मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आज पंजाब कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई फैसलों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। बैठक में लिए गए फैसले के तहत पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 1 से 14 मार्च तक होगा। एक मार्च को गवर्नर विधानसभा को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन पर 4 मार्च को बहस होगी। 5 मार्च को वित्त मंत्री हरपाल चीमा बजट पेश करेंगे। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मँत्री हरपाल चीमा ने बताया कि इंडस्ट्री के लिए MSME विंग स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार पंजाब सरकार के तमाम विभाग अब दूसरे राज्यों को अपनी कंसल्टेंसी सेवा भी दे सकेंगे। गुरुवार को कैबिनेट ने इस पर अपनी मोहर लगा दी है। वहीं प्रोफेसरों की भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है। पंजाब में अब गेस्ट लेक्चर, पार्ट टाइम प्रोफेसर और कॉन्ट्रैक्ट या एडहॉक पर कार्यरत लेक्चररों के लिए भर्ती नियम में आयु सीमा को 37 से 45 वर्ष कर दिया गया है। कैबिनेट बैठक में सुल्तानपुर लोधी में हुए हादसे में जान गंवाने वाले होमगार्ड जसपाल सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया गया है। हरपाल चीमा ने बताया कि किसान आंदोलन के दौरान घायल होने वाले किसानों की मदद के लिए चमकौर से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह, डॉ. बलबीर सिंह, कैबिनेट मिनिस्टर डॉ. बलजीत कौर सभी बॉर्डर पर कैंप लगाएंगे। वे घायल किसानों का इलाज भी करेंगे और जरूरत हुई तो उन्हें बड़े अस्पतालों में रेफर करेंगे।
खनौरी : किसान आंदोलन उग्र रूप लेता जा रहा है। बुधवार को हरियाणा से लगते शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर किसानों और पुलिस की झड़प हुई। इसमें हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों पर सीमा तोड़ने की कोशिश पर आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान एक 20 वर्षीय प्रदर्शनकारी जख्मी हो गया। उसको अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। उसके अलावा 25 अन्य किसान भी घायल हैं, इनमें से दो की हालत गंभीर है। वहीं टोहाना बॉर्डर पर तैनात एसआई विजय कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को पंजाब और हरियाणा सीमा को जोड़ने वाली खनौरी सीमा पर कुछ किसान बड़ी संख्या में बैरिकेड्स की ओर बढ़ रहे थे। किसान बेरिकेड्स तोड़कर दिल्ली जाने पर अड़े थे। किसानों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर तैनात हरियाणा पुलिस कर्मियों को मोर्चा संभालना पड़ा और किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस टीम ने किसानों को खदेड़ने के लिए रबर की गोलियों का भी इस्तेमाल किया। इस घटना में 20 साल के एक किसान की मौत हो गई और 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। जिनका इलाज किया जा रहा है। खनौरी सीमा में पुलिस से मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल दो किसानों से मिलने के लिए किसान नेता राजिंदरा अस्पताल भी पहुंचे।
उधर, किसान नेता डल्लेवाल और पंढेर का कहना है कि प्रदर्शनकारी किसान, जो सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने के बाद पंजाब और हरियाणा के बीच दो सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। उनका कहना है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से शंभू सीमा पर बैरिकेड और नाकाबंदी हटाने और किसानों को शांतिपूर्वक दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति देने का भी आग्रह किया है।
किसान नेताओं का कहना है, हम देश के किसानों के हित में मरने और गोली खाने के लिए तैयार हैं क्योंकि यह अब पंजाब के किसानों की नहीं बल्कि पूरे देश की लड़ाई है। अगर कोई गतिरोध होता है… तो यह सही कदम नहीं होगा, क्योंकि किसान दिल्ली पहुंचने के लिए अड़े हुए हैं और हम केवल शांतिपूर्वक आगे बढ़ना चाहते। परन्तु यदि वे हम पर गोलियां चलाएं या बल प्रयोग करें। फिर जो कुछ भी होगा उसकी जिम्मेदारी उन लोगों की होगी जिन्होंने ये बैरिकेड्स लगाए थे।
















