जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप ने भरपाया कहर, गैस विस्फोट से पूरा शॉपिंग मॉल हो गया तबाह; 13 लोगों की दर्दनाक मौत
कुमामोटो : जापान के दक्षिण-पश्चिमी कुमामोटो इलाके में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप के विनाशकारी झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें और पुल जमींदोज हो गए। काशिमा शहर में भूकंप के बाद हुए एक भीषण गैस विस्फोट में पूरा शॉपिंग मॉल तबाह हो गया है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा और हादसों में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें बचाने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
9 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने टोक्यो में हालात की गंभीरता की पुष्टि करते हुए कहा कि भूकंप से बड़े पैमाने पर इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जगह-जगह आग लगने की घटनाएं हुई हैं और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा के अनुसार, 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। क्यूशू द्वीप के तीन अलग-अलग इलाकों में 506 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 9,000 से अधिक लोग शरण ले चुके हैं। कुमामोटो में 36,880 से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई है, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया है।
शिंदो पैमाने के सर्वोच्च स्तर पर मापे गए झटके, मॉल में मौत का तांडव
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना शक्तिशाली भूकंप महसूस नहीं किया। जापान के सात स्तर वाले शिंदो पैमाने पर इसे सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया है, जहां किसी भी इंसान का खड़ा रहना असंभव हो जाता है। काशिमा शहर के एक शॉपिंग मॉल में भूकंप के करीब आधा घंटे बाद जोरदार गैस विस्फोट हुआ, जिससे दूसरी मंजिल पूरी तरह ढह गई और मॉल मलबे के ढेर में बदल गया। यहां मरने वालों में कम से कम दो महिलाएं शामिल हैं। राहतकर्मी मुड़े हुए लोहे और लटकती तारों के बीच फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
फैक्ट्री पर गिरी विशाल चिमनी, 9 लोग लापता
यात्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज की एक फैक्ट्री में भी बड़ा हादसा हुआ है। वहां लाल-सफेद रंग की एक विशालकाय चिमनी टूटकर फैक्ट्री के ऊपर गिर गई, जिससे 9 कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, भूकंप की तीव्रता से एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई और सड़कें फट जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। हालात को देखते हुए शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है।
सेना के 3,600 जवान रेस्क्यू में तैनात, ऐतिहासिक किले को नुकसान
भूकंप के झटकों से सदियों पुराने ऐतिहासिक कुमामोटो किले की दीवार का एक बड़ा हिस्सा भी ढह गया है। राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए जापानी सेना ने अपने 3,600 जवानों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया है। साथ ही, तबाही और नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए 20 विमानों के जरिए हवाई सर्वे किया जा रहा है। गौरतलब है कि कुमामोटो में साल 2016 में भी दो विनाशकारी भूकंप आए थे, जिनमें सैकड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।










