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  • चीन जा रहे ईरानी विमान में बम की सूचना के बाद भारतीय वायुसेना हुई अलर्ट

    चीन जा रहे ईरानी विमान में बम की सूचना के बाद भारतीय वायुसेना हुई अलर्ट

     

     

    नई दिल्ली : ईरान से चीन जा रहे एक विमान में बम की सूचना से हड़कंप मच गया है। इस विमान का भारतीय वायुसेना के विमान पीछा कर रहे हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इस ईरानी विमान में बम होने का ट्रिगल अलर्ट तब मिला, जब वह भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था। भारत ने विमान को दिल्ली में उतारने की अनुमति नहीं दी। सूचना मिलने के साथ ही भारतीय वायुसेना भी अलर्ट पर आ गई। वायुसेना ने पंजाब और जोधपुर एयरबेस से दो सुखोई विमान फ्लाइट के पीछे लगा दिए। बताया जा रहा है जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए फ्लाइट को डायवर्ट किया गया है।

    बताया जा रहा है कि एयरक्रॉफ्ट की ओर से दिल्ली एयरबेस में उतरने की अनुमति मांगी गई थी। लेकिन अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद दो सुखोई विमानों को इसके पीछे तैनात किए गए। हालांकि, बाद में विमान में किसी भी तरह का कोई बम न मिलने के बाद इसे चीन की ओर जाने की अनुमति दी गई।

    सुरक्षा एजेंसियां चीन की ओर जाने वाले रास्ते पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और भारतीय वायुसेना ने हवाई स्टेशनों और विमानन इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है। भारतीय एजेंसियों द्वारा अभी भी हवाई जहाज को बारीकी से ट्रैक किया जा रहा है।

  • अबकी बार कुल्लू में दशहरा मनाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, AIIMS की रखेंगे नींव

    अबकी बार कुल्लू में दशहरा मनाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, AIIMS की रखेंगे नींव

     

    कुल्लू :  हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी बढ़ती जा रही है। इस बीच खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दशहरा कुल्लू में मनाएंगे। उसी दिन पीएम मोदी विलासपुर एम्स का शिलान्यास और रैली को भी संबोधित करेंगे। हालांकि 14 अक्टूबर को भी पीएम मोदी हिमाचल के चंबा में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। दरअसल कुल्लू के दशहरा उत्सव के 372 साल के इतिहास में पहली बार कोई प्रधानमंत्री इसमें शामिल होने जा रहा है।

    कुल्लू दशहरा उत्सव का आयोजन साल 1650 से किया जा रहा है। बता दें कि राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। पीएम 24 सितंबर को मंडी में युवा विजय संकल्प रैली को संबोधित करने वाले थे, लेकिन खराब मौसम की वजह से वह पहुंच नहीं पाए थे, जिसके बाद उन्होंने वर्चुअली ही कार्यक्रम को संबोधन किया था।

    दरअसल पीएम मोदी के बुधवार (5 अक्टूबर) के बिलासपुर दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बिलासपुर एम्स और लुहणू मैदान में हेलिकाप्टर, फायर और अन्य ट्रायल आज से शुरू हो जाएंगे। वहीं शनिवार देर शाम को ही एसपीजी बिलासपुर पहुंच चुकी है। रविवार सुबह 9:00 बजे से ही एसपीजी ने उपायुक्त, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों के अफसरों समेत बीजेपी प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके कार्यक्रम की रूपरेखा को समझा।

  • IAF की ताकत में इजाफा, रडार को चकमा देने में माहिर स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर वायुसेना में शामिल

    IAF की ताकत में इजाफा, रडार को चकमा देने में माहिर स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर वायुसेना में शामिल

