Paytm पेमेंट्स बैंक ने 1 PAN ही पर खोल दिये 1000 खाते, बिना पहचान करोड़ों का लेनदेन भी किया- RBI ने कसा शिकंजा

Paytm पेमेंट्स बैंक ने 1 PAN ही पर खोल दिये 1000 खाते, बिना पहचान करोड़ों का लेनदेन भी किया- RBI ने कसा शिकंजा

 

नई दिल्ली : पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई के एक्शन की चर्चा हर तरफ है। आरबीआई के एक्शन के बाद पेटीएम के शेयरों में बड़ी गिरावट आ गई है। दो दिन में ही कंपनी का शेयर 40 फीसदी टूट गया है। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के Paytm पेमेंट्स बैंक पर एक्शन लेने की वजह सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, आरबीआई को मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) संबंधी चिंताओं और वॉलेट पेटीएम तथा इसकी बैंकिंग शाखा के बीच सैकड़ों करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के कारण विजय शेखर शर्मा द्वारा संचालित इकाइयों पर शिकंजा कसना पड़ा। सूत्रों ने बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के पास लाखों गैर-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अनुपालन वाले खाते थे और हजारों मामलों में कई खाते खोलने के लिए एक ही पैन का उपयोग किया गया था। यानी 1 पैन पर 1000 बैंक अकाउंट खोले गए।

Paytm Payments Bank opened many accounts on 1 PAN, due to these reasons RBI took action : आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को किसी भी ग्राहक खाते, प्रीपेड साधन, वॉलेट एवं फास्टैग में 29 फरवरी, 2024 के बाद जमा या टॉप-अप स्वीकार न करने का निर्देश दिया था। जानकारी के मुताबिक 29 फरवरी के बाद आरबीआई पेटीमए पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर सकता है। आरबीआई ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम व्यापक प्रणाली ऑडिट रिपोर्ट और बाहरी ऑडिटरों की अनुपालन सत्यापन रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। इन रिपोर्टों से भुगतान बैंक में लगातार नियमों के गैर-अनुपालन और सामग्री पर्यवेक्षण से जुड़ी चिंताएं सामने आईं।

आरबीआई ने इसके पहले 11 मार्च, 2022 को पीपीबीएल को तत्काल प्रभाव से नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था। आरबीआई ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ग्राहकों को बचत बैंक खाते, चालू खाते, प्रीपेड माध्यम, फास्टैग, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) सहित अपने खातों से शेष राशि की निकासी या उपयोग की अनुमति किसी प्रतिबंध के बगैर दी जाएगी। वन97 कम्युनिकेशंस के पास पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है लेकिन वह इसे अपनी सहयोगी के रूप में वर्गीकृत करता है, न कि अनुषंगी कंपनी के रूप में। सूत्रों ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के पास लाखों गैर-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अनुपालन वाले खाते थे और हजारों मामलों में कई खाते खोलने के लिए एक ही पैन का उपयोग किया गया था।

सूत्रों ने कहा कि ऐसे उदाहरण हैं, जहां लेनदेन का कुल मूल्य करोड़ों रुपये में है, जिससे धन शोधन की चिंताएं बढ़ रही हैं। एक विश्लेषक के मुताबिक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास करीब 35 करोड़ ई-वॉलेट हैं। इनमें से लगभग 31 करोड़ निष्क्रिय हैं, जबकि केवल लगभग चार करोड़ ही बिना किसी शेष राशि या बहुत कम शेष के साथ सक्रिय होंगे। सूत्रों ने कहा कि असामान्य रूप से बड़ी संख्या में निष्क्रिय खातों का उपयोग फर्जी खातों के लिए में किए जाने की आशंका है। ऐसे में केवाईसी में बड़ी अनियमितताएं हुईं है, जिससे ग्राहकों, जमाकर्ताओं और वॉलेट धारकों को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ा। सूत्रों ने कहा कि बैंक द्वारा प्रस्तुत अनुपालन कई मौकों पर अधूरा और गलत पाया गया।

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