Category: HEALTH

  • कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को बताए 6 मंत्र,जानें क्या है उपाये…

    कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को बताए 6 मंत्र,जानें क्या है उपाये…

     

    नई दिल्ली : चीन में कोरोना से मचे हाहाकार के बीच केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 6 मंत्र बताए हैं। दरअसल, भारत में तैयारियों का जायजा लेने के लिए राज्य सरकारों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान सावधानी बरतने, अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था पर फोकस करने की बात कही गई। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र लिखा गया है, जिसमें कोरोना से निपटने के लिए 6 जरूरी उपाय बताए गए हैं।

    1. केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को सलाह दी गई है कि वे जिला स्तर पर कोरोना टेस्टिंग में इजाफा कर दें। आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ाने को कहा गया है।

    2. इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों के मामलों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे लोगों का डेटा भी केंद्र सरकार से शेयर करने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि ऐसे मरीजों का भी कोरोना टेस्ट किया जाना चाहिए।

    3. सरकार की सलाह है कि पॉजिटिव कोरोना केसों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए जरूर भेजा जाए। इससे यह पता चल सकेगा कि भारत में किसी नए वैरिएंट ने तो दस्तक नहीं दे दी है। ऐसा होने पर उससे निपटने के उपाय किए जा सकेंगे।

    4. अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाओं आदि की उपलब्धता का पता लगाने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इसकी सही और तत्काल जानकारी के लिए सभी अस्पतालों में मॉक ड्रिल कर सकते हैं।

    5. सरकार ने फिलहाल किसी तरह की पाबंदी की बात नहीं कही है, लेकिन कोरोना की बूस्टर डोज लेने के लिए लोगों को जागरूक करने की सलाह दी गई है।

    6. राज्यों सरकार को मशविरा दिया गया है कि वे मार्केट यूनियन, रेजिडेंशियल सोसयटी और नागरिक संगठनों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी जाए।

  • कोरोना की आहट से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जालंधर में एसएमओ ने लिया तैयारियों का जायजा, दिये ये निर्देश..

    You are currently viewing कोरोना की आहट से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जालंधर में एसएमओ ने लिया तैयारियों का जायजा, दिये ये निर्देश…

    Health department alerted by the sound of Corona, SMO reviewed the preparations in Jalandhar, gave these instructions…

    कोरोना की आहट से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जालंधर में एसएमओ ने लिया तैयारियों का जायजा, दिये ये निर्देश..

     

    जालंधरः देश में कोरोना के नए वेरिएंट के सामने आने से विश्वव्यापी प्रभाव के बाद भारत सरकार के साथ-साथ विभिन्न राज्य की सरकारें भी सतर्क हो गई हैं तथा जरूरी एडवाइजरी जारी की जा रही है। महानगर में भी एसएमओ ने कोरोना से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया और सैंपलों को बढ़़ाने के निर्देश दिए। वहीं हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठकों का दौर शुरू हो गया है।

    जानकारी के अनुसार जालंधर में पहले ऐवरेज 400 से 450 तक सैंपल लिए जा रहे थे अब कोरोना की नई संभावित लहर को देखते हुए इन्हें डबल कर 800 सैंपल लेने का टारगेट दिया गया है। इनमें से 550 आरटीपीसीआर और 250 रैपिड एंटीजन टेस्ट लिए जाएंगे। फिलहाल सैंपल उन्हीं लोगों के लिए जाएंगे दो संदिग्ध मरीज प्रतीत होता है। अभी तक जिले में कोई भी कोरोना का एक्टिव केस नहीं आया है।

    वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए परहेज जरूरी है। कोरोना की संभावित लहरको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों से अपील की गई है कि लोग पैनिक न हों और कोविड कीगाइडलाइनों का पालन करें, और मुंह पर मास्क का इस्तेमाल करें।

  • कोरोना के विरुद्ध केंद्र सरकार ने शुरू की बड़ी तैयारी, देश में नेजल वैक्सीन के इस्तेमाल को दी मंजूरी

    कोरोना के विरुद्ध केंद्र सरकार ने शुरू की बड़ी तैयारी, देश में नेजल वैक्सीन के इस्तेमाल को दी मंजूरी

     

