Category: NATIONAL

  • पंजाब जेल से मंगवाई गई थी 200 करोड़ रुपये की पाकिस्तानी ड्रग, ATS ने इस तरह फेल किया प्लान

    पंजाब जेल से मंगवाई गई थी 200 करोड़ रुपये की पाकिस्तानी ड्रग, ATS ने इस तरह फेल किया प्लान

     

     

    भारतीय तटरक्षक बल के साथ एक संयुक्त अभियान के दौरान राज्य के तट पर अरब सागर में एक मछली पकड़ने वाली पाकिस्तानी नौका से 200 करोड़ रुपये मूल्य की 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है।

    पंजाब जेल से मंगवाई गई थी 200 करोड़ रुपये की पाकिस्तानी ड्रग, ATS ने यूं फेल किया प्लान

     

    भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक संयुक्त अभियान में बुधवार को एक पाकिस्तानी नाव को भारतीय जलक्षेत्र में छह मील अंदर पकड़ लिया। नाव में 40 किलो ड्रग्स लदा हुआ था। एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय तटरक्षक बल के साथ एक संयुक्त अभियान के दौरान राज्य के तट पर अरब सागर में एक मछली पकड़ने वाली पाकिस्तानी नौका से 200 करोड़ रुपये मूल्य की 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है।

    गुजरात एटीएस के शीर्ष सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि ड्रग्स पंजाब की एक जेल से मंगवाई गई थी। गुजरात एटीएस के सूत्रों ने बताया कि पंजाब जेल के अंदर एक विदेशी नागरिक ने पाकिस्तान से मादक पदार्थ की ये खेप मंगवाई थी। पाकिस्तान से खेप गुजरात जा रही थी और फिर इसे पंजाब ले जाया जाता। सूत्रों ने बताया कि विदेशी नागरिक का नाम और अन्य सभी डिटेल पंजाब पुलिस को दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि नौका चालक दल के सदस्य छह पाकिस्तानी नागरिकों को भी हिरासत में ले लिया गया है। नाव के साथ चालक दल के छह सदस्यों को आगे की जांच के लिए जखाउ लाया जा रहा है।

    अधिकारी ने कहा, “हेरोइन को गुजरात तट पर उतारे जाने के बाद सड़क मार्ग के जरिए पंजाब ले जाया जाना था। गुप्त सूचना के आधार पर हमने पाकिस्तान से चली नौका को रोका और छह पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ लिया, जिनके पास से 40 किलोग्राम हेरोइन मिली है।” उन्होंने कहा कि जब्त नौका के साथ एटीएस और तटरक्षक बल के अधिकारियों के आज जखाऊ तट पर पहुंचने की उम्मीद है।

    ज्ञात हो कि तटरक्षक बल और राज्य एटीएस ने अतीत में भी गुजरात तट से नशीली दवाओं की तस्करी के इसी तरह के प्रयासों को विफल किया है। अक्टूबर 2021 में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से 2,988 किलोग्राम हेरोइन की खेप जब्त की गई थी, जिसकी कीमत 21,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। यह गुजरात तट के पास सबसे बड़ी नशीली दवाओं में से एक थी।

     

  • जम्मू-कश्मीर को लेकर भड़का था OIC, भारत ने यूएन में जमकर लताड़ा: कहा- पाकिस्तान कर रहा इस्तेमाल

    जम्मू-कश्मीर को लेकर भड़का था OIC, भारत ने यूएन में जमकर लताड़ा: कहा- पाकिस्तान कर रहा इस्तेमाल

     

     

    यूएन में भारत ने ओआईसी देशों को जमकर सुनाया है। भारत ने कहा कि ओआईसी के देशों के साथ भारत के अच्छे संबंध के बावजूद पाकिस्तान इसका इस्तेमाल कर रहा है।

     

    जम्मू-कश्मीर को लेकर भड़का था OIC, भारत ने यूएन में जमकर लताड़ा: कहा- पाकिस्तान कर रहा इस्तेमाल

