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  • जम्मू कश्मीर में हुआ बड़ा हादसा, आईटीबीपी के जवानों से भरी बस गहरी नदी में गिरने से 7 जवान हुए शहीद

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    Major accident in Jammu and Kashmir, bus full of ITBP personnel fell into river, 7 soldiers martyred

    जम्मू कश्मीर में हुआ बड़ा हादसा, आईटीबीपी के जवानों से भरी बस गहरी नदी में गिरने से 7 जवान हुए शहीद

     

    जम्मूः जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया यहां पहलगाम के चंदनवाड़ी में आईटीबीपी के जवानों से भरी एक बस नदी में गिर गई है। इस हादसे में 7 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करके श्रीनगर ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया है।

    बताया जा रहा है कि जिस बस का एक्सीडेंट हुआ है, उसमें कुल 39 जवान सवार थे। इसमें 37 जवान आईटीबीपी के थे और 2 जवान जम्मू कश्मीर पुलिस के थे। ये हादसा बस के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ है ये वही जवान थे, जिनकी अमरनाथ यात्रा में ड्यूटी लगी हुई थी। अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद जवान लौट रहे थे। जवानों से भरी बस के नदी में गिरने की खबर सुनकर आस-पास के इलाके में हड़कंप मच गया है। मौके पर लोगों की भारी भीड़ इक्टठी हो गई और जवानों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी ने की ये बड़ी मांग,अब वक्त आ गया है’ कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अवशेषों को भारतीय धरती पर लाया जाए…

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी ने की ये बड़ी मांग,अब वक्त आ गया है’ कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अवशेषों को भारतीय धरती पर लाया जाए…

     

    Independence Day 2022: जापान ने टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में नेताजी के अवशेषों को रखा है. तब से पुजारियों की तीन पीढ़ियों ने अवशेषों की देखभाल की है. अनीता बोस फैफ नेताजी की इकलौती संतान है.

     

     Subhas Chandra Bose: '...अब वक्त आ गया है', नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी ने की ये बड़ी मांग

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी प्रोफेसर अनीता बोस फैफ ने कहा है कि आजादी के 75 साल का जश्न तीनों देश भारत, पाकिस्तान और बाग्ंलादेश मना रहे हैं. इस स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में से एक सुभाष चंद्र बोस अभी तक अपनी मातृभूमि पर नहीं लौटे हैं.

    सुभाष चंद्र बोस को इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के साथी उन्हें प्यार और सम्मान से नेताजी बुलाते थे. उन्होंने जीवन भर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया. उन्होंने इस संघर्ष के लिए अपने मन की शांति, पारिवारिक जीवन, अपने करियर और अंत में, जीवन को त्याग दिया.

    देशवासियों ने उनके समर्पण और बलिदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. लोगों ने उनके लिए कई भौतिक और आध्यात्मिक स्मारकों का निर्माण किया और इस तरह उनकी स्मृति को जीवित रखा.

    नेताजी की मृत्यु पर कही ये बात

    नेताजी के प्रति उनकी प्रशंसा और प्रेम से प्रेरित होकर, भारत में कुछ पुरुष और महिलाएं नेताजी को याद करते हैं. उन्होंने कहा कि 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु नहीं हुई थी.

    फैफ ने कहा, नेताजी की मृत्यु उस दिन विदेश में हुई थी. जापान ने टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में उनके अवशेषों को रखा है. तब से पुजारियों की तीन पीढ़ियों ने अवशेषों की देखभाल की है. अब समय आ गया है कि उनके अवशेषों को भारतीय धरती पर लाया जाए.

