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झोटा हत्याकांड मामला : 5 सदस्यीय सीबीआई टीम मानसा पहुंची, पुलिस ने सौंपी मामले से संबंधित फाइलें

झोटा हत्याकांड मामला : 5 सदस्यीय सीबीआई टीम मानसा पहुंची, पुलिस ने सौंपी मामले से संबंधित फाइलें

 

मानसा  : पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की 5 सदस्यीय टीम मानसा पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की झोटा के परिवार से मुलाकात के बाद जांच की कार्रवाई आगे बढ़ी है। अमित शाह ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि हत्याकांड की गहराई से जांच करवाई जाएगी और जल्द ही सीबीआई की टीम मानसा पहुंचेगी।

मानसा पहुंचने के बाद सीबीआई की टीम ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। टीम में डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इस दौरान मानसा पुलिस ने हत्याकांड से संबंधित फाइल सीबीआई को सौंप दी। अब केंद्रीय जांच एजेंसी मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी।

जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या की साजिश किसने रची और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके साथ ही मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के कथित नशा कारोबार से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जाएगी। यह पहलू भी खंगाला जा सकता है कि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की इस मामले में कोई भूमिका अथवा कथित मिलीभगत तो नहीं थी। हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएंगे।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने पर सहमति जताए जाने के बावजूद मंगलवार को आठवें दिन भी परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिवार और इंसाफ कमेटी अपनी सभी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने पर अड़े हैं।

परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी इस्तीफा नहीं देते तथा उनकी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार का कहना है कि केवल सरकारी आश्वासनों के आधार पर भरोसा नहीं किया जा सकता। जांच वास्तव में शुरू होती है या नहीं, यह बाद में देखा जाएगा।

इंसाफ कमेटी और परिवार ने नशे के नेटवर्क को तोड़ने, नशा तस्करों तथा उनके पीछे खड़े कथित राजनीतिक गठजोड़ को बेनकाब करने की मांग भी उठाई है। मंगलवार को धरनास्थल पर पूर्व सैनिकों, विभिन्न संगठनों और नेताओं ने पहुंचकर परिवार को समर्थन दिया। कर्नल बाठ की पत्नी जसविंद्र कौर भी धरने में शामिल हुईं।

मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड के बाद पंजाब में आक्रोश फैल गया और परिवार ने न्याय की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।

अब सीबीआई जांच शुरू होने से हत्याकांड की साजिश, कथित नशा नेटवर्क और संभावित मिलीभगत से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, परिवार ने साफ कर दिया है कि जांच की घोषणा के बावजूद मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।