     

     

    नई दिल्ली : चीन सहित कई देशों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच बड़ा फैसला किया है। देश में नेजल वैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी दे दी गई है। यह बूस्टर खुराक के तौर पर लगाई जा सकेगी। निर्णय के अनुसार, नेजल वैक्सीन पहले निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी। इस वैक्सीन को सरकार ने भारत के कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में आज से ही शामिल किया है।

    इससे पहले भारत के औषधि महानियंत्रक DCGI ने भारत बायोटेक की इंट्रा नेजल कोविड वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन नाक के जरिए स्प्रै करके दी जाती है, मतलब वैक्सीन लेने वाले की बांह पर टीका नहीं लगाया जाता। DCGI ने इंट्रा नेजल कोविड वैक्सीन को 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए मंजूरी दी है। भारत बायोटेक की इस वैक्सीन का नाम BBV154 है।

    बता दें कि हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने नेजल वैक्सीन का 4 हजार वॉलिंटियर्स पर क्लीनिकल ट्रायल किया है। इनमें से किसी पर इसका कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है। अगस्त महीने में तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के बाद साफ हो गया था कि BBV154 वैक्सीन इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है। BBV154 के बारे में भारत बायोटेक ने बताया है कि इस वैक्सीन को नाक के जरिए दिया जाता है। यह भी कहा गया है कि यह वैक्सीन किफायती है जो कि कम और मध्यम आय वाले देशों के लिए ठीक रहेगी। बताया गया है कि यह वैक्सीन इंफेक्शन और संक्रमण को कम करेगी।

    कोरोना समेत ज्यादातर वायरस म्युकोसा के जरिए शरीर में जाते हैं। म्युकोसा नाक, फेफड़ों, पाचन तंत्र में पाया जाने वाला चिपचिपा पदार्थ होता। नेजल वैक्सीन सीधे म्युकोसा में ही इम्युन रिस्पॉन्स पैदा करती है, जबकि मस्कुलर वैक्सीन ऐसा नहीं कर पाती।
    ये वैक्सीन सिर्फ बूस्टर डोज के तौर पर लगाई जाएगी। यानी, जो लोग पहले वैक्सीन की दो डोज ले चुके हैं, उन्हें ही ये वैक्सीन दी जाएगी। कोविन पोर्टल पर मौजूद डेटा बताता है कि अब तक 95.10 करोड़ से ज्यादा लोग वैक्सीन की दो डोज ले चुके हैं। लेकिन सिर्फ 22.20 करोड़ लोगों ने ही बूस्टर डोज ली है।

  • Corona के नए वैरियंट BF.7 के कारण IMA ने जारी की गाइडलाइंस, शादी समारोह और रैलियों को टाला जाए- मास्क जरूर लगाएं

    Corona के नए वैरियंट BF.7 के कारण IMA ने जारी की गाइडलाइंस, शादी समारोह और रैलियों को टाला जाए- मास्क जरूर लगाएं

     

     

     

    नई दिल्ली : देश में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी ने एक बार फिर चिंता बढ़ा रही है। नए वैरियंट BF.7 के मरीज मिलने से यह चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। संक्रमितों की संख्या और न बढ़े इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों समेत मेडिकल संस्थान भी एक्शन में आ गए हैं।

    इसी दिशा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आज कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एडवाइजरी जारी की है। जो इस प्रकार है:-

    – मास्क लगाएं

    – साबुन से हाथ धोएं या Sanitizer का इस्तेमाल करें।

    – सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

    – शादी, पार्टी, मेले जैसी पब्लिक गैदरिंग से बचें।

    – संभव हो तो अंतरराष्ट्रीय यात्रा से परहेज करें।

    – सर्दी, खांसी, जुकाम समेत Covid जैसे किसी लक्षण पर टेस्ट करवाएं और
    वैक्सीनेशन का ध्यान रखें।

    – सरकारी गाइडलाइन का पालन करें।

    बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 185 नए मामले आए। कोरोना की स्थिति को देखते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मीटिंग की। इससे पहले बुधवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी एक उच्चस्तरीय मीटिंग की थी।

  • बड़ी राहत; सस्ती होनें जा रही हैं Paracetamol जैसी 127 दवाएं, NPPA ने तय की नई कीमतें…