    डीएनए टेस्ट को तैयार

    उन्होंने नेताजी की अस्थियों को उनकी मातृभूमि में वापस लाने के लिए लोगों से प्रयास करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि वह नेताजी के अवशेषों के डीएनए परीक्षण के लिए तैयार हैं.अनीता बोस फैफ नेताजी की इकलौती संतान है. माना जाता है कि नेता की मृत्यु ताइवान में 18 अगस्त 1945 को एक विमान हादसे में हुई थी. हालांकि दो कमेटियों की जांच में पाया गया कि उनकी मौत ताइवान में हुई थी. लेकिन जस्टिस एमके मुखर्जी की अगुआई वाले तीसरे जांच दल ने कहा कि विमान हादसे में नेताजी की मौत नहीं हुई थी, वह उसके बाद भी जिंदा थे.

  •  ‘जय जवान, जय किसान’ के बाद PM मोदी ने किया ‘अपग्रेड’, जोड़ा जय अनुसंधान; वाजपेयी ने भी जोड़ी थी यह कड़ी…

     

     

     ‘जय जवान, जय किसान’ के बाद PM मोदी ने किया ‘अपग्रेड’, जोड़ा जय अनुसंधान; वाजपेयी ने भी जोड़ी थी यह कड़ी…

    76th Independence Day: शास्त्री ने मूल नारा 26 जनवरी, 1965 को दिया था। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान देश के जवानों और किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए यह नारा दिया था।

    76th Independence Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (15 अगस्त, 2022) को पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के दिए एक नारे को अपग्रेड कर दिया। ‘जय जवान, जय किसान’ में उन्होंने अपनी ओर से जय अनुसंधान जोड़ा। पीएम मोदी के चलते अब यह नारा “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान” हो गया। गुजरात से ताल्लुक रखने वाले प्रधानमंत्री मोदी से पहले इस नारे में तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी एक कड़ी जोड़ी थी। उन्होंने इसमें जय विज्ञान शामिल किया था।

    76वें स्वतंत्रता दिवस से जुड़े भाषण के दौरान पीएम ने बताया- जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है। अटल ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी। लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वह है जय अनुसंधान। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान।

    देश के दूसरे पीएम लाल बहादुर शास्त्री ने मूल नारा नई दिल्ली के राम लीला मैदान में एक विशाल रैली में 26 जनवरी, 1965 को दिया था। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान देश के जवानों और किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए यह नारा दिया था। उनके बाद साल 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण के बाद अटल ने इस नारे में जय विज्ञान को जोड़ा था।

     

  • 15 अगस्त पर नौवीं बार PM मोदी ने लाल किला पर फहराया तिरंगाः ऐसा रहा लुक-अंदाज़…

    15 अगस्त पर नौवीं बार PM मोदी ने लाल किला पर फहराया तिरंगाः ऐसा रहा लुक-अंदाज़…

    76th Independence Day: पीएम ने लाल किला की प्राचीर से कहा- देश मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद, असफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल सरीखे ऐसे अनगिनत हमारे क्रांति वीरों का कृतज्ञ है, जिन्होंने अंग्रेजों की हुकूमत की नींव हिला दी थी।

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    15 August 2022: लाल किला परिसर में तिरंगा को सलामी देते हुए पीएम मोदी।
    • लाल किला पहुंचने पर नरेंद्र मोदी ने अंतर सेवा और पुलिस सलामी गारद का निरीक्षण किया
    • PM ने जैसे ही तिरंगा फहराया, वैसे ही दो MI-17 1V हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई
    • ‘आजादी का 76वां स्वतंत्रता दिवस एक पुण्य पड़ाव, नयी राह, नया संकल्प और नया सामर्थ्य’

    Narendra Modi on Vibhajan Vibhishika Smriti Diwas: 

    स्वतंत्रता दिवस पर सोमवार (15 अगस्त, 2022) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला की प्राचीर से लगातार नौवें साल तिरंगा फहराया। आजादी के अमृत महोत्सव के बीच पीएम का लुक और अंदाज भी अलग नजर आया। उन्होंने इस खास मौके पर तिरंगे के रंगों से जुड़ी थीम वाली पगड़ी, सफेद रंग के लिबास (संभवतः कुर्ता) के ऊपर नीली कोटी पहनी थी। झंडारोहण के बाद उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। आगे अपने भाषण के दौरान पीएम ने विभाजन विभीषिका को भी भारी मन से याद किया।

