अमृतपाल सिंह के सांसद पद को HC में चुनौती, जानें क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली: निर्धारित गति सीमा से ज्यादा रफ्तार में रेलगाड़ी दौड़ाने पर ट्रेन के लोको पायलट (ड्राइवर) और सहायक को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल,गतिमान एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस के ड्राइवर और उनके सहायकों पर यह कार्रवाई की गई है। उन्हें एक ऐसे खंड पर ट्रेन 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने के लिए निलंबित कर दिया गया है, जहां एहतियात के तौर पर गति सीमा 20 किलोमीटर प्रतिघंटे तक सीमित की गई थी। यह घटना हाल ही में हुई, जिसमें दोनों ट्रेन के चालक दलों ने एक ही खंड यानी आगरा कैंट के पास जाजौ और मनियां रेलवे स्टेशन के बीच एहतियाती गति सीमा का उल्लंघन किया, जहां रेलवे के एक पुल के जारी नवीनीकरण कार्य के कारण अस्थायी गति प्रतिबंध लगाया गया है।
आगरा मंडल जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) प्रशस्ति श्रीवास्तव ने घटना की पुष्टि की और कहा कि “सभी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है”। रेलवे के एक सूत्र ने बताया, “पहली घटना में, गतिमान एक्सप्रेस के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने ट्रेन के आगरा कैंट से ग्वालियर के लिए रवाना होने के बाद, परामर्श गति पाबंदी का उल्लंघन किया। गतिमान एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है और जो दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन और उत्तर प्रदेश के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन के बीच 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलती है।”

लुधियाना: पंजाब के जिला लुधियाना में पुलिस मुलाजिमों पर बड़ी कार्रवाई मिली गई है मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब पुलिस के 10 मुलाजिमों पर FIR दर्ज की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह FIR राजस्थान जोधपुर की पुलिस द्वारा की गई है। बता दे कि कर्मचारियों पर ये कार्रवाई अपहरण, जबरन वसूली, जालसाजी, आपराधिक साजिश और झूठे सबूत प्रस्तुत करने के गंभीर आरोप को लेकर की गई है।
बताया जा रहा है कि लुधियाना पुलिस ने एक युवक का अपहरण कर उसको ड्रग तस्करी के झूठे केस में फंसाकर उसका भविष्य खराब कर दिया। शिकायतकर्ता जोधपुर के झंवर निवासी भीखा राम ने बताया कि 6 मार्च को उसका बेटा मनवीर कोचिंग के लिए जयपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन बाद में उसका मोबाइल बंद हो गया।
इसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। वहीं कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि लुधियाना पुलिस ने उसे ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से 2 किलो अफीम बरामद की है। लुधियाना पुलिस ने उसे डाबा रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया।
पिता के अनुसार गायब होने के अगले दिन उसकी भतीजी को लुधियाना से एक पुलिस मुलाजिम की फोन कॉल आई कि अगर वे मनवीर को वापस बुलाना चाहते हैं तो उसके एवज में 15 लाख रुपए देने होंगे। इसके साथ ही बताया कि मनवीर से 2 किलो अफीम बरामद हुई है और उसके खिलाफ नशा तस्करी का मामला दर्ज किया गया है।
राजस्थान के जोधपुर में इंद्रजीत सिंह, एएसआई सुभेघ सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों मनिंदर सिंह, गुरपिंदर सिंह, सुखदीप सिंह, बसंत लाल, धनवंत सिंह, हरप्रीत कौर, सतनाम सिंह, राज कुमार और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पंजाब के बठिंडा में मुर्गों की लड़ाई कराने का मामला सामने आया है. इसके लिए विधिवत कंपटीशन और जीतने वाले मुर्गे के मालिक को इनाम देने की भी व्यवस्था थी. यह कंपटीशन चल ही रहा था कि, पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने आयोजकों में तीन से लोगों को अरेस्ट किया है. वहीं एक मुर्गे को भी हिरासत में लेते हुए उसे केस प्रापर्टी बनाया है. फिलहाल पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद इस मुर्गे को एक मुर्गा पालक के पास रखा गया है. मुर्गा पालक को हिदायत दी गई है कि मुर्गे को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. इससे मुर्गा पालक की सिरदर्दी बढ़ गई है.
मामला बठिंडा के ब्लूआना गांव का है. पुलिस के मुताबिक हाल ही में इस गांव में मुर्गों की प्रतियोगिता हुई थी. इस प्रतियोगिता में मुर्गों को लड़ाया जा रहा था. गांव वालों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की. इस दौरान सभी आयोजक तो मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने घटना स्थल से एक मुर्गे को पकड़ लिया था. पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर एक मुर्गा पालक के पास पहुंचा दिया. वहीं बाद में आयोजकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर तीन लोगों को अरेस्ट भी कर लिया.
पुलिस के मुताबिक चूंकि इस मुकदमे में मुर्गा केस प्रापर्टी है. इसलिए उसके सार संभाल के लिए उसे एक मुर्गा पालक के पास रखवा दिया गया है. पुलिस नियमित वहां जाकर मुर्गे की खोज खबर भी ले रही है. मुर्गा पालक को हिदायत दी गई है कि इस मुर्गे को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में तीन आयोजकों को अरेस्ट कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है. पुलिस ने बताया कि मुर्गों की लड़ाई वाली इस प्रतियोगिता में कुल 11 पुरस्कार रखे गए थे.
चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में पेश हुए। सीएम भगवंत मान के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस से झड़प मामले में केस चल रहा है। दरअसल 10 जनवरी, 2020 को विपक्षी पार्टी के रुप में आम आदमी पार्टी ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री की कोठी का घेराव करना था। इसी दौरान सेक्टर 3 थाना पुलिस ने आप नेताओं को रोकने का प्रयास किया था। आप नेताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी। इसी सिलसिले में भगवंत मान आज चंडीगढ़ जिला अदालत में पहुंचे थे।
इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान जिला अदालत में सुबह 10.30 बजे तक पेश हुए। यहां सीजेएम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। मान के साथ पंजाब के पूर्व एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिंह सिद्धू मौजूद थे। पूर्व स्पेशल प्रॉसिक्यूटर प्रथम सेठी भी कोर्ट की कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। कोर्ट की कार्रवाई के बाद सीएम मान को मामले से जुड़ी चार्जशीट की कापी दी गई।
गौरतलब है कि जनवरी 2020 में पंजाब में बिजली के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। सैकड़ों की संख्या में आप कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया था। पुलिस ने आप नेताओं समेत कई अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। भगवंत मान समेत अन्यों पर पुलिस ने दंगा करने, हमला करने, पुलिस की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और सरकारी आदेशों की उल्लंघना करने में 800 के लगभग अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था।
जब पुलिस ने यह केस दर्ज किया था तब मान संगरूर से सांसद थे और पंजाब यूनिट के चीफ थे। इस प्रदर्शन से कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। बता दें कि आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कोठी का घेराव करना था।