जेल में बंद वरिष्ठ अकली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को हाईकोर्ट से मिली जमानत
चंडीगढ़ः पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एनडीपीएस केस में फंसे मजीठिया को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। बता दें कि मजीठिया पिछले पांच महीने से पटियाला जेल में बंद थे। हाईकोर्ट की डबल बैंच ने यह फैसला सुनाया है। बिक्रम मजीठिया 168 दिनों के बाद जेल से रिहा हुए हैं।
जिक्रयोग्य है कि 29 जुलाई को उनकी जमानत याचिका पर बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले 22 जुलाई को मजीठिया की याचिका पर पंजाब सरकार ने कहा था कि सरकार की ओर से पैरवी के लिए दिल्ली से सीनियर एडवोकेट पेश होंगे। ऐसे में सरकार को कुछ मोहलत दी जाए। सरकार के आग्रह पर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 29 जुलाई तक स्थगित कर दी थी।
मजीठिया की याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ के समक्ष पहुंची थी। मजीठिया की इस याचिका पर हाईकोर्ट की दो बेंच सुनवाई से इनकार कर चुकी है। पहले जस्टिस एजी मसीह ने खुद को इस केस से अलग करते हुए इसे अन्य बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया था। जस्टिस जस्टिस मसीह की बेंच इस याचिका पर बहस पूरी कर चुकी थी और बेंच मजीठिया की जमानत पर अपना फैसला भी सुरक्षित रख चुकी थी। इसके बाद जस्टिस राव और जस्टिस अनूप चितकारा की बेंच को केस भेजा गया। हालांकि जस्टिस अनूप चितकारा ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अब जस्टिस रामचंद्र राव और जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की बेंच इसकी सुनवाई कर जमानत दे दी है ।








Leave a Reply