बेअंत सिंह की हत्या के दोषी राजोआना की रिहाई मामले को लेकर ट्वीट कर बोले कांग्रेसी सांसद मनीष तिवारी
चंडीगढ़ः पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की रिहाई को लेकर पंजाब में सियासत तेज गई है। जिसे लेकर सुखबीर सिंह बादल व रवनीत बिटू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिटठी लिखी है। इस मामले में अब कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राजोआना की रिहाई का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है। मनीष तिवारी ने कहा कि एक आतंकवादी पीड़ित होने के नाते मैं अपने सहयोगी रवनीत बिट्टू की पीड़ा को समझता हूं, लेकिन एक वकील और पंजाब के सांसद के रूप में यह मेरा विचार है कि बलवंत सिंह राजोआना ने 26 साल जेल में सजा काटी है। उनकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदला जाए। और उन्हें सीआरपीसी के तहत आदेश पारित करके रिहा कर दिया जाए।
इससे पहले, बेअंत सिंह के पोते और लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिटठी लिखकर राजोआना को राहत न देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि राजोआना को रिहाई दी गई तो पंजाब के भविष्य पर विनाशकारी असर पड़ सकता है। बिट्टू ने चिटठी में लिखा था कि एक मुख्यमंत्री के हत्यारे को क्षमादान देने का कोई भी फैसला बहुत ही गलत संदेश देगा। यह देश के दुश्मनों को हमारी मातृभूमि के खिलाफ भयावह साजिशों को अंजाम देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
इससे पहले, बेअंत सिंह के पोते और लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिटठी लिखकर राजोआना को राहत न देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि राजोआना को रिहाई दी गई तो पंजाब के भविष्य पर विनाशकारी असर पड़ सकता है। बिट्टू ने चिटठी में लिखा था कि एक मुख्यमंत्री के हत्यारे को क्षमादान देने का कोई भी फैसला बहुत ही गलत संदेश देगा। यह देश के दुश्मनों को हमारी मातृभूमि के खिलाफ भयावह साजिशों को अंजाम देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
बता दें कि रवनीत बिट्टू की ये चिटठी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के उस चिटठी के बाद
आई थी, जिसमें बादल ने पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और राजोआना की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। इसके बाद रवनीत सिंह बिटू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चिटठी दी जिसमें उन्होंने कहा कि सुखबीर के इरादों की जांच होनी चाहिए कि उनके राजोआना की रिहाई को लेकर क्या मनसूबे हैं।








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