     

     

    विभाजन के दर्द को भारी मन से किया याद
    दरअसल, एक रोज पहले यानी 14 अगस्त (पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस) को भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस था। उन्होंने अपने संबोधन के बीच बड़े भारी मन से विभाजन का जिक्र किया। वह बोले- तिरंगे की शान के लिए लोगों ने बहुत कुछ सहन किया था। देश के लिए उनका कर्तव्य नमन करने योग्य और प्रेरणा पाने योग्य है। बीते 75 साल में देश के लिए जीने मरने वाले, देश की सुरक्षा करने वाले, देश के संकल्पों को पूरा करने वाले…चाहे सेना के जवान हों, पुलिसकर्मी हों, ब्यूरोक्रेट्स हों, जनप्रतिनिधि हों, स्थानीय स्वराज, राज्यों के प्रशासक और केंद्र के प्रशासक रहे हों…75 साल में इन सबके योगदान को स्मरण करने का मौका है। देश के कोटि-कोटि नागरिकों को भी याद करने का समय है। जिन्होंने मुसीबत झेलते हुए देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।

    मदर ऑफ डेमोक्रेसी है भारत- PM
    बकौल पीएम, “भारत लोकतंत्र की जननी है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। जिनके ज़हन में लोकतंत्र होता है वे जब संकल्प करके चल पड़ते हैं वो सामर्थ्य दुनिया की बड़ी बड़ी सल्तनतों के लिए भी संकट का काल लेकर आती है, ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी। हमारे भारत ने सिद्ध कर दिया कि हमारे पास ये अनमोल सामर्थ्य है। 75 साल की यात्रा में आशाएं, अपेक्षाएं, उतार-चढ़ाव सब के बीच हर एक के प्रयास से हम यहां तक पहुंच पाए। आज़ादी के बाद जन्मा मैं पहला व्यक्ति था जिसे लाल किले से देशवासियों का गौरव गान करने का अवसर मिला।”

  • कश्मीरी हिंदुओं के हत्यारोपी बिट्टा कराटे की पत्नी समेत 4 सरकारी कर्मचारी किये गये बर्खास्त, आतंकी संबंधों के चलते हुआ ये ऐक्शन…

    कश्मीरी हिंदुओं के हत्यारोपी बिट्टा कराटे की पत्नी समेत 4 सरकारी कर्मचारी किये गये बर्खास्त, आतंकी संबंधों के चलते हुआ ये ऐक्शन…

     

    1990 में 1 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितों को उनका ही घर छोड़ने पर मजबूर किया गया था। उन्हें रातोरात बेघकर कर दिया गया था। कश्मीर में लोगों की हत्याएं और दहशत फैलाने का काम 1989 से ही शुरू हो था।

    कश्मीरी हिंदुओं के हत्यारोपी बिट्टा कराटे की पत्नी समेत 4 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त, आतंकी संबंधों के चलते ऐक्शन
    जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिट्टा कराटे की पत्नी सहित 4 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों को आतंकी संबंधों के कारण सर्विस से हटाया गया है। मालूम हो कि बिट्टा कराटे आतंक से जुड़े आरोपों का सामना कर रहा है। साथ ही वह कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामले में भी आरोपी है।

    बता दें कि 1990 में 1 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितों को उनका ही घर छोड़ने पर मजबूर किया गया था। उन्हें रातोरात बेघकर कर दिया गया था। कश्मीर में लोगों की हत्याएं और दहशत फैलाने का काम 1989 से ही शुरू हो था। बिट्टा कराटे उर्फ फारूक अहमद डार उस वक्त घाटी में दहशत का दूसरा नाम बन गया था। वह कश्मीरी पंडितों को खोज-खोजकर मारता था।

