी-8 की मीटिंग में मोहम्मद यूनुस और शहबाज शरीफ की मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग में दोनों के बीच संबंधों को लेकर बात हुई। इसके अलावा बांग्लादेश ने पाकिस्तान से कारोबार में भी इजाफा किया है।

  • दिल्ली के पुजारी और ग्रंथी को हर महीने 18 हजार रुपए देंगे…

    दिल्ली के पुजारी और ग्रंथी को हर महीने 18 हजार रुपए देंगे…

     

    आम आदमी पार्टी ने पुजारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. अरविंद केजरीवाल ने पुजारी सम्मान योजना की घोषणा की है, इस योजना के तहत हर महीने पुजारियों को 18 हजार रुपये सम्मान राशि दी जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि कल से यानी 31 दिसंबर से इस स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू किए जाएंगे.

    आम आदमी पार्टी ने पुजारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंदिर और गुरुद्वारों में पूजा करने वाले ग्रंथियों के लिए योजना शुरू करने की घोषणा की है. PUJARI Granthi Samman Yojna के तहत मंदिरों के पुजारी और गुरुद्वारे में ग्रंथियां को हर महीने सम्मान राशि दी जाएगी. पुजारियों को स्कीम के तहत हर महीने 18 हजार रुपये की राशि दी जाएगी.स्कीम का ऐलान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, पुजारी भगवान की पूजा कराता है, जिसने सदियों से हमारी परंपराओं और रीति रिवाज को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया है. पुजारी की तरफ हम ने कभी ध्यान नहीं दिया. आज इस योजना के जरिए इसे वेतन या तनक नहीं कहूंगा बल्कि इनका सम्मान करने के लिए इसकी घोषणा कर रहा हूं कि लगभग 18000 रुपए महीना सम्मान राशि आम आदमी पार्टी के सरकार बनने के बाद पुजारियों को दी जाएगी.

    केजरीवाल ने क्या कहा?

    इस स्कीम का ऐलान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, यह देश में पहली बार हो रहा है, आज तक देश में कभी ऐसा नहीं हुआ. हम ने दिल्ली में कई काम पहली बार किए, हम ने स्कूल अच्छे किए पहली बार किए, अस्पताल अच्छे किए पहली बार किए, महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री की पहली बार की, ऐसे ही यह पहली बार हो रहा है. बीजेपी सरकार और कांग्रेस की सरकार भी इससे सीख कर अपने-अपने राज्यों के अंदर पुजारी और ग्रंथियां के लिए सम्मान योजना शुरू करेंगे.

  • 150 वर्ष पुरानी प्रयागराज की पुरातत्व धरोहर का दीदार कर सकेंगे महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु

    150 वर्ष पुरानी प्रयागराज की पुरातत्व धरोहर का दीदार कर सकेंगे महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु

     

     

    महाकुंभ नगर: महाकुंभ भारत की सनातनी परंपरा का धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। जनवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे इस महापर्व को दिव्य और भव्य स्वरूप देने में जुटी प्रदेश की योगी सरकार इसकी परंपराओं का संरक्षण करते हुए कुंभ नगरी की सांस्कृतिक धरोहरों का भी संरक्षण कर रही है।

    प्रयागराज शहर की एक धार्मिक पहचान होने के साथ ही कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के साथ भी इसका नाम जुड़ा है। इसी के अंतर्गत आता है नगर निगम परिसर स्थित भवन, जिसके जीर्णोद्धार का कार्य प्रयागराज नगर निगम द्वारा करवाया जा रहा है। ब्रिटिश काल में सन् 1865 के करीब संगम नगरी में बने सबसे पुराने ‘ग्रेट नॉर्दर्न’ होटल और बाद में नगर निगम कार्यालय में तब्दील इस 150 वर्ष से अधिक पुराने भवन का 9 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। कायाकल्प के बाद प्रयागराज वासियों समेत महाकुंभ में आने वाले पर्यटक भी यह ऐतिहासिक भवन देख सकेंगे।

    नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग का कहना हैं कि यह भवन प्रयागराज की धरोहर है, इसे संरक्षित रखने की पहल नगर निगम ने की है। महाकुंभ से पहले इस भवन के जीर्णोद्धार का काम पूरा हो जाएगा। अपने नए रंग रूप में यह भवन पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इस ऐतिहासिक इमारत में आजादी के पूर्व देश की आजादी में हिस्सा लेने वाले बुद्धिजीवी समाज की बैठकें होती थीं। 1930 के दशक में ब्रिटिश सरकार ने इस भवन को प्रशासनिक भवन में तब्दील कर दिया था।

    प्रयागराज नगर निगम के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सलाहकार सूरज वीएस ने बताया कि दिसंबर 2020 में नगर निगम के भवन में एक कमरे की छत गिर गई थी, इसके बाद इस पूरे भवन को गिराकर नया भवन बनाने पर विचार किया गया था। डेढ़ सौ साल से अधिक पुराने भवन को गिराने से पहले पुरातत्व विभाग से राय ली गई। एएसआई, एमएनआईटी प्रयागराज और आईआईटी मुम्बई से इस भवन के विषय में परामर्श लिया गया। 2020-21 में एएसआई की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम की इस बिल्डिंग को धरोहर बताते हुए इसका संरक्षण करने की सलाह दी गई।

    150 वर्ष पहले इस भवन का निर्माण ईको फ्रेंडली चीजों से करवाया गया था, इसलिए अब इसका कायाकल्प इन्हीं चीजों से करवाया जा रहा है। इस भवन में पहले मरम्मत के दौरान जो भी नई चीजें लगाई गई थीं, जैसे सीमेंट का प्लास्टर, फर्श की टाइलें, खिड़कियां-दरवाजे, उन्हें अब हटाया जा रहा है, ताकि भवन को असली स्वरूप में वापस लाया जा सके।

    इससे भवन का तापमान प्राकृतिक रूप से ठंडा रहेगा और गर्मी में भी एयर कंडीशनर का कम इस्तेमाल किया जाएगा। यह तरीका पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुंबई की सवानी हेरिटेज जीर्णोद्धार का काम कर रही है, जो दिसंबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस भवन में ‘फसॉड लाइटिंग’ भी लगवाई जाएंगी। महाकुंभ में आने वाले पर्यटक इस ऐतिहासिक भवन को एक नए कलेवर में देखेंगे

  • हादसा : यात्रियों से भरा ट्रक नदी में गिरने से 60 लोगों की मौत; शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे

     हादसा : यात्रियों से भरा ट्रक नदी में गिरने से 60 लोगों की मौत; शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे

    अदीस अबाबा  : अफ्रीकी देश इथियोपिया में बड़ा हादसा हुआ है। यहां यात्रियों से भरा एक ट्रक नदी में जा गिरा। हादसे में 60 लोगों की जान गई है। दक्षिणी सिदामा क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक यह भीषण हादसा बोना जिले में हुआ है। क्षेत्रीय संचार ब्यूरो ने रविवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि हादसे में घायल लोगों का बोना जनरल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

     सरकारी इथियोपियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने मुताबिक सभी लोग एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। बता दें कि इथियोपिया में भीषण सड़क दुर्घटनाएं आम हैं। खराब ड्राइविंग मानक और खस्ताहाल वाहन यहां सुरक्षित यातायात के मार्ग पर सबसे बड़े बाधक हैं। करीब छह साल पहले 2018 में भी इथियोपिया में एक बड़ा हादसा हुआ था। इस हादसे में छात्रों से भरी एक बस खड्डे में जा गिरी थी, जिसमें 38 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

  • पंजाब बंद के दौरान किसानों का राहगीरों से हुई तीखी बहस…

    पंजाब बंद के दौरान किसानों का राहगीरों से हुई तीखी बहस…

     

     

    जालंधर- किसान फसलों की MSP पर गारंटी समेत 13 मांगों को लेकर अंदोलन कर रहे है। जिस कारण आज पूरा पंजाब बंद है। किसानों ने सुबह 7 बजे हाईवे बंद कर दिए। अमृतसर-दिल्ली और जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर किसान बैठ गए हैं। फिरोजपुर रेल मंडल के डीआरएम संजय साहू ने बताया कि किसानों ने बंद की सूचना रेलवे को दी है जिसके बाद वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस सहित 163 ट्रेनें कैंसिल कर दी गई हैं। इस बीच कई जगह किसानों और पुलिस के बीच नोकझोक की खबरें सामने आ रही है।

