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  • EWS Reservation पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में रखा अपना पक्ष, कहा- इससे दूसरे आरक्षित वर्गों की सीट की संख्या पर नहीं पड़ेगा असर

    EWS Reservation पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में रखा अपना पक्ष, कहा- इससे दूसरे आरक्षित वर्गों की सीट की संख्या पर नहीं पड़ेगा असर

    EWS Reservation पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में रखा अपना पक्ष, कहा- इससे दूसरे आरक्षित वर्गों की सीट की संख्या पर नहीं पड़ेगा असर

     

    Supreme Court: सुनवाई के अंत में, पीठ ने विधि अधिकारी से कहा कि वह व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वालों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति की संख्या के बारे में डेटा प्रदान करें. सातवें दिन की सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने वाले विधि अधिकारी ने कहा कि संसद को कार्रवाई करने के लिए ऐसे आंकड़ों की आवश्यकता होगी.

    EWS Reservation: केंद्र सरकार ने 103वें संविधान संशोधन का बचाव करते हुए मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि नामांकनों में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्गों के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले से सामान्य और आरक्षित श्रेणियों के लिए सीट की उपलब्धता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

    चीफ जस्टीस की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही सुनवाई

    चीफ जस्टिस यू यू ललित की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने प्रवेश और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने संविधान पीठ को सूचित किया कि सरकार ने सीट बढ़ाने की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार करने के वास्ते केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों को 4,315 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं.

    स्कॉलरशिप का डेटा भी मांगा

    सुनवाई के अंत में, पीठ ने विधि अधिकारी से कहा कि वह व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वालों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति की संख्या के बारे में डेटा प्रदान करें. सातवें दिन की सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने वाले विधि अधिकारी ने कहा कि संसद को कार्रवाई करने के लिए ऐसे आंकड़ों की आवश्यकता होगी और ये मुद्दे संशोधन की संवैधानिकता को प्रभावित नहीं करेंगे.

    संविधान पीठ में कौन-कौन है शामिल

    दूसरी ओर, शिक्षाविद मोहन गोपाल, रवि वर्मा कुमार, पी विल्सन, मीनाक्षी अरोड़ा, संजय पारिख और के एस चौहान सहित वरिष्ठ वकीलों और अधिवक्ता शादान फरासत ने पीठ से संविधान संशोधन को रद्द करने का आग्रह किया. संविधान पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला शामिल हैं.

  • दीपिका पादुकोण की तबीयत फिर बिगड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्त्ती

    दीपिका पादुकोण की तबीयत फिर बिगड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्त्ती

     

     

    मुंबई : दीपिका पादुकोण की तबीयत अचानक से फिर से बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दीपिका को बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उन्हें तुरंत अस्तपाल ले जाया गया।

     

    रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार की शाम को दीपिका अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उनके कई टेस्ट किए गए जिसमें उन्हें आधा दिन लग गया। अभी उनकी हालत बेहतर बताई जा रही है। दीपिका के टीम से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन अभी आधिकारिक रूप से इस बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।

    Ranveer Singh Shocking Reaction after Deepika Padukone Hospitalized Due to  Covid-19 - YouTube

    बता दें कि करीब एक महीने पहले भी दीपिका की तबीयत खराब हुई थी। उस वक्त वह हैदराबाद में फिल्म ’प्रोजेक्ट के’ की शूटिंग कर रही थीं। तब उनकी दिल की धड़कनें बढ़ गई थीं। उस वक्त दीपिका को कामिनेनी अस्पताल में जांच के लिए भर्ती कराया गया था और लगभग आधे दिन वह अस्पताल में रही थीं। दीपिका की तबीयत जब हैदराबाद में खराब हुई थी तो फिल्म के प्रोड्यूसर ने इससे इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि वो रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गई थीं। इसकी वजह थी कि वह कोविड-19 से कुछ समय पहले ही रिकवर हुई थीं।

  • पर्यवेक्षकों द्वारा अशोक गहलोत को दी गई क्लीन चिट, भाजपा ने लिया आड़े हाथों लिया…

    पर्यवेक्षकों द्वारा अशोक गहलोत को दी गई क्लीन चिट, भाजपा ने लिया आड़े हाथों लिया…

     

    नई दिल्ली : पर्यवेक्षकों ने राजस्थान के राजनीतिक संकट पर अपनी रिपोर्ट में अशोक गहलोत को क्लीन चिट दे दी। रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में पर्यवेक्षकों ने गहलोत को रेगिस्तानी राज्य के घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। हालांकि, रिपोर्ट ने समानांतर बैठक बुलाने वाले प्रमुख नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में मंत्री व विधायक शांति धारीवाल, मंत्री व विधायक प्रताप सिंह खाचरिवाह और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। नौ पन्नों की रिपोर्ट में रविवार के घटनाक्रम को प्रभारी और पर्यवेक्षकों द्वारा सिलसिलेवार तरीके से प्रसारित किया गया है।

    9 पन्नों की रिपोर्ट में सिलसिलेवार ढंग से प्रभारी और पर्यवेक्षकों ने पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को बताया है। पूरी रिपोर्ट दो भागों में है। पहले भाग में पूरा घटनाक्रम बताया गया है। दूसरे हिस्से में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश हुई है।

    पर्यवेक्षकों ने कहा कि सीएम की मर्जी से विधायक दल की बैठक का दिन और समय तय किया गया था। इसके बावजूद अशोक गहलोत जैसलमेर चले गए और पीछे से उनके विश्वस्त जोशी ने विधायकों को धारीवाल के आवास पर बुलाया। विधायक दल की तय बैठक के समानांतर धारीवाल के आवास पर बैठक की गई, जो आलाकमान को सीधी चुनौती और अनुशासन तोड़कर पार्टी की छवि खराब करने वाला है। तीनों मंत्रियों ने पर्यवेक्षकों पर एक-एक विधायक से राय नहीं लेने को लेकर दबाव बनाया। ये चाहते थे कि समूह में मिला जाए। इसके साथ ही 19 अक्टूबर तक नए सीएम पर राय नहीं ली जाए और गहलोत की पसंद का ही सीएम हो। सचिन पायलट को सीएम नहीं बनाया जाए। तीनों मंत्रियो ने प्रस्ताव में इन बातों को लिखने का दबाव बनाया, जबकि अब तक कांग्रेस में एक लाइन का ही प्रस्ताव पारित करने की परंपरा रही है। विधायकों के इस्तीफों से पार्टी की छवि खराब हुई है।

    वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गहलोत के विश्वस्त और संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने जयपुर स्थित अपने आवास पर आरोप लगाया कि अशोक गहलोत को सीएम पद से हटाने का षडयंत्र था, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन शामिल थे। उन्होंने कहा कि माकन दिल्ली से सचिन पायलट को सीएम बनाने का एजेंडा लेकर आए थे। जिसके हमारे पास सबूत हैं। उन्होंने कहा कि माकन का एजेंडा पायलट को सीएम बनाना था, इसलिए विधायक नाराज हो गए।

    सुनील जाखड़ ने कसा तंज
    इस मामले को लेकर बीजेपी के नेता सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘अपने लिए क्लीन चिट और अपने प्रबल समर्थक को नोटिस’। यह श्री गहलोत की योग्यता का परीक्षण करेगा।

     

    राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष संतोष पूनिया ने ट्वीट करते हुए लिखा- रूझान आने प्रारंभ… ~ जय भाजपा-तय भाजपा ~ #2023. वहीं केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर कहा कि बाड़ेबंदी की सरकार, एक बार फिर बाड़े में जाने को तैयार है। वहीं बीजेपी के केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्विटर पर राहुल गांधी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा- कृपया पहले इन्हें जोड़ लो।

