मतदाता चुपचाप दे अपने चहेते उम्मीदवार को वोट,गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में होता है मददगार

मतदाता  चुपचाप दे अपने चहेते उम्मीदवार को वोट,गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में होता है मददगार

MBD NEWS जालंधर (सुमेश शर्मा)  गुप्त मतदान प्रणाली का अभिप्राय मतदान की उस विधि से होता है जो यह सुनिश्चित करती है कि सभी मत गुप्त रूप से डाले जाएँ, ताकि मतदाता किसी अन्य व्यक्ति से प्रभावित न हो और मतदान के समय किसी को भी यह ज्ञात न हो कि विशिष्ट मतदाता ने किसे वोट दिया है।

सरल शब्दों में कहा जा सकता है कि गुप्त मतदान वह मतदान पद्धति है जिसमें मतदाता की पसंद गोपनीय होती है।भारत में गुप्त मतदान की शुरुआत वर्ष 1951 में पेपर बैलेट के साथ हुई थी।

गुप्त मतदान प्रणाली का महत्त्व

भारतीय राजनीतिक प्रणाली, जिसमें चुनाव अभियानों के दौरान धन और ‘बाहुबल’ का प्रयोग एक आम बात हो गई है, में गुप्त मतदान प्रणाली उन लोगों के लिये एक मात्र रास्ता होता है, जो स्वतंत्र रूप से बिना किसी हस्तक्षेप के अपने मताधिकार का प्रयोग करने के इच्छुक हैं।

गुप्त मतदान धन और बल की शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने में मदद करता है, ध्यातव्य है कि कई बार राजनेताओं द्वारा एक विशिष्ट व्यक्ति के पक्ष में मतदान करने के लिये मतदाताओं को मज़बूर किया जाता है और उन्हें धमकी दी जाती है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार का लाभ प्राप्त नहीं होगा।

इस प्रकार मतपत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करके हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रत्येक मतदाता किसी अन्य व्यक्ति से प्रभावित होकर अपने मताधिकार का प्रयोग न करे।

जैसे कि हर कोई जानता है कि चुनाव के समय चुनाव आयोग सुनिश्चित करता है कि आप अपना वोट किस पार्टी को देना चाहते हैं इस पूरी प्रक्रिया को गुप्त रखा जाये लेकिन आजकल कुछ कॉल सेंटर लोगों को कॉल कर सर्वे के नाम पर तोड़ मरोड़ कर ऐसे प्रश्न पूछ रहे हैं जिससे जाहिर हो सके कि बात करने वाला व्यक्ति किस पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने का इक्षुष्क हैं ।

ऐसे ही एक कॉल सेंटर से फोन आने पर हमारे एक पाठक ने बताया कि कॉल सेंटर से बात करने वाली महिला से पूछा कि मतदान तो गुप्त होता है न ,तो आगे से जवाब आया सर इस सर्वे के माध्यम से सरकार आपसे सवाल पूछकर योजनाएं बनाने में मदद होगी ,लेकिन उनके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों में साफ नजर आता है कि वह उस पार्टी के बारे में जानना चाहते हैं जिसे आप वोट कर जितवाना चाहते हैं ।क्योंकि चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह गुप्त रखता है तो इस तरह की कॉल पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देने से पहले ध्यान रखें। कि आप अपना वोट किसे दे रहे गुप्त रहे।

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