ईरान से जारी जंग के तनाव झेल नहीं पा रहे अमेरिकी सैनिक, USS लिंकन पर 8 बार हुई आत्महत्या की कोशिश
वॉशिंगटन : अमेरिकी सांसद के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में एयरक्राफ्ट कैरियर की लंबी तैनाती के दौरान अमेरिकी सैनिकों की ओर से आत्महत्या की आठ कोशिशों की बात स्वीकार की है। यह जानकारी एक पत्र के जरिए सामने आई है।
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, कार्यवाहक नेवी सेक्रेटरी हंग काओ ने डेमोक्रेटिक सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड के सवालों के जवाब में यह पत्र भेजा है। गिलिब्रैंड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिकों की परिस्थितियों और वहां के हालात को लेकर सवाल किए थे।
पिछले साल नवंबर में समुद्र में पहली बार तैनाती के बाद से ही यूएसएस अब्राहम लिंकन पर खराब परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की खबरें अमेरिका में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
नेवी सेक्रेटरी, जो अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े सिविलियन अधिकारी होते हैं, ने पत्र में कहा कि लिंकन की तैनाती के बाद से उसके स्ट्राइक ग्रुप में आत्महत्या की कुल आठ कोशिशें हुई हैं। हालांकि, पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस तैनाती के दौरान जहाज पर आत्महत्या का कोई मामला सामने नहीं आया।
पत्र में आत्महत्या की कोशिशों से जुड़े कुछ मामलों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि एयर विंग में तैनात एक नाविक अगस्त की शुरुआत में जहाज से समुद्र में गिर गया था। उसे तत्काल एक सर्च एंड रेस्क्यू हेलिकॉप्टर की मदद से बचा लिया गया और आगे के इलाज के लिए जहाज से बाहर ले जाया गया।
एक अन्य नाविक ने मार्च में जहाज से बाहर कूदने की कोशिश की थी, लेकिन उसके साथियों ने उसे रोक लिया। इसके बाद उसे होमपोर्ट वापस भेज दिया गया।
यूएसएस अब्राहम लिंकन नवंबर 2025 में साउथ चाइना सी में ड्यूटी के लिए कैलिफोर्निया से रवाना हुआ था। हालांकि, फरवरी 2026 के आखिर में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले शुरू होने से पहले ही उसका मार्ग बदलकर उसे मिडिल ईस्ट भेज दिया गया।
अगस्त में अमेरिकी सैनिकों के परिवारों और सांसदों ने एयरक्राफ्ट कैरियर पर आत्महत्या की कोशिशों, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं, खाने की कमी और साफ-सफाई की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई थी।
उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दावों को खारिज कर दिया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी एयरक्राफ्ट कैरियर पर परिस्थितियों को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कही थी।









