Category: NATIONAL

  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सुनाई खरी-खरी,आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आलोचना

     विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सुनाई खरी-खरी,आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आलोचना

     

    नई दिल्ली : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आलोचना की। जयशंकर ने मुंबई में सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति की बैठक में कहा, जब इन आतंकवादियों में से कुछ को प्रतिबंधित करने की बात आती है, तो सुरक्षा परिषद कुछ मामलों में राजनीतिक कारणों से कार्रवाई करने में असमर्थ रही है। यह हमारी सामूहिक विश्वसनीयता और हमारे सामूहिक हितों को कमजोर करता है।

    उन्होंने आगे कहा कि एक महीने के अंदर हम नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए भीषण हमलों की 14वीं बरसी मनाएंगे। मंत्री ने कहा, एक आतंकवादी को जिंदा पकड़ा गया, उस पर मुकदमा चलाया गया और उसे भारत की सर्वोच्च अदालत ने दोषी ठहराया, लेकिन 26/11 के हमलों के प्रमुख साजिशकर्ता और योजनाकार अभी भी सुरक्षित हैं। दो दिवसीय बैठक दिन में पहले ताजमहल होटल में शुरू हुई, जो 26/11 के घातक हमलों के स्थलों में से एक है।

    हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने वाले जयशंकर ने कहा कि यह सिर्फ मुंबई पर हमला नहीं था, यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर हमला था। उन्होंने कहा, आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य राज्य की प्रतिबद्धता सार्वजनिक रूप से चुनौती है। जयशंकर ने कहा कि यह संदेश देने की जरूरत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और न्याय देने में कभी देरी नहींकरेगा। उन्होंने कहा, 26/11 को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।

  • हरियाणा के सूरजकुंड में चल रहे दो दिवसीय  गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर में बोले PM मोदी, ‘कई बंदूकवाले तो कई कलमवाले भी नक्सली’

    फरीदाबाद : हरियाणा के सूरजकुंड में चल रहे दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर‘ का आज आखिरी दिन है। इस दौरान पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के सभी राज्यों के गृह सचिवों, डीजीपी, सशस्त्र सेना बलों और केंद्रीय सुरक्षाबलों के अधिकारियों से देश की सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत बनाने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कमलवाले कुछ लोगों को भी नक्सली करार दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भी यह निशाना साथा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम अमृतकाल में हैं और इस दौरान हमें ‘पंच प्राणों’ के संकल्प पर चलना होगा तभी हम अपने अमृतकाल के सपने को और मजबूत कर पाएंगे।

    पीएम मोदी ने कहा कि कि, ‘आजादी का अमृतकाल हमारे सामने हैं। आने वाले 25 वर्ष देश में एक अमृत पीढ़ी के निर्माण के हैं। ये अमृत पीढ़ी ‘पंच प्राणों’ के संकल्पों को धारण करके निर्मित होगी।’ उन्होंने इस अह्वान के साथ पंच प्राणों के बारे में बताया कि, ‘विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की हर सोच से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता, नागरिक कर्तव्य जैसे प्राणों का पालन करना होगा।

    पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि, ‘कई बंदूकवाले तो कई कलमवाले भी नक्सली।’ इस दौरान पीएण मोदी ने आंतरिक सुरक्षा के लिए सभी राज्यों से एक साथ मिलकर काम करने पर जोर देते हुए कहा कि कानून एवं व्यवस्था का सीधा संबंध विकास से है, अत: शांति बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से यहां सभी राज्यों के गृह मंत्रियों के लिए आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य को एक-दूसरे से सीखना चाहिए, प्रेरणा लेनी चाहिए और आंतरिक सुरक्षा के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।

    मोदी ने कहा, आंतरिक सुरक्षा के लिए राज्यों का एक साथ मिलकर काम करना संवैधानिक आदेश के साथ ही देश के प्रति जिम्मेदारी भी है। सभी एजेंसियों को कार्य क्षमता, बेहतर परिणाम और आम आदमी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के साथ सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति संविधान के अनुसार राज्य का विषय हैं, हालांकि वह देश की एकता एवं अखंडता से समान रूप से संबद्ध है।

  • UN में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की कोशिश में तेजी से जुटी है मोदी सरकार, विदेश मंत्री जयशंकर बोले- थोड़ा समय लगेगा

    UN में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की कोशिश में तेजी से जुटी है मोदी सरकार, विदेश मंत्री जयशंकर बोले- थोड़ा समय लगेगा

     

    जयशंकर ने इस अवसर पर 12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के शुभंकर और वेबसाइट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल कराने की दिशा में प्रयास जारी है।

    UN में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की कोशिश में मोदी सरकार, विदेश मंत्री जयशंकर बोले- थोड़ा समय लगेगा

    फिजी के नाडी में अगले विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन 15-17 फरवरी 2023 के बीच होगा। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस अवसर पर 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन के शुभंकर और वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल कराने की दिशा में प्रयास जारी है। इसमें कुछ प्रगति हुई है, लेकिन इसमें अभी समय लगेगा।

    जयशंकर ने यहां सुषमा स्वराज भवन में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। इस मौके पर विश्व हिंदी सम्मेलन का लोगों जारी किया गया, जिसके लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। साथ ही सम्मेलन में पंजीकरण तथा अन्य जानकारियों के लिए एक वेबसाइट लांच की गई। इस मौके पर संवाददाताओं द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि हिंदी का प्रयोग यूनेस्को में हो रहा है। जहां तक संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में हिंदी के उपयोग की बात है, तो इस बारे में संयुक्त राष्ट्र के साथ हमारा एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इसके तहत अभी सोशल मीडिया तथा न्यूजलेटर में हिंदी का प्रयोग किया जा रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को शामिल करने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाने में अभी थोड़ा समय लगेगा। संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रिया में एक नई भाषा को शामिल करना इतना आसान भी नहीं है। लेकिन, इस दिशा में लगातार प्रगति हो रही है। हम आशा करते हैं कि यह होगा। डिजिटल माध्यम से दूसरे देशों में हिंदी को बढ़ावा देने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा अनुभव डिजिटल माध्यम के उपयोग को लेकर है, खासकर अफ्रीका में अच्छा अनुभव है। यह शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में डिजिटल माध्यम के उपयोग से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सलाहकार समिति की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई है। हमारी इच्छा है कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करें। इस मौके पर फिजी दूतावास के अधिकारी भी मौजूद थे।

  • भारत की अगुवाई में UN का दो दिवसीय आतंकवाद रोधी सम्मेलन आज से होगा शुरु

    भारत की अगुवाई में UN का दो दिवसीय आतंकवाद रोधी सम्मेलन आज से होगा शुरु

     

    भारत में यूएन का दो दिवसीय आतंकवाद रोधी सम्मेलन आज से शुरु हो रहा है. इसे लेकर अमेरिका ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के साथ ही यह सम्मेलन को दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम होगा।

    भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो दिवसीय आतंकवाद रोधी सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है. इसे लेकर अब अमेरिका ने बड़ा बयान दिया है. अमेरिका ने आतंकवाद से लड़ने के लिहाज से इस सम्मेलन को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया है. बता दें कि यह आतंकरोधी सम्मेलन भारत में हो रहा है जिसमें मुबंई हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजली दिया जाएगा और दूसरे दिन 29 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक होगी. चीन के प्रतिनिधि भी इस बैठक में भाग ले रहै हैं. बताया जा रहा है कि बैठक में मुख्यत: तीन मुद्दों पर बात की जानी है. जिसमें पहला है, आतंकवादी कार्रवाईयों में इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग, दूसरा, टेरर फंडिंग के लिए नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और तीसरा है आतंकवादी घटनाओं में ड्रोन का प्रयोग

  • POK को वापस लेने के बाद ही जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरा होगा: राजनाथ सिंह

    POK को वापस लेने के बाद ही जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरा होगा: राजनाथ सिंह

    श्रीनगर : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की धरती से एलान किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने के बाद ही जम्मू- कश्मीर का भारत में विलय पूरा होगा। जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय और वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर को कबाइलियों के हमले से बचाने के लिए भारतीय सेना को वहां पहुंचाये जाने की याद में मनाये जाने वाले ” शौर्य दिवस” के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा ” यह यात्रा तभी पूरी होगी जब हम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के ,अन्य हिस्सों के साथ गिलगित बाल्टिस्तान को भी वापस ले लेंगे। राज्य का विशेष दर्जा खत्म किये जाने के बाद यहां एक नयी शुरूआत हुई है, यह तो बस शुरूआत भर है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब एक के बाद एक विकास के नये आयामों को छुऐंगे। लेकिन यहां मैं कहना चाहूंगा कि हमने इन क्षेत्रों का विकास अभी शुरू ही किया है और अब हम उत्तरी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं।”

    उन्होंने कहा,” हमारी यात्रा तब पूरी होगी जब भारतीय संसद में 22 फरवरी 1949 को सर्वसम्मति से पारित किये गये प्रस्ताव को लागू कर देंगे और उसके हिसाब से बाकी बचे हिस्सों जैसे गिलगित और बाल्टिस्तान के साथ दूसरे हिस्सों को भी अपनी ज़द में ले आयेंगे।”

    सोनिया,आशारक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ” मैं पाकिस्तान से सवाल करना चाहता हूं कि उसने कश्मीर के जिस हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा जमाया हुआ है वहां के लोगों को कितने अधिकार दिये हैं। पाकिस्तान जो मानवाधिकारों के नाम पर घडिय़ाली आंसू बहता है ,वह उसके कब्जे वाले इलाके के लोगों की कितनी चिंता करता है।”

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पीओके के लोगों के खिलाफ क्रूरता दिखाता है। सिंह ने कहा कि जम्मू -कश्मीर के देश का अभिन्न हिस्सा होने के बावजूद यहां के लोग राजनीति के शिकार हैं । उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया गया है। एक ओर इस क्षेत्र की आजादी को धरती का स्वर्ग बताया जाता है तो दूसरी ओर इस भावना ने स्वार्थी राजनीति के सामने दम तोड़ दिया है।

    उन्होंने कहा ” इस क्षेत्र को लंबे समय से अंधकार में रखा गया है। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में विकास की नयी बयार बही है। इससे पहले यहां हुई जबरदस्त हिंसा का शिकार अनगिनत जिंदगियां हुईं और अनगिनत घर बरबाद हुए। इसके कारण एक ही देश में दो विधान काम कर रहे थे । केंद्र सरकार की कितनी ही लाभकारी योजनाएं पंजाब की सीमा पार करके इस राज्य तक नहीं पहुंच पायीं। धर्म के नाम पर अनगिनत लोगों का खून बहाया गया।

  • भारत के इस राज्य में बेची जा रही हैं बच्चियों , विदेशों में हो रही सप्लाई,मामला सामने आते ही NHRC ने जारी किया नोटिस …

    भारत के इस राज्य में बेची जा रही हैं बच्चियों , विदेशों में हो रही सप्लाई,मामला सामने आते ही NHRC ने जारी किया नोटिस …

    नई दिल्ली- राजस्थान के गांव में बेटियों की नीलामी पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्य रवैया अपनाया है। मानवाधिकार आयोग ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार को नोटिस भेज कर पूछा कि इस मामले में क्या ऐक्शन लिया गया है? दरअसल आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने राजस्थान सरकार को उस रिपोर्ट पर नोटिस थमाया है जिसमें दावा किया गया है कि 8-18 साल की बच्चियों को स्टांप पेपर पर बेचा जा रहा है। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो जातीय पंचायत के हुक्म पर बेटियों की मां के साथ दुष्कर्म किया जा रहा है।

    इस नोटिस में एनएचआरसी की तरफ से कहा गया है कि इस मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्ज नहीं चुका पाने की वजह से राजस्थान के आधा दर्जन जिलों में लड़कियों की खरीद-बिक्री की जा रही है। इन लड़कियों को यूपी, एमपी, मुंबई दिल्ली के अलावा विदेश भेजा जा रहा है, जहां इनके साथ यौन प्रताड़ना हो रहा है। एनएचआरसी ने इस मीडिया रिपोर्ट को लेकर कहा है कि अगर यह रिपोर्ट सही है तो यह मानवाधिकार का उल्लंघन है। जिसकी वजह से राजस्थान के मुख्य सचिव को नोटिस भेजा गया है और उनसे विस्तृत रिपोर्ट की मांग की गई है। यह भी पूछा गया है कि इस मामले में क्या ऐक्शन लिया गया है।

    आयोग ने राजस्थान में ग्राम पंचायतों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कहा गया है कि ऐसी पंचायतों की वजह से महिलाओं के मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है। आयोग ने इन घटनाओं में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने राजस्थान के डीजीपी को भी नोटिस भेजा है। आयोग ने अपने सदस्य को वहां भेज कर मामले की असलियत पता करने के लिए भी कहा है। आयोग ने अपने सदस्य से कहा है कि जांच-पड़ताल के बाद वो विस्तार से अपनी रिपोर्ट आयोग को सौपें।