    बड़ी राहत; सस्ती होनें जा रही हैं Paracetamol जैसी 127 दवाएं, NPPA ने तय की नई कीमतें…

     

     

     

    नई दिल्ली : रोज इस्तेमाल में आने वाली पैरासीटामॉल जैसी कई दवाइयां सस्ती होने जा रही हैं। मंगलवार को नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 127 दवाओं की कीमतों की सीमा तय की है। खास बात है कि इस साल लगातार 5वीं बार कुछ दवाओं की कीमत कम होने जा रही है। इनमें ऐसी कई दवाएं भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कई मरीज बड़ी मात्रा में करते हैं।

    127 दवाओं की सूची में Paracetamol, Amoxycillin, Rabeprazole और Metformin का नाम शामिल है। एक ओर जहां पैरासीटामॉल जैसी अधिकांश घरों में इस्तेमाल होने वाली दवा की कीमत कम होने वाली है। वहीं, Montelukast और Metformin जैसी कुछ दवाओं की कीमत में इजाफा हो सकता है।

    फिलहाल, पैरासीटामॉल (650 एमजी) 2.3 रुपये प्रति टैबलेट की दर से बिक रही है। अब इसकी कीमत 1.8 रुपये प्रति टैबलेट तय की गई है। साथ ही Amoxycillin और Potassium Clavulanate की कीमत 22.3 रुपये प्रति टैबलेट से कम होकर 16.8 रुपये प्रति टैबलेट तय हुई है। 400 एमजी Moxifloxacin 31.5 रुपये प्रति टैबलेट से कम होकर 22.8 रुपये प्रति टैबलेट पर आ गई है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा, ‘यह अच्छा फैसला है, लेकिन पैरासीटामॉल जैसी कुछ दवाओं की कीमत पहले ही कम है। एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) की कीमत के बढ़ने से निर्माताओं के लिए आगे कीमते कम करने की गुंजाइश कम है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।’

    बंगाल कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (BCDA) के सचिव सजल गांगुली ने बताया कि नए प्राइस टैग जनवरी के अंत तक आएंगे। उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर नई कीमतों के साथ दवाओं को बाजार में आने में एक महीने का समय लगता है। हमें अगले महीने के अंत तक नया स्टॉक मिल जाना चाहिए।’

  • केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग में मास्क की वापसी, दुनियाभर के कई देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में कोरोना को लेकर हाई लेवल मीटिंग

    केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग में मास्क की वापसी, दुनियाभर के कई देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में कोरोना को लेकर हाई लेवल मीटिंग

     

     

    शायद ही किसी को ये तस्वीर पसंद आएगी मगर हालात कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं. चीन और यूरोप के कई देशों में कोरोना संकट देखने के बाद भारत अलर्ट हो गया है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग में मास्क की वापसी, कोरोना को लेकर हाई लेवल मीटिंग

    कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की हाई लेवल मीटिंग.

    दुनियाभर के कई देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत अलर्ट हो गया है. आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाई लेवल मीटिंग बुलाकर चर्चा की. काफी दिनों के बाद किसी बैठक में मास्क दिखा है. इस तस्वीर ने कोरोना काल की याद दिया दी. हालांकि हममे से कोई नहीं चाहेगा कि कभी वो दिन लौटे. लगभग दो साल बाद जीवन पूरी तरह पटरी पर लौट रहा था लेकिन कोरोना की नई आहट परेशान करने वाली है.

    भारत में फिलहाल कोरोना काबू में है लेकिन भविष्य में मामले तेजी से न बढ़े इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस बैठक में आईसीएमआर, नीति आयोग और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े तमाम लोगों ने हिस्सा लिया और अपना सुझाव रखा आईसीएमआर की हेड ऑफ वायरोलॉजी निवेदिता गुप्ता ने कहा कि सिर्फ पांच देशों के यात्रियों पर निगरानी से हम कोरोना पर काबू नहीं कर पाएंगे. कई देशों की यात्रा कर लौटने वाले यात्रियों को लेकर प्रोटोकॉल जरूरी है. तकरीबन एक महीने पहले से चीन में कोरोना मामले आ रहे थे.