    नई दिल्ली : देश में ही बना पहला बहुउद्देशीय हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में वायु सेना के बेड़े में शामिल हो गया। यहां वायु सेना स्टेशन में आयोजित समारोह में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने रक्षा मंत्री को एलसीएच की पारंपरिक चाबी सौंपी जिसे बाद में रक्षा मंत्री ने वायु सेना प्रमुख वी आर चौधरी को प्रदान किया। इसके साथ यह हेलिकॉप्टर वायु सेना के हेलिकॉप्टर बेड़े में शामिल हो गया। इस मौके पर देश के दूसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत) भी मौजूद रहे।

    एलसीएच को बेड़े में शामिल किये जाने से पहले एक सर्वधर्म प्रार्थना भी की गयी। एलसीएच को बेड़े में शामिल किये जाने के बाद रक्षा मंत्री ने इसका नामकरण करते हुए इसे ‘प्रचंड’ नाम दिया। अब से इस हेलिकॉप्टर को प्रचंड के नाम से जाना जायेगा।

    प्रचंड को बेड़े में शामिल किये जाने के बाद पानी की बौछारों ‘ वाटर केनन ’ से इसे पारंपरिक सलामी दी गयी।अत्याधुनिक मिसाइलों तथा राकेटों से लैस प्रचंड दुश्मन के छक्के छुड़ाने तथा उसे नेस्तानाबूद करने में पूरी तरह सक्षम है। इसे वायु सेना की 143 हेलिकॉप्टर यूनिट में शामिल किया गया है। अभी तक वायु सेना विदेशी लड़ाकू हेलिकाप्टरों का इस्तेमाल करती आ रही थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गत मार्च में ही 15 एलसीएच की खरीद को मंजूरी दी थी।

    इस मौके पर श्री सिंह ने कहा कि सरकार राष्ट्र की रक्षा को सबसे पहला कर्तव्य मानती है और इसके लिए वह हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, राष्ट्र की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ, कि आने वाले समय में जल्द ही, दुनिया में सैन्य शक्ति समेत जब भी सुपर पॉवर की बात होगी, तो भारत सबसे पहले गिना जाएगा। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत बनाए रखने के क्रम में हमारा यह हमेशा प्रयास रहता है, कि हमारी सशस्त्र सेना बेहतरीन उपकरणों और ‘ प्लेटफॉर्म ’से सुसज्जित रहें। दुनिया में भू राजनीतिक परिदृश्य कैसा भी हो, पर राष्ट्रीय सुरक्षा को हमेशा चौकस रखना हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    सिंह ने कहा कि प्रचंड का वायु सेना में शामिल होने से जहां वायु सेना की ताकत बढेगी वहीं यह रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर भी एक बड़ा कदम है। साथ ही यह वायु सेना को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेना बनाने के संकल्प को भी प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर अब तक भारत की संप्रभुता को सुरक्षित रखने में वायु सेना की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान इस तरह के हेलिकॉप्टरों की जरूरत को गंभीरतापूर्वक अनुभव किया गया। तब से लेकर अब तक , यानी दो दशकों के, देश में हुए अनुसंधान एवं विकास का ही परिणाम यह हेलिकॉप्टर है।

    उन्होंने कहा कि प्रचंड का डिजायन और विकास आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप किया गया है। विकास के विभिन्न चरणों में यह तमाम चुनौतियों से निपटने में सफल रहा है। उन्होंने कहा, एलसीएच दुश्मनों को चकमा देते हुए, विभिन्न प्रकार के हथियारों को ले जाने और शीघ्रता से यथास्थान पर पहुंचाने में सक्षम है। यह विभिन्न तरह की जगहों में हमारी सेना की जरूरतों पर पूरी तरह खरा उतरता है और एक आदर्श प्लेटफार्म है। इस मौके पर एलसीएच और सुखोई लड़ाकू विमानों ने फ्लाई पास्ट किया।

  • अब भारत की सड़कों पर दौड़ेगी 5G-कनेक्टेड एंबुलेंस, डॉक्टर तक Live पहुंचेगा मरीज का हाल

    अब भारत की सड़कों पर दौड़ेगी 5G-कनेक्टेड एंबुलेंस, डॉक्टर तक Live पहुंचेगा मरीज का हाल

     

    देश की सड़कों पर अब जल्द ही 5G कनेक्टेड एंबुलेंस दौड़ती हुई नजर आएगी. शनिवार को 5G लॉन्चिंग के अवसर पर भारती एयरटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 5जी से जुड़ी एम्बुलेंस का प्रदर्शन किया.