    कराटे ने कबूली थी 20 कश्मीरी पंडितों का मारने की बात
    एक इंटरव्यू में बिट्टा ने बताया था कि पहला खून उसने सतीश का किया था। बिट्टा ने यह भी बताया था कि वह पिस्तौल से मारता था। अक्सर अकेले मर्डर करने निकलता था और नकाब नहीं पहनता था। वहां के लोग उसका साथ देते थे। उसने जेकेएलएफ नेताओं के आदेश पर 20 पंडितों को मारने की बात कैमरे पर स्वीकार की थी। हालांकि, बाद में कराटे ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उसने दबाव में यह बयान दिया।

     

  • विपक्ष के सवालों का दिया जवाब ; RSS और मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया खातों की DP पर लगाया तिरंगा…

    विपक्ष के सवालों का दिया जवाब ; RSS और मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया खातों की DP पर लगाया तिरंगा…

     

     

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया खातों की प्रोफाइल तस्वीरों पर अपने पारंपरिक भगवा झंडे के स्थान पर तिरंगे वाली फोटो लगाई है।

    RSS News: देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और इस अवसर पर आज से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरूआत भी हो रही है। कुछ समय पहले ही पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया था वे अपने सोशल मीडिया खातों पर अपनी ‘प्रोफाइल’ तस्वीर पर तिरंगा लगाएं। इसके बाद सोशल मीडिया पर तिरंगे वाली प्रोफाइल पिक्स की बाढ़ सी आ गई। पीएम की अपील के बाद जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने सोशल मीडिया खातों की तस्वीर नहीं बदली तो कांग्रेस को मौका मिल गया और वह संघ तथा सरकार पर हमलावर हो गई। इन सबके बीच स्वतंत्रता दिवस से पहले आरएसएस और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया खातों की प्रोफाइल तस्वीरों पर अपने पारंपरिक भगवा झंडे के स्थान पर तिरंगा झंडा लगा लिया है।

    वीडियो किया ट्वीट 

    आरएसएस ने आज एक वीडियो भी ट्वीट किया जिसमें कैप्शन दिया गया है, ‘स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मनाएं, हर घर तिरंगा फहराएं, राष्ट्रीय स्वाभिमान जगाएं’ इस वीडियो में मोहन भागवत सहित संघ के तमाम पदाधिकारी तिरंगा फहराते और उसे सलमी देते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो एक तरह से विपक्ष को जवाब भी है जो तिरंगे को लेकर संघ पर सवाल खड़े कर रहा था। आरएसएस प्रचार विभाग के सह प्रभारी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि संघ अपने सभी कार्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाता आ रहा है।

     

    कांग्रेस न साधा था ये निशाना

    कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राष्ट्रध्वज को प्रति संघ के रुख को लेकर उसकी आलोचना करते रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संघ का स्पष्ट जिक्र करते हुए इस महीने की शुरुआत में सवाल किया था कि क्या नागपुर में अपने मुख्यालय पर 52 साल तक राष्ट्रध्वज नहीं फहराने वाला संगठन अपने सोशल मीडिया खातों की प्रोफाइल तस्वीर पर तिरंगा लगाने के प्रधानमंत्री के आग्रह को मानेगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने अपने ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत 13 से 15 अगस्त के दौरान लोगों से अपने घरों में राष्ट्रध्वज फहराने या प्रदर्शित करने का आग्रह किया है।

  • मलेशिया जाने वाले यात्रियों के लिए आई बड़ी खबर, अमृतसर से उड़ान भरेगी मलिंदो एयरलाइन, 9 सितंबर से कुआलालम्पुर के लिए सीधी फ्लाइट

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    Big news for passengers going to Malaysia, Malindo airline will fly from Amritsar, direct flight to Kuala Lumpur from September 9

    मलेशिया जाने वाले यात्रियों के लिए आई बड़ी खबर, अमृतसर से उड़ान भरेगी मलिंदो एयरलाइन, 9 सितंबर से कुआलालम्पुर के लिए सीधी फ्लाइट

