पंजाब; रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए जारी हुए निर्देश
जालंधर : पंजाब की तहसीलों में भ्रष्टाचार होने की मिल रही शिकायतों के बाद पंजाब सरकार ने इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक कदम उठाया है। पंजाब सरकार ने प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान हो रहे भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अब भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने की योजना बनाई है। इसके चलते राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग (स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन शाखा) द्वारा राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने भ्रष्टाचार समाप्त करने हेतु ‘ईज़ी रजिस्ट्रेशन प्रोजेक्ट’ की शुरुआत जिला एसएएस नगर (मोहाली) से कर दी है, जिसे जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

सभी उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वह तहसील स्तर पर डीड राइटर्स, टाइपिस्ट और प्रॉपर्टी डीलरों के साथ बैठक कर उनसे भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त करें। इसके साथ ही उन्हें यह भी चेतावनी दी जाए कि किसी अधिकारी के नाम पर रिश्वत मांगने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी सब-रजिस्ट्रार/ संयुक्त सब-रजिस्ट्रार को भी आदेश दिए गए हैं कि वह प्रत्येक रजिस्ट्रेशन के समय यह सुनिश्चित करें कि किसी से रिश्वत तो नहीं मांगी गई है। इसके अलावा, रजिस्ट्री से संबंधित सभी वैध शुल्क की जानकारी संबंधित व्यक्ति को व्हाट्सएप और एनजीडीआरएस पोर्टल के माध्यम से पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि हर दिन कम से कम 5 प्रतिशत रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों से फीडबैक लिया जाए कि कहीं उनसे रजिस्ट्रेशन के लिए कोई अवैध पैसा तो नहीं मांगा गया। यदि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार सामने आता है, तो उस पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और इसकी जानकारी मुख्यालय को भेजी जाए।









