Author: Sumesh Sharma

  • INDIA गठबंधन ने  बुलाई बैठक,1 जून को दिल्ली में जुटेंगे विपक्षी नेता,चुनावी नतीजों से पहले INDIA गठबंधन करेगा समीक्षा…

     INDIA गठबंधन ने  बुलाई बैठक,1 जून को दिल्ली में जुटेंगे विपक्षी नेता,चुनावी नतीजों से पहले INDIA गठबंधन करेगा समीक्षा…

     

    लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के मतदान के बाद 1 जून को इंडिया ब्लॉक की दिल्ली में अहम बैठक होगी. बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव के नतीजों को लेकर समीक्षा करेंगे. साथ ही साथ आपस मे एकजुटता बनाए रखने की कोशिश पर जोर देंगे.

    चुनावी नतीजों से पहले INDIA गठबंधन ने क्यों बुलाई बैठक? 1 जून को दिल्ली में जुटेंगे विपक्षी नेता

    INDIA गठबंधन की एक जून को बैठक

    लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग के दिन एक जून को इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में चुनाव नतीजे के साथ आगे की रणनीति को लेकर मंथन किया जाना है. लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे. ऐसे में नतीजे से पहले ही इंडिया गठबंधन की बैठक काफी अहम मानी जा रही है. चुनाव के बाद की परिस्थितियों के मद्देनजर होने वाली बैठक में आपस मे एकजुटता बनाए रखने की कोशिश और आगे की तैयारी की रणनीति को लेकर है.

    दिल्ली में एक जून को इंडिया गठबंधन की होने वाली बैठक में सभी सहयोगियों को बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है. माना जा रहा है कि यह बैठक चुनावों की समीक्षा करने और नतीजे के बाद की परिस्थितियों को लेकर हो रही है. इसके अलावा इंडिया गठबंधन के भविष्य के कदमों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है.

    विपक्ष का दावा, इंडिया गठबंधन की बनेगी सरकार

    इंडिया गठबंधन की बैठक ऐसे समय हो रही है जब लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग हो रही होगी. इतना ही नहीं तमाम सियासी पंडित भी मान रहे हैं कि बीजेपी पिछले चुनाव से कम सीट पा रही है. हालांकि, बीजेपी ने ‘400 पार’ का नारा दिया है और दावा किया जा रहा है कि एनडीए गठबंधन तीसरी बार सरकार बनाएगा.

    वहीं, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता दावा कर रहे हैं कि एनडीए बहुमत हासिल नहीं कर पाएगा और इंडिया गठबंधन सरकार बनाएगा. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सहित विपक्षी नेता इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की बात कर रहे हैं.

  • जेल से बाहर निकलते ही पूरे दिन करते हैं चुनाव प्रचार, लेकिन जेल जाने की बारी आने पर केजरीवाल की तबीयत हो जाती है खराब : सिरसा

    जेल से बाहर निकलते ही पूरे दिन करते हैं चुनाव प्रचार, लेकिन जेल जाने की बारी आने पर केजरीवाल की तबीयत हो जाती है खराब : सिरसा

     

    नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद दो जून को सरेंडर करना है। लेकिन उससे पहले ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बीमारी की बात कहते हुए अंतरिम जमानत को सात दिन के लिए और बढ़ाने का अनुरोध किया है।

    अरविंद केजरीवाल की याचिका की तीखी आलोचना करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वह पूरे दिन चुनाव प्रचार करते हैं लेकिन जेल जाने की बारी आने पर उनकी तबियत खराब हो जाती है।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका से यह भी स्पष्ट हो गया है कि केंद्र में इंडी गठबंधन की सरकार बनने नहीं जा रही है, जैसा दावा जेल से बाहर आने के बाद वह लगातार कर रहे हैं।

    सिरसा ने केजरीवाल की याचिका पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उनकी तबियत ठीक नहीं है और मेडिकल ग्राउंड पर उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए। हैरानी इस बात की है कि जो आदमी तंदुरुस्त बाहर घूमते हैं, सारा दिन चुनाव प्रचार करते हैं, प्रधानमंत्री मोदी और सारे देश की आलोचना करते हैं, उनके जब जेल जाने की बारी आती है तो तबीयत खराब हो जाती है।