    देश की सड़कों पर दौड़ेगी 5G-कनेक्टेड एंबुलेंस, डॉक्टर तक Live पहुंचेगा मरीज का हाल

    देश की सड़कों पर दौड़ेगी 5G-कनेक्टेड एंबुलेंस

    देश की सड़कों पर अब जल्द ही 5G कनेक्टेड एंबुलेंस दौड़ती हुई नजर आएगी. इस अत्याधुनिक 5जी-कनेक्टेड एम्बुलेंस में हाईटेक उपकरण लगे होंगे. यह एंबुलेंस आम एंबुलेंस से बिल्कुल अलग होंगी. शनिवार को 5G लॉन्चिंग के अवसर पर भारती एयरटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 5जी से जुड़ी एम्बुलेंस का प्रदर्शन किया. अत्याधुनिक 5G एम्बुलेंस तमाम सुविधाओं से लैस होगी. इस एंबुलेंस में रिमोट लोकेशन के मरीजों को भी रियल टाइम में निगरानी की जा सकेगी. 5G एम्बुलेंस में वीडियो कॉल की सुविधा होगी. मरीज और डॉक्टर आपस में बातचीत कर सकेंगे.

    इस 5G कनेक्टेड एंबुलेंस में डॉक्टर वीडियो कॉल के माध्यम से मरीज की वर्चुअल जांच कर सकते हैं और उनकी रिपोर्ट देख सकते हैं. एक ही समय में कई गांवों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं. इस अत्याधुनिक 5G एंबुलेंस ऑनबोर्ड कैमरा, कैमरा-आधारित हेडगियर और पैरामेडिक स्टाफ के लिए बॉडी कैम से लैस है. डॉक्टर अस्पताल में बैठे-बैठे एंबुलेंस में मरीज को लाइव देख सकेंगे. इस एंबुलेंस में मरीजों को लगेगा कि वो बिल्कुल किसी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है. यह एंबुलेंस अस्पताल के एक इमरजेंसी वॉर्ड की तरह काम करेगी. एयरटेल, अपोलो हॉस्पिटल्स और सिस्को ने 5जी कनेक्टेड एम्बुलेंस बनाने के लिए हाथ मिलाया है.

    इन सुविधाओं से लैस होंगी 5G कनेक्टेड एंबुलेंस

    सिस्को सिस्टम्स के शंकर श्रीनिवासन ने 5G कनेक्टेड एंबुलेंस के बारे में जानकारी देते हुए बताया, पहले के एंबुलेंस और इस 5G एंबुलेंस में सबसे बड़ा अंतर यही है कि यह एडवांस है. पहले वाली एंबुलेंस में आप डिफाइब्रिलेटर मशीन (डिफाइब्रिलेटर ऐसे उपकरण होते हैं जो सामान्य दिल की धड़कन को बहाल करने के लिए दिल को एक इलेक्ट्रिक पल्स या झटका भेजते हैं) नहीं लगा सकते थे. मगर इसमें वो सुविधा है. उस एंबुलेंस में आर पेशेंट मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं लगा सकते थे.’ उन्होंने आगे बताया कि पुराने एंबुलेंस में अधिक से अधिक आप एक व्हाट्सएप कॉल सेट कर सकते हैं और डॉक्टर एक मोबाइल वीडियो के साथ मरीज को देख सकते हैं. मगर 5G एंबुलेंस में वह सब बदल गया है.’