  • भीषण सड़क हादसा; लखीमपुर खीरी में बस और DCM की टक्कर में 6 लोगों की मौत…

     भीषण सड़क हादसा; लखीमपुर खीरी में बस और DCM की टक्कर में 6 लोगों की मौत…

     

    लखीमपुर खीरी :  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे में कई महिलाओं समेत छह यात्रियों की मौत हो गई। घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें नजदीकी अस्पताल भर्ती कराया गया है।

    सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने इन दोनों गाड़ियों में फंसे लोगों को अस्पताल भेजने के बाद इन्हें सड़क से हटाने का काम शुरू कर दिया है।

    पुलिस ने बताया कि यह हादसा बुधवार की अल सुबह ईसानगर थाना क्षेत्र के ऐरा खमरिया पुल के पास हुआ हादसा। बस धौराहरा से लखीमपुर की ओर आ रही थी। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि डीसीएम किस दिशा से आ रही थी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में बस में सवार सभी घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया है। जहां डॉक्टरों ने छह लोगों को तो मृत घोषित कर दिया है, वहीं बाकियों को अस्पताल में भर्ती कर लिया है।

  • दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात; पढ़ें हर अपडेट

    दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात; पढ़ें हर अपडेट

    यहां लगातार पढ़ते रहें राजस्थान की सियासत से जुड़ा हर अपडेट…

    LIVE: जयपुर से दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात; पढ़ें हर अपडेट
  • पिटबुल और रॉटवीलर कुत्ते पालने पर इस शहर के नगर निगम ने  लगाया बैन ,हाउस ने पास किया प्रस्ताव…

    पिटबुल और रॉटवीलर कुत्ते पालने पर इस शहर के नगर निगम ने  लगाया बैन ,हाउस ने पास किया प्रस्ताव…

     Pitbull Ban News: नगर निगम के प्रस्ताव में कहा गया है कि दोनों नस्लों में से किसी को भी किसी व्यक्ति ने पाला तो उस पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनके प्रिय ‘पालतू’ को जब्त कर लिया जाएगा.

    Pitbull Ban: पिटबुल और रॉटवीलर कुत्ते पालने पर लगा बैन, इस शहर के नगर निगम ने पास किया प्रस्ताव

    कानपुर नगर निगम (केएमसी) हाउस ने शहर में पिटबुल और रॉटवीलर नस्लों के कुत्ते पालने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है. प्रस्ताव में कहा गया है कि दोनों नस्लों में से किसी को भी किसी व्यक्ति ने पाला तो उस पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनके प्रिय ‘पालतू’ को जब्त कर लिया जाएगा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब प्रस्ताव को नगर आयुक्त को भेज दिया गया है, जो इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेंगे.

    कुत्तों के हमलों की लगातार घटनाओं के बाद केएमसी ने खतरनाक मानी जाने वाली दो नस्लों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. प्रस्ताव में कहा गया है कि विदेशी खूंखार प्रजातियों के कुत्तों को रखने के लिए लोगों के पास इतना बड़ा आवास या फार्म हाउस नहीं है, जिसके कारण वे तनाव में आ जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं. आगे इसमें कहा गया है कि जनता को हमले से बचाने के लिए खूंखार पिटबुल और रॉटवीलर नस्लों को शहर की सीमा में प्रतिबंधित कर दिया गया है.

    ‘इन दोनों प्रजातियों के कुत्तों का प्रजनन प्रतिबंधित’
    अतिरिक्त नगर आयुक्त, सूर्यकांत त्रिपाठी ने कहा, “शहरी क्षेत्रों में पालतू बनाने और व्यापार के उद्देश्य से इन दोनों प्रजातियों के कुत्तों का प्रजनन प्रतिबंधित है. यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से ऐसे कुत्तों को नगरपालिका सीमा में रखता है, तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और कुत्ते को भी जब्त कर लिया जाएगा.”