    जम्मू-कश्मीर को लेकर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के दावों को भारत ने बेबुनियाद करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। जम्मू-कश्मीर से अुच्छेद 370 हटाए जाने की तीसरी बरसी पर ओआईसी ने आपत्तिजनक बयान दिए थे और कहा था कि भार ने डेमोग्राफिक बदलावों सहित कई अवैध कदम उठाए हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने ओआईसी के बयानों को गलत बताया है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान एक अंतरराष्ट्रीय संगठन को अपने अजेंडे के लिए इस्तेमाल कर रहा है।

    यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पवन बाधे ने कहा, भारत के संबंध में ओआईसी के तथ्यात्मक रूप से गलत और अनुचित बयान को खारिज करते हैं। हमें इस बात का दुख है कि ओआईसी देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं बावजूद इसके वे इस प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से पाकिस्तान को रोक नहीं पा रहे हैं। पाकिस्तान अपने भारत विरोधी अजेंडे के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है।

    पाकिस्तान को लताड़ा
    भारत ने यूएन में पाकिस्तान को लताड़ लगा दी। पवन ने कहा, पाकिस्तान में अपहरण, अत्याचार, कानून का उल्लंघन सरकारी नीति बन गई है। वहां पत्रकारों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। भारत ने कहा कि पाकिस्तान आतंक की पनाहगार है और इसपर रोक लगाना बहुत जरूरी हो गया है।

    ओआईसी ने क्या कहा था
    5 अगस्त को ओआईसी की तरफ से सिलसिलेवार ट्वीट करके जम्मू-कश्मीर के संबंध में भारत पर सवाल खड़े किए गए थे। ओआईसी ने कहा थाकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावना के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद के समाधान के लिए कदम उठाना जरूरी है। ओआईसी ने मांग की थी कि जम्मू-कश्मीर को लेकर सरकार ने जो फैसले लिए हैं उन्हें वापस लेना चाहिए। संगठन ने कहा था, ‘5 अगस्त 2022 को जम्मू-कश्मीर में की गए एकतरफा कार्रवाई को तीन साल पूरे हो गए हैं। जो कदम उठाए गए हैं वे ना तो जम्मू-कश्मीर विवाद को खत्म कर सकते हैं और ना ही कश्मीरी लोगों के खुद के पैसले के अधिकार को खत्म कर सकते हैं।’

    उसी दौरान पाकिस्तान के पीएम ने भी ट्वीट किए थे। जो बातें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कही थीं वे भी ओआईसी के बयान से काफी मिलती जुलती थीं। इसके बाद भारत ने जवाब दिया था।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि इस तरह के बयान केवल ओआईसी को एक ऐसे संगठन के रूप में उजागर करते हैं जो ‘आतंकवाद के जरिये चलाये जा रहे सांप्रदायिक एजेंडे’ के लिए समर्पित है। बागची ने कहा था, ‘जम्मू कश्मीर पर ओआईसी महासचिवालय के आज के बयान कट्टरता की बू आती है।’उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर ‘भारत का अभिन्न और अविभाज्य’ हिस्सा है और हमेशा रहेगा।

    ओआईसी में कौन-कौन से देश
    ओआईसी में 57 देश हैं जिनमें से40 देश मुस्लिम बहुल हैं। संयुक्त राष्ट्र के बाद इसे सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय संगठन बताया जाता है। इसका मुख्यालय सऊदी अरब के जेद्दा में हैं। पाकिस्तान इसके संस्थापक देशों में से एक है। इसमें अफगानिस्तान, अजरबैजान, बहरीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, सऊदी अरब, सोमालिया, सीरिया, ताजिकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, युगांडा, यमन जैसे देश शामिल हैं। 

     

     

  • इस बार दिसंबर में G-20 का बॉस बन जाएगा भारत, कश्मीर में नहीं नई दिल्ली में होगी बैठक

