जानें किस जगह नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या, जवाबी कार्रवाई में भीड़ ने हमलावर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

 

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के जयनगर इलाके में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता की हत्या और कथित तौर पर हत्या से जुड़े एक व्यक्ति की जवाबी कार्रवाई में मौत के बाद इलाका युद्ध के मैदान में बदल गया। सोमवार को, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता और पंचायत सदस्य सैफुद्दीन लश्कर को कुछ अज्ञात बदमाशों ने करीब से गोली मार दी, जब वह सुबह की प्रार्थना के लिए एक स्थानीय मस्जिद में जा रहे थे, लश्कर की मौत की खबर फैलने के बाद, ग्रामीणों का एक वर्ग, विशेष रूप से वे सत्ताधारी दल से जुड़ा, उग्र हो गया।

उन्होंने दो स्थानीय ग्रामीणों बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। एक की मौके पर ही पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि दूसरे को पुलिस ने किसी तरह बचा लिया। लेक‍िन पुलिस ने पीट-पीटकर मारे गए और गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार व्यक्ति ने लश्कर की हत्या में अपनी संलिप्तता की बात कबूल कर ली है। दो गुुटों के बीच झड़प के बाद पूरा इलाका युद्धक्षेत्र में बदल गया। एक के बाद एक इलाके के कम से कम 10 घरों में आग लगा दी गई। पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की। रिपोर्ट दर्ज होने तक इलाके में तनाव बरकरार था।

दोनों हत्याओं को लेकर जल्द ही राजनीतिक खींचतान सामने आ गई। भांगर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक सौकत मोल्ला ने दावा किया कि लश्कर की हत्या की योजना भाजपा और सीपीआई (एम) दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाले असामाजिक तत्वों के एक वर्ग द्वारा बनाई गई थी। मोल्ला ने कहा, ये असामाजिक तत्व काफी समय से इलाके में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और लश्कर इसका शिकार बन गया।

उन आरोपों का खंडन करते हुए, सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य डॉ सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि लश्कर की हत्या अवैध कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह का परिणाम थी, जिसे मुख्य रूप से लश्कर द्वारा नियंत्रित किया जाता था। चक्रवर्ती ने कहा, अब, सत्तारूढ़ पार्टी के गुंडे हमारी पार्टी के समर्थकों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं और उनके घरों को आग लगा रहे हैं।

राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि पुलिस को छोड़कर सभी जानते हैं कि तृणमूल कांग्रेस के दो समूहों के बीच लड़ाई के कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति दयनीय हो गई है। सिन्हा ने कहा, अब जब दोहरी हत्याएं हुई हैं तो सत्तारूढ़ दल के विधायक अंदरूनी कलह की घटनाओं को छिपाने के लिए जानबूझकर भाजपा को निशाना बना रहे हैं।

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