    मीटिंग में मास्क की वापसी

    चीन में हालात ये है कि श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं. इसके अलावा अमेरिका, ब्राजील, जापान, दक्षिण कोरिया में भी कोरोना मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. इन सब हालातों को देखते हुए भारत अलर्ट हो गया है. आज स्वास्थ्य मंत्री ने इसके लिए बैठक बुलाई और गाइडलाइंस पर चर्चा हुई. स्वास्थ्य जगत से जुड़े तमाम लोगों ने अपनी-अपनी राय स्वास्थ्य मंत्री के सामने बयां की. आज मीटिंग में जितने लोग भी पहुंचे थे उन सभी ने मास्क लगा रखा था.

    हाई लेवल मीटिंग में हुआ मंथन

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडविया की अध्यक्षता में बैठक में स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती पवार भी बैठक में मौजूद रहीं. इसके अलावा नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल, डॉ एन के अरोड़ा (NTAGI) आईसीएमआर से निवेदिता गुप्ता, जैव प्रोद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के कई अधिकारी बैठक में मौजूद रहे. डॉ पॉल ने मीटिंग में कहा कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मास्क, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, बुखार होने पर क्वारंटाइन, सामान्य यात्रियों को क्वारंटाइन करने के दिशानिर्देश जारी होना चाहिए. अभी सी प्रीवेंटिव स्टैप जरूरी हैं. महामारी से संबंधित गाइडलाइंस जैसे दो गज दूरी, मास्क, नियमित हाथ धुलने जैसे बातें एयरपोर्ट्स पर लागू होना चाहिए.

    सोशल मीडिया पर दिल-दहलाने वाले वीडियोज

    चीन सरकार ने जीरो कोविड पॉलिसी को जब से खत्म किया, उसके बाद से ही कोरोना तेजी से फैला. आज यहां के हालात बदहाल हो चुके हैं. अस्पतालों में जगह नहीं बची और मेडिकल स्टोर में दवाइयां. चीनी सरकार लगातार आंकड़े छिपा रही है. जबकि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज की भरमार है जिसमें लोग रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं.

     

  • हेल्थ मिनिस्टर मनसुख मांडविया की राहुल गांधी को चिट्ठी, कहा बंद करें भारत जोड़ो यात्रा,जानें क्या है कारण …

    नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक की अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर हैं। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने उन्हें अपनी यात्रा के दौरान कोरोना को लेकर जारी मानदंडों का पालन करने के लिए कहा है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक चिट्ठी लिखी है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए, अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं हो, भारत जोड़ो यात्रा को देशहित में स्थगित किया जाए।

    मनसुख मांडविया ने पत्र में कहा, ”राजस्थान में चल रही भारत जोड़ो यात्रा में कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन हो, मास्क और सेनीटाइजर का इस्तेमाल कराया जाए। यात्रा में सिर्फ वैक्सीनेटिड लोग ही हिस्सा लें, यह सुनिश्चित किया जाए। यात्रा में जुड़ने से पूर्व और बाद में यात्रियों को आइसोलेट किया जाए।”

    मांडविया ने आगे लिखा, अगर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं है। तो पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोरोना महामारी से देश को बचाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा को देशहित में स्थगित किए जाने का अनुरोध है।

    दरअसल, राजस्थान के सांसद पीपी चौधरी, निहाल चंद, देवजी पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर भारत जोड़ो यात्रा से फैल रही कोरोना महामारी के संबंध में चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा था कि देश में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा चल रही है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के चलते राजस्थान में कोरोना के फैलने का खतरा बना हुआ है। यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों में कोरोना के लक्षण भी दिख रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी यात्रा से वापस लौटने के बाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में इसे लेकर सचेत होने की जरूरत है।

    कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से मोदी सरकार बौखलाए हुई है। आम लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा तरह-तरह के सवाल उठा रही है। उन्होंने पूछा कि क्या गुजरात चुनाव में PM मोदी मास्क लगाकर, सारे प्रोटोकॉल मानते हुए घर-घर गए थे?

  • तेजाब की बिक्री पर बैन के बावजूद नहीं थम रहा एसिड अटैक के मामले, दिल्ली में तीन साल में 32 केस

    तेजाब की बिक्री पर बैन के बावजूद नहीं थम रहा एसिड अटैक के मामले, दिल्ली में तीन साल में 32 केस

     

     

     

    केंद्र सरकार ने बताया कि तीन साल में दिल्ली में तेजाब हमले के 32 मामले सामने आए हैं. सरकार ने बताया कि इस तरह के हमलों में महामारी के दौरान गिरावट देखी गई थी, लेकिन महामारी के बाद इसमें फिर से इजाफा हुआ है.

    बिक्री पर बैन के बावजूद नहीं थम रहा एसिड अटैक, दिल्ली में तीन साल में 32 केस

    एसिड अटैक सर्वाइवर (सांकेतिक)

    पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में बुधवार सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली 17 वर्षीय लड़की पर बाइक सवार दो नकाबपोश लोगों ने तेजाब फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. लड़की का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है. दिल्ली में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है. केंद्र सरकार ने बताया कि तीन साल में दिल्ली में तेजाब हमले के 32 मामले सामने आए हैं. सरकार ने बताया कि इस तरह के हमलों में महामारी के दौरान गिरावट देखी गई थी, लेकिन महामारी के बाद इसमें फिर से इजाफा हुआ है.

    राज्यसभा में दिए गए डेटा से पता चलता है कि साल 2018 से 2021 के बीच दिल्ली में तेजाब हमले के 32 मामले दर्ज किए गए. यह आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के हवाले से दिए गए हैं. 2018 में एसिड अटैक के 11 मामले सामने आए थे, जबकि 2019 में ऐसे 10 मामले सामने आए, लेकिन 2020 में कोरोना महामारी के दौरान ऐसे मामले गिरकर दो पर आ गए थे. हालांकि दिए गए आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2021 में एसिड अटैक के मामले बढ़कर 9 हो गए.

    सुप्रीम कोर्ट ने बैन का दिया था आदेश

    तेजाब हमले को लेकर लोगों में आक्रोश है और लोग प्रतिबंध के बावजूद बाजार में तेजाब की मौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में अपने एक आदेश में राज्य सरकारों को एसिड की रिटेल बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि एसिड की खुले बाजार में बिक्री न हो. दिल्ली में भी बिना लाइसेंस एसिड की बिक्री नहीं की जा सकती. इतना ही नहीं इसके खरीदार को भी अपनी पहचान देनी होती है.

    बिना लाइसेंस एसिड की बिक्री पर रोक

    इसी की जांच के लिए 2016 में दिल्ली महिला आयोग ने अपनी एक टीम ग्राउंड में भेजी और यह पता लगाने की कोशिश की, कि एसिड खरीदने के लिए बनाए गए यह नियम प्रभावी भी हैं या नहीं. महिला आयोग ने पाया था कि 23 ऐसी दुकानें थीं, जहां बिना आईडी कार्ड और कोई पहचान लिए बिना ही एसिड की बिक्री की जा रही थी. बाद में महिला आयोग ने दिल्ली सरकार से इसपर एक्शन लेने का अनुरोध किया था. इसकी जांच की जिम्मेदारी एसडीएम की होती है और वो नियम तोड़ने वालों पर 50 हजार रुपए का फाइन भी लगा सकते हैं.

  • CM केजरीवाल ने दिया जनता को बड़ा तोहफा, अब FREE होंगे 450 तरह के मेडिकल टेस्ट

    CM केजरीवाल ने दिया जनता को बड़ा तोहफा, अब FREE होंगे 450 तरह के मेडिकल टेस्ट

     

     

     

    नई दिल्ली : नए साल पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्लीवासियों को ये बड़ा तोहफा दिया है। दिल्ली में 1 जनवरी 2023 से मोहल्ला क्लीनिकों पर अब आप 450 तरह के मेडिकल टेस्ट फ्री में करा सकेंगे। जी हां, इसके लिए आपसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस कदम से उन लोगों को मदद मिलेगी, जो निजी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार अभी 212 चिकित्सा जांच निशुल्क उपलब्ध कराती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अस्पतालों और मोहल्ला क्लिनिक में 238 और जांच निशुल्क उपलब्ध कराने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