    लखनऊ, गाजियाबाद और मेरठ में पिटबुल के हमलों की घटनाओं के बाद हाल ही में कानपुर के सरसैया घाट पर एक पिटबुल ने एक गाय पर हमला किया था. कानपुर की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

  • ताजमहल के 500 मीटर के अधीन आने वाली सभी कारोबारी गतिविधियां हटाई जाएं’ – सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    ताजमहल के 500 मीटर के अधीन आने वाली सभी कारोबारी गतिविधियां हटाई जाएं’ – सुप्रीम कोर्ट का आदेश

     

    Taj Mahal News: सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दुकान मालिकों के एक समूह के आवेदन पर पारित किया, जिन्हें 500 मीटर के दायरे से बाहर जगह आवंटित की गई है.

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आगरा विकास प्राधिकरण को ताजमहल (Taj Mahal) की चारदीवारी/परिधीय दीवार से 500 मीटर के दायरे में सभी व्यावसायिक गतिविधियों (Business Activities) को हटाने का निर्देश दिया है. न्याय मित्र के रूप में अदालत की सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ए.डी.एन. राव ने न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि ताजमहल के पास सभी व्यावसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए निर्देश जारी किए जाने चाहिए. मकबरा यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) भी है.

    शीर्ष अदालत को सूचित किया गया था कि इसी तरह का आदेश मई 2000 में जारी किया गया था, लेकिन निर्देश को दोहराना उचित है, प्रस्तुतियों से सहमत है, और आगरा विकास प्राधिकरण को ताजमहल के 500 मीटर के दायरे को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया है.

    आदेश दुकान मालिकों के एक समूह का आवेदन
    सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दुकान मालिकों के एक समूह के आवेदन पर पारित किया, जिन्हें 500 मीटर के दायरे से बाहर जगह आवंटित की गई है. उन्होंने आवेदन के माध्यम से अदालत को अवगत कराया कि ताजमहल के पास अवैध व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही हैं जो कि न्यायालय द्वारा जारी किए गए पिछले आदेशों का घोर उल्लंघन है.

    आवेदकों की ओर से पेश वकील एम सी ढींगरा ने अदालत से इस तरह के सभी कार्यों को रोकने के आदेश जारी करने और अधिकारियों से आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा.

  • सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सूचना छिपाई या गलत जानकारी दी तो कर्मचारी को किया जा सकता है नौकरी से बर्खास्त

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सूचना छिपाई या गलत जानकारी दी तो कर्मचारी को किया जा सकता है नौकरी से बर्खास्त

    नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि किसी पद के लिए अपनी पात्रता पर प्रभाव डालने वाले मामलों में सूचनाएं छिपाने या गलत सूचनाएं देने पर कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने खासकर पुलिस अधिकारियों की भर्ती के मामले में कानून के व्यापक सिद्धांत तय किये और कहा कि जनविश्वास जगा पाने की उनकी क्षमता ही समाज की सुरक्षा के लिए अहम है।

    शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि किसी मामले में कर्मी ने समाप्त हो गये आपराधिक मामले में सत्यनिष्ठा या सही घोषणा की है, उसके बाद भी नियोक्ता को उसकी पृष्ठभूमि पर विचार करने का हक है और उसे उस उम्मीदवार को नियुक्त करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि सत्यापन प्रपत्र में अभियोजन/दोषसिद्धि आदि के बारे में कर्मी द्वारा सूचना देने की जरूरत का उद्देश्य रोजगार तथा सेवा में उसकी निरंतरता के मकसद के लिए उसके चरित्र एवं पृष्ठभूमि का मूल्यांकन करना है।

    शीर्ष अदालत ने कहा कि अभियोजन और दोषसिद्धि से जुड़े प्रश्नों के उत्तर में सूचनाएं छिपाने या गलत जानकारी देने का कर्मी के चरित्र, आचरण व पृष्ठभूमि पर स्पष्ट असर होता है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि अगर यह पाया जाता है कि कर्मचारी ने पद के लिए अपने फिटनेस या पात्रता पर प्रभाव डालने वाले मामलों में सूचनाएं छिपायी हैं या गलत सूचनाएं दी हैं तो उसे सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है।

