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  • जानें किस राज्य ने मिलावटी भोजन की सूचना देने पर रखा 51,000 रुपये का इनाम…

    जानें किस राज्य ने मिलावटी भोजन की सूचना देने पर रखा 51,000 रुपये का इनाम…

     

    जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत राज्य में मिलावटी भोजन की जानकारी देने वाले को 51,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसका ऐलान गहलोत के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध खाद्य उत्पाद प्राप्त करना नागरिकों का अधिकार है और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। राज्य के लोग मिलावट की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 181 पर कर सकते हैं। जिला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दर्ज करा सकते हैं। व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

    इस बीच, हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने वाले लोगों को मिलावटी भोजन का दावा प्रमाणित होने पर इनाम मिलेगा। साथ ही घटिया खाना बांटने वाले की खबर देने वालों को 5,000 रुपये देने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। मोबाइल लैब को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।

    प्रदेश में सैंपल जांच के लिए सात नई लैब स्थापित की जा रही हैं। गहलोत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती को भी मजबूत किया गया है।

  • जुलूस के दौरान वाहन से छू गया बिजली का तार, करंट से 6 की मौत, तीन घायल

    जुलूस के दौरान वाहन से छू गया बिजली का तार, करंट से 6 की मौत, तीन घायल

     

    बहराइच- उत्तर प्रदेश के में बारावफात के जुलूस का एक वाहन हाई टेन्शन लाइन के तार की चपेट में आने से वाहन में सवार छह लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य बुरी तरह से झुलस गए। पुलिस के अनुसार रविवार को तड़के यह हादसा उस समय हुआ जब नानपारा क्षेत्र में बाराबफात के जुलूस में चल रहे एक ठेले में लगा लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। इसकी चपेट में आने से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना नानपारा कोतवाली क्षेत्र के भगड़वा मासूपुर गांव की है।

    बताया जा रहा है कि बीती रात आयोजित हुए बारावफात के जुलूस से ये लोग वाहन में सवार होकर रविवार को तड़के लौट रहे थे। जब वह नानपारा कोतवाली क्षेत्र के मसूकपुर गांव के पास पहुंचे। तभी जुलूस ठेले में लगा लोहे का पाइप बिजली के हाईटेंशन तार से टकरा गया। हादसे में अशरफ अली (24 ), अरफाक (08), इलियास (18), शफीक (14 ) मौके पर मौत हो गई। इसके अलावा तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा में उपचार के लिए पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तबरेज (17) व मुराद (15) की मौत हो गई। दो लोगों की हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बहराइच में जुलूस के दौरान हुए हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री जी ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

  • जम्मू-कश्मीर पर पाक और जर्मनी  द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर भारत ने दिया करारा जवाब

    जम्मू-कश्मीर पर पाक और जर्मनी  द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर भारत ने दिया करारा जवाब

     

    नई दिल्ली- कथित मानवाधिकार उल्लंघन की बात बोलकर पाकिस्तान हर जगह जम्मू-कश्मीर का राग अलापता रहता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बारबॉक के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान फिर से मानवाधिकार उल्लंघन का दावा दोहराया। जिस पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि, वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार से आतंकवाद को खत्म करने की भूमिका और जिम्मेदारी है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शनिवार को एक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर दशकों से इसी तरह के और निरंतर आतंकवादी अभियान का गवाह रहा है। बागची ने बयान में कहा, विदेशी नागरिक वहां और भारत के अन्य हिस्सों में भी इससे पीड़ित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और एफएटीएफ अभी भी 26/11 के भीषण हमलों में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादियों के पीछे लगे हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि जब राज्य स्वार्थ या उदासीनता के कारण ऐसे खतरों को नहीं पहचानते हैं, तो वे शांति के उद्देश्य को कमजोर करते हैं, उसे बढ़ावा नहीं देते हैं और आतंकवाद के पीड़ितों के साथ गंभीर अन्याय करते हैं। बागची का यह बयान जर्मन और पाकिस्तानी विदेश मंत्रियों की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणियों पर मीडिया के सवालों के जवाब में आया है।

  • चेक बाउंस होने को लेकर सरकार सख्त, दूसरे अकाउंट से काटे जाएंगे पैसे, जानिए क्या है नियम

    चेक बाउंस होने को लेकर सरकार सख्त, दूसरे अकाउंट से काटे जाएंगे पैसे, जानिए क्या है नियम