    बता दें कि इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इस मीडिया रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘कांग्रेस पार्टी का नारा तो है, ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ का, लेकिन हकीकत राजस्थान में देखें, जहां बहन बेटियों की खुलेआम नीलामी चल रही है। कांग्रेस के कुशासन से तंग आकर अब राजस्थान की बेटियां कह रही हैं; ‘लड़की हूँ बच सकती हूं, तभी तो राजस्थान में रह सकती हूं।’ संबित पात्रा ने निजी समाचार पत्र की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसमे बताया गया है कि राजधानी जयपुर स करीब 340 किलोमीटर दूर भीलवाड़ा के एक गांव पंडेर में लड़कियों की खरीद-बिक्री चल रही है। इस मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां की कई बस्तियों में रहने वाली गरीब लड़कियों को दलाल स्टांप पेपर पर खरीदते और बेचते हैं। इस रिपोर्ट में कुछ लड़कियों से बातचीत करने का दावा किया गया था। यह लड़कियां बता रही थीं कि उन्हें बेचा गया है और उनके साथ दुष्कर्म किया गया है।

  • 1900 फुट की ऊंचाई पर विमान से टकराया पक्षी, दिल्ली में उतरा विमान; बड़ा हादसा टला

    1900 फुट की ऊंचाई पर विमान से टकराया पक्षी, दिल्ली में उतरा विमान; बड़ा हादसा टला

     

    नई दिल्ली  अकासा एयर की फ्लाइट से गुरुवार को एक चिड़िया टकरा गई। जिस समय ये हादसा हुआ उस दौरान विमान 1900 फीट की ऊंचाई पर था। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की ओर से जानकारी दी गई है कि अकासा एयर के विमान के साथ यह घटना गुरुवार सुबह हुई है। यह बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था। इसमें हादसे के समय यात्री भी सवार थे, उनकी संख्या पता नहीं चल पाई है। पक्षी टकराने से विमान के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। हालांकि विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

    डीजीसीए के मुताबिक अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या क्यूपी-1333 ने गुरुवार सुबह अहमदाबाद से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। जब यह 1900 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था, तब इससे एक चिड़िया टकरा गई। इसके बाद विमान दिल्ली पहुंचा तो हादसे में इसमें हुए नुकसान का पता चला है। डीजीसीए ने कहा है कि विमान को दिल्ली में एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि यह विमान फिलहाल उड़ान नहीं भर पाएगा। विमान की जांच करके गड़बड़ी सुधारी जाएगी।

  • कुत्ता-बिल्ली पालने पर सख्ती, अब लेना होगा License,जानिए किस राज्य की सरकार हुई सख्त..

     कुत्ता-बिल्ली पालने पर सख्ती, अब लेना होगा License,जानिए किस राज्य की सरकार हुई सख्त..

     

    चंडीगढ़ : हरियाणा में अब बिना अनुमति के कुत्ता, बिल्ली और किसी पक्षी को नहीं पाला जा सकेगा। अब कुत्ते समेत पालतू जानवरों को पालने का लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए लोगों को लाइसेंस के लिए आवेदन करना ही पड़ेगा। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थान पर कुत्ते को घुमाने या बाहर ले जाने पर मुखौटा पहनाना होगा, जिससे वह किसी व्यक्ति को काट न सके। खास बात यह है कि एक मकान मालिक सिर्फ एक ही कुत्ता रख सकेगा।

    हालांकि ये नियम 2005 में बनाया गया था, लेकिन इसी साल अगस्त में इस नियम में संशोधन करके इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया था। अब करीब 2 महीने बाद हरियाणा सरकार इसे सख्ती से लागू करने के मूड में है। अगर कोई शख्स नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई भी की जा सकती है।

    हरियाणा सरकार के फरमान के तहत लोगों को कुत्तों पालने के लिए सरल पोर्टल पर अप्लाई करना होगा। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी पंजीकरण कर लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करेंगे। सरकार की ओर से घर के बार कुत्तों को टहलाने के लिए भी एडवाइजरी का पालन करना जरूरी होगा।

    कुत्तों को पालने के लिए यदि कोई व्यक्ति नियमों को नहीं मानता है तो उसे जेल भी काटनी पड़ सकती है। सरकार के सख्त नियमों के तहत नियम को नहीं मानने वाले व्यक्ति पर 5,000 रुपये जुर्माना और कैद का प्रावधान भी करने जा रही है।

  • लालच के कारण गंवाई जान; टैंकर पलटने के बाद पेट्रोल-डीजल की लूट, ब्लास्ट होने पर लड़की का बना कंकाल, कई लोग झुलसे

    लालच के कारण गंवाई जान; टैंकर पलटने के बाद पेट्रोल-डीजल की लूट, ब्लास्ट होने पर लड़की का बना कंकाल, कई लोग झुलसे

    नई दिल्ली- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में बुधवार दर्दनाक हादसा हो गया। बिस्टान थाना क्षेत्र के मोगरगांव-गढ़ी मार्ग पर एक पेट्रोल-डीजल से भरा टैंकर पलट गया। टैंकर को पलटते ही मौके पर वहां भीड़ लग गई। करीब दो घंटे बाद टैंकर में जोरदार ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट होने से पास में खड़ी एक 20 वर्षीय युवती का सिर्फ कंकाल ही बचा। वहीं पास में मौजूद करीब 21 लोग गंभीर रूप से झुसल गए. उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी का इलाज चल रहा है।

    बताया जा रहा है कि यह भयानक हादसा मोगरगांव-गढ़ी मार्ग पर अंजनगांव गांव के पास हुआ। झिरनिया जा रहा पेट्रोल-डीजल से भरा टैंकर गांव के पास बने यू टर्न के पास एका-एक पलट गया। टैंकर के पलटते ही ड्राइवर और क्लीनर मौके से भाग गए। हादसे के बाद ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीण पुलिस और फायर ब्रिगेड को हादसे की सूचना न देकर मौके पर तमाशा देखते रहे। करीब दो घंटे बाद टैंकर में जोरदार ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट होते ही पास में खड़ी युवती धुआं-धुआं हो गई। युवती का सिर्फ कंकाल ही बचा।

    फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पाया काबू
    वहीं करीब 21 ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे की सूचना के बाद मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। पुलिस टीम के साथ मिलकर फायर ब्रिगेड की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया। घटनास्थल पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में सात बच्चे और 14 महिला-पुरुष शामिल हैं। करीब 17 घायलों को की हालत गंभीर देख उन्हें इंदौरी रेफर कर दिया गया। चार घायलों का खरगोन के जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    बताया जा रहा है कि टैंकर पलटने के बाद ग्रामीणों ने चलाकी दिखाई। पुलिस को सूचना न देकर पेट्रोल-डीजल लूटने में सब व्यस्त थे। टैंकर में करीब आठ हजार लीटर पेट्रोल और चार हजार लीटर डीजल भरा हुआ था। अगर ग्रामीणों ने मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी होती तो यह हादसा न होता। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और एसपी धर्मवीर सिंह यादव जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्तपला से इंदौर रेफर करवाया। वहीं जिला अस्पताल में उपचार रत चार मरीजों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।

  • अब रेलवे स्टेशनों पर 50 रुपये में मिलेगा प्लेटफार्म टिकट, जानिए दाम बढ़ाने के पीछे क्या है वजह…

    अब रेलवे स्टेशनों पर 50 रुपये में मिलेगा प्लेटफार्म टिकट, जानिए दाम बढ़ाने के पीछे क्या है वजह…

    जौनपुर- उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने एक महत्वपूर्ण फैसले में जौनपुर और वाराणसी जंक्शन सहित उत्तर रेलवे के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म टिकट के दाम आज 26 अक्टूबर से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार लखनऊ मंडल प्रशासन ने 26 अक्टूबर से 6 नवंबर तक के लिये प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपए कर दी है। लखनऊ मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों लखनऊ, वाराणसी जं, बाराबंकी जं, अयोध्या कैंट, अयोध्या, अकबरपुर, शाहगंज, जौनपुर जं, सुल्तानपुर जं, रायबरेली, जंघई, भदोही, प्रतापगढ़ एवं उन्नाव पर प्लेटफार्म टिकट का मूल्य 50 रुपए प्रतिव्यक्ति निर्धारित कर दिया है। रेलवे ने स्टशनों पर भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिये यह फैसला किया है, ताकि केवल यात्रियों का ही स्टेशन और प्लेटफार्म पर आगमन हो। इससे अनावश्यक भीड़ को रोकने में भी सहायता मिलेगी। लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक, सुरेश कुमार सपरा ने कहा कि यात्री सुविधा के तहत मंडल पर प्लेटफार्म टिकट के मूल्य का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं अमल में लाई जा रही हैं।