    इस बार दिसंबर में G-20 का बॉस बन जाएगा भारत, कश्मीर में नहीं नई दिल्ली में होगी बैठक

     

    अगले साल भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल को लेकर लगाई जा रहीं अटकलों पर विराम लग गया है। भारत ने ऐलान किया, इसका आयोजन 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में होगा।

     

    दिसंबर में G-20 का बॉस बन जाएगा भारत, कश्मीर में नहीं नई दिल्ली में होगी बैठक

    अगले साल भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल को लेकर लगाई जा रहीं अटकलों पर विराम लग गया है। भारत ने ऐलान किया, इसका आयोजन 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में होगा। पूर्व में इस प्रकार की सूचनाएं आई थी कि यह आयोजन कश्मीर में किया जा सकता है।

    भारत विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, भारत जी20 समूह की अपनी अध्यक्षता में अगले साल वार्षिक शिखर सम्मेलन समेत करीब 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करेगा। मंत्रालय के अनुसार, भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक एक साल के लिए जी-20 के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेगा। वह अगले साल 9-10 सितंबर को जी-20 के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

    वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 85, अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 75 और विश्व जनसंख्या का दो-तिहाई हिस्सा सामूहिक रूप से इन जी20 देशों से मिलकर बना है। मंत्रालय ने कहा, हमारी जी20 प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया चालू है। ऐसे में समावेशी, न्यायसंगत और सतत विकास, लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली), महिला सशक्तीकरण, डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य एवं कृषि से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास पर वार्ता चल रही है। अन्य प्रमुख क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन, जलवायु वित्तपोषण, वैश्विक खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा आदि शामिल हैं।

    क्या है जी-20?
    जी-20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी समूह है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं। भारत वर्तमान में जी-20 त्रोइका (तीन देशों के समूह यानी वर्तमान, पूर्ववर्ती और आगामी अध्यक्ष) का हिस्सा है, जिसमें इंडोनेशिया, इटली और भारत शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता में भारत, इंडोनेशिया और ब्राजील- तीन देशों के समूह का हिस्सा होंगे।

  • कैंसर पैदा कर रही थीं ये दवाएं! सरकार ने 26 दवाओं को ‘आवश्यक’ सूची से हटाया

    कैंसर पैदा कर रही थीं ये दवाएं! सरकार ने 26 दवाओं को ‘आवश्यक’ सूची से हटाया

     

    रैनिटिडीन (ranitidine) अक्सर एसिडिटी और पेट से संबंधित अन्य बीमारियों के लिए ली जाती है। इसी दवा को Rantac, Zinetac और Aciloc जैसे ब्रांड नामों के तहत बेची जाती है।

    कैंसर पैदा कर रही थीं ये दवाएं! सरकार ने 26 दवाओं को 'आवश्यक' सूची से हटाया
    केंद्र सरकार ने कम से कम 26 दवाओं को ‘आवश्यक’ सूची से हटा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को आवश्यक दवाओं की एक संशोधित राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) जारी की। इस सूची में 27 श्रेणियों की 384 दवाएं शामिल हैं। लिस्ट में जो दवाएं शामिल नहीं हैं उनमें रैनिटिडीन का नाम भी है। रैनिटिडीन (ranitidine) अक्सर एसिडिटी और पेट से संबंधित अन्य बीमारियों के लिए ली जाती है। इसी दवा को Rantac, Zinetac और Aciloc जैसे ब्रांड नामों के तहत बेची जाती है। हालांकि अब इन दवाओं को कैंसर पैदा करने वाली चिंताओं के चलते हटा दिया गया है।

    हालांकि आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में इवरमेक्टिन, मुपिरोसिन जैसी कुछ संक्रमण रोधी दवाओं और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी समेत 34 दवाओं को शामिल किए जाने के साथ अब इसमें कुल दवाओं की संख्या 384 हो गई है। कई एंटीबायोटिक्स, टीके और कैंसर रोधी दवाएं सूची में शामिल होने से और अधिक सस्ती हो जाएंगी।

    हालांकि, 26 दवाओं जैसे कि रैनिटिडिन, सुक्रालफेट, व्हाइट पेट्रोलेटम, एटेनोलोल और मेथिल्डोपा को संशोधित सूची से हटा दिया गया है। लागत प्रभावशीलता और बेहतर दवाओं की उपलब्धता के मापदंडों के आधार पर इन दवाओं को सूची से बाहर किया गया है। मंगलवार को सूची जारी करने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया, ‘‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची 2022 जारी की। इसमें 27 श्रेणियों में 384 दवाएं शामिल हैं। कई एंटीबायोटिक्स, टीके, कैंसर रोधी दवाएं तथा कई अन्य महत्वपूर्ण दवाएं और सस्ती हो जाएंगी एवं मरीजों का खर्च घटेगा।’’

    अंतस्रावी दवाएं और गर्भनिरोधक फ्लूड्रोकोर्टिसोन, ओरमेलोक्सिफेन, इंसुलिन ग्लरगाइन और टेनेनिग्लिटीन को सूची में जोड़ा गया है। श्वसन तंत्र की दवा मॉन्टेलुकास्ट, और नेत्र रोग संबंधी दवा लैटानोप्रोस्ट का नाम सूची में है। हृदय और रक्त नलिकाओं की देखभाल में उपयोग की जाने वाली दवा डाबीगट्रान और टेनेक्टेप्लेस के अलावा अन्य दवाओं ने भी सूची में जगह बनाई है।

    दवाओं पर स्थायी राष्ट्रीय समिति के उपाध्यक्ष डॉ वाई के गुप्ता ने कहा, ‘‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में इवरमेक्टिन, मेरोपेनेम, सेफुरोक्साइम, एमिकासिन, बेडाक्विलाइन, डेलामेनिड, इट्राकोनाजोल एबीसी डोलटेग्रेविर जैसी दवाओं को जोड़ा गया है।’’ डॉ गुप्ता ने कहा कि आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची की दवाएं अनुसूचित श्रेणी में शामिल हैं और उनकी कीमत राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण द्वारा नियंत्रित की जाती है।

  • रास्ता पूछना पड़ गया भारी! महाराष्ट्र में UP के साधुओं को बच्चा चोर समझकर मारा- पीटा …

    रास्ता पूछना पड़ गया भारी! महाराष्ट्र में UP के साधुओं को बच्चा चोर समझकर मारा- पीटा …

     

    महाराष्ट्र के सांगली जिले में मथुरा के 4 साधुओं की पिटाई का मामला सामने आया है। बुलेरो कार में सवार साधुओं ने स्थानीय लोगों से रास्ता पूछ लिया था और लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझा।

    रास्ता पूछना पड़ गया भारी! महाराष्ट्र में UP के साधुओं को बच्चा चोर समझकर पीटा; वीडियो वायरल

    महाराष्ट्र के सांगली जिले में मथुरा के 4 साधुओं की पिटाई का मामला सामने आया है। बुलेरो कार में सवार साधुओं ने स्थानीय लोगों से रास्ता पूछ लिया था और लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझा। यह अफवाह तेजी से इलाके में फैल गई और मौके पर जुटी भारी भीड़ ने उन्हें बुरी तरह पीट डाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस का कहना है कि साधुओं की ओर से इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज की जांच करके ऐक्शन लिया जा सकता है। यूपी के रहने वाले 4 साधु सांगली जिले के लवांगा गांव में पहुंचे थे और उन्हें पंधरपुर जाना था।

    वह सोमवार को एक मंदिर में रात्रि विश्राम के लिए रुक गए थे। मंगलवार को वह जब आगे की यात्रा पर निकले तो एक लड़के से रास्ता पूछ लिया था। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि ये लोग बच्चा चोर गैंग के हैं। इस पर भीड़ जुट गई और साधुओं की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर जांच की तो पता चला कि वे बच्चा चोर नहीं बल्कि मथुरा के पंचदशनाम जूना अखाड़ा के साधु थे। सांगली के एसपी दीक्षित गेदाम ने कहा कि सांगली में ग्रामीणों द्वारा 4 साधुओं की पिटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों को संदेह था कि वे बच्चा चुराने वाले गैंग के मेंबर हैं।

    उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। लेकिन हमारी तरफ से वायरल वीडियोज और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। हम इस केस में जरूरी कार्रवाई करेंगे। बता दें कि भाजपा के समर्थन वाली एकनाथ शिंदे सरकार में इस तरह की घटना पर विपक्ष हमला कर सकता है। दरअसल उद्धव ठाकरे सरकार के कार्यकाल में एक साधु की हत्या पर काफी बवाल हुआ था और भाजपा ने इसे लेकर शिवसेना पर हमला बोला था। भाजपा ने कहा था कि साधु पर हमला होना हिंदुत्व पर अटैक की तरह है और शिवसेना ने हिंदुत्व से समझौता कर लिया है।

  • होटल में लगी आग में 8 की मौत, इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करने के दौरान धमाका..

    होटल में लगी आग में 8 की मौत, इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करने के दौरान धमाका..

    सिकंदराबाद के होटल में लगी आग में 8 की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करने के दौरान धमाका हुआ था।

    telangana, electric scooter, secunderabad, hotel, blast

    सिकंदराबाद के होटल में लगी आग
    • सिकंदराबाद के होटल में लगी आग
    • होटल के पार्किंग में इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करने दौराना हादसा
    • इलेक्ट्रिक स्कूटर में धमाके की वजह से आग लगी

    सिकंदराबाद के होटल में लगी आग में 8 की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करने के दौरान धमाका हुआ था।हैदराबाद के कमिश्नर सीवी आनंद ने बताया कि  ग्राउंड फ्लोर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर रिचार्जिंग यूनिट में लगी आग, धुआं जिससे पहली और दूसरी मंजिल पर रह रहे लोग फंस गए।

    दुर्भाग्यपूर्ण घटना
    तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना। फायर ब्रिगेड की टीमों ने लॉज से लोगों को निकालने की पूरी कोशिश की लेकिन भारी धुएं के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई। लॉज से कुछ लोगों को बचा लिया गया। हम जांच कर रहे हैं कि घटना कैसे हुई: शेष लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी और स्थानीय लोगों ने उन्हें बचा लिया। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, दमकल की गाड़ियां मौके पर हैं। पुलिस का कहना है कि सबसे पहले होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। हादसे की वजह से पहली नजर में इलेक्ट्रिक स्कूटर में धमाका नजर आया है।

  • हिंदू संगठनों के लिए काम  करने वाले गाजियाबाद के डॉक्टर को मिली धमकी,कहा तेरा सिर तन जुदा कर देंगे…

    हिंदू संगठनों के लिए काम  करने वाले गाजियाबाद के डॉक्टर को मिली धमकी,कहा तेरा सिर तन जुदा कर देंगे…

     

    UP News: लोहिया नगर की अंबेडकर कॉलोनी के रहने वाले डॉ. अरविंद वत्स अकेला ने बताया कि उनका लोहिया नगर चौकी के पास क्लीनिक है, जहां वह करीब 24 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं. वह हिंदू स्वाभिमान मंच के यूपी और बिहार प्रभारी भी हैं.

    गाजियाबाद के एक डॉक्टर को विदेश से सिर तन से कलम करने की धमकी मिली है. डॉक्टर का नाम अरविंद वत्स अकेला है. उनको तीन बार धमकी भरा कॉल आया है. गाजियाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और साइबर सेल जांच में जुट गई है.

    लोहिया नगर की अंबेडकर कॉलोनी के रहने वाले डॉ. अरविंद वत्स अकेला ने बताया कि उनका लोहिया नगर चौकी के पास क्लीनिक है, जहां वह करीब 24 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं. अरविंद वत्स हिंदू संगठनों से भी जुड़े हैं. वह हिंदू स्वाभिमान मंच के यूपी और बिहार प्रभारी भी हैं.  डॉ. अरविंद का कहना है कि एक सितंबर की रात को उनके नंबर पर अनजान नंबर से दो बार व्हाट्सऐप कॉल आई. वह तब सो रहे थे, लिहाजा कॉल रिसीव नहीं कर सके. देर रात उन्होंने मिस कॉल देखी तो नंबर डायल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई.

    ‘कोई बचा नहीं पाएगा’

    आरोप है कि दो सितंबर को उनके पास उसी नंबर से दोबारा व्हाट्सऐप कॉल आई. कॉलर ने उनका नाम लेते हुए कहा कि तू बहुत से हिंदू संगठनों के लिए काम करता है, इसलिए तेरा सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा. लगातार तेरी रेकी की जा रही है. कोई भी नहीं बचा पाएगा.

    साइबर सेल कर रही जांच

    डॉ. अरविंद ने बताया कि कॉलर से उनकी पांच मिनट से अधिक बात हुई. इस दौरान वह उन्हें लगातार उन्हें मारने की धमकी देता रहा. आरोप है कि सात सितंबर को एक बार फिर उसी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आई. साथ ही उन्हें किसी व्यक्ति के तीन फोटो भी भेजे गए. यह फोटो कमर से नीचे पैरों की है. सिहानी गेट एसएचओ नरेश कुमार शर्मा का कहना है कि यूएसए के नंबर से धमकी दी गई है. केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपी को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है.

  • शराब तस्करों का हमला, SDM और तहसीलदार घायल; पकड़ी गई करोड़ों की शराब

    शराब तस्करों का हमला, SDM और तहसीलदार घायल; पकड़ी गई करोड़ों की शराब

     

    Liquor Smuggling: पुलिस ने मौके से एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है. शराब तस्करों ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ भी की है.

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) में शराब तस्करों (Liquor Smugglers) ने SDM की टीम पर हमला कर दिया है. हमले में एसडीएम और तहसीलदार घायल हो गए हैं. एसडीएम की टीम अवैध शराब पकड़ने गई थी. हालांकि, एसडीएम की टीम को कोरोड़ों रुपये की अवैध शराब पकड़ने में कामयाबी मिली है. शराब तस्करों ने सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की है. शराब तस्कर हमला करके भाग गए लेकिन अवैध शराब पकड़ने में एसडीएम की टीम सफल रही.

    तहसीलदार के साथ हुई मारपीट

    बता दें कि धार जिले के कुक्षी में अवैध तस्कर अवैध शराब ले जा रहे थे. अवैध शराब तस्करों को पकड़ने गई एसडीएम कुक्षी की टीम पर तस्करों ने हमला कर दिया. नायब तहसीलदार के साथ भी मारपीट की सूचना है. यह घटना कुक्षी थाना के ढोल्या और आली गांव के बीच हुई. अधिकारियों ने शराब से भरे ट्रक भी मौके से पकड़े हैं. हादसे के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा है.

    पकड़ी गई करोड़ों की अवैध शराब

    जान लें कि कुक्षी थाना के तहत अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ा गया है, इसमें करोड़ों की शराब है. अवैध शराब तस्करी की सूचना मिलने पर कुक्षी एसडीएम नवजीवन विजय पवार कार्रवाई के लिए पहुंचे थे. उनके साथ नायब तहसीलदार राजेश भिड़े भी थे. जब अधिकारी शराब पकड़ने पहुंचे तो शराब तस्करों ने टीम पर हमला कर दिया. एसडीएम पवार के साथ भी मारपीट की खबर है. इस कारण एसडीएम पवार को मामूली चोट आई है. साथ नायब तहसीलदार भिड़े के साथ भी मारपीट की गई. शराब तस्कर यहीं नहीं रुके. उन्होंने सरकारी गाड़ियां में भी तोड़फोड़ की.