    नई दिल्ली- आने वाले दिनों में अगर आप चेक बाउंस होता है तो आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। सरकार ऐसे मामलों से निपटने के लिए नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। दरअसल, चेक बाउंस के मामलों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए वित्त मंत्रालय चेक जारी करने वाले के अन्य खातों से पैसा काटने और ऐसे मामलों में नए खाते खोलने पर रोक लगाने जैसे कई कदमों पर विचार कर रहा है। चेक बाउंस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रालय ने हाल में एक हाई लेवल बैठक बुलाई थी, जिसमें इस तरह के कई सुझाव प्राप्त हुए हैं।

    क्या है नियम
    दरअसल, ऐसे मामलों से कानूनी सिस्टम पर भार बढ़ता है। इसलिए कुछ ऐसे सुझाव दिए गए हैं जिनमें कुछ कदम कानूनी प्रक्रिया से पहले उठाने होंगे मसलन चेक जारी करने वाले के खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है तो उसके अन्य खातों से राशि काट लेना। सूत्रों ने बताया कि अन्य सुझावों में चेक बाउंस के मामले को कर्ज चूक की तरह लेना और इसकी जानकारी ऋण सूचना कंपनियों को देना शामिल है जिससे कि व्यक्ति के अंक कम किए जा सके। उन्होंने कहा कि इन सुझावों को स्वीकार करने से पहले कानूनी राय ली जाएगी।

    चेक का भुगतान करना ही होगा
    ये सुझाव अमल में आते हैं, तो भुगतानकर्ता को चेक का भुगतान करने पर मजबूर होना पड़ेगा और मामले को अदालत तक ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे कारोबारी सुगमता बढ़ेगी तथा खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने के बावजूद जानते-बूझते चेक जारी करने के चलन पर भी रोक लगेगी।

    चेक जारी करने वाले के अन्य खाते से राशि स्वत: काटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया और अन्य सुझावों को देखना होगा। चेक बाउंस होने का मामला अदालत में दायर किया जा सकता है और यह एक दंडनीय अपराध है जिसमें चेक की राशि से दोगुना जुर्माना या दो वर्ष तक का कारावास या दोनों सजा हो सकती है। उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने हाल में वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया था कि चेक बाउंस के मामले में बैंक से पैसा निकलने पर कुछ दिन तक अनिवार्य रोक जैसे कदम उठाए जाएं जिससे कि चेक जारी करने वालों को जवाबदेह बनाया जा सके।

  • दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने अमन नगर जालंधर में माता की भव्य चौकी का हुआ आयोजन 

    दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने अमन नगर जालंधर में माता की भव्य चौकी का हुआ आयोजन 

    MBD WEB NEWS (सुमेश शर्मा) दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से अमन नगर, नजदीक पठानकोट चौक, जालंधर में माता की चौकी का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूजनीय श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री मंगलावती भारती जी ने महामाई का गुणगान करते हुए माँ के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन किया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों ही भक्तों श्रद्धालुओं महामाई के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए पहुंचे

    साध्वी जी ने बताया कि समाज में बुराइयों को ख़त्म करने के लिए मां ने विभिन्न स्वरूपों को धारण किया।वास्तव में मां एक शक्ति है जो सारे संसार का सृजन पालन और संहार करती है। यूं तो विश्व भर में अनेकों रुपो में शक्ति की उपासना की जाती है लेकिन भारत शक्ति उपासना का केन्द्र है ।

    एकमात्र भारत ही ऐसा देश है जहां शक्ति को मां कहकर पुकारा जाता है ।मां जो अतुल्य आनन्द एवं मात्रतव का स्रोत है जो सदा अबाध रूप में बहता है ।हमारे ग्रंथों में इस कारण माँ को अग्रणय स्थान प्रदान किया गया है जैसे शास्त्र में लिखा है। माता को सबसे पहले नमन किया गया है क्योंकि मां एक शिशु के निर्माण में श्रेष्ठ भूमिका निभाती है ।

    जिस प्रकार लौकिक मां अपने बालक के विकास के लिए कभी स्नेह की वर्षा करती है तो कभी क्रोध करती है ।उसी प्रकार मां भगवती जगदम्बा भी हम मानवों के कल्याण हेतु विविध रूप धारण कर इस धरा पर अवतरित होती है ।

    साध्वी जी ने कहा कि आज मानव देवी मां की आराधना तो मन से करता है परन्तु उसे जन्म देने वाली मां वृद्ध आश्रम में देखने को मिल रही है ।यदि परिवार में हम जन्म देने वाले माता पिता का सम्मान नहीं करेंगे तो वह जगदम्बिका भवानी हम पर कभी प्रसन्न नहीं होगी अगर हम देवी मां की प्रसन्नता को हासिल करना चाहते हैं तो ईश्वर द्वारा बनाए गए हर रिश्ते का सम्मान करना होगा ।अंत में साध्वी बहनों द्वारा सुमधुर भजनों और मां की भेंटो का गुणगान कर श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध किया गया ।

    इस मौके पर सांसद संतोख चौधरी, दिनेश ढल्ल, अमित ढल्ल, विधायक रमन अरोड़ा, बलराज ठाकुर, रमेश शर्मा, पार्षद शैली खन्ना, डा. बी डी शर्मा, डिजिटल मीडिया एसोसिएशन से परदीप वर्मा, अजीत सिंह बुलंद, सुमेश शर्मा, पंकज सिब्बल, यशपाल ठाकरे, पार्षद माइक खोसला, अजय भारद्वाज, अवनीप देओरा, अजय मल्होत्रा, दीनानाथ प्रधान, अमित सहगल, विजय महाजन, मनोज, राम चंद्र, जीतू आदि मौजूद थे।

  • खौफनाक वारदात; पायल लूटने के लिए चोर ने 100 साल की बुजुर्ग महिला के काट दिए पैर

    खौफनाक वारदात; पायल लूटने के लिए चोर ने 100 साल की बुजुर्ग महिला के काट दिए पैर

     

    Rajasthan Crime: पुलिस ने बुजुर्ग महिला के कटे पैर और हथियार को बरामद कर लिया है. वहीं महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है. उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. फिलहाल वारदात को अंजाम देने वाले का कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस की टीम जांच कर रही है.

    राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां एक अज्ञात चोर ने 100 साल की वृद्ध महिला के पैर में पड़ी पायल लूटने के लिए उसके पैर ही काट दिए. सामाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, चोर ने बुजुर्ग महिला के पैर धारधार हथियार से काटे. हालांकि पुलिस ने बाद में हथियार को बरामद कर लिया है. पुलिस की एक टीम इस मामले की जांच कर रही है, जबकि पीड़िता को परिवार वालों ने फौरन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों की एक टीम लगातार उन पर नजर रखे हुए है. एएसपी गलता पीएस ने बताया कि अपराध में प्रयुक्त हथियार के साथ-साथ पैरों के कटे हुए हिस्से भी बरामद किए गए हैं. वृद्ध महिला का इलाज चल रहा है.

    खून ज्यादा बहने से हालत गंभीर

    पीड़िता की बेटी गंगा देवी ने फोन पर बताया कि मेरे पास मेरी बेटी का फोन आया था कि नानी एक नाले के पास अपने पैरों के कटे हुए हिस्सों के साथ घायल पड़ी हैं. सूचना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. बताया गया कि पैर कट जाने के बाद बुजुर्ग महिला का काफी खून बह गया, जिस वजह से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

    कटे हुए पैर और हथियार बरामद

    वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम एक्टिव हो गई. पुलिस ने फौरन जांच शुरू कर दी. जयपुर पुलिस ने जांच के दौरान बुजुर्ग महिला के कटे हुए पैर के साथ वारदात में प्रयोग किए गए धारधार हथियार को बरामद कर लिया है. हालांकि अभी तक आरोपी की न तो पहचान हो पाई है और न ही उसकी गिरफ्तारी ही हुई है. पुलिस ने बताया कि वारदात महिला के घर के पास ही हुई है. पीड़िता के गले में भी कई जगह चोट के निशान मिले हैं. फिलहाल पुलिस की टीम मामले की जांच-पड़ताल कर रही है.