    केजरीवाल ने कहा कि सभी को अच्छी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा मुहैया कराना सरकार का लक्ष्य है चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। यह सुविधा दिल्ली के लोगों को मिलेगी। उन्होंने ट्वीट किया, सभी को अच्छी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा मुहैया कराना हमारा मिशन है। चाहे किसी की आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं बहुत महंगी हो गई हैं। कई लोग निजी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। इस कदम से ऐसे सभी लोगों को मदद मिलेगी।

  • जालंधर जिले के 48 स्वास्थ्य संस्थानों में आम आदमी क्लीनिकों की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगीः डीसी

    जालंधर जिले के 48 स्वास्थ्य संस्थानों में आम आदमी क्लीनिकों की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगीः डीसी

    डिप्टी कमिश्ननर ने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश

    जालंधर (सुमेश शर्मा)- डिप्टी कमिश्ननर जसप्रीत सिंह ने मंगलवार को जिले के 48 स्वास्थ्य संस्थानों में आम आदमी क्लीनिक की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के उदेश्य से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के साथ बैठक की। स्थानीय जिला प्रशासकीय परिसर में डिप्टी कमिशनर ने बैठक के दौरान आम आदमी क्लीनिक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की और अधिकारियों को निजी तौर पर ध्यान देकर इस कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जल्द से जल्द लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 28 और शहरी क्षेत्र में 20 स्वास्थ्य संस्थानों में आम आदमी क्लीनिक की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएगी, तैयारियों को बडे स्तर पर तेज किया जाए ।
    डिप्टी कमिशनर ने पीडब्लयू (बी एंड आर), मंडी बोर्ड, ग्रामीण विकास एवं पंचायत सहित अलग-अलग एंजेसियों की तरफ से उक्त स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा करने उपरांत बिल्डिंग की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रफल, बुनियादी ढांचा एवं अन्य आवश्यकताओं के संबंध में तैयार रिपोर्ट पर विचार के बाद अधिकारियों को जल्द काम शुरू करने के लिए पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
    जसप्रीत सिंह ने कहा कि जिले में पहले से चल रहे आम आदमी क्लीनिक की सफलता को देखते हुए पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों पर 48 स्वास्थ्य संस्थानों में आम आदमी क्लीनिक जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यहां एक मैडीकल अधिकारी, फार्मासिस्ट, क्लीनिकल सहायक और हेल्पर सहित चार अधिकारियों/कर्मचारियों के स्टाफ की तैनाती होगी । साथ ही यहां 41 प्रकार की चिकित्सा जांच निःशुल्क की जाएगी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
    सिविल सर्जन डा. रमन शर्मा ने कहा कि इन स्वास्थ्य संस्थानों में शहरी इलाके में अर्बन प्राईमरी हैल्थ सैंटर अमन नगर, धनोवाली, गढ़ा, काजी मंडी, मकसूदां, बस्ती बावा खेल, बस्ती दानिशमंदा, बस्ती नौ, भारगो कैंप, अर्बन स्लप एरिया डिस्पेंसरी औद्योगिक क्षेत्र, लंबा पिंड, बूटा मंडी, रविदासपुरा नकोदर, गांधी नगर, सिविल डिस्पेंसरी अलावलपुर, भूर मंडी, डकोहा, नगरा, एमसीए सेंट्रल जेल और आर.सी. बोर्ड अस्पताल कैंट शामिल है।
    इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित प्राईमरी स्वास्थ्य केन्द्र अर्जनवाल, द्रोली कलां, रायपुर रसूलपुर, दयालपुर, दोसांझ कलां, नगर, बिलगा, कोट बादल खां, तलवन, माओ साहिब, बोलीना, जमशेर खास, रायपुर फराला, गोराया, जंडियाला, रुड़का कलां, पंडौरी निजरा, बुटर, चिटी, रंधावा मसंदा, ब्लोकी, मेहतपुर, मल्लियां कलां, सरीह, उग्गी, गिद्दर पिंडी, लसुरी और रुपेवाल शामिल है। इस अवसर पर जिला परिवार कल्याण अधिकारी डा. रमन गुप्ता, जिला टीकाकरण पदाधिकारी राकेश चोपड़ा सहित विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे ।