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केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, CGHS नियमों में किए अहम बदलाव; खत्म हुई पोस्टिंग की भौगोलिक सीमा

केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, CGHS नियमों में किए अहम बदलाव; खत्म हुई पोस्टिंग की भौगोलिक सीमा

 

MBD NEWS (सुमेश शर्मा) नई दिल्ली : केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) से जुड़े पात्रता नियमों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब कर्मचारियों के रहने या पोस्टिंग की जगह को लेकर लागू भौगोलिक पाबंदियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से दूर-दराज या गैर-सीजीएचएस क्षेत्रों में तैनात लाखों कर्मियों को सीधे तौर पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

खत्म हुई भौगोलिक बंदिशें, अब कहीं से भी चुन सकेंगे विकल्प
पहले लागू नियमों के अनुसार, जो कर्मचारी ऐसे इलाकों में तैनात या निवास कर रहे थे जहां सीजीएचएस का नेटवर्क मौजूद नहीं था, उन्हें इस योजना की पात्रता से बाहर रखा जाता था। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं और दावों के निपटारे में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बदले गए नियमों के तहत अब ऐसे सभी योग्य कर्मचारी स्वेच्छा से CGHS का विकल्प चुन सकते हैं, बशर्ते वे तय अंशदान और अन्य आवश्यक शर्तों को पूरा करते हों।

हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह ‘वन-टाइम ऑप्शन’ होगा, यानी एक बार सीजीएचएस का विकल्प चुनने के बाद कर्मचारी इसे बदल नहीं सकेंगे। इसके साथ ही कर्मियों को यह शपथ-पत्र (अंडरटेकिंग) भी देना होगा कि वे या उनके आश्रित परिजन सीजीएचएस और ‘सेंट्रल सर्विसेज (मेडिकल अटेंडेंस) रूल्स, 1944’ [CS(MA)] दोनों का दोहरा लाभ एक साथ नहीं उठाएंगे।

कवरेज वाले इलाकों में तैनात कर्मियों के लिए नियम यथावत
सरकार ने साफ किया है कि जो कर्मचारी पहले से ही CGHS के आधिकारिक कवरेज वाले क्षेत्रों में रह रहे हैं या वहां पदस्थ हैं, उनके लिए यह योजना पहले की तरह पूरी तरह अनिवार्य रहेगी। ऐसे कर्मचारी सीजीएचएस को छोड़कर सीएस(एमए) नियमों के तहत मिलने वाले मेडिकल लाभों का विकल्प नहीं ले सकते हैं।

गलत जानकारी देने पर नपेंगे कर्मचारी, होगी कड़ी वसूली
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मंत्रालय ने कड़े दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। यदि किसी कर्मचारी ने फर्जी दस्तावेज या भ्रामक जानकारी देकर गलत तरीके से सीजीएचएस का लाभ उठाया, तो उसके खिलाफ गंभीर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक एक्शन के साथ-साथ लिए गए समस्त मेडिकल फायदों की पूरी रकम की सख्त वसूली भी की जाएगी।

क्या है CGHS और इसका महत्व?
सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) केंद्र सरकार के मौजूदा सेवारत कर्मियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रित परिजनों के लिए संचालित एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 1 जुलाई 1954 को दिल्ली से की गई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य कर्मचारियों को कैशलेस ओपीडी, अस्पताल में भर्ती, दवाओं की निर्बाध उपलब्धता और रीइंबर्समेंट के झंझटों से मुक्ति दिलाना है। सरकार के इस नए फैसले से अब गैर-कवरेज वाले इलाकों में रहने वाले लाखों परिवारों को भी इस सुरक्षा कवच का लाभ आसानी से मिल सकेगा।