  • विदेशों में महंगी हो रही है पढ़ाई, अमरीका जैसे देशों में 2 लाख रुपए प्रतिवर्ष तक की वृद्धि 

    विदेशों में महंगी हो रही है पढ़ाई, अमरीका जैसे देशों में 2 लाख रुपए प्रतिवर्ष तक की वृद्धि

     

     

    नई दिल्ली : रुपये में गिरावट के कारण अमरीका के लिए औसत अतिरिक्त लागत 1.5 से 2 लाख रुपए प्रति वर्ष बढ़ गई हैं। विदेशों में मंहगी हो रही पढाई का एक कारण इंग्लैंड, अमरीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख देशों के लिए ट्यूशन फीस में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि है। साथ ही हवाई जहाज के किराए जैसी अन्य लागतों में भी हाल के दिनों में वृद्धि देखी गई है।

    विदेशों में पढाई मंहगी होने के बावजूद अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में लाखों भारतीय छात्रों के वीजा स्वीकृत नहीं हुए हैं। छात्रों को स्टूडेंट वीजा मिलने में लंबी देरी हो रही है लेकिन जिन छात्रों का वीजा सौभाग्यवश स्वीकृत कर दिया गया है उन्हे रुपये में गिरावट के कारण महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। विदेशों में भारतीय छात्रों को पी.जी. (हॉस्टल) और होमस्टे की कीमतों में वृद्धि के कारण रहने की जगह ढूंढने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही महामारी के बाद इन देशों में बड़ी संख्या में लोगों के आने के कारण भी मंहगाई बढ़ी हैं।

    यूके, अमरीका और कनाडा जैसे लोकप्रिय देशों में पढ़ाई का वीजा मिलने में होने वाली लंबी देरी का लाभ जर्मनी को मिलता दिख रहा है। इसमें भारतीय छात्रों का भी एक बड़ा हित है। हाल ही में आई जर्मन एकेडमिक एक्सचेंज सर्विस (डी.ए.ए.डी.) की एक रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 2017 में 17,570 से 2021 में बढ़कर 34,134 हो गई।

    दरअसल जर्मन सरकार द्वारा शिक्षा पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। यहां राज्य द्वारा वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ट्यूशन फीस नहीं देनी पड़ती है। यह बात जर्मनी के भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़े लाभों में से एक है। विदेशों में मंहगी हो रही पढाई के बीच भारतीय छात्रों के लिए यह एक राहत की बात है।

    हालांकि जर्मनी जैसे देशों में भारतीय छात्रों को कम लागत पर विभिन्न पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं बावजूद इसके छात्र पढ़ाई के लिए अलग-अलग कारणों से अलग-अलग देशों का चुनाव करते हैं। कई बार बड़े लाभ मिलने के बावजूद छात्र अपनी वरीयता और पसंद को जल्दी नहीं बदलते हैं। विदेशों में पढ़ाई के लिए भारत के सबसे बड़े समुदाय आधारित प्लैटफॉर्म, यॉकेट के सह-संस्थापक सुमीत जैन ने बताया रुपये में गिरावट के कारण अमरीका के लिए औसत अतिरिक्त लागत 1.5 से 2 लाख रुपए प्रति वर्ष बढ़ गई हैं। बावजूद इसके छात्र बिना सोचे-समझे निर्णय नहीं लेते हैं। कभी-कभी जब छात्र ने केवल कनाडा के स्कूलों में आवेदन किया होता है तो वे देश नहीं बदलते हैं। उनमें से कुछ छात्र शिक्षा के बाद पी.आर. लेना चाह रहे होते हैं और दूसरे देशों की तरफ ध्यान देने का कोई मतलब नहीं होता है। बहुत से छात्र विकल्प खुले रखते हैं और शिक्षा पर अधिक ध्यान देते हैं। वे दूसरे विकल्पों पर भी विचार करते हैं। अमरीका ने एस. टी. ई. एम. पाठ्यक्रमों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। गैर- एस. टी. ई. एम. के लिए हम कह सकते हैं कि यू. के. और ऑस्ट्रेलिया को कुछ अधिक छात्र मिलेंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वीजा में होनेवाली निरंतर देर ने पढाई के लोकप्रिय स्थानों की प्रतिस्पर्धात्मकता को खतरे में डाल दिया है। पहले ही जहां छात्रों की पहली पसंद अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे देश थे वहीं अब जर्मनी, स्पेन, फ्रांस, पुर्तगाल और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में पढ़ाई करने के लिए अचानक उभरे स्थानों के तौर पर सामने आये हैं।

    गौरतलब है कि विदेशों में उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाल छात्रों के लिए कोविड महामारी एक बड़ी रुकावट साबित हुई है। अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में छात्रों को वीजा के लिए 1 से 2 वर्ष तक का वेटिंग पीरियड मिल रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्र को अगले 2 वर्ष बाद अमेरिका का वीजा मिल सकेगा।

    दरअसल कई देशों ने अब कोविड प्रतिबंध हटा दिए। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यू.के., आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों में जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 2022 की आरंभ में लगभग एक मिलियन थी, जो कि महामारी के पहले के स्तरों से लगभग दोगुनी है। पहले के मुकाबले आवेदनों की संख्या कहीं ज्यादा बढ़ गई है जिसके कारण अब वीजा मिलने में भी देरी हो रही है। कोलकाता के रहने वाले एक छात्र एस घोष ने कहा कि यहां से वीजा मिलने में लगभग 440 दिन लग रहे हैं।

  • विस्फोट के बाद मात्र 24 घंटे में हुई क्रीमिया ब्रिज की रिपेयरिंग, पुतिन ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

    विस्फोट के बाद मात्र 24 घंटे में हुई क्रीमिया ब्रिज की रिपेयरिंग, पुतिन ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

     

    मॉस्को : रूस ने दावा किया है कि सिर्फ 24 घंटे के भीतर क्रीमिया ब्रिज को रिपेयर कर दिया गया है। दरअसल, रूस को क्रीमिया प्रायद्वीप से जोड़ने वाले एक पुल पर शनिवार सुबह बम विस्फोट हुआ था। ये धमाका यूक्रेन की तरफ की किया गया गया। हालांकि रूस का आरोप है कि पेंटागन की ओर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। उन्हीं से हमला किया गया। इस धमाके में पुल दो भागों में टूट गया था।

    Divers to check damage to blast-hit Crimea bridge key to Russia's war |  Reuters

    रूस ने दावा किया है कि इसमें वापस पहले की तरह ट्रेन दौड़ रही है। इस पुल के जरिए ही रूस यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से में युद्ध के लिए साजो-सामान भेजता है। उधर, रुस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने केर्च जलडमरूमध्य से होने वाले परिवहन, क्रीमिया से जुडे पावर ग्रिड और प्रायद्वीपीय हिस्से को जाने वाली प्रमुख गैस पाइपलाइन की सुरक्षा बढाए जाने को लेकर एक डिक्री पर हस्ताक्षर किये हैं।

    Russia-Ukraine updates: Putin increases security after Crimea bridge blast  | News | DW | 09.10.2022

    क्रेमलिन द्वारा प्रकाशित डिक्री में कहा गया है कि शनिवार को पुतिन ने रुसी संघीय सुरक्षा सेवा को इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें, शनिवार को 19 किलोमीटर लंबे क्रीमियन पुल पर एक घातक विस्फोट हुआ था। एक ट्रक में सड़क पुल पर विस्फोट हो गया जिससे क्रीमिया प्रायद्वीप की ओर जा रही एक ट्रेन के सात ईंधन टैंकों में आग लग गई । इस विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और पुल के दो हिस्से भी आंशिक रूप से ढह गए।

    Ukraine war: Putin orders tighter security on key bridge from Russia to  Crimea after explosion | World News | Sky News

    क्रीमिया के प्रमुख सर्गेई अक्स्योनोव ने कहा कि पूरी तरह से जांच पड़ताल के बाद कारों और बसों के लिए यातायात फिर से खोल दिया गया है, जबकि ट्रकों को अब भी जहाजों की मदद से केर्च जलडमरूमध्य को पार करना होगा। रूस के उप प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने शनिवार देर रात कहा कि पुल पर रेल सेवा यात्री और मालगाडियों दोनों के लिए पूरी तरह से बहाल कर दी गई।

  • जम्मू से किडनैप की गई बच्ची 36 घंटे बाद जालंधर से मिली, अपहरणकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर

    जम्मू से किडनैप की गई बच्ची 36 घंटे बाद जालंधर से मिली, अपहरणकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर

     

     

    जम्मू : जम्मू के त्रिकुटा नगर से किडनैप हुई बच्ची 36 घंटे बाद जालंधर रेलवे स्टेशन से बरामद कर ली गई है। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से बच्ची को खोज निकाला। हालांकि आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दरअसल, जम्मू के त्रिकुटा नगर क्षेत्र में आपसी लड़ाई में एक व्यक्ति ने गुरुवार तीन बजे महिला को सबक सिखाने के लिए उसकी बच्ची का अपहरण कर लिया था। शुक्रवार को अपहरणकर्ता उसे कटड़ा ले गया और यहां नशे में धुत अपहरणकर्ता ने शुक्रवार रात नौ बजे रेलवे स्टेशन पर बच्ची को छोड़ दिया। इस दौरान जालंधर जा रहे एक दंपति ने बच्ची को देखा और उसे साथ ले गए। इस बीच उन्होंने रेलवे पुलिस को सूचना भी दी।

    रेलवे पुलिस ने बच्ची को ले जाने और अपना नंबर देने के लिए कहा। इसके बाद त्रिकुटा नगर पुलिस को सूचना मिली। पुलिस ने जालंधर में शुक्रवार रात तीन बजे आधा घंटा ट्रेन को रुकवाया और बच्ची को बरामद कर परिवार को सौंप दिया। इसमें वीरवार सवा तीन बजे आरोपी बच्ची को उठाकर ले जाता दिखाई दिया। वह काफी देर तक त्रिकुटा नगर में रुका रहा।

    बच्ची की मां और आरोपी दोनों ही भीख मांगने का काम करते हैं। गुरुवार को दोनों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ। नौबत मारपीट तक पहुंच गई थी। बाद में मौका देख आरोपी बच्ची को अपने साथ ले गया। पुलिस के अनुसार ऐसा करने का मकसद महिला को परेशान करना था। महिला मराठा मोहल्ला त्रिकुटानगर की रहने वाली है। आरोपी अभी भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। पुलिस उसकी तलाश कर ही है। रेलवे स्टेशनों पर भी तलाश जारी है।

  • 9 लोगों की जिंदगी लेने वाला आदमखोर बाघ हुआ ढेर, 7 घंटे चले ऑपरेशन के बाद शूटर्स से मार गिराया

    9 लोगों की जिंदगी लेने वाला आदमखोर बाघ हुआ ढेर, 7 घंटे चले ऑपरेशन के बाद शूटर्स से मार गिराया

     

    बिहार के बगहा स्थित बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व के आदमखोर बाघ को आज गन्ने के खेत में घेर लिया गया था. जहां 7 घंटे के ऑपरेशन के बाद इस बाघ को मार गिराया गया.

    9 लोगों की की जान लेने वाला आदमखोर बाघ ढेर, 7 घंटे चले ऑपरेशन के बाद शूटर्स से मार गिराया
    बिहार के बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व के आदमखोर बाघ को आज मार गिराया गया है. दरअसल, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने इस आदमखोर बाघ को मारने का आदेश दिया था, जिसके बाद से उसे गन्ने के खेत में चारों तरफ से घेर लिया गया था और शूटर्स भी तैनात थे. बता दें कि, पिछले 6 महीने में बाघ ने वीटीआर के रिहायशी इलाकों में 8 लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है. आदमखोर बाघ के रेस्क्यू अभियान के लिए करीब 400 लोगों की टीम लगी हुई थी. मगर, बाघ सबको चकमा देकर भाग जा रहा था.

    दरअसल, बिहार के बगहा स्थित बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व के आदमखोर बाघ को आज गन्ने के खेत में घेर लिया गया था. जहां 7 घंटे के ऑपरेशन के बाद इस बाघ को मार गिराया गया. वहीं, गन्ने के उस खेत को चारों तरफ से कटीले तार से घेर दिया गया था और उसके बाहर शूटर्स के साथ ग्रामीण भी तैनात रहे. साथ ही ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी.ऐसे में लोगों को आशंका थी कि इसी खेत में बाघ छिपा हुआ है. जिसने बीती रात भी दो लोगों को अपना शिकार बना लिया और ठीक उसके 24 घंटे पहले घर में सोती हुई एक बच्ची को उठा ले गया था.

    पिछले 9 महीने में बनाया 9 लोगों को शिकार

    वहीं, पिछले 9 महीने में यह आदमखोर बाघ 9 लोगों को अपना शिकार बना चुका था. इसके अलावा पिछले 1 महीने से इसने अपना आतंक मचा रखा था. जिसके चलते लोग पूरी रात दहशत में रहकर गुजार रहे थे. आखिरकार शूटरों ने इस बाघ को ढेर कर दिया. इस पूरे ऑपरेशन में चार सौ वन कर्मियों को लगाया गया था और एसटीएफ की चार टीमें भी बनाई गई थी.लेकिन बाघ सबको चकमा देकर भाग जा रहा था.गौरतलब है कि, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी यानी NTCA ने बगहा में आदमखोर हो चुके बाघ को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया था.