    पीठ ने कहा कि परिवीक्षा काल में भी कर्मचारी को बिना जांच सेवा से बर्खास्त करने में यही दिशानिर्देश लागू होगा। शीर्ष अदालत ने इसी के साथ सीआरपीएफ के दो कर्मियों की अपील खारिज कर दी जिसने सूचना छिपायी थी और अभियोजन के बारे में पूछे गये प्रश्नों का गलत उत्तर दिया था।

  • स्कूल बस हुई हादसे का शिकार, कई छात्र गंभीररूप से घायल..

    स्कूल बस हुई हादसे का शिकार, कई छात्र गंभीररूप से घायल..

     

    सागर : मध्यप्रदेश के सागर जिले में छात्रों से खचाखच भरी एक स्कूल बस आज सुबह हादसे का शिकार हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार राहतगढ़ विकासखंड में हुए इस हादसे में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। सूचना मिलने पर हादसे के स्थल पर पहुंचे कलेक्टर दीपक आर्य समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बच्चों को बस से निकाल कर जिला चिकित्सालय भिजवाया।

    राहतगढ़ पुलिस सूत्रों ने बताया कि विकासखंड के एक निजी स्कूल की बस राहतगढ़-खुरई रोड पर ग्राम चंद्राकर के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायल बच्चों को बस से निकाल कर राहतगढ़ स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में राहतगढ़ के कई निजी स्कूलों के लगभग 40 से 50 बच्चे बस में मौजूद थे। बस सड़क छोड़कर खेत में जाकर पलट गई।

  • पंजाब-हरियाणा में लगातार हो रही बारिश के कारण सब्जियों की कीमत में हुआ इजाफा…

    पंजाब-हरियाणा में लगातार हो रही बारिश के कारण सब्जियों की कीमत में हुआ इजाफा…

     

     

    पंजाब-हरियाणा में बारिश के कारण आसमान पर पहुंची सब्जियों की कीमत, जाने रेटपंजाब-हरियाणा में बारिश के कारण आसमान पर पहुंची सब्जियों की कीमत

    चंडीगढ़ः पंजाब और हरियाणा में लगातार चार दिन तक बारिश के बाद हरी सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। सब्जियों की दरों में दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी हो गई है, जिसकी वजह से दोनों राज्यों में आम लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। व्यापारियों के अनुसार हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले एक सप्ताह में मटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है।

    मटर की खुदरा कीमत 130-150 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 250 तक हो गई है, जबकि टमाटर 40 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। दोनों राज्यों के अलावा हिमाचल प्रदेश समेत कुछ पड़ोसी राज्यों में भारी मानसूनी बारिश के बाद कई सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। बींस और ककड़ी जैसी अन्य सब्जियों की खुदरा कीमतों में भी वृद्धि हुई है। ये क्रमश: 100-110 रुपये प्रति किलोग्राम और 50-60 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास हैं। फूलगोभी पहले 70-80 से करीब थी। अब 100-120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं, करेला 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जो पहले 60 रुपये प्रति किलो था। गाजर की कीमत 50 से बढ़कर 60-70 रुपये हो गई है, जबकि लौकी 40 से बढ़कर अब 50-60 रुपये प्रति किलो हो गई है।

    मूली की कीमतें 40 से बढ़कर 60-80 रुपये हो गई हैं। नींबू के दाम भी 25-30 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति 250 ग्राम हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि धनिया 20 रुपये प्रति 100 ग्राम से बढ़कर 30 तक पहुंच गया है, जबकि मिर्च की कीमतें भी बढ़ गई हैं। हालांकि प्याज, आलू के अलावा सेब, नाशपाती और केले जैसे फलों की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। मौसम ठीक होने के कुछ दिनों बाद सब्जियों की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।