    भाजपा राष्ट्रीय सचिव ने लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की बड़ी जीत का दावा करते हुए यह भी कहा कि कल तक केजरीवाल कहते थे कि उनके गठबंधन को सवा तीन सौ सीटें आ रही हैं और अगर इंडी गठबंधन की सरकार बनी तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन अब उनकी याचिका से एक बात स्पष्ट हो गई है कि देश में इंडी गठबंधन की सरकार नहीं बनने जा रही है और पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में भाजपा की फिर से सरकार बनने जा रही है और अब अरविंद केजरीवाल को फिर से जेल भी जाना पड़ेगा, इसलिए वह जमानत मांग रहे हैं।

  • Google का बड़ा ऐलान, जून से ये सर्विस हो जाएगी बंद

    Google का बड़ा ऐलान, जून से ये सर्विस हो जाएगी बंद

     

    नई दिल्ली : गूगल जून और जुलाई में बड़ा झटका देने की तैयारी में है। दरअसल कंपनी अपनी 3 खास सर्विस को जून और जुलाई महीने से बंद करने वाली है। कहा जा रहा है कि इससे लाखों यूजर्स एफेक्ट होंगे। कंपनी गूगल पे और गूगल वीपीएन सर्विस को जून में बंद किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर इन सर्विस को बंद से बंद किया जा रहा है।

    गूगल VPN सर्विस
    गूगल ओन्ड गूगल वन वीपीएन सर्विस को 20 जून 2024 से बंद कर दिया जाएगा। इस सर्विस को भारत में कभी लॉन्च नहीं किया गया है। ऐसे में इंडियन यूजर्स पर गूगल वीपीएन सर्विस के बंद होने का असर नहीं पड़ेगा। गगूल पिक्सल 7 सीरीज के यूजर्स को फ्री पिक्सल वीपीएन सर्विस दिया जाता रहेगा। इसमें गूगल पिक्सल 7, गूगल पिक्सल 7 प्रो, गूगल पिक्सल 7a और फोल्ड स्मार्टफोन शामिल हैं।

    गूगल पे
    गूगल पे ऐप क इस साल 4 जून से अमेरिका में बंद कर दिया जाएगा। हालांकि भारत और सिंगापुर जैसे मार्केट में गूगल पे पहले की तरह चलता रहेगा। जो यूजर्स भारत और सिंगापुर में गूगल पे ऐप का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। अमेरिकी मार्केट में गूगल पे सर्विस की जगह गूगल वॉलेट ऑफर की जाएगी। हाल ही में भारत में भी गूगल वॉलेट सर्विस को रोलआउट किया गया है, लेकिन भारत में गूगल पे और गूगल दोनों अलग-अलग सर्विस की तरह काम करेंगी। मतलब भारतीय गूगल पे ऐप यूजर्स बिना रोक-टोक के पैसों का लेनदेन कर पाएंगे।

  • टीआरपी गेमिंग जोन हादसा : प्रशासन की बड़ी कार्रवाही 6 अधिकारियों को किया सस्पेंड, 28 लोगों की गई थी जान

    टीआरपी गेमिंग जोन हादसा : प्रशासन की बड़ी कार्रवाही 6 अधिकारियों को किया सस्पेंड, 28 लोगों की गई थी जान

     

    राजकोट : गुजरात के राजकोट में गेमिंग जोन में आग लगने से अब तक 28 लोगों की मौत हो गई हैं, जिसमें 12 बच्चे हैं। इस मामले में प्रशासन ने छह अधिकारियों को सस्पेंड किया है। राजकोट नगर निगम के दो अधिकारी असिस्टेंट इंजीनियर जयदीप चौधरी और टाउन प्लानर गौतम जोशी को सस्पेंड किया गया है। इसके साथ ही सड़क एवं निर्माण विभाग के दो अधिकारी एडिशनल इंजीनियर पारस कोठिया और डिप्टी इंजीनियर एम आर सुमा को भी सस्पेंड किया गया है। वहीं, पुलिस विभाग के दो अधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर एन आर राठौड़ और पुलिस इंस्पेक्टर वी आर पटेल पर भी गाज गिरी है। बता दें इस बीच गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    6 officers suspended in gaming zone accident : ज्ञात रहे कि राजकोट के टीआरपी गेम जोन में शनिवार को भीषण आग लग गई थी। कहा जा रहा है कि जनरेटर के लिए 1500 से 2000 लीटर डीजल, गो कार रेसिंग के लिए 1000 से 1500 लीटर पेट्रोल जमा था। जिसकी वजह से आग इतनी फैली कि पूरा स्ट्रक्चर जलकर खाक हो गया। गेम जोन से बाहर निकलने और प्रवेश के लिए 6 से 7 फीट का एक ही रास्ता था। गेम जोन में एंट्री के लिए 99 रुपये की स्कीम थी, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग हादसे के वक्त गेम जोन में मौजूद थे। इस मामले में राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय SIT गठित की थी।

    इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट की स्पेशल ब्रांच की बेंच ने सुनवाई करते हुए इसे मानव निर्मित आपदा बताया था। कोर्ट ने कहा था कि गेमिंग जोन के निर्माण और संचालन के लिए नियमित और उचित नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अहमदाबाद में सिंधुभवन रोड, सरदार पटेल रिंग रोड और एसजी हाईवे पर गेमिंग जोन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हाईकोर्ट ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट नगर निगम से स्पष्टीकरण मांगा था।

    कोर्ट ने कहा था कि निगम को ये बताना होगा कि कानून के किस प्रावधान के तहत इस गेमिंग जोन को संचालित करने की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि निगम ये जानकारी एक दिन में मुहैया कराए। इसके साथ ही कोर्ट ने अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा।

  • ਰਿੰਕੂ ਨੇ ਜਲੰਧਰ ਕੇਂਦਰੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕੇ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਰਾਮਾਮੰਡੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਘਰ-ਘਰ ਜਾ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਚਾਰ,ਰਾਮਾਮੰਡੀ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਦੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੇ ਭਾਜਪਾ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ ਦਾ ਕੀਤਾ ਐਲਾਨ 

    ਰਿੰਕੂ ਨੇ ਜਲੰਧਰ ਕੇਂਦਰੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕੇ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਰਾਮਾਮੰਡੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਘਰ-ਘਰ ਜਾ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਚਾਰ,ਰਾਮਾਮੰਡੀ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਦੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੇ ਭਾਜਪਾ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ ਦਾ ਕੀਤਾ ਐਲਾਨ 

     

    ਜਲੰਧਰ, 26 ਮਈ-: ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਸੁਸ਼ੀਲ ਕੁਮਾਰ ਰਿੰਕੂ ਦੀ ਚੋਣ ਮੁਹਿੰਮ ਲਗਾਤਾਰ ਤੇਜ਼ ਹੁੰਦੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਐਤਵਾਰ ਨੂੰ ਰਿੰਕੂ ਨੇ ਜਲੰਧਰ ਕੇਂਦਰੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕੇ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਰਾਮਾਮੰਡੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਘਰ-ਘਰ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਸਾਬਕਾ ਮੰਤਰੀ ਮਨੋਰੰਜਨ ਕਾਲੀਆ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।

    ਸੁਸ਼ੀਲ ਰਿੰਕੂ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਦੌਰਾਨ ਰਾਮਾਮੰਡੀ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਦੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੇ ਭਾਜਪਾ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਵਾਰ ਲੋਕ ਸਭਾ ਚੋਣਾਂ ਵਿੱਚ ਜਲੰਧਰ ਦੀ ਸੀਟ ਸੁਸ਼ੀਲ ਰਿੰਕੂ ਦੇ ਹਿੱਸੇ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਰਿੰਕੂ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿੱਚ ਵੋਟਾਂ ਪਾਉਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ।

    ਸੁਸ਼ੀਲ ਰਿੰਕੂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਪਿਆਰ ਦੇਖ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦਿਲ ਖੁਸ਼ੀ ਨਾਲ ਭਰ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੰਸਦ ਮੈਂਬਰ ਵਜੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹਮੇਸ਼ਾ ਹੀ ਜਲੰਧਰ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਲੋਕ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਜਲੰਧਰ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮੁੱਦੇ ਉਠਾਏ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਹੱਲ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਗਰਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਈ। ਇਸ ਲਈ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਲੋਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਹੋਰ ਮੌਕਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਹ ਮੁੜ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮਸਲੇ ਕੇਂਦਰ ਕੋਲ ਉਠਾ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਵਾਉਣਗੇ।

    ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਕਈ ਅਜਿਹੇ ਮੁੱਦੇ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਅਣਗੌਲਿਆ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੌਕਾ ਮਿਲਿਆ ਤਾਂ ਉਹ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁੱਦਿਆਂ ਦਾ ਹੱਲ ਜ਼ਰੂਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ।

  • चरणजीत सिंह चन्नी को करतारपुर के लोगों से भारी समर्थन मिला ,उद्योगों को मजबूत करना होगी मेरी प्राथमिकता..

     चरणजीत सिंह चन्नी को करतारपुर के लोगों से भारी समर्थन मिला ,उद्योगों को मजबूत करना होगी मेरी प्राथमिकता..

    जालंधर : जालंधर लोकसभा क्षेत्र के करतारपुर क्षेत्र के गांवों में कांग्रेस पार्टी को बड़ा समर्थन मिल रहा है। जालंधर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से चौधरी सुरिंदर सिंह के नेतृत्व में हुई बैठके रैलियों में बदल गई। इस क्षेत्र के लोगों ने हाथ खड़े कर चरणजीत सिंह चन्नी को आश्वस्त किया कि वे कांग्रेस पार्टी के पक्ष में वोट देकर उन्हें बड़ी लीड से जिताएगे। इन चुनावी बैठकों के दौरान बोलते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने लोगों से वादा किया कि वह जालंधर में से नशा खत्म करेंगे।उन्होन कहा कि युवायों के लिए रोजगार के साधन पैदा किए जाएगे तां कि अगर लोगों के पास रोजगार के अच्छे साधन होंगे तो लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सकेगा।उन्होने कहा कि जलंधर के उद्योगों को मजबूत करना तथा एक अच्छी औद्योगिक नीति बनाकर राहत देना उनका लक्षय रहेगा।IMG 20240526 WA0616 उन्होंने कहा कि खेल, चमड़ा और अन्य उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा।उन्होने कहा कि 4 जून के बाद एक नया भारत दिखेगे। स.चन्नी ने कहा कि आज संविधान को बचाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए समय की जरूरत है क्योंकि भाजपा संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के नाम को ही खत्म करना चाहती है।इस दौरान उन्होने लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा क्षेत्र का विकास करना हर नेता की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा पंजाब सरकार ने कांग्रेस सरकार के दौरान विकास के लिए आई ग्रांटों को वापस लेकर एक नया इतिहास रच दिया है।इस दौरान चौधरी सुरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने जालंधर की जनता को चरणजीत सिंह चन्नी जैसा कद्दावर नेता दिया है और लोगों को ऐसे दूरदर्शी सोच रखने वाले नेता को जिताकर लोकसभा में भेजना चाहिए ताकि जालंधर की प्रगति के नए रास्ते खुल सकें।इस दौरान कमलजीत कुमार वरियाणा, सुरिंदर सिंह, अवतार सिंह समिति सदस्य, कुलदीप सिंह उपाध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस, गुरप्रीत सिंह साबी सरपंच मीरपुर, दर्शन लाल सरपंच, लैंबर सिंह सरपंच गोबिंदपुर, सतनाम सिंह, जसवीर सिंह शीरा, गुरमुख सिंह , सरदारा सिंह, अवतार सिंह, नछत्तर सिंह, तरसेम सिंह, मंजीत सिंह सरपंच, मास्टर लाल चंद, कर्नैल सिंह, कुलदीप कौर, मीनू बग्गा, राजिंदर कुमार सरपंच, कुलदीप सिंह मीरपुर और सुरिंदर सिंह विरक समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के मोहतवर लोग मौजूद थे।

  • मतदाता चुपचाप दे अपने चहेते उम्मीदवार को वोट,गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में होता है मददगार

    मतदाता चुपचाप दे अपने चहेते उम्मीदवार को वोट,गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में होता है मददगार

    मतदाता  चुपचाप दे अपने चहेते उम्मीदवार को वोट,गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में होता है मददगार

    MBD NEWS जालंधर (सुमेश शर्मा)  गुप्त मतदान प्रणाली का अभिप्राय मतदान की उस विधि से होता है जो यह सुनिश्चित करती है कि सभी मत गुप्त रूप से डाले जाएँ, ताकि मतदाता किसी अन्य व्यक्ति से प्रभावित न हो और मतदान के समय किसी को भी यह ज्ञात न हो कि विशिष्ट मतदाता ने किसे वोट दिया है।

    सरल शब्दों में कहा जा सकता है कि गुप्त मतदान वह मतदान पद्धति है जिसमें मतदाता की पसंद गोपनीय होती है।भारत में गुप्त मतदान की शुरुआत वर्ष 1951 में पेपर बैलेट के साथ हुई थी।

    गुप्त मतदान प्रणाली का महत्त्व

    भारतीय राजनीतिक प्रणाली, जिसमें चुनाव अभियानों के दौरान धन और ‘बाहुबल’ का प्रयोग एक आम बात हो गई है, में गुप्त मतदान प्रणाली उन लोगों के लिये एक मात्र रास्ता होता है, जो स्वतंत्र रूप से बिना किसी हस्तक्षेप के अपने मताधिकार का प्रयोग करने के इच्छुक हैं।

    गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में मदद करता है, ध्यातव्य है कि कई बार राजनेताओं द्वारा एक विशिष्ट व्यक्ति के पक्ष में मतदान करने के लिये मतदाताओं को मज़बूर किया जाता है और उन्हें धमकी दी जाती है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार का लाभ प्राप्त नहीं होगा।

    इस प्रकार मतपत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करके हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रत्येक मतदाता किसी अन्य व्यक्ति से प्रभावित होकर अपने मताधिकार का प्रयोग न करे।

    जैसे कि हर कोई जानता है कि चुनाव के समय चुनाव आयोग सुनिश्चित करता है कि आप अपना वोट किस पार्टी को देना चाहते हैं इस पूरी प्रक्रिया को गुप्त रखा जाये लेकिन आजकल कुछ कॉल सेंटर लोगों को कॉल कर सर्वे के नाम पर तोड़ मरोड़ कर ऐसे प्रश्न पूछ रहे हैं जिससे जाहिर हो सके कि बात करने वाला व्यक्ति किस पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने का इक्षुष्क हैं ।

    ऐसे ही एक कॉल सेंटर से फोन आने पर हमारे एक पाठक ने बताया कि कॉल सेंटर से बात करने वाली महिला से पूछा कि मतदान तो गुप्त होता है न ,तो आगे से जवाब आया सर इस सर्वे के माध्यम से सरकार आपसे सवाल पूछकर योजनाएं बनाने में मदद होगी ,लेकिन उनके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों में साफ नजर आता है कि वह उस पार्टी के बारे में जानना चाहते हैं जिसे आप वोट कर जितवाना चाहते हैं ।क्योंकि चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह गुप्त रखता है तो इस तरह की कॉल पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देने से पहले ध्यान रखें। कि आप अपना वोट किसे दे रहे गुप्त रहे।

  • राम मंदिर में मोबाइल ले जाना हुआ प्रतिबंधित, ट्रस्ट की बैठक में फैसला

    राम मंदिर में मोबाइल ले जाना हुआ प्रतिबंधित, ट्रस्ट की बैठक में फैसला

     

    अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. आम जनमानस के लिए यह प्रतिबंध पहले से लागू था, लेकिन अब यह नियम हर छोटे-बड़े लोगों पर लागू रहेगा. राम मंदिर ट्रस्ट ने लोगों से समर्थन मांगा है.

    राम मंदिर में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल, ट्रस्ट की बैठक में फैसला

    राम मंदिर

    अयोध्या में राम मंदिर में मोबाइल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. शनिवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया. मंदिर में आम जनमानस के मोबाइल ले जाने पर पहले से ही प्रतिबंध था, लेकिन अब वीआईपी और वीवीआईपी के मोबाइल ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    आईजी और कमिश्नर के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी की बैठक में पूरी तरह से मोबाइल बैन करने पर फैसला लिया गया. ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. सभी दर्शनार्थियों से अनुरोध करते हैं कि इस व्यवस्था का पालन करें और सहयोग करें ताकि किसी को कोई असुविधा न हो सके.

    ट्रस्ट की ओर भक्तों से अपील की गई है कि वो अपने साथ कम से कम सामान लेकर चलें. ज्यादा सामान लेकर चलेंगे तो फिर चेकिंग और स्कैनिंग में समय लगेगा और बाकियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में अगर आप होटल में ठहरे हैं तो कोशिश करें कि अधिकतर सामानों को वहीं रखकर मंदिर दर्शन करने पहुंचें.

    मोबाइल फोन रखने की पर्याप्त व्यवस्था

    मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर दर्शन करने पहुंचने वाले भक्तों के मोबाइल फोन को रखने की पर्याप्त व्यवस्था है. लोग अपने मोबाइल के साथ-साथ और भी कीमती सामानों को रख सकते हैं. ऐसे में लोग इन सुविधाओं का लाभ लें और मंदिर परिसर में बेहतर व्यवस्था कायम रखने में ट्रस्ट का सहयोग करें. भक्त लॉकर सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, उसमें मोबाइल के साथ-साथ खड़ी और अन्य कीमती सामानों को रख कर दर्शन कर सकते हैं.

  • आग ने मचाया मौत का तांडव;आग लगने की घटनाओं से 19 बच्चों समेत 38 की हुई मौत

    आग ने मचाया मौत का तांडव;आग लगने की घटनाओं से 19 बच्चों समेत 38 की हुई मौत

     

    पिछले 24 घंटे में गुजरात से लेकर दिल्ली तक मौत का तांडव जारी रहा. आगजनी की तीन बड़ी घटना में 19 बच्चों समेत 38 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली बेबी केयर कांड में 7 बच्चों की मौत हो गई. वहीं, राजकोट में राजकोट अग्निकांड में 12 बच्चों समेत 28 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा कृष्णा नगर के एक घर में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई

    गुजरात से दिल्ली तक मौत का तांडव, आग लगने से 19 बच्चों समेत 38 की मौत

    आगजनी की घटना में गुजरात से दिल्ली तक मौत का त

    आगजनी की तीन बड़ी घटना में 19 बच्चों समेत 38 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली बेबी केयर कांड में 7 बच्चों की मौत हो गई. वहीं, राजकोट में राजकोट अग्निकांड में 12 बच्चों समेत 28 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा कृष्णा नगर के एक घर में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई.

     शनिवार रात 11:30 बजे विवेक विहार के न्यू बॉर्न बेबी केयर सेंटर में आग लगने से सात मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि कृष्णा नगर के एक घर में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई. वहीं, राजकोट अग्निकांड में 12 बच्चों समेत 28 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली के फायर डायरेक्टर अतुल गर्ग का कहना है कि 11:32 पर आग लगने की कॉल मिली और कॉलर ने बताया कि ब्लास्ट हो रहे हैं. हमने शुरू में सात फायर गाड़ी भेजी लेकिन अस्पताल में बच्चों को देखते हुए हमने कुल 14 गाड़ियों को मौके पर भेजा.

    बताया जा रहा है की पांच सिलेंडर ब्लास्ट हुई, जिसकी वजह से आग बहुत तेजी से फैल गई. छोटे बच्चे थे, खुद निकल नहीं सकते थे, इसलिए फायर की टीम के लिए बहुत चैलेंजिंग काम था. बच्चों को सुरक्षित बाहर निकलना और साथ ही आग को बुझाना ताकि आग फैलने ना पाए. इसलिए हमने दो टीमें बनाईं, जिनमें से एक बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाले और दूसरी आग पर काबू पाए. 12 बच्चों को हमने रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा, जिनमें से सात की मौत हो चुकी है.

    फायर के कोशिश के बाद भी हम उन्हें बचा नहीं पाए. क्योंकि ब्लास्ट हुए थे इस वजह से आग फैली और बराबर की बिल्डिंग में भी आग फैल गई. फायर की टीम मौके पर पहुंची तो उन्हें वहां अस्पताल के कर्मचारी नहीं मिले. ऐसा लग रहा है कि ब्लास्ट हुआ था तो लगता है कि अस्पताल के कर्मचारी निकल गए थे ,क्योंकि सारे बच्चे हमें ही निकालने पड़े. हो सकता है कि अस्पताल के कर्मचारी खुद घायल हो गए हो और बच्चों को उठाने पर वहां से चले गए.

    अपनी जान बचाकर भागे अस्पताल के कर्मचारी

    ऐसा लग रहा है कि बच्चों को नहीं बचाया और अपनी जान बचाकर अस्पताल के कर्मचारी वहां से चले गए. रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल था क्योंकि ब्लास्ट हुआ था, तो पूरी बिल्डिंग में आग लगी हुई थी, इसलिए बिल्डिंग की सीढ़ियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते, इसलिए खिड़की से बच्चों को बाहर निकाल गया. सीढ़ी लगाई गई. ह्यूमन चैन बनाई गई और उसके जरिए मासूम बच्चों को खिड़की के रास्ते बाहर निकाला गया. 10 दिन के छोटे बच्चों को उठाना ,उनको संभाल के निकालना बहुत चैलेंजिंग काम था. अंदर धुआ था, बाहर ब्लास्ट हो रहा था.

  • जानें देश मे किस जगह पर तेज आंधी तूफान ने मचाई तबाही,बड़े पैमाने पर फसलों और मकानों का हुआ नुकसान 

    जानें देश मे किस जगह पर तेज आंधी तूफान ने मचाई तबाही,बड़े पैमाने पर फसलों और मकानों का हुआ नुकसान

     

    भोपाल : मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में शनिवार शाम आई तेज आंधी-तूफान से कई इलाकों में बड़ा नुकसान हुआ है। इससे जहां बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट हो गईं, वहीं मकानों को भी नुकसान पहुंचा ।

    आंधी से बुरहानपुर व खरगोन जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए। बुरहानपुर में केले की फसल को बहुत अधिक नुकसान हुआ है, तो वहीं खरगोन के कुछ गांवों में मकान धराशाई हो गए।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने आंधी-तूफान से फसलों को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उन्होंने रविवार को एक्स पर लिखा, ”कल शाम बुरहानपुर जिले में तेज आंधी-तूफान की वजह से केले की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, मेरी सरकार से मांग है कि तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए।”

    इसी तरह खरगोन जिले में भी आंधी-तूफान से भारी नुकसान हुआ। जिले के भीकनगांव तहसील के पोखराबदा और माडर गांव में आंधी ने सबसे ज्याद तबाही मचाई। आंधी से कई मकान ढह गए। उनकी दीवारें गिर गईं और सामान हवा में उड़ने लगे। इसकी चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। वही, संपत्ति को भारी नुकसान हुआ।

    गौरतलब है कि इस समय प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। चिलचिलाती धूप से से जनजीवन प्रभावित है। झुलसा देनेे वाली लू चल रही है। इसके चलते दिन में बहुत आवश्यक होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    अधिक गर्मी से लोगों की तबीयत भी खराब हो रही है। इससे सबसे अधिक बच्चे व बुजुर्ग प्रभावित हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने का कोई आसार नहीं है।