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  • PLI  प्रोडक्शन-लिंक्ड इनिशिएटिव स्कीम से देश मे आ सकता है 4 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश, पैदा होंगी 2 लाख नौकरियां

    PLI  प्रोडक्शन-लिंक्ड इनिशिएटिव स्कीम से देश मे आ सकता है 4 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश, पैदा होंगी 2 लाख नौकरियां

     

    नई दिल्ली : प्रोडक्शन-लिंक्ड इनिशिएटिव (पीएलआई) स्कीम के जरिए आने वाले कुछ वर्षों में भारत में 3 से 4 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आ सकता है। बता दें, भारत में मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 14 सेक्टरों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये की पीएलआई स्कीम चलाई जा रही है। इस निवेश से सेमीकंडक्टर, सोलर मॉड्यूल और फार्मा सेक्टर में करीब 2 लाख नए रोजगार पैदा हो सकते हैं।

    रेटिंग एजेंसी आईसीआरए का कहना है कि अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ मध्यम अवधि में निजी सेक्टर के पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी होगी। इसकी वजह पीएलआई जैसी स्कीम का आना है। आईसीआरए का कहना है कि मजबूत मांग और कंपनियों द्वारा आपूर्ति को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के कारण मेटल, स्पेशलिटी केमिकल और ऑटोमोटिव सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है।

    सरकार द्वारा अब तक 14 सेक्टरों के लिए पीएलआई स्कीम शुरू की जा चुकी है। इसमें मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और विशेष इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, एपीआई और ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, टेलीकॉम और नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक/आईटी प्रोडक्ट्स, उच्च दक्षता वाले सोलर पीवी मॉड्यूल और अन्य सेक्टर शामिल है।

    सरकार की ओर से कहा गया कि पीएलआई का उद्देश्य मुख्य सेक्टर में निवेश और नई टेक्नोलॉजी को आकर्षित करना है। साथ ही घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, पीयूष गोयल भी अपने मंत्रालय के अधिकारियों से कह चुके हैं कि पीएलआई और मुक्त व्यापार समझौते जैसे इनिशिएटिव लाने होंगे, जिससे घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।

    पीएलआई स्कीम से भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा सहारा मिला है। एप्पल इसका चमकता हुआ उदाहरण है। एप्पल की ओर से वित्त वर्ष 2024 में कुल 14 अरब डॉलर के आईफोन का प्रोडक्शन किया गया है। इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में करीब 2 अरब डॉलर के आईफोन का निर्यात किया गया है।

  • डोडा जिले में हुए आतंकी हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने चार आतंकियों के स्कैच किए जारी

    डोडा जिले में हुए आतंकी हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने चार आतंकियों के स्कैच किए जारी

     

    जम्मू : डोडा जिले में हुए आतंकी हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को चार आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं। साथ ही इन आतंकियों की सूचना देने पर इनाम का ऐलान भी किया है। पुलिस ने इन आतंकवादियों के बारे में ठोस जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये (प्रत्येक पर पांच लाख रुपये) का इनाम देने की भी घोषणा की।

    बुधवार को करीब 1.45 बजे आतंकवादियों ने डोडा जिले के भद्रवाह इलाके के चत्तरगल्ला में 4 राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस की जॉइंट चेकपोस्ट पर फायरिंग कर दी। एक अन्य घटना में, आतंकवादियों ने गंडोह इलाके में एक तलाशी दल पर हमला किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

    पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने चार आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं। माना जा रहा है कि ये आतंकी भद्रवाह, थाथरी, गंडोह के ऊपरी इलाकों में छिपे हो सकते है। ”प्रत्येक आतंकवादी की जानकारी देने पर 5 लाख रुपये के नकद इनाम का ऐलान किया गया है। पुलिस ने लोगों से इन आतंकवादियों की मौजूदगी और गतिविधियों के बारे में सूचना देने की अपील की है।”

    इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को रियासी जिले में यात्री बस पर हमले में शामिल एक आतंकवादी का स्केच जारी किया था और उसके बारे में सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि जम्मू के रियासी में रविवार 9 जून को आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला किया था। यह बस शिवखोड़ी से वापस आ रही थी। गोलीबारी के चलते बस सड़क से उतरकर गहरी खाई में गिर गई।