    – जालंधर में पैदल यात्रियों को रोकने पर किसानों और पुलिस में नोकझोंक हुई। वहीं लुधियाना में बस्ती जोधेवाल चौक और खन्ना में जाम लगाने को लेकर किसानों और लोगों के बीच बहस हुई। वहीं, जालंधर में बारात किसानों के जाम में फंस गई। इनमें दूल्हे की कार भी थी। हालांकि दूल्हे ने बाहर निकालकर किसान यूनियन का झंडा पकड़ा और किसानों की जिंदाबाद के नारे लगाए। फिर वह बारात लेकर आगे चला गया।

    – लाडोवाल टोल प्लाजा पर एक व्यक्ति ने जाम लगा रहे किसान पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। उसने कहा कि गलती से ऐसा हुआ। जाम के दौरान एंबुलेंस आने पर किसान खुद उसके लिए रास्ता बनाकर आगे रवाना कर रहे हैं। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ समेत सभी यूनिवर्सिटी ने आज होने वाले एग्जाम स्थगित कर दिए थे। किसान शाम 4 बजे हाईवे और रेलवे ट्रैकों से उठेंगे।

    – जालंधर के धन्नोवाली फाटक पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद किसानों द्वारा पैदल यात्रियों को रोकने की वजह से हुआ। पुलिस अधिकारी नरेंद्र मोहन ने कहा कि किसान सुबह 8 बजे से सड़कों पर आए हैं, लेकिन वे सुबह 6 बजे से ही सड़कों पर तैनात हैं। इसी बीच अन्य किसानों ने आकर दोनों पक्षों को शांत कराया

  • डिप्टी कमिश्नर पुलिस द्वारा पतंगबाजी के लिए चाइना/मांझा डोर के निर्माण, भंडारण, खरीद, आपूर्ति, आयात, बिक्री और उपयोग पर लगाई पाबंदी

    डिप्टी कमिश्नर पुलिस द्वारा पतंगबाजी के लिए चाइना/मांझा डोर के निर्माण, भंडारण, खरीद, आपूर्ति, आयात, बिक्री और उपयोग पर लगाई पाबंदी

    डिप्टी कमिश्नर पुलिस द्वारा पतंगबाजी के लिए चाइना/मांझा डोर के निर्माण, भंडारण, खरीद, आपूर्ति, आयात, बिक्री और उपयोग पर लगाई पाबंदी

     

    MBD NEWS: जालंधर (सुमेश शर्मा) 28 दिसंबर: डिप्टी कमिश्नर पुलिस (ला एंड ऑर्डर) अंकुर गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत अधिकारों का उपयोग करते हुए कमिश्नरेट जालंधर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री या किसी से बनी पतंग उड़ाने पर रोक लगा दी है सिंथेटिक/कांच/तेज धातु से लेपित रस्सी/धागा पतंग उड़ाने के लिए निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद, आपूर्ति, आयात और उपयोग सख्त वर्जित है।
    आदेशों में कहा गया है कि केवल सूती धागे से पतंग उड़ाने की अनुमति होगी, जिसमें धागे को मजबूत करने के लिए कोई तेज/धातु/कांच या लेप न लगाया गया हो। यह आदेश दिनांक 25.2.2025 तक लागू रहेगा।

  • मैरिज पैलेसों/होटलों के बैंक्वेट हॉलों में शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में हथियार ले जाने पर प्रतिबंध

    मैरिज पैलेसों/होटलों के बैंक्वेट हॉलों में शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में हथियार ले जाने पर प्रतिबंध

    डीसीपी द्वारा पार्किंग स्थलों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने के आदेश

    मैरिज पैलेसों/होटलों के बैंक्वेट हॉलों में शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में हथियार ले जाने पर प्रतिबंध

    पुलिस सांझ केंद्रों में किरायेदारों/पीजी/नौकरों के बारे में आवश्यक जानकारी देना अनिवार्य

    MBD NEWS : जालंधर(सुमेश शर्मा) 28 दिसंबर:डिप्टी कमिश्नर पुलिस (ला एंड ऑर्डर ) अंकुर गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करके जनहित को बनाए रखने और कानून और व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने के आदेश जारी किए है। पुलिस कमिश्नरेट जालंधर के अधिकार क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थान, अस्पताल, भीड़-भाड़ वाले बाजार और वाहन पार्किंग के लिए बनाए गए अन्य स्थान के मालिक (परिसर के अंदर या बाहर) सीसीटीवी कैमरे लगाए बिना वाहन पार्किंग संचालित नहीं करेंगे।
    जारी आदेशों में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सी.सी.टी.वी कैमरे इस प्रकार लगाए जाएं कि पार्किंग में प्रवेश/निकास करने वाले वाहन की नंबर प्लेट तथा वाहन चलाने वाले व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे तथा इस संबंध में लगाए गए सी.सी.टी.वी. कैमरों की 45 दिन की रिकॉर्डिंग की सीडी बनाकर हर 15 दिन में सुरक्षा शाखा कार्यालय, पुलिस कमिश्नर, जालंधर में जमा करवानी होगी। इसी प्रकार, वाहन पार्क करने वाले वाहन मालिकों का रिकॉर्ड, यदि वाहन को एक दिन के लिए पार्क किया जाना है, तो रजिस्टर में उसकी एंट्री में व्यक्ति का नाम, मोबाइल फोन नंबर आईडी, वाहन का प्रकार, पंजीकरण नंबर, चेसी नंबर,इंजन नंबर, वाहन पार्किंग, वाहन निकासी की तारीख दर्ज करने के अलावा वाहन
    मालिक के रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराना होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि वाहन को एक दिन से अधिक समय तक खड़ा करना है तो वाहन मालिक द्वारा वाहन के रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी लेकर रजिस्टर में इसकी एंट्री की जाए तथा इसे अपने पास रखा जाए।इसके अलावा पार्किंग स्थलों पर कार्य करने वाले व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन संबंधित थाने से कराया जाए।
    डीसीपी एक अन्य आदेश के जरिए कमिश्नरेट पुलिस जालंधर की सीमा के भीतर वाहन में किसी भी प्रकार के हथियार जैसे बेसबॉल, तेज हथियार, धारदार हथियार या कोई घातक हथियार रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी प्रकार, कमिश्नरेट पुलिस की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने, किसी कार्यक्रम/जुलूस में हथियार ले जाने, पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने और नारे लगाने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
    डिप्टी कमिश्नर पुलिस ने कमिश्नरेट जालंधर के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी मैरिज पैलेसों/होटलों के बैंक्वेट हॉल, विवाह कार्यक्रमों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में जनता द्वारा हथियार ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेशों में मैरिज पैलेसों और बैंक्वेट हॉलों के मालिकों को मैरिज पैलेसों/बैंक्वेट हॉलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की जिम्मेदारी होगी।डीसीपी एक अन्य आदेश के अनुसार, कोई भी दुकानदार/दर्जी खरीदार की उचित पहचान के बिना सैन्य/अर्धसैनिक बल/पुलिस निर्मित वर्दी या सिले हुए वर्दी नहीं बेचेगा। वर्दी खरीदने वाले व्यक्ति के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए फोटो पहचान पत्र की स्व-सत्यापित फोटोकॉपी रखेगा और रजिस्टर में विक्रेता के पद, नाम, पता, फोन नंबर और पोस्टिंग की जगह का रिकॉर्ड बनाए रखेग इस रजिस्टर को संबंधित प्रधान थाना अधिकारी द्वारा दो महीने में एक बार सत्यापित किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्ड पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा।
    डिप्टी कमिश्नर पुलिस की ओर से जारी इन अन्य आदेशों के मुताबिक, मकान मालिकों के घरों और पीजी में किराएदार। मालिक, पी.जी. इसके अलावा आम लोग अपने नजदीकी पंजाब पुलिस सांझ केंद्र को सूचना/घोषणा पत्र दिए बिना अपने घरों में नौकर और अन्य कर्मचारी नहीं रखेंगे। इसके अलावा, पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, पटाखों के सभी निर्माताओं/डीलरों को आदेश जारी किए गए है कि पटाखों के पैकेट पर ध्वनि का स्तर ( डेसिबल में) लिखा होना चाहिए।
    उपरोक्त सभी आदेश 25.02.2025 तक लागू रहेंगे

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह, जेपी नड्डा से मुलाकात कर महाकुंभ मेले का दिया निमंत्रण

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह, जेपी नड्डा से मुलाकात कर महाकुंभ मेले का दिया निमंत्रण

     

    महाकुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर है। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली पहुंचे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अमित शाह, जेपी नड्डा, वीके सिंह और रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कुभ का उन्हें निमंत्रण दिया है।