    डॉक्टर LIVE देख सकेंगे मरीजों का हाल

    इस अत्याधुनिक एंबुलेंस में डॉक्टर मरीज को लाइव देख सकते हैं. इस दौरान मरीज की स्थिति बिगड़ने पर उसे संभाल भी सकते हैं. इस एंबुलेंस के अंदर पूरा आईसीयू (ICU) पूरा का सेटअप लगा होगा. डॉक्टर अस्पताल में बैठे-बैठे एंबुलेंस स्टॉफ को मरीज की स्थिती को देखकर बता सकते हैं कि कब क्या करना है. श्रीनिवासन ने आगे बताया, ‘5G के साथ आप पूरी एम्बुलेंस को मेडिकल इक्वीपमेंट से लोड कर सकते हैं. चाहे वह इंजेक्शन सिरिंज, पंप या ईसीजी मशीन या वेंटिलेटर वगैरह वगैरह कुछ भी हो. दूर के रोगियों को इस अत्याधुनिक एंबुलेंस से काफी मदद मिलेगी. कम से कम समय में उन मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा, जो दूर दराज के इलाके में रहते हैं. इस एंबुलेंस में डेटा को भेजने की जो क्षमता है, वो आम एंबुलेंस से कहीं ज्यादा है. किसी भी तरह की कनेक्टेड एम्बुलेंस और 5G कनेक्टेड एम्बुलेंस के बीच यही मूलभूत अंतर है.’

  • पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुजरात में गरबा और भांगड़ा ,  स्टेज पर मचाया धमाल

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुजरात में गरबा और भांगड़ा ,  स्टेज पर मचाया धमाल

    Viral Video: गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी लोगों से जुड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. उसके सभी सीनियर नेता यहां लगातार दौरा कर रहे हैं. शनिवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राजकोट में एक कार्यक्रम में जमकर गरबा किया.

    Watch: पंजाब के सीएम भगवंत मान ने गुजरात में गरबा और भांगड़ा के 'कॉकटेल' से स्टेज पर मचाया धमाल
  • शास्त्री जी की मौत से जुड़े वो सवाल, जो यह भी इतिहास के पन्नो में गुम…

     शास्त्री जी की मौत से जुड़े वो सवाल, जो यह भी इतिहास के पन्नो में गुम…

     

    Lal Bahadur Shastri Jayanti: ताशकंद समझौते के बाद शास्त्री जी की मृत्यु हो गई थी, उस वक्त बताया गया था कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक की वजह से हुई है लेकिन ताशकंद में बहुत कुछ ऐसा भी हुआ था जिस पर आज भी संदेह बरकरार है.

    Shastri Death Mystery: देश को जय जवान जय किसान का नारा देने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज 119वीं जयंती है. उनका जीवन करोड़ों भारतीयो के लिए एक प्रेरणा है लेकिन उनकी मृत्यु को लेकर कुछ ऐसे सवाल है जो आज भी अनसुलझे हैं. 1966 में उस वक्त के सोवियत संघ, आज के उजबेकिस्तान के शहर ताशकंद में हुई उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक था या फिर शास्त्री जी की मौत एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी

    ज़ी न्यूज़ ने इस रहस्य की पड़ताल ताशकंद जाकर की है. उज़्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद यूं तो कई वजहों से मशहूर है लेकिन भारत के लिए इस शहर से दो यादें जुड़ी हुई है. ताशकंद में पाकिस्तान से 1965 का युद्ध जीतने के बाद भारत ने एक समझौता किया था जिसे ताशकंद समझौते के नाम से जाना जाता है.

    ताशकंद समझौते के बाद शास्त्री जी की मृत्यु हो गई थी, उस वक्त बताया गया था कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक की वजह से हुई है लेकिन ताशकंद में बहुत कुछ ऐसा भी हुआ था जिस पर आज भी संदेह बरकरार है. शास्त्री जी की मौत को कई लोग एक साजिश भी मानते हैं और इसकी जांच की मांग भी की जाती रही है.

    ताशकंद में अब भी लोग करते हैं शास्त्री जी को याद
    उजबेकिस्तान के लोग आज भी भारत के पूर्व प्रधानंमत्री को याद करते हैं. उजबेकिस्तान में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम की सड़क मौजूद है. लाल बहादुर शास्त्री के स्टैच्यू उजबेकिस्तान की राजधानी में जाने पहचाने हैं.

