राजनीतिक दलों के नेताओं को लिखे अपने पत्र में पीएम मोदी ने यह भी लिखा कि गहन मंथन के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब समय आ गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अपनी पूर्ण भावना के साथ देश में लागू हो। यह उचित होगा कि 2029 का लोकसभा चुनाव और सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने के बाद हों। इससे भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और जन-विश्वास गहरा होगा। इसके साथ ही शासन व्यवस्था में सबकी भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा, “हम सभी एक स्वर में इस संशोधन को पारित कराने के लिए एकजुट हों। ज्यादा से ज्यादा सांसद इस विषय पर अपने विचार संसद में रखें। यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है। यह नारी शक्ति और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी भी है। हम सभी दल काफी समय से चाहते रहे हैं कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े। इस आकांक्षा को वास्तविकता में बदलने का यही सही समय है।” पीएम मोदी ने कहा कि यह देश की नारी शक्ति की सिद्धि का विषय है, 140 करोड़ देशवासियों की सिद्धि का विषय है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे और संसद में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा, “नारी शक्ति बंदन अधिनियम को लागू करने वाली संसद के सदस्य हमेशा इस बात पर गौरव करेंगे कि उन्होंने इस महान कार्य में अपना योगदान दिया है। इसलिए इस अवसर को हमें छोड़ना नहीं है। नारी शक्ति बंदन अधिनियम में संशोधन को आपका समर्थन देश की माताओं-बहनों और बेटियों के प्रति असीम दायित्वों का निर्वहन होगा।” उन्होंने अपील करते हुए कहा, “आइए, हम अपने लोकतंत्र की महान परंपराओं को और जीवंत बनाएं और इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए कदम उठाएं।”









