यात्रीगण ध्यान दे; किसान आंदोलन से प्रभावित ट्रेनें एक बार फिर से पटरी पर लौटी,खत्म हुई यात्रियों की परेशानी 

यात्रीगण ध्यान दे; किसान आंदोलन से प्रभावित ट्रेनें एक बार फिर से पटरी पर लौटी,खत्म हुई यात्रियों की परेशानी

 

Ambala News: अंबाला-अमृतसर रेलमार्ग पर अपनी मांगो को लेकर शंभू रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया हुआ था, जिससे 5655 ट्रेन्स प्रभावित हुई थी. इन ट्रेनों को आज से यात्रियों के लिए फिर से शुरू कर दिया है.

Ambala News: किसान आंदोलन से प्रभावित 5655 ट्रेनें फिर से चली, यात्रियों की परेशानी हुई खत्म
अंबाला में लगभग 34 दिनों बाद रेलवे ट्रेक पर फिर ट्रेन चलने लगी है, जिससे लोगों को हो रही परेशानी खत्म हो गई है. अंबाला-अमृतसर रेलमार्ग पर अपनी मांगो को लेकर शंभू रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया हुआ था, जो 34 दिन बाद सोमवार को किसानों ने धरना खत्म करने की ऐलान लिया. जिसको लेकर रेलवे ने फिर से जो भी ट्रेन्स प्रभावित थी, उसे फिर से चला दिया है. अब अमृतसर ट्रेन अपनी सीधे रूट से ही जाएगी. रेलवे अधिकारी की अगर माने तो किसानों के रेल रोको आंदोलन में अब तक 5655 ट्रेन्स प्रभावित हुई थी. इस वजह से रेलवे को करोड़ों का नुक्सान भी हुआ है, जिसका आंकलन अभी करना है
अपनी मांगों को लेकर किसान यूनियन ने पहले अंबाला-अमृतसर सड़क मार्ग रोका था. जो आज तक बंद है. सरकार ने वाहनों को चंडीगढ़ की ओर से पंजाब जाने के लिए बदला हुआ है, लेकिन जब काफी समय बाद भी रोड रोकने से सरकार ने किसानों की मांगे नहीं मानी तब किसानों ने रेल मार्ग भी बंद कर दिया. किसान शंभू रेलवे स्टेशन पर धरना देकर बैठ गए, जिससे पंजाब व हरियाणा के आम लोगों को परेशानी हो है रही थी, लेकिन व्यापरियों को ज्यादा परेशानी हो रही. जिसको देखते हुए किसानों ने कल 34वें दिन रेल ट्रेक खाली कर दिया. जिससे रेलगाड़ियां फिर से सुचारु रूप से चलने लगी और रेलवे अधिकारियों ने चैन की सांस ली.
अंबाला रेलवे के SR. DCM नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने कल से ही जो ट्रेन्स रूट बदल कर चलाई जा रही थी. उनको कल शाम से ही सही रूट पर चला दिया था. आज किसी भी ट्रेन का रुट नहीं बदला, वे सभी ट्रेन्स सीधे ही चल रही हैं. कुछ ट्रेन जो कैंसिल थी वो भी आज और कल तक शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि ये ट्रेन्स लगभग 35 दिनों बाद अपने रूट पर चल रही है और इसलिए आंदोलन में लगभग 5655 ट्रेन्स प्रभावित हुई थी, जिसमें 4868 ट्रेन्स पैसेंजर ट्रेन्स थी. उन्होंने कहा कि अभी नुकसान के बारे में आंकलन करना है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ट्रेन्स को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि नुकसान भी बड़ा ही होगा.

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