    ताशकंद में उस दिन मौजूद लोगों के दिल और दिमाग में 1966 की जनवरी में ताशकंद आए शास्त्री जी की यादें आज भी जिंदा हैं. वहीं जिन्होंने दिल्ली से ताशकंद निकलने वक्त शास्त्री को वापस लौटने के लिए विदा दी थी वो भी उन दिन को नहीं भूले हैं. लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने बताया, ‘मैं 16 बरस का था, बस इतना ही याद है कि वह 3 जनवरी को निकले थे, उन्होंने गाल थपथपाए और चले गए. वह वहां पर 7 दिन तक रहे.’ हालांकि ये 7 दिन शास्त्री जी के जीवन के आखिरी 7 दिन साबित हुए.

    वर्ष 1965 में पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे भारत के खिलाफ कई मोर्चे खोल दिए. इसके जवाब में भारतीय सेना लाहौर तक पहुंच गई. पाकिस्तान की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई. संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ और तत्कालीन सोवियत संघ ने दोनों देशों के बीच समझौते के लिए ताशकंद बुलाया.

    कर दिए थे. हैरान करने वाली बात ये भी है कि उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया था. अनिल शास्त्री कहते हैं, ‘अगर उस वक्त पोस्टमार्टम होता तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता.’

    एक और बात हो शक पैदा करती है वो ये कि शास्त्री जी की मौत वाली रात उनके सहायक रामनाथ ने खाना नहीं बनाया था. बल्कि सोवियत रूस में भारतीय राजदूत टीएन कौल के कुक ने खाना तैयार किया था. रात को शास्त्री जी को दूध पीने की आदत थी. उस रात शास्त्री जी को दूध भी जान मोहम्मद ने दिया था, जिस थर्मस में दूध दिया गया, वो शास्त्री जी के कमरे में मौजूद था लेकिन वापस भारत नहीं आया. अनिल शास्त्री के मुताबिक, ‘थर्मस का पता नहीं चला . पर्सनल सामान आ गया शेविंग किट घड़ी साबुन सब आ गया लेकिन वो थर्मन नहीं आया.’

    विदेशी ताकतों का हाथ!
    शास्त्री जी की मौत केजीबी के गढ़ में हुई जो अपने शिकार को जहर देकर मारने के लिए कुख्यात थी. वहीं अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के एक अधिकारी ने भी शास्त्री जी की मौत के पीछे सीआईए का हाथ बताया था . पत्रकार ग्रेगरी डग्लस की किताब, ‘कन्वर्सेशंस विद द क्रो (Conversation With The Crow)’ के मुताबिक, सीआईए एजेंट क्रोली ने कहा था कि लाल बहादुर शास्त्री की मौत में सीआईए का हाथ था. आशंका जाहिर की जाती है परमाणु कार्यक्रम को लेकर शास्त्री जी की सोच अमेरिका को खास पसंद नहीं थी.

    हैरान करने वाली बात ये है कि जब जब शास्त्री जी मौत की जांच करवाने की बात की गई तब तब इस मामले से जुड़े लोगों की रहस्यमय मौत हो गई. अनिल शास्त्री बताते हैं, ‘डॉ चुग के परिवार की मौत हुई थी एक्सीडेंट में रिंग रॉड पर, रामनाथ का एक्सीडेंट में मौत हुई थी, एक बार बच गए थे एक्सीडेंट में, दोबारा फिर हुआ.’

    ये बातें शक पैदा करती हैं. शास्त्री जी का परिवार हमेशा उनकी मौत से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग करता रहा है. हालांकि सरकार ने एक आरटीआई के जवाब में ऐसा करने पर सहयोगी देश के नाराज़ होने की बात कही थी. अब परिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है.

    अनिल शास्त्री ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है कि शास्त्री जी से संबंधित जो भी दस्तावेज हैं उनका खुलासा होना चाहिए, जैसे नेता जी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े दस्तावेजों का हुआ है.’

    सौजन्य: zee news

  • श्री नैना देवी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की बस पलटी, यात्रियों को आईं चोट…

    श्री नैना देवी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की बस पलटी, यात्रियों को आईं चोट…

    श्री नैना देवी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की बस पलटी, यात्रियों को आईं चोट…

     

    बिलासपुर :  बिलासपुर जिला में रविवार को श्री नैना देवी मंदिर में दर्शन करने जा रहे यूपी के श्रद्धालुओं की एक बस पलट गई, जिसमें दो-तीन यात्रियों के मामूली रूप से घायल होने की खबर है।

    नैना देवी के डीएसपी शेर सिंह ने बताया कि दर्शन करने जाते समय यह हादसा हुआ। बस को बैक करते समय यह दुर्घटना हो गई। हादसे में दो-तीन लोगों को मामूली चोट आई हैं। ये श्रद्धालु यूपी से आए थे।

  • कांग्रेस में लगी बड़े नेताओं द्वारा पद से इस्तीफा देने की लगी होड़,जानिए क्या है इसकी वजह

    कांग्रेस में लगी बड़े नेताओं द्वारा पद से इस्तीफा देने की लगी होड़,जानिए क्या है इसकी वजह

     

    नई दिल्ली – कांग्रेस अध्यक्ष की भागदौड़ में कांग्रेसियों में माहौल काफी गर्माया हुआ है। वहीं इस बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस के तीन नेताओं ने प्रवक्ता पद्द से इस्तीफा दे दिया है।

    कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ, दीपेंद्र एस हुड्डा और सैयद नसीर हुसैन ने पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफे की वजह खरगे के लिए चुनाव प्रचार करना है। तीनों ने बयान जारी करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में मल्लिकार्जुन खरगे के चुनाव प्रचार के लिए हम लोगों ने आधिकारिक प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है और चाहते हैं कि यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो।

    इन सब के बीच खरगे का बयान भी सामने आया है। खरगे ने कहा कि मैं गांधी परिवार और कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ विचार-विमर्श करूंगा तथा उस पर अमल भी करूंगा। कांग्रेस के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत नामांकन वाले दिन ही मैंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिया। मैं किसी के विरोध में नहीं उतरा हूं, कांग्रेस को मजबूत करने के लिए अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरा हूं। उन्होंने संवादादाताओं से बातचीत में इस धारणा को भी खारिज कर दिया कि उन्हें गांधी परिवार का समर्थन हासिल है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ और युवा नेताओं के कहने पर वह चुनाव मैदान में उतरे हैं।

  • दर्दनाक सड़क हादसा; श्रद्धालुओं से भरा ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से 26 लोगों की मौत

    दर्दनाक सड़क हादसा; श्रद्धालुओं से भरा ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से 26 लोगों की मौत

    कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित साढ़ थाना क्षेत्र में के पास श्रद्धालुओं से भरा ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।

    कानपुर: मातम में बदल गई कई परिवारों की खुशियां, चंद्रिका देवी के दर्शन कर  लौट रहे 27 लोगों की मौत - kanpur accident tractor trolley overturning in  the pond many people died

    कानपुर के जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि घाटमपुर के साढ़ थाना क्षेत्र स्थित कोरथा गांव निवासी एक मुंडन संस्कार में फतेहपुर गए थे। उन्होंने बताया कि ट्राली के नीचे दम घुटने और पानी के अंदर ही अधिकतर लोगों की मौत हो गई है। अभी तक कुल 26 लोगों की मौत हो चुकी है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटमपुर सड़क हादसे में हुई लोगों की मौत पर दुख जताया और उनके परिजनों के लिए राहत कोष से मदद दिए जाने की घोषणा की। पीएम राहत कोष से हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिजन को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घाटमपुर ट्रैक्टर-ट्राली हादसे में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है।

    कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी,  हादसे में 26 लोगों की मौत, कई अन्य लोग घायलउन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवदेना व्यक्ति करते हुए हादसे में घायल हुए लोगों के उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घायलों को 50 हजार और मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया गया है। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ मंत्री राकेश सचान और अजीत पाल को मौके पर जाकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

  • फुटबॉल मैच के दौरान ग्राउंड में हुई भयंकर हिंसा, 127 की मौत- 180 से ज्यादा घायल

    फुटबॉल मैच के दौरान ग्राउंड में हुई भयंकर हिंसा, 127 की मौत- 180 से ज्यादा घायल

     

    नई दिल्ली : बड़ी खबर इंडोनेशिया से है। यहां के मलंग रीजेंसी के कांजुरुहान स्टेडियम में अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया क्लब के बीच मैच हो रहा था। मैच में अरेमा की टीम हार गई। इसके बाद दोनों टीम के फैंस आपस में भिड़ गए। इस हिंसा में 127 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 180 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृतकों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इंडोनेशिया की पुलिस ने घटना की पुष्टि की है।

    जानकारी के मुताबिक हार से निराश फैंस भड़के और आपस में लड़ने लगे। लड़ाई के बाद वहां भगदड़ मची और ज्यादातर लोगों की मौत भगदड़ में ही हुई है। मैदान में इस कदर दंगों के बाद एक सप्ताह के लिए खेलों को निलंबित कर दिया है। मरने वालों में दो पुलिस वाले भी शामिल हैं। जानकारी ये भी आ रही है प्रशासन भीड़ को काबू नहीं कर पाया। स्टेडियमें क्षमता से ज्यादा लोग मैच देखने के लिए पहुंचे थे।

    यह घटना शनिवार रात पूर्वी जावा के मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में हुई। पूर्वी जावा प्रांत में इंडोनेशिया के पुलिस प्रमुख निको अफिंटा ने बताया कि अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच एक मैच के बाद हारने वाले पक्ष के समर्थक मैदान पर आ गए और हिंसा करने लगे। उन्होंने बताया कि मैच के देखने 40 हजार दर्शक मौजूद थे। उनमे से तकरीबन तीन हजार दर्शक मैदान की ओर भागे। हालात को काबू करने के लिए अधिकारियों को आंसू गैस छोड़नी पड़ी, जिसके बादभगदड़ मच गई और दम घुटने के मामले सामने आए है। अफिंटा ने रविवार को एक बयान में कहा कि घटना में 127 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से दो पुलिस अधिकारी हैं। स्टेडियम के अंदर 34 लोगों की मौत हो गई और बाकी की अस्पताल में मौत हो गई।

    मैदान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि सैकड़ों फैंस मैदान पर घुस गए और फिर वहां पर एक दूसरे पर हमला करने लगे। फुटेज में लोगों को मलंग के स्टेडियम में पिच पर दौड़ते हुए और बॉडी बैग की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। इंडोनेशिया के फुटबॉल संघ (PSSI) ने शनिवार देर रात एक बयान जारी कर घटना पर खेद व्यक्त किया और कहा कि खेल के बाद जो हुआ उसकी जांच शुरू करने के लिए एक टीम मलंग के लिए रवाना हो गई है। पीएसएसआई ने कांजुरुहान स्टेडियम में अरेमा समर्थकों की हिंसा पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि हमें खेद है और पीड़ितों के परिवारों और घटना के लिए सभी पक्षों से माफी मांगते हैं।

    लीग ने दंगों के बाद एक सप्ताह के लिए खेलों को निलंबित कर दिया है। अरेमा एफसी टीम को इस सीजन के बाकी मैचों के लिए मेजबानी करने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। लीग के मालिक पीटी एलआईबी के अध्यक्ष निदेशक अखमद हादियन लुकिता ने कहा कि पीएसएसआई के अध्यक्ष से निर्देश मिलने के बाद हमने निर्णय की घोषणा की।