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दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी के लिए जारी किया ड्राफ्ट, 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया; 2027 से ई-ऑटो ही होंगे रजिस्टर..

दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी के लिए जारी किया ड्राफ्ट, 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया; 2027 से ई-ऑटो ही होंगे रजिस्टर..

 

 

रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत तक छूट, चार्जिंग अवसंरचना का व्यापक विस्तार: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने शनिवार को नई ईवी ड्राफ्ट नीति को लोगों और संबंधित पक्षों की राय के लिए सार्वजनिक कर दिया। इस प्रस्तावित नीति पर सुझाव देने के लिए सभी हितधारकों को 30 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित दिल्ली ईवी ड्राफ्ट नीति 2026 माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राजधानी में स्वच्छ, सुलभ और सतत परिवहन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रस्तावित है। इस नीति के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट, अनिवार्य प्रावधान और अवसंरचना विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

डीबीटी के माध्यम से मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति के अंतर्गत सभी खरीद प्रोत्साहन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को सीधे दिया जाएगा। इसमें वे व्यक्ति, स्वामित्व फर्म, एजेंसियां और कंपनियां शामिल होंगी जो दिल्ली के निवासी हैं और जिनके वाहन दिल्ली में पंजीकृत हैं। लाभार्थी परिवहन विभाग के तय किए गए सिस्टम के जरिए सीधे सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

दो-पहिया वाहनों पर चरणबद्ध प्रोत्साहन

उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए एक्स शोरूम कीमत 2.25 लाख रुपये तक तय की गई है। ऐसे वाहनों पर सब्सिडी तीन चरणों में दी जाएगी। पहले साल 10,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 30,000 रुपये), दूसरे साल 6,600 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 20,000 रुपये) और तीसरे साल 3,300 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 10,000 रुपये) तक का प्रोत्साहन मिलेगा।

तीन-पहिया और माल वाहनों को भी बढ़ावा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रिक तीन-पहिया (एल5एम श्रेणी) वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, इलेक्ट्रिक चार पहिया माल वाहनों (एन1 श्रेणी) पर पहले साल एक लाख रुपये, दूसरे साल 75,000 रुपये और तीसरे साल 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक तीन-पहिया (एल5एम श्रेणी) वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, इलेक्ट्रिक चार पहिया माल वाहनों (एन1 श्रेणी) पर पहले साल एक लाख रुपये, दूसरे साल 75,000 रुपये और तीसरे साल 50,000 रुपये का प्रोत्साहन तय किया गया है।

पुराने वाहनों के लिए स्क्रैपिंग प्रोत्साहन

उन्होंने बताया कि स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के तहत पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने पर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वालों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 10,000 रुपये, तीन-पहिया पर 25,000 रुपये, गैर-परिवहन इलेक्ट्रिक कारों पर एक लाख रुपये और चार पहिया माल वाहनों पर 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसका लाभ लेने के लिए जरूरी है कि अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर से प्रमाणपत्र मिलने के छह महीने के भीतर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदी जाए। यह सुविधा दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-IV और उससे पुराने वाहनों पर लागू होगी। इलेक्ट्रिक कारों के मामले में यह लाभ केवल पहले एक लाख पात्र आवेदकों को मिलेगा और कार की एक्स- शोरूम कीमत 30 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

करों में छूट और हाइब्रिड वाहनों पर राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में व्यापक छूट प्रदान की जाएगी। नीति अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पंजीकृत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को 31 मार्च 2030 तक पूर्ण छूट दी जाएगी, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की इलेक्ट्रिक कारों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग ढांचे को मजबूती

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। यह एजेंसी योजना बनाने, समन्वय करने और काम को लागू करने की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके लिए डिजिटल पोर्टल तैयार या जोड़ा जाएगा, जिससे चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग से जुड़े कामों की मंजूरी, निगरानी और संचालन पूरी तरह पारदर्शी और आसान हो सके। इस प्रक्रिया में डीएम, एसडीएम, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जिसमें सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

2027 और 2028 से अनिवार्य प्रावधान

मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति में भविष्य के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए गए हैं। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए रजिस्ट्रेशन के लिए केवल इलेक्ट्रिक तीन-पहिया (एल5) वाहन ही मंजूर होंगे। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, स्कूल बसों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य होगा। इसके तहत दूसरे साल के अंत तक कम से कम 10 प्रतिशत, तीसरे साल तक 20 प्रतिशत और 31 मार्च 2030 तक 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक करना होगा। यह नियम सभी स्कूल बसों पर लागू होगा, चाहे वे मालिकाना, लीज या किराए पर चल रही हों।

सरकारी बेड़े में भी इलेक्ट्रिक प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि सरकारी बेड़े में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। नीति अधिसूचना के बाद दिल्ली सरकार के अंतर्गत सभी किराए या लीज पर लिए गए वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, सिवाय आपातकालीन या विशेष रूप से छूट प्राप्त वाहनों के। इसके अलावा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग द्वारा शामिल की जाने वाली सभी नई अंतर-राज्यीय बसें भी इलेक्ट्रिक होंगी।