पंजाब में राज्यसभा के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा: कई विधायकों ने कहा हमारी मुहर और साइन फर्जी,
चंडीगढ़- पंजाब से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले और खुद को “जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष” बताने वाले नवनीत चतुर्वेदी पर बड़ा फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब के कई विधायकों की जाली मुहरें और फर्जी हस्ताक्षर बनवाकर उन्हें अपना “प्रस्तावक” दिखाया।
सोशल मीडिया पर इस फर्जीवाड़े के वायरल होने के बाद प्रभावित विधायकों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रदेश के कई थानों में नवनीत चतुर्वेदी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
विधायकों ने DGP और विधानसभा सचिव को लिखा पत्र
अमृतसर के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह समेत कई विधायकों ने पंजाब DGP गौरव यादव और विधानसभा सचिव राम लोक खटना को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि उन्होंने नवनीत चतुर्वेदी को प्रस्तावक के रूप में अधिकृत नहीं किया। पत्र में कहा गया कि उनकी जाली मुहरें बनाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर नामांकन दाखिल किया गया। जिन विधायकों के नाम फर्जी तरीके से प्रस्तावक के तौर पर लगाए गए, उनमें रजनीश दहिया, नरेश कटारिया, सुखबीर सिंह मायसरखाना, रणबीर भुल्लर, गुरलाल सिंह घनौर, अमोलक सिंह, मंजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत सिंह पंडोरी, गुरप्रीत सिंह बन्नावाली और कुलवंत सिंह बाजीगर शामिल हैं।
दो बार दाखिल किए गए नामांकन पत्र
पुलिस जांच के अनुसार, जयपुर निवासी नवनीत चतुर्वेदी ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो बार नामांकन दाखिल किए। पहला नामांकन 6 अक्टूबर 2025 को और दूसरा 13 अक्टूबर 2025 को किया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के 69 विधायक उनके समर्थन में हैं। परंतु, विधायकों द्वारा इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया गया है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तावकों की एक हस्तलिखित सूची लगाई गई थी, जिसमें उनके जाली हस्ताक्षर थे और जिसे सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया गया।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
पंजाब पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि विधानसभा सदस्यों से शिकायतें मिलने के बाद तत्काल कानूनी कार्रवाई की गई है। नवनीत चतुर्वेदी और अज्ञात सहयोगियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि “षड्यंत्र की पूरी सीमा का पता लगाने, शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और फोरेंसिक एवं डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए जांच जारी है।”










