Category: HEALTH

  • नगर निगम कमिश्नर ने डेंगू विरोधी मुहिम की शुरुआत की, जालंधर निवासियों से माँगा पूरा सहयोग

    नगर निगम कमिश्नर ने डेंगू विरोधी मुहिम की शुरुआत की, जालंधर निवासियों से माँगा पूरा सहयोग

    नगर निगम कमिश्नर ने डेंगू विरोधी मुहिम की शुरुआत की, जालंधर निवासियों से माँगा पूरा सहयोग

    अभिजीत कपलिश ने स्वयं घरों में चैक किया लारवा

    MBD WEB NEWS: जालंधर, 4 अगस्त वैकटर बोर्न बीमारियों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए नगर निगम कमिश्नर अभिजीत कपलिश ने शुक्रवार को स्वयं लोगों के घरों में जा कर लारवा चैक कर शहर में डेंगू विरोधी अभियान की शुरुआत की।

    अभियान का नेतृत्व करते नगर निगम कमिश्नर ने अबादपुरा, रणजीत एवेन्यू, गढ़ा में कई घरों में जा कर मच्छर का लारवा चैक किया। उनकी टीम ने रणजीत नगर में तीन चालान और गढ़ा में नोटिस जारी किए। उन्होंने ज़िला निवासियों को अपने घरों में जमा हुए साफ़ पानी के किसी भी संभावित स्रोत, जो एडीज़ मच्छर के पैदा होने कारण बन सकता है, का नियमित तौर पर निरीक्षण करने की अपील की।उन्होंने कहा कि टायर, गमले, फ्रिज की ट्रे और अन्य पानी के कंटेनर इन मच्छरों के पैदा होने के संभावी स्थान हैं।

    नगर निगम कमिश्नर ने आगे कहा कि यदि लोग रोज़ाना कुछ मिनट अपने घरों में जमा पानी की जांच के लिए लगाए तो वह इससे स्वयं को और दूसरों को डेंगू से बचा सकते हैं।
    शहर के लोगों को नगर निगम की डेंगू विरोधी मुहिम का हिस्सा बनने की अपील करते कमिशनर ने कहा कि शहरवासी अपने घरों में जमा पानी के निरीक्षण के लिए रोज़ कुछ मिनट ज़रूर निकाले क्योंकि हर जालंधर निवासी की यह ज़िम्मेदारी बनती है कि वह इन छोटी- छोटी परन्तु ज़रूरी बातों का ध्यान रखे और जालंधर को डेंगू से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाए। इस उपरांत उन्होंने पार्क में एक पौधा भी लगाया गया।

    इस मौके नगर निगम कमिश्नर के इलावा अतिरिक्त नगर निगम कमिश्नर, संयुक्त नगर निगम कमिश्नर, सुपरडैंट और कार्यकारी इंजीनियर्ज, जूनियर इंजीनियर्ज, एस. डी.ओज और अलग- अलग शाखाओ के प्रमुख भी फील्ड में रहे और अपने- अपने निर्धारित इलाकों का सर्वे किया।

  • आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाने पर  विचार कर रही है सरकार : डॉ. बलबीर सिंह

     आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाने पर  विचार कर रही है सरकार : डॉ. बलबीर सिंह

     

     

    चंडीगढ़ : सरकार के प्रमुख प्रोगराम आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य और परिवार भलाई मंत्री डा. बलबीर सिंह ने इस बीमा योजना बारे लोगों को जागरूक करने के अलावा सभी योग्य लाभपात्रियों को योजना अधीन कवर करने के लिए आज 7 इन्फार्मेशन एजुकेशन और कम्युनिकेशन (आईईसी) वैनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। यह योजना प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपए की बीमा कवरेज प्रदान करती है।

    डा. बलबीर सिंह ने पंजाब भवन में वैनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करने से पहले पत्रकारों को संबोधन करते हुए कहा कि इस जागरूकता अभियान का उदेश्य ग्रामीण लोगों तक पहुंच को बढ़ाना है, ताकि योग्य व्यक्ति इस फलैगशिप स्कीम का लाभ ले सके। उन्होंने बताया कि पंजाब की 70 प्रतिशत योग्य आबादी को पहले ही इस स्कीम अधीन कवर किया चुका है और इस जागरूकता अभियान के द्वारा पंजाब सरकार का लक्ष्य सौ प्रतिशत योग्य आबादी को कवर करने का है।

    बता दे कि पंजाब में इस योजना अधीन 44 लाख परिवार आते है और राज्य के 900 से अधिक सरकारी और प्राईवेट अस्पताल सूचीबद्ध है जिनमें इस योजना की कवरेज अधीन इलाज के लिए 1579 ट्रीटमैंट पैकेज उपलब्ध है। इसके इलावा इस योजना के लाभपात्री पूरे भारत में कही भी सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज सुविधाएं ले सकते है। डा. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार आने वाले समय में इस स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि इस योजना का दायरा बढऩे के बाद हर व्यक्ति प्रीमियम के तौर पर कम से कम राशि अदा करके इस बीमा योजना का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय स्मार्ट राशन कार्ड धारक, जे- फार्म धारक किसान, रजिस्टर्ड मज़दूर, छोटे व्यापारी, मान्यता प्राप्त पत्रकार और सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 अधीन सूचीबद्ध परिवार इस योजना के अंतर्गत कवर है।
    मंत्री ने यह भी बताया कि रजिस्टर्ड कुल 44 लाख लाभपात्री परिवारों में से लगभग 16. 65 लाख परिवार एस.ई.सी.सी. अधीन आते है, जिसका खर्चा केंद्र और राज्य सरकार में 60. 40 के अनुपात में सांझा है, जबकि बाकी 27. 35 लाख परिवारों का सारा खर्चा राज्य सरकार सहन करती है।। उन्होंने आगे बताया कि पिछले 15 महीनों में मार्च 2022 से 730 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 5. 80 लाख ट्रीटमेंट पैकेज प्रदान किए गए है।

  • बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 320 लोगों को बचाया गया: डिप्टी कमिश्नर

    बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 320 लोगों को बचाया गया: डिप्टी कमिश्नर

    MBD WEB NEWS : जालंधर, 12 जुलाई: डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बचाव अभियान के दौरान अब तक लगभग 320 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। उन्होंने कहा कि बचाए गए सभी लोगों को राहत शिविरों में भेज दिया गया है।


    डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे बताया कि बचाए गए सभी लोगों को राहत शिविरों में भेज दिया गया है, जहां उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। डिप्टी कमिश्नर ने आगे कहा कि जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखने और बचाव कार्यों को सुचारू संचालन के लिए अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डटे हुए है।


    उन्होंने यह भी बताया कि फील्ड में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जो प्रभावित इलाकों में मेडिकल सुविधाएं मुहैया करा रही हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ, सेना और एसडीआरएफ की टीमों को भी बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है।

  • WHO की रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, Cold Drink और च्यूइंगगम से हो सकता है कैंसर!

    WHO की रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, Cold Drink और च्यूइंगगम से हो सकता है कैंसर!

     

     
     

    नई दिल्ली : अगर आप भी कोल्ड ड्रिंक्स और च्यूइंगगम के शौकीन हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि इससे आप भी कैंसर की चपेट में आ सकते हैं। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर पर रिसर्च करने वाली एजेंसी ने अपनी स्टडी में पाया है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर ड्रिंक्स में कैंसर पैदा करने वाले तत्व हो सकते हैं। ऐसे में कोल्ड ड्रिंक्स और च्यूइंगगम में भी कैंसर पैदा करने वाले तत्व हो सकते हैं। यह जानकारी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की स्टडी में दी गई है। IARC की इस रिपोर्ट को हाल ही में मंजूरी दी है और जुलाई में इसे प्रकाशित किया जाएगा।

    हालांकि स्टडी में यह नहीं बताया है कि किसी इंसान को कितनी मात्रा में इन चीजों का सेवन करना चाहिए। WHO की एक और संस्था JECFA इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। इसके बाद उसकी ओर से एक लिस्ट जारी की जा सकती है, जिसमें कैंसर के खतरे वाली चीजों की जानकारी हो सकती है। बता दें कि 14 जुलाई को IARC की रिपोर्ट का प्रकाशन होगा। JECFA के मुताबिक 60 किलोग्राम वजन वाले किसी भी वयस्क को 12 से 36 कैन सोडा ही पीना चाहिए। इससे अधिक का सेवन करना खतरनाक हो सकता है। इस रिपोर्ट का अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया भर के देशों में पालन किया जाता है और एडवाइजरी के तौर पर इस्तेमाल होता है।

  • भारत में अब नहीं होगी पानी की किल्लत! सरकार ने उठाया बड़ा कदम

    भारत में अब नहीं होगी पानी की किल्लत! सरकार ने उठाया बड़ा कदम

     

     

    पानी की समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने जलदूत नाम (Jaldoot App) का एक ऐप विकसित किया है. इस ऐप की मदद से गांव में कुओं के जलस्तर का पता लगाया जाएगा. पढ़ें Nivedita Khandekar की ये रिपोर्ट…

     

     

    Groundwater Assessment: देश में अब नहीं होगी पानी की किल्लत! सरकार ने उठाया बड़ा कदम

    देश में अब नहीं होगी पानी की किल्लत!

    आने वाले समय में देश में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने पानी की समस्या को दूर करने के लिए जलदूत ऐप बनाया है. यह ऐप 6.5 लाख गांवों में साल में दो बार (प्री और पोस्ट मानसून) ग्राउंड वाटर लेवल का पता लगाएगा. जलदूत ऐप देश भर के गांवों में चयनित तालाबों के जलस्तर का आकलन करेगा.

    वहीं, अमृत सरोवर मिशन के तहत 50 हजार जलाशयों का निर्माण किया जाना है. इस मिशन को पिछले साल अप्रैल में जल संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किया गया था. वहीं, इस बीच जलशक्ति मंत्रालय ने कहा कि ग्राउंड वाटर असेसमेंट रिपोर्ट अब एनुअल बेसिस पर जारी की जाएगी. जल शक्ति मंत्रालय के सचिव पंकज कुमार ने न्यूज9 प्लस को बताया कि इस साल से हम हर साल असेसमेंट रिपोर्ट लाने जा रहे हैं.

    भूजल की मात्रा और गुणवत्ता दोनों की निगरानी

    उन्होंने कहा कि हम बेहतर डेटा गैदरिंग के लिए मोनेटरिंग कुओं की संख्या भी बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस समय सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के पास भूजल की मात्रा और गुणवत्ता दोनों की निगरानी के लिए लगभग 26000 स्थानों पर पीजोमीटर और खुले कुएं हैं. अब तक यह प्रक्रिया मैनुअल थी. इसमें जलस्तर की निगरानी के लिए साल में चार बार और गुणवत्ता के लिए साल में एक बार रीडिंग ली जाती थी.

    कुमार ने कहा कि हम अपनी असेसमेंट रिपोर्ट के लिए 67000 स्थानों से डेटा प्राप्त कर रहे थे. कुमार ने आगे बताया कि हम अपