YouTube से सीखा नोट छापने का तरीका और छाप दी 100-200 रुपए की Currency , आरोपी Arrested

YouTube से सीखा नोट छापने का तरीका और छाप दी 100-200 रुपए की Currency , आरोपी Arrested

 

  •  जगराओंः जिले के अंतर्गत आते जगराओं में पुलिस ने एक जाली नोट छापने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी करीब 7 माह से फरार चल रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान हरभगवान सिंह निवासी गांव बघेलेवाल मोगा के रूप में हुई है । पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के लिए रिमांड हासिल करेगी आरोपी से पूछताछ करेगी। पुलिस का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सीआईए स्टाफ के एएसआई धरमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने एक सूचना के आधार पर करीब 7 माह पहले जाली नोट छाप कर सप्लाई करने वाले एक आरोपी को उस समय पकड़ा था, जब वह आरोपी किसी अन्य को जाली नोटों की सप्लाई करने के लिए गांव चौकीमान के बस स्टैंड पर आया था। इस से पहले कि आरोपी जाली नोट अपने ग्राहक को सप्लाई करता, पुलिस ने छापामारी कर आरोपी को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह निवासी गांव लड़े के रूप में हुई है। पुलिस ने कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर उससे 5800 रुपए के जाली नोट बरामद किये थे। हालांकि मास्टरमाइंड आरोपी हरभगवान सिंह पुलिस गिरफ्त से बाहर था। जिसको पुलिस ने अब गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यूट्यूब से जाली नोट बनाने का काम सीखा था। नोटों पर कलर मैचिंग आदि का काम भी उसने धीरे धीरे कर यूट्यूब से ही सीखा था। फिलहाल पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पहले उन्होंने 500 500 के नोट छापेथे  लेकिन उन नोटों को हर कोई चेक करता था, जिस कारण वह पकड़े गए थे। आरोपी ने बताया कि पुरानी गलती को सुधारते हुए इस बार 200 व 100-100 के नोट छापे, क्योंकि दुकानदार सिर्फ 500 के नोट की ही जांच करते हैं। 100-200 के नोट कोई दुकानदार चेक नही करता है। इसी का फायदा उठा कर 100-200 के जाली करंसी छापे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जाली नोट छापने के मामले में ये आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं, करीब साढ़े तीन साल पहले जेल से छूटकर आने के बाद आरोपियों ने फिर से मिलकर जाली नोट छापने का धंधा शुरू कर दिया। जांच अधिकारी धरमिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ दौरान बताया कि उस पर पहले भी जाली नोट छापने का मामला समालसर में दर्ज हुआ था।

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