पंजाब के मानसा में नशा विरोधी योद्धा परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर एक्शन में CM मान, बुलाई हाई लेवल मीटिंग
चंडीगढ़ : पंजाब के मानसा में नशा विरोधी योद्धा परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के बाद राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था में भूचाल आ गया है। इस सनसनीखेज वारदात को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री जल्द ही राज्य के सभी जिलों के एसएसपी (SSP), एसडीएम (SDM) और डीएसपी (DSP) के साथ भी एक विशेष समीक्षा बैठक करेंगे। इस हत्याकांड के बाद पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फेसबुक लाइव के दौरान हुआ हमला, पेट और जांघ में मारीं गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, मानसा में मंगलवार सुबह यह खौफनाक वारदात तब हुई जब परविंदर झोटा अपने साथियों के साथ एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने पहुंचे थे। घटना के वक्त झोटा अपने फेसबुक पेज पर लाइव थे और केमिस्ट शॉप मालिक अश्विनी कुमार के साथ उनकी तीखी बहस हो रही थी। इसी गहमागहमी के बीच आरोपी दुकानदार ने अचानक पिस्तौल निकाली और झोटा पर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। झोटा के पेट में दो और जांघ में एक गोली लगी, जिसके चलते वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हमले में उनके कुछ अन्य साथी भी घायल हुए हैं।
मालवा में तनाव और भारी रोष, जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी
झोटा की हत्या की खबर फैलते ही मानसा समेत पूरे मालवा क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। नशा विरोधी मुहिम से जुड़े कार्यकर्ताओं और आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आरोपी केमिस्ट अश्विनी कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जिले के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कड़ी नाकाबंदी कर दी गई है और इलाके में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावर की लोकेशन ट्रेस की जा सके।
एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, सीएम की बैठकों पर टिकी नजरें
एक समय खुद नशे के दलदल से निकलकर इसके खिलाफ बड़ी जंग छेड़ने वाले बॉक्सर परविंदर झोटा की इस तरह हुई हत्या ने राज्य सरकार और पुलिस महकमे को बैकफुट पर ला खड़ा किया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब एक चर्चित एक्टिविस्ट दिनदहाड़े गोलियों का शिकार हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बुलाई गई यह उच्चस्तरीय बैठक और जमीनी स्तर के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होने वाला मंथन काफी निर्णायक माना जा रहा है, जिसमें नशा तस्करों के खिलाफ सख्त रणनीति और एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।