     

    अमृतसरः पंजाब से मलेशिया जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है, जिसके तहत यात्री अब मलेशिया के कुआलालम्पुर के लिए अमृतसर से मलिंदो एयरलाइंस की सीधी फ्लाइट ले सकेंगे। जिसके साथ अब टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि कोरोना काल में बंद हुई मलिंदो एयरलाइंस की फ्लाइट एक बार फिर अमृतसर से उड़ान भरने जा रही है। यह फ्लाइट कुआलालम्पुर से अमृतसर एयरपोर्ट को डायरेक्ट जोड़ेगी।

    जानकारी के अनुसार, मलिंदो एयरलाइंस की अमृतसर से कुआलालम्पुर के बीच सीधी उड़ान 9 सितंबर से शुरू होने जा रही है। पहले सप्ताह यह फ्लाइट दो दिन और सितंबर के अन्य दिनों में सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दोनों शहरों के बीच के लिए यह उड़ान भरेगी। अक्टूबर महीने से यह फ्लाइट सोमवार को भी उड़ान भरेगी। जिसके बाद दोनों देशों के बीच की दूरी सिर्फ 5:50 घंटे की रह जाएगी।

    मलिंदो की यह फ्लाइट रात 10:30 बजे अमृतसर से उड़ान भरेगी। 5:50 घंटे के सफर के बाद यह फ्लाइट कुआलालम्पुर के समय अनुसार सुबह 6:50 बजे वहां लैंड हो जाएगी। इसी तरह यह फ्लाइट कुआलालम्पुर से वहां के समय अनुसार शाम 6:15 बजे उड़ान भरेगी और भारतीय समय अनुसार रात 9:40 बजे अमृतसर में लैंड हो जाएगी। अमृतसर से उड़ान भरने वाले पैसेंजर्स को अभी कुआलालम्पुर जाने के लिए 19 हजार रुपए से अधिक का खर्च करना पड़ रहा है, लेकिन मलिंदो की यह टिकट तकरीबन 11 हजार रुपए से शुरू हो रही है।

  • लाल किले से ये तस्वीरें सामने आते ही उठने लगे ये सवाल..

    लाल किले से ये तस्वीरें सामने आते ही उठने लगे ये सवाल..

    क्या इस बार लाल किले पर बुलेटप्रूफ बॉक्स में खड़े होकर भाषण देंगे पीएम मोदी? इस तस्वीर से उठे सवाल

     

    75th Independence Day: लोगों से सीधे जुड़ने के लिए पीएम मोदी ने साल 2014 में शपथ लेने के बाद कभी भी बुलेट प्रूफ बॉक्स में भाषण नहीं दिया. पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सभी प्रधानमंत्री बुलेट प्रूफ बॉक्स में ही भाषण देते थे. यह एक परंपरा बन गई थी.

     

    Independence Day 2022: क्या इस बार लाल किले पर बुलेटप्रूफ बॉक्स में खड़े होकर भाषण देंगे पीएम मोदी? इस तस्वीर से उठे सवाल

    देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिले 75 साल होने जा रहे हैं. इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे. तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही हैं. पीएम नरेंद्र मोदी हर बार बिना किसी बुलेट प्रूफ बॉक्स के भाषण देते हैं. स्पीच देने के बाद वह प्रोटोकॉल तोड़कर बच्चों से भी मुलाकात करते हैं.

    क्या इस बार बदलेगी परंपरा?

    नरेंद्र मोदी से पहले प्रधानमंत्री अकसर बुलेट प्रूफ बॉक्स में ही भाषण दिया करते थे. लेकिन पीएम बनने के बाद पीएम मोदी ने बिना किसी सुरक्षा चक्र के भाषण देने की परंपरा शुरू की. लेकिन क्या इस बार कुछ अलग देखने को मिलेगा? क्या पीएम मोदी बुलेट प्रूफ बॉक्स में खड़े होकर देश को संबोधित करेंगे? एक तस्वीर सामने आने के बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की ओर से आज एक तस्वीर जारी की गई है, जिसमें कर्मचारी लालकिले की प्राचीर पर बुलेट प्रूफ बॉक्स लगा रहे हैं. इसलिए ये अटकलें लग रही हैं कि क्या पीएम मोदी इस बार भाषण बुलेट प्रूफ बॉक्स में देंगे.

    लोगों से सीधे जुड़ने के लिए पीएम मोदी ने साल 2014 में शपथ लेने के बाद कभी भी बुलेट प्रूफ बॉक्स में भाषण नहीं दिया. पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सभी प्रधानमंत्री बुलेट प्रूफ बॉक्स में ही भाषण देते थे. यह एक परंपरा बन गई थी. 1985 में सबसे पहले पूर्व पीएम राजीव गांधी ने बुलेट प्रूफ बॉक्स में खड़े होकर स्पीच दी थी. साल 1990 में तत्कालीन पीएम वीपी सिंह ने हाफ बॉक्स का विकल्प चुना. लेकिन पीवी नरसिम्हा राव के लिए फिर फुल बॉक्स का विकल्प चुना.

    इस बार ऐसी हैं सुरक्षा की तैयारियां

    75वें स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए 15 अगस्त पर लालकिले की सुरक्षा 10000 पुलिस जवानों के हाथों में होगी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

  • सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से दिल्ली में 15 अगस्त से पहले बड़ी साजिश नाकाम, 2,000 जिंदा कारतूस बरामद; 6 को किया गिरफ्तार…

    सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से दिल्ली में 15 अगस्त से पहले बड़ी साजिश नाकाम, 2,000 जिंदा कारतूस बरामद; 6 को किया गिरफ्तार…

     

     

    स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस ने दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम कर दी है। आनंद विहार से दो बैग कारतूस के साथ छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।

     

    दिल्ली में 15 अगस्त से पहले बड़ी साजिश नाकाम, 2,000 जिंदा कारतूस बरामद; पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार
    स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। पुलिस ने हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में कथित संलिप्तता के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 2000 जिंदा कारतूस समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। आरोपियों को दिल्ली के आनंद विहार से दो बैग कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

    15 अगस्त के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब देश में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पुलिस ने पेट्रोलिंग और वाहनों की जांच भी तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और बाजारों सहित दिल्ली के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

    खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली में आतंकी हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों की मानें तो आतंकी संगठन दिल्ली को दहलाने की फिराक में हैं। 15 अगस्त को लेकर आईबी ने दिल्ली पुलिस को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। 10 पन्नों की खुफिया रिपोर्ट में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश जैसी आतंकी संगठनों के साजिश रचने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआई इन्हें लॉजिस्टिक मदद देकर राजधानी में धमाके करना चाहता है।

    10 हजार पुलिसकर्मी तैनात

    अधिकारियों ने कहा कि होटल, ‘पार्किंग और रेस्तरां की सघन जांच की जा रही है और किरायेदारों और नौकरों के सत्यापन का अभियान चलाया जा रहा है। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने कहा, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले और कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्गों पर विभिन्न भूमिकाओं में 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। हमने कड़ी और फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था की हुई है।’

     

  • रूस के इस Bomber Tupolev Tu-160 पर आया भारत का दिल ; अमेरिका के B-52 से कितना है खास..

     रूस के इस Bomber Tupolev Tu-160 पर आया भारत का दिल ; अमेरिका के B-52 से कितना है खास..

     

    जानिए- रूस के जिस Bomber Tupolev Tu-160 पर आया भारत का दिल वो अमेरिका के B-52 से कितना है खास

     

    रूस से भारत एक बमवर्षक विमान खरीद सकता है। भारत के पड़ोस में केवल चीन के पास ही बमवर्षक विमान है। ऐसे में भारत के लिए इसका होना बेहद खास हो सकता है। अमेरिका के बी-52 से ये काफी खास है।

     

     भारत की रक्षा पंक्ति को लगातार मजबूत बनाने की कवायद के तहत अब भारत की निगाह रूस के शक्तिशाली Bomber Tupolev Tu-160 पर अटकी है। इससे पहले भारत ने रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्‍ट एस-400 हासिल की है। इससे भारत की सुरक्षा को मजबूती मिली है। अब Bomber Tupolev Tu-160 इस अध्‍याय में एक नया मील का पत्‍थर साबित हो सकता है। आइए बताते हैं कि ये अमेरिकी Bomber पर कैसे भारी है

    • आपको बता दें कि भारत के पास अब तक कोई भी बम वर्षक विमान नहीं है। आगे बढ़ने से पहले आपको यहां पर ये भी बता दें कि दुनिया के अधिकतर बड़े और विकसित देशों के पास बमवर्षक विमान मौजूद हैं। इसमें अमेरिका, रूस, जापान, अर्जेंटीना, स्‍वीडन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूगोस्‍लाविया, चीन, पौलेंड, आस्‍ट्रेलिया, जर्मनी समेत कई दूसरे देशों का नाम शामिल है।
    • भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो केवल चीन के पास ही बमवर्षक विमान है। ऐसे में भारत के पास इसका न होना काफी चिंता का विषय है।
    • बता दें कि बमवर्षक विमान दरअसल, भारी भरकम बमों को सटीक जगह गिराने में इस्‍तेमाल आता है। किसी भी बमवर्षक विमान की सबसे बड़ी खूबी होती है उसकी स्‍पीड। विमान जितना तेज रफ्तार होगा उतना ही दुश्‍मन के राडार उसको कम देख सकेंगे और उसके बचने के चांस भी उतने ही अधिक होंगे।
    • भारत जिस Bomber Tupolev Tu-160 पर नजरें गड़ाए बैठा है वो अमेरिकी Boeing के Bomber B-52 से काफी अलग है।
    • Bomber Tupolev Tu-160 की सबसे बड़ी खूबी है कि ये एक हाइपरसोनिक विमान है। वहीं अमेरिका का बी-52 बमवर्षक एक सबसोनिक विमान है। सबसोनिक का अर्थ है कि इसकी गति 1 मैक से भी कम ही है। वहीं रूस के बमवर्षक विमान की 2 मैक की गति इसको दुनिया का सबसे तेज बमवर्षक विमान बना देती है। इस लिहाज से अमेरिका का बी-52 रूस के Tupolev के सामने कहीं नहीं ठहरता है।
    • अमेरिका का बी-52 बमवर्षक विमान काफी पुराना 1952 का डिजाइन किया गया है। 2013 और 2015 में इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं जिसके बाद ये 2050 तक सर्विस में रह सकते हैं। वहीं रूस का Tupolev इसके मुकाबले कहीं नया 1981 का है।
    • रूस ने तब से लेकर अब तक इसमें न सिर्फ अमूलचूक बदलाव किए हैं बल्कि इसको दुनिया का सबसे घातक बमवर्षक विमान भी बना दिया है। इस लिहाज से भी ये अमेरिका के बमवर्षक पर भारी है।
    • रूस का Tupolev Tu-160 दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे Heaviest combat bomber है।
    • रूस ने इसके अब तक केवल 36 विमान ही बनाएं हैं, वहीं अमेरिका बी-52 के 744 विमान बना चुका है। संख्‍या में ये रूस के विमान पर जरूर भारी पड़ते हैं।
    • वर्ष 2000 में ही रूस ने अपने इस बमवर्षक विमान को पूरी तरह से अपग्रेड किया था। इसका अपग्रेड वर्जन इसी वर्ष कंपनी डिलीवर भी करने वाली है।
    • रूस इस विमान पर फादर आफ आल बम डिप्‍लोएड कर चुका है।
    • अमेरिका के बी-52 में जहां 8 इंजन हैं वहीं रूस के इस बमवर्षक विमान में 4 इंजन है।