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  • नहीं पोस्टपोन होगी CA (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) मई की परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

    नहीं पोस्टपोन होगी CA (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) मई की परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

     

    मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने 7 और 13 मई की चुनाव तिथियों पर कोई परीक्षा निर्धारित नहीं की है. कोर्ट ने ये भी कहा कि छात्रों को अपने मतदान योजना परीक्षा कार्यक्रम के हिसाब से बनानी चाहिए.

    नहीं पोस्टपोन होगी CA मई की परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

    सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) परीक्षाओं को लेकर एक अहम फैसला किया है. कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है जिसमें लोकसभा चुनाव के कारण मई में होने वाली चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) परीक्षा के पेपर को स्थगित करने का अनुरोध किया गया था. याचिका में कहा गया था कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए परीक्षाओं की तारीखों में बदलवा किया जाए.

    याचिकाकर्ता का कहना था कि चुनाव के दिनों में परीक्षा होने की वजह से छात्रों को कई तरह की परेशानियां हो सकती है. उसे परीक्षा में आने जाने, यात्रा करने में दिक्कत हो सकती है. ऐसे में परीक्षा की तारीख में बदलाव किया जाना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि परीक्षा और चुनाव की तारीखों में कोई टकराव नहीं है ऐसे में तारीख में बदलाव नहीं किया जा सकता.

    ‘तारीख में बदलाव से व्यवस्थाएं बाधित होंगी’

    मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने 7 और 13 मई की चुनाव तिथियों पर कोई परीक्षा निर्धारित नहीं की है. कोर्ट ने ये भी कहा कि छात्रों को अपने मतदान की योजना परीक्षा कार्यक्रम के हिसाब से बनानी चाहिए. कोर्ट ने ये भी कहा कि परीक्षा की तारीख में बदलाव करने से परीक्षा के संचालन के लिए पहले से मौजूद व्यापक व्यवस्थाएं बाधित होंगी. जिसका परिणाम कुछ छात्रों के लिए गंभीर भी हो सकता है.

  • ‘राम सेतु के ऊपर बने दीवार, राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो’, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिक

    ‘राम सेतु के ऊपर बने दीवार, राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो’, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

     

     

    सुप्रीम कोर्ट ने आज राम सेतु के ऊपर दीवार बनाने और उसे राष्ट्रीय धरोहर धोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया. जस्टिस संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि हम राम सेतु पर दीवार बनाने का निर्देश कैसे दे सकते हैं?

    राम सेतु के ऊपर दोनों तरफ दीवार बनाने और सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने आज खारिज कर दिया है. यह जनहित याचिका हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड नाम की एक संस्था के अध्यक्ष अशोक पांडे ने दाखिल की थी. यचिकाकर्ता ने मांग की थी कि धनुषकोडी के पास समुद्र में रामसेतु के ऊपर 100 मीटर तक और अगर संभव हो तो एक किलोमीटर तक दीवार बनाने का निर्देश दिया जाए.

    आखिर दोनों तरफ दीवार कैसे बनाई जा सकती है?- सुप्रीम कोर्ट

    जनहित याचिका को एक अन्य याचिका के साथ टैग करने से भी इनकार

    सुप्रीम कोर्ट ने इस जनहित याचिका को एक अन्य याचिका के साथ टैग करने से भी इनकार कर दिया, जिसमें स्मारक को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.

    सेतु के दर्शन से ही मोक्ष की गारंटी मिलती है- याचिका

    याचिका में कहा कि पुल को आम तौर पर श्री राम सेतु के नाम से जाना जाता है, सेतु के दर्शन से ही मोक्ष की गारंटी मिलती है. याचिका में कहा कि मौजूदा भारत सरकार राम राज लाने के एजेंडे पर काम करने का दावा करती है वह तब-तक संभव नहीं है जब तक कि कोई दीवार खड़ी करके राम सेतु के दर्शन का प्रबंधन न किया जाए.