    अलीराजपुर ले जाई जा रही थी अवैध शराब

    गौरतलब है कि एसडीएम पवार की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध शराब का बड़ा जखीरा पकड़ा है. यह शराब बड़वानी से अलीराजपुर जा रही थी. शराब की मात्रा और कीमत काफी ज्यादा है. यही बड़ा कारण हो सकता है कि शराब तस्करों ने एसडीएम की टीम पर ही हमला कर दिया. जिला आबकारी अधिकारी यशवंत धनोरा ने बताया कि यह शराब बड़वानी से अलीराजपुर की ओर जा रही थी और इसमें लिस्टेड ब्लैकर सुखराम का नाम सामने आ रहा है. सुखराम अलीराजपुर जिले का लिस्टेड बदमाश है.

    धार एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर राजस्व की टीम मौके पर पहुंची थी. इस दौरान बदमाशों ने टीम पर हमला कर दिया और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की. पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया है.

  • जानिए किस आधार पर ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की अपील अदालत ने मानी,अब आगे क्या होगा

    जानिए किस आधार पर ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की अपील अदालत ने मानी,अब आगे क्या होगा

     

    अदालत में मुस्लिम पक्ष ने 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट के तहत दावे को खारिज करने की मांग की थी। इस पर अदालत ने कहा कि हिंदू पक्ष ने किसी नए निर्माण की बात नहीं की है। पूजा की मांग की है।

    किस आधार पर ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की अपील अदालत ने मानी, आगे क्या होगा

    ज्ञानवापी परिसर में शृगांर गौरी की पूजा करने की मांग वाली हिंदू पक्ष की याचिका को वाराणसी की जिला अदालत ने सुनवाई योग्य माना है। अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला सुनवाई के योग्य है और अब इस केस में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। अदालत में मुस्लिम पक्ष ने 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट के तहत दावे को खारिज करने की मांग की थी। इस पर अदालत ने कहा कि हिंदू पक्ष ने किसी नए निर्माण की बात नहीं की है बल्कि यथास्थिति बनाए रखते हुए पूजा के अधिकार की मांग की है। हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि अदालत ने साफ किया है कि इस मामले में 1991 का प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट लागू नहीं होगा।

    अब अदालत की ओर से केस चलाने को मंजूरी दिए जाने के बाद हिंदू पक्ष का कहना है कि अब हमारी ओर से मस्जिद परिसर की वीडियोग्राफी कराए जाने की मांग होगी। हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि 1991 का उपासना अधिनियम हमारे पक्ष में है क्योंकि हमारा कहना है कि 15 अगस्त 1947 को इस जगह का धार्मिक स्वरूप एक हिंदू मंदिर का था। इसी को आधार मानते हुए अदालत ने केस को सुनवाई के लिए योग्य मांगा है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष के पास हाई कोर्ट या फिर उच्चतम न्यायालय जाने का अधिकार होगा।

    बता दें कि अदालत का यह फैसला ज्ञानवापी परिसर में शृंगार गौरी की पूजा की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई को लेकर है। इसमें कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इस केस के याची सोहन लाल आर्य ने कहा, ‘यह हिंदू समुदाय की जीत है। अगली सुनवाई 22 तारीख को होनी है। यह ज्ञानवापी मंदिर के लिए नींव के पत्थर जैसा है। हम लोगों से अपील करते हैं कि वह शांति को बनाए रखें।’ इस बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अदालत का फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि हमारा काम तो यह है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर रखा जा सके।

  • सोनाली फोगाट मामले में सच से पर्दा उठाएगी CBI, गृह मंत्रालय ने की सिफारिश

    सोनाली फोगाट मामले में सच से पर्दा उठाएगी CBI, गृह मंत्रालय ने की सिफारिश

    सोनाली फोगाट मामले में सच से पर्दा उठाएगी CBI, गृह मंत्रालय ने की सिफारिश

    फोगाट के परिवार के सदस्य मामले में सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए थे. उनका कहना था कि वो गोवा पुलिस की जांच से असंतुष्ट हैं. सीएम सावंत ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

    सोनाली फोगाट मौत मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. गृह मंत्रालय ने इसकी सिफारिश कर दी है. कुछ दिनों पहले सीबीआई जांच की मांग को लेकर हरियाणा में खाप पंचायत बुलाई गई थी. खाप पंचायत में सीबीआई जांच की पुरजोर मांग उठी थी. सोनाली के घर वालों ने गोवा पुलिस की जांच में नाखुशी जताई थी. इसके बाद सोमवार सुबह गोवा सीएम प्रमोद सावंत ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

    हरियाणा के हिसार से भाजपा नेता फोगाट (43) की पिछले महीने गोवा में मौत हो गयी थी और ऐसी आशंका है कि उनकी हत्या की गयी. सावंत ने पणजी में पत्रकारों से कहा था कि गोवा पुलिस ने मामले की बहुत अच्छी जांच की है और उसे कुछ सुराग भी मिले हैं. उन्होंने कहा, लेकिन हरियाणा के लोगों तथा सोनाली फोगाट की बेटी की मांग के कारण हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है.

    खाप पंचायत में दिया गया था अल्टीमेटम

    गोवा पुलिस ने इस मामले के संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो व्यक्ति फोगाट के सहयोगी हैं. पुलिस ने इन दोनों पर हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. सर्व जातीय खाप महापंचायत ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को पार्टी की नेता सोनाली फोगाट की मौत के मामले में 23 सितंबर तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की सिफारिश करने का अल्टीमेटम दिया था. इसके पहले ही राज्य सरकार ने उनकी मांग मान ली है. हिसार के जाट धर्मशाला में महापंचायत का आयोजन किया गया था. सोनाली फोगाट की बेटी यशोधरा और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया.

    गोवा में हुई थी मृत्यू

    फोगाट (43) की अगस्त के अंत में गोवा पहुंचने के कुछ घंटों बाद मृत्यु हो गई थी. संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच की जा रही है. इस मामले में फोगाट के पीए सांगवान सहित एक और आरोपी को जेल भेज दिया गया है. महापंचायत में निर्णय हुआ कि अगर सरकार मामले की सीबीआई से जांच कराने में विफल रहती है, तो 24 सितंबर को ऐसी ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी. पूरे हरियाणा और अन्य राज्यों के खाप प्रतिनिधि 24 सितंबर को बैठक में भाग लेंगे और कड़ा निर्णय लेंगे.

    गोवा पुलिस कर रही थी जांच

    फोगाट की मौत के मामले में गोवा पुलिस जांच कर रही है. उन्होंने हिसार, रोहतक और गुरुग्राम सहित हरियाणा में भी छानबीन की थी. फोगाट के परिवार के सदस्य मामले में सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं और कह रहे हैं कि वे गोवा पुलिस की जांच से असंतुष्ट हैं. फोगाट के परिवार के कुछ सदस्यों ने पूर्व में कहा था कि अगर गोवा सरकार प्रमुख जांच एजेंसी से जांच की सिफारिश नहीं करती है, तो वे मामले में सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए एक अदालत के समक्ष याचिका दायर करेंगे. फोगाट और उनके साथियों ने 22 और 23 अगस्त की दरम्यानी रात को गोवा के कर्लीज रेस्टोरेंट में पार्टी की थी.