  • NEET परीक्षा पर SC का बड़ा फैसला, 1563 छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा, काउंसलिंग पर रोक से किया इनकार

    NEET परीक्षा पर SC का बड़ा फैसला, 1563 छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा, काउंसलिंग पर रोक से किया इनकार

     

    नई दिल्ली  : नीट यूजी रिजल्ट 2024 मामले में दायर 3 याचिकाओं पर वीरवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1563 उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड रद्द करने का निर्णय लिया गया है, जिन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। केंद्र ने कहा कि इन 1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 23 जून को दोबारा परीक्षा होगी और 30 जून को रिजल्ट आएगा। इसलिए 6 जुलाई से शुरू होने वाली कॉउंसलिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    SC’s big decision on NEET, 1563 students will have to re-appear : वकील जे साई दीपक ने कहा कि हम मनमाने ढंग से अनुग्रह अंक देने और अनुचित तरीके अपनाने के खिलाफ हैं। यह कहना होगा कि यह यहां लंबित याचिका के परिणामों के अधीन है अन्यथा यह असफल हो जाएगा। एनटीए की ओर से वकील कनु अग्ररवाल ने कहा कि 12 जून को हुई बैठक के बाद एक निर्णय लिया गया है। समिति का विचार है कि 1563 उम्मीदवारों को नीट परीक्षा के लिए दोबारा परीक्षा देनी होगी। 1563 उम्मीदवारों को जारी किए गए सभी स्कोरकार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो लोग इस पुन: परीक्षा में शामिल नहीं होंगे उन्हें बिना प्रतिपूरक अंक के परीक्षा देनी होगी।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब आप कहते हैं कि उनके पास उपस्थित नहीं होने और स्कोरकार्ड रद्द करने का विकल्प है तो कुछ विसंगति है। अग्रवाल ने कहा जो लोग उपस्थित नहीं होंगे उनके पास प्रतिपूरक अंक के बिना उनके मूल अंक होंगे, लेकिन 1563 को पुनः परीक्षा में बैठने का विकल्प मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा तो आपको उसको फिर से तैयार करने की जरूरत है।

  • भारतीय सेना का इंटरनल सर्वे, अग्निवीर योजना को लेकर करना चाहती है ये 5 बड़े बदलाव

     भारतीय सेना का इंटरनल सर्वे, अग्निवीर योजना को लेकर करना चाहती है ये 5 बड़े बदलाव

     

    Agniveer Bharti: अग्निवीर योजना को लेकर आर्मी ने इंटरनल सर्वे किया है. इसमें कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स बताए हैं. कहा जा रहा है कि भारतीय सेना (Indian Army) ने अग्निवीर योजना के कुछ प्रावधानों में बदलाव की इच्छा जताई है. इसमें पांच बदलाव की बात सामने आई है.

    अग्निवीर योजना को लेकर भारतीय सेना का इंटरनल सर्वे, करना चाहती है ये 5 बड़े बदलाव

    भारतीय सेना.

    अग्निवीर योजना को लेकर बड़ी खबर आ रही है. कहा जा रहा है कि भारतीय सेना ने अग्निवीर योजना के कुछ प्रावधानों में बदलाव की इच्छा जताई है. योजना में संभावित बदलावों की सिफारिशों के लिए प्रमुख हितधारकों के साथ समीक्षा और सर्वेक्षण भी किया गया है. इसमें पांच बदलाव की बात सामने आई है. आर्मी ने अपने इंटरनल सर्वे पर कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स बताए हैं. ये पूरी जानकारी सैन्य सूत्रों से मिली है.

    सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, आर्मी के इंटरनल सर्वे में जो पहला पॉइंट है, उसमें अग्निवीरों का प्रतिशत बढ़ाना है.सेना चाहती है कि चार साल की समाप्ति के बाद भी अग्निवीरों की संख्या 60-70 फीसदी तक बरकरार रखी जाए. वर्तमान स्वरूप में अग्निवीरों का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही रखा जाएगा. 75 प्रतिशत को लगभग 12 लाख के एकमुश्त भुगतान के साथ जाने दिया जाएगा.

    सेवा अवधि सात से आठ साल करना चाहती है सेना

    दूसरा पॉइंट है सेवा अवधि बढ़ाना. इसमें आर्मी सेवा अवधि को भी चार साल से बढ़ाकर सात से आठ साल करना चाहती है. चार साल की वर्तमान अग्निवीर भर्ती में औपचारिक बुनियादी प्रशिक्षण केवल नौ महीने का होता है. शेष प्रशिक्षण कार्य पर तब किया जाता है, जब अग्निवीर को यूनिट में तैनात किया जाता है.

    तीसरा पॉइंट है तकनीकी क्षेत्रों में भर्ती की आयु बढ़ाना. अभी 17 से 21.5 वर्ष की आयु के बीच अग्निवीरों को रखा जाता है. सेना सिग्नल, एयर डिफेंस और इंजीनियर्स जैसे तकनीकी हथियारों में भर्ती के लिए उम्र सीमा बढ़ाकर 23 साल करने का प्रस्ताव कर रही है. इन हथियारों को उनकी तकनीकी प्रकृति के कारण लंबी प्रशिक्षण अवधि की आवश्यकता होती है. जब तक अग्निवीर किसी तकनीकी क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करता है, तब तक सेवा अवधि समाप्त हो जाती है और उसे जाने देना पड़ता है.

    विकलांगता भुगतान और नौकरी खोजने में सहायता

    चौथा पॉइंट है विकलांगता भुगतान और सेवा अवधि समाप्त होने के बाद नौकरी खोजने में सहायता. सेना उन अग्निवीरों के लिए भी अनुग्रह भुगतान चाहती है जो प्रशिक्षण के दौरान विकलांग हो गए हैं. इसके अलावा एक पेशेवर एजेंसी होनी चाहिए जो अग्निवीरों को उनकी सेवा अवधि समाप्त होने के बाद भविष्य की नौकरियां खोजने के तरीके के बारे में मार्गदर्शन दे.पांचवां और आखिरी पॉइंट है निर्वाह भत्ता. सेना चाहतीहै कि युद्ध में अग्निवीर की मृत्यु होने पर उसके परिवार के सदस्यों को जीवन निर्वाह भत्ते का प्रावधान भी योजना में शामिल किया जाना चाहिए.

  • GST के दायरे में आएंगे क्या पेट्रोल-डीजल? केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कही बड़ी बात..

     GST के दायरे में आएंगे क्या पेट्रोल-डीजल? केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कही बड़ी बात..

     

    नई दिल्ली : मोदी कैबिनेट 3.0 में हरदीप सिंह पुरी को एक बार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है और पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक बड़ा ऐलान भी कर दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि इस बार केंद्र सरकार की कोशिश होगी कि पेट्रोल-डीजल और प्राकृतिक गैस जैसी वस्तुओं को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाए। इससे आम लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

    बता दें, पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने की ये कोशिश नई नहीं है। जीएसटी व्यवस्था प्रभाव में आने और उसके बाद जीएसटी परिषद के गठन के बाद से ही इसकी कोशिशें की जा रही हैं। जीएसटी परिषद की लगभग हर बैठक में इस बात को सामने रखा गया है। लेकिन इस पर राज्यों के बीच सहमति अब तक नहीं बन पाई है।

    राज्य सरकार के लिए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट आय का एक बड़ा साधन है। ऐसे में राज्य सरकारें नहीं चाहती कि पेट्रोल-डीजल के जीएसटी के तहत जाने से उन्हें अपने राजस्व में नुकसान का सामना करना पड़े। राज्यों को इसके अलावा शराब पर टैक्स से भी मुख्य आय होती है। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। वहीं पूरे देश में लोगों को इसकी अलग-अलग कीमत नहीं देनी होगी।

  • चंद्रबाबू नायडू चौथी बार बने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रहे उपस्थित…

    चंद्रबाबू नायडू चौथी बार बने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रहे उपस्थित…

     

    आंध्र प्रदेश : तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने आज आंध्र प्रदेश के सीएम पद की चौथी बार शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा विजयवाड़ा मौजूद थे।

    नायडू के अलावा पवन कल्याण ने डिप्टी सीएम पद की व 25 ने विधायक मंत्री पद की शपथ ली। आंध्र प्रदेश में टीडीपी-पवन कल्याण की जनसेना और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। NDA को 164 विधानसभा सीट मिली हैं, जिनमें से टीडीपी को 135, जनसेना पार्टी को 21 और भाजपा को 8 सीट मिली हैं।

    इससे पहले आंध्र प्रदेश के गवर्नर अब्दुल नजीर ने नायडू को आंध्र प्रदेश में सरकार बनाने का न्यौता दिया। एनडीए नेताओं के अनुरोध के बाद राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने नायडू को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।

  • Mohan Charan Majhi होंगे ओडिशा के नए मुख्यमंत्री,बीजेपी विधायक दल की बैठक में दो डिप्टी सीएम के नाम का भी ऐलान

    Mohan Charan Majhi होंगे ओडिशा के नए मुख्यमंत्री,बीजेपी विधायक दल की बैठक में दो डिप्टी सीएम के नाम का भी ऐलान

     

    Mohan Charan Majhi: ओडिशा का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इससे पर्दा उठ चुका है. बीजेपी विधायक दल की बैठक में मोहन चरण माझी के नाम पर मोहर लग गई है. बुधवार को वो मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. यूपी, राजस्थान की तरह बीजेपी ने ओडिशा में भी दो डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला इस्तेमाल किया है.

    ओडिशा के नए मुख्यमंत्री होंगे मोहन चरण माझी, बीजेपी विधायक दल की बैठक में दो डिप्टी सीएम के नाम का भी ऐलान

    मोहन माझी होंगे ओडिशा के नए मुख्यमंत्री.

    ओडिशा का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इससे पर्दा उठ चुका है. बीजेपी विधायक दल की बैठक में मोहन चरण माझी (Mohan Charan Majhi) के नाम पर मोहर लग गई है. वो आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. बुधवार को माझी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. चर्चा है कि पीएम मोदी भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं.

    बीजेपी यूपी, राजस्थान की तरह ओडिशा में भी दो डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला अमल में लाई है. कनक वर्धन सिंह देव और प्रवती परिदा को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है. ओडिशा में मंगलवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री और पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव मौजूद रहे.

    बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कही ये बात

    पार्टी आलाकमान ने दोनों राजनाथ और भूपेंद्र को इसकी जिम्मेदारी जिम्मेदारी सौंपी थी. विधायक दल की बैठक के बाद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा नेता मोहन चरण माझी ओडिशा के नए मुख्यमंत्री होंगे. के.वी. सिंह देव और पार्वती परिदा को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा. ये फैसला विधायक दल की बैठक में लिया गया है.

  • UGC चेयरमैन ने दिया बड़ा अपडेट ; छात्र अब एक साल में दो बार एडमिशन यूनिवर्सिटिज में ले सकेंगे एडमिशन,जानें क्या पूरी है खबर.

     

    नई दिल्ली : देश भर में कॉलेज या विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। छात्र अब एक साल में दो बार एडमिशन ले सकेंगे। कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए दो सत्र चलाए जाएंगे। जो छात्र पहले सत्र में एडमिशन लेने से चूक जाएंगे वे दूसरे सत्र में एडमिशन ले सकते हैं।

    यूनिवर्सिटीज ग्रांट कमीशन (UGC) के चेयरमैन एम.जगदीश कुमार ने आज, 11 जून 2024 को इसकी जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक यूजीसी यूनिवर्सिटीज को अब ये छूट दी जाएगी कि वे साल में दो बार एडमिशन प्रक्रिया आयोजित कर सकें। UGC अध्यक्ष ने कहा कि साल में दो बार एडमिशन की प्रक्रिया आयोजित करके भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान भी ग्लोबल लेवल पर चल रही एकेडमिक स्टैंडर्ड्स की बराबरी कर सकेंगे।

    इससे पहले यानी अब तक देश भर की यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों में ग्रेजुएट व पोस्टग्रेजुएट कोर्सों के लिए साल में एक बार एडमिशन लिया जाता है। जानकारी के मुताबिक, आयोग का यह फैसला इसी एकेडमिक सेशन यानी 2024-25 से ही लागू होगा, जिसके बाद हायर एजुकेशनल इंस्टिट्यूट जुलाई-अगस्त के बाद छात्रों को जनवरी-फरवरी में भी एडमिशन दे सकेंगे।

    देश भर के गवर्मेंट यूनिवर्सिटीज, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज, डीम्ड यूनिवर्सिटीज और सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों में रेगुलर ग्रेजुएट कोर्सों में इस वर्ष एडमिशन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट- यूजी (CUET UG 2024) का आयोजन हाल ही में 15, 16, 17, 18, 21, 22, 24 और 29 मई को किया गया था। इसके बाद से इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों को अब आंसर-की जारी होने का इंतजार है, इसके बाद उनसे एजेंसी उनके ऑब्जेक्शन मांगेगी। इन ऑब्जेक्शन्स की रिव्यू करने के बाद रिजल्ट जारी होगा और छात्रों के NTA स्कोर जारी होंगे, जिसके आधार पर छात्रों को विभिन्न यूनिवर्सिटी व कॉलेज में एडमिशन मिलेगा।

    बता दें, एंट्रेंस एग्जाम अभी तक साल में एक ही बार आयोजित की रही है। माना जा रहा कि अब साल में दो बार एडमिशन लिए जाने से छात्रों को काफी फायदा मिलेगा।

  • एक्शन में मोदी कैबिनेट 3.0 के मंत्री… अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और काम में जुट गए मंत्री महोदय

    एक्शन में मोदी कैबिनेट 3.0 के मंत्री… अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और काम में जुट गए मंत्री महोदय

    एक्शन में मोदी कैबिनेट 3.0 के मंत्री… अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और काम में जुट गए मंत्री महोदय

     

    मोदी कैबिनेट के केंद्रीय मंत्रियों ने आज से अपना-अपना कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है. अमित शाह, राजनाथ सिंह, अश्विनी वैष्णव और एस जयशंकर का मंत्रालय नहीं बदला गया है. अमित शाह कार्यभार संभालने से पहले नेशनल पुलिस मेमोरियल पहुंचे और यहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

    केंद्र में एनडीए सरकार के गठन के बाद आज सुबह से ही नए मंत्रियों ने कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है. नये मंत्रियों का उनके दफ्तर में जोरदार स्वागत किया गया है. आज जिन कैबिनेट मंत्रियों ने कार्यभार संभाला है, उनमें हैं- गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव. इनका मंत्रालय नहीं बदला गया है. इनके अलावा राजनाथ सिंह और निर्मला सीतारमन का भी मंत्रालय नहीं बदला गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवराज सिंह चौहान को कृषि मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है. उन्होंने भी आज अपना कार्यभार संभाल लिया है.

    अश्विनी वैष्णव को केंद्रीय रेल मंत्रालय के साथ-साथ केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय का दायित्व भी सौंपा गया है. वो आज सुबह जब अपने दफ्तर पहुंचे तो कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. रेल मंत्री का कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दस साल के कार्यकाल में रेलवे में बड़ा सुधार आया है. उन्होंने कहा कि आगे भी रेलवे का अहम रोल रहेगा. रेल सुधारों पर पीएम मोदी का काफी फोकस है.

    दोबारा जिम्मेदारी सौभाग्य की बात- एस. जयशंकर

    विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद एस. जयशंकर ने कहा कि इस विभाग की जिम्मेदारी फिर से मिलना सौभाग्य की बात है.उन्होंने क कहा कि पिछले कार्यकाल में विदेश मंत्रालय ने कई अहम कार्य किये हैं. कोविड की चुनौतियों से सामना के अलावा जी20 की अध्यक्षता और ऑपरेशन गंगा और ऑपरेशन कावेरी जैसे कई अभियान सफल रहे.

     

    जेपी नड्डा ने संभाला स्वास्थ्य मंत्रालय

    इन दोनों मंत्रियों के अलावा मनसुख मंडाविया ने युवा मामले और खेल मंत्री का कार्यभार संभाल लिया तो चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल ने जलशक्ति मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है. वहीं आज सुबह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पर्टयन मंत्री के रूप में पदभार संभाला. इनके अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्रालय, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संचार मंत्री, एल. मुरुगन ने सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री के रूप में काम काज संभाल लिया है.

    चिराग पासवान ने संभाला कार्यभार

    इन मंत्रियों के अलावा आज अपना-अपना कार्यभार संभालने वालों में अन्य मंत्रीगण हैं- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान, बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी, केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्य मंत्री के रूप में कीर्ति वर्धन सिंह ने अपना पदभार संभाल लिया है.

  • रियासी आंतकी हमले के सदमे से सहमे लोगों ने बताई पूरी वारदात की कहानी, कहा खाई में नहीं गिरती बस तो सभी मारे जाते, 15 मिनट तक  सामने खड़ी देखी ‘मौत’

    रियासी आंतकी हमले के सदमे से सहमे लोगों ने बताई पूरी वारदात की कहानी, कहा खाई में नहीं गिरती बस तो सभी मारे जाते, 15 मिनट तक  सामने खड़ी देखी ‘मौत’

     

    9 जून को आतंकियों ने श्रद्धालुओं से भरी बस पर हमला कर दिया था. बस जम्मू के रियासी से गुजर रही थी, तभी आतंकियों ने बस पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी. इस हमले में जख्मी लोग घटना को याद कर सहम जाते हैं

    जम्मू-कश्मीर के रियासी में 9 जून को आतंकियों ने श्रद्धालुओं से भरी बस पर हमला कर दिया था. हमले में 9 लोगों की मौत और 33 घायल हुए हैं. आतंकियों ने बस पर गोलियों की बरसात कर दी. एक गोली ड्राइवर को भी लगी. इसके बाद बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. घायलों में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लोग भी हैं, जो कि अस्पतालों में भर्ती हैं. ये लोग रियासी आतंकी हमले की बात करते ही डर जाते हैं, बस एक ही बात कहते हैं कि भगवान ने उनकी जान बचा ली.

    आतंकी हमले के दौरान बस में गोंडा की एक युवती भी मौजूद थी. जब उसका नाम पूछा गया तो उसने बताने से इनकार कर दिया. लेकिन एक बात जरूर कही कि अगर बस खाई में नहीं गिरती तो आतंकी सभी को मार डालते. युवती सहमी दिख रही थी. उसने कहा कि 15 मिनट तक आतंकी गोलियां बरसाते रहे. लोग जितना चिल्लाते, आतंकी उतनी ही तेजी से फायरिंग कर रहे थे.

    बस में सवार युवक ने बताया

    बस में वाराणसी का अतुल अपनी पत्नी के साथ बैठा था. उसने बताया कि वह अगली सीट पर बैठा था. अचानक गोलियों की आवाजें आने लगीं. बस के सामने का शीशा टूट गया. फिर पता चला कि बस को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाई जा रही हैं. सभी यात्री बस के फर्श पर बैठ गए. फिर आपस में सभी यात्रियों ने इशारा किया कि सभी चुप हो जाएं. लेकिन बस हिलने लगी. यात्री एक-दूसरे से टकराने लगे. इसके बाद फिर कुछ यात्री चिल्लाने लगे. तभी आतंकियों ने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी. इसके कुछ देर बाद ही बस खाई में गिर गई.

    धरने पर बैठे लोग

    धरने पर बैठे लोग

    रियासी आतंकी हमले के विरोध में राजस्थान के चौमू में लोगों ने रैली निकाली. चौमू के थाना मोड़ के पास लोगों ने सड़क जाम कर दिया और धरना दिया, पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. शहरवासी आतंकी हमले में मारे गए लोगों के घरवालों को आर्थिक मुआवजा और सरकारी नोकरी देने की मांग कर रहे थे. एहतियातन भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. आतंकी हमले में चौमू व हरमाड़ा के 4 लोगों की मौत हुई है.