Punjab university में हिस्सेदारी पर Punjab और Haryana के CM के बीच एक बार फिर से नहीं बनी सहमति

Punjab university में हिस्सेदारी पर Punjab और Haryana के CM के बीच एक बार फिर से नहीं बनी सहमति

 

 
 

चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी के मामलों को लेकर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक राज्यपाल बीएल पुरोहित की अगुआई में हुई। यह बैठक यूटी सचिवालय में हुई जिसमें दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनोहर लाल खट्टर मौजूद रहे। हालांकि इस बैठक में पीयू में हरियाणा को हिस्सेदारी देने पर सहमति नहीं बन पाई। वहीं अब इस मामले में अगली मीटिंग 3 जुलाई को होगी।

मीटिंग के बाद पंजाब CM भगवंत मान ने कहा कि 1970 में बंसीलाल हरियाणा के CM थे। उन्होंने अपनी मर्जी से यूनिवर्सिटी से हिस्सा निकाल लिया और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से कॉलेज जोड़ लिए। इस वक्त यूनिवर्सिटी को 40% फंड पंजाब दे रहा है। हिमाचल ने भी अपनी मर्जी से हिस्सेदारी छोड़ी। इसके बाद PU को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की गेम चली। उन्होंने कहा कि पीयू पंजाब की विरासत है और उनकी सरकार राज्य के हकों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। बता दें कि इससे पहले भी भगवंत मान PU में हरियाणा की हिस्सेदारी देने से दो टूक इनकार कर कर चुके हैं।

वहीं दूसरी तरफ हरियाणा CM ने मांग की कि यदि PU हरियाणा के कुछ कॉलेजों को मान्यता देती है तो बदले में उनकी सरकार यूनिवर्सिटी के कुल खर्च का 40% हिस्सा ग्रांट के रूप में दे सकती है।

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