LPU में हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़ और बड़े पैमाने पर हुई लूटपाट का मामला पहुंचा HC, CBI जांच की मांग; 22 घंटे चले बवाल और तोड़फोड़ पर दायर हुई जनहित याचिका
चंडीगढ़ : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में बीते दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़ और बड़े पैमाने पर हुई लूटपाट का मामला अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ के समक्ष इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया गया, जिस पर बेंच ने सहमति जताते हुए बुधवार को सुनवाई तय की है।
दंगा, आगजनी और करोड़ों की लूटपाट; हाईकोर्ट से तुरंत दखल की मांग
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव चोपड़ा और अधिवक्ता अर्जुन श्योराण ने अदालत को बताया कि यूनिवर्सिटी परिसर में सुनियोजित तरीके से दंगा, आगजनी और भारी लूटपाट की घटनाएं हुईं। उपद्रवियों ने परिसर में रखे टैंक पर चढ़कर हुड़दंग मचाया और माहौल को पूरी तरह अराजक बना दिया। याचिका में घटनाक्रम की संवेदनशीलता और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए हाईकोर्ट से फौरन दखल देने और स्थानीय प्रभाव से परे एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर गुहार लगाई गई है।
कथित दुष्कर्म की अफवाह से भड़की हिंसा, पुलिस जांच में पुष्टि नहीं
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, रविवार को कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की बात सामने आने के बाद छात्रों में गहरा आक्रोश फैल गया, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपों की जांच के लिए तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया। हालांकि, अब तक की पुलिस जांच और पड़ताल में इस तरह की किसी भी घटना के घटने की कोई निर्णायक या ठोस पुष्टि नहीं हो सकी है, जिससे यह पूरा मामला एक सोची-समझी अफवाह की ओर इशारा कर रहा है।
दो दिन में 22 घंटे चला बवाल, नेशनल हाईवे 18 घंटे रहा ठप
यूनिवर्सिटी परिसर में 26 और 27 सितंबर को करीब 22 घंटे तक लगातार भयानक बवाल चला। उपद्रवियों ने यूनिवर्सिटी के भीतर बने यूनिमॉल की दुकानों को निशाना बनाकर भारी लूटपाट की और कैंपस की संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों के उग्र रुख के चलते व्यस्त दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह जाम रहा, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 28 सितंबर से सभी कक्षाओं और अकादमिक गतिविधियों को आगामी 10 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।