    CM Yogi Adityanath met Amit Shah JP Nadda invited them to Maha Kumbh Mela - India TV Hindi

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ 2025  का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ आज महाकुंभ मेले का निमंत्रण देने के लिए दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें कुंभ मेले का निमंत्रण दिया। गृहमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट की।’ इसके अलावा सीएम योगी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और मिजोरम के नवनियुक्त राज्यपाल जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह से मुलाकात की।

    सीएम योगी ने अमित शाह, रामनाथ कोविंद, जेपी नड्डा से की मुलाकात

    रामनाथ कोविंद ने योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की तस्वीर को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, ‘आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरे आवास पर मुझसे मिलने आए। उन्होंने मुझे आगामी महाकुंभ, एक भव्य आध्यात्मिक उत्सव में आमंत्रित किया। इसके सफल आयोजन के लिए मेरी शुभकामनाएं।’ वहीं जनरल वीके सक्सेना ने एक्स पर लिखा, ‘आज उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई और उन्होंने महा कुंभ का निमंत्रण दिया।’ बता दें कि महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर चल रही है। बता दें कि 13 जनवरी को महाकुंभ मेले की शुरुआत हो रही है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा महाकुंभ मेले का न्यौता सभी लोगों को दिया जा रहा है।

  • शिवाजी महाराज की चीन की चाल पर रहेगी नजर, पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास प्रतिमा स्थापित

     शिवाजी महाराज की चीन की चाल पर रहेगी नजर, पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास प्रतिमा स्थापित

     

     

    भारतीय सेना ने 14,300 फुट की ऊंचाई पर पैंगोंग झील के तट पर मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की है. यह क्षेत्र पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास है. इस प्रतिमा के साथ में मराठा साम्राज्य का ध्वज भी है.

    चीन की चाल पर रहेगी शिवाजी महाराज की नजर, पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास प्रतिमा स्थापित

    पैंगोंग झील के तट पर शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण

    भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के तट पर मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा स्थापित की है. सेना ने ये प्रतिमा 14,300 फुट की ऊंचाई पर स्थापित की है. यह क्षेत्र पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास है. वहीं इस प्रतिमा के साथ में मराठा साम्राज्य का ध्वज भी है. सेना की मानें तो, शिवाजी की यह प्रतिमा वीरता, दूरदर्शिता और अटूट न्याय का विशाल प्रतीक है, जो उन्हे बहुत प्रेरित करेगा.सेना की लेह स्थित 14वीं कोर का कहना है कि प्रतिमा का अनावरण भारतीय शासक छत्रपति शिवाजी की अटूट भावना का जश्न मनाने के लिए किया गया है, क्योंकि उनकी विरासत प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है. इस प्रतिमा का अनावरण गुरुवार को 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया, जिसे फायर एंड फ्यूरी कोर के नाम से भी जाना जाता है.

    लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया अनावरण

    सोशल मीडिया पर कोर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वीरता, दूरदर्शिता और अटल न्याय की इस विशाल प्रतिमा का अनावरण लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया. प्रतिमा के अनावरण का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छत्रपति शिवाजी घोड़े पर बैठे नजर आ रहे हैं. उनके हाथ में तलवार है और पीछे मराठा साम्राज्य का झंडा लगा हुआ है. इस मौके पर सेना के कई जवान मौजूद थे.

    डेमचोक और देपसांग पर सैनिकों की वापसी

    शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण भारत और चीन द्वारा टकराव वाले दो अंतिम स्थानों डेमचोक और देपसांग पर सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के कुछ सप्ताह बाद किया गया है. दोनों पक्षों ने 21 अक्टूबर को बनी सहमति के बाद टकराव वाले शेष दो स्थानों पर सैनिकों की वापसी पूरी कर ली. पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद मई 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर दोनों देशों के बीच गतिरोध शुरू हो गया था.

    सैन्य और कूटनीतिक स्तर की कई बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने 2021 में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तट पर सैनिकों की वापसी की प्रक्रियापूरीकीथी. पैंगोंग ही वह झील है जिसके बीच से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) गुजरती है, जो भारत और चीन की सीमा है. इस झील का पश्चिमी सिरा भारत के क्षेत्र में हैं वहीं पूर्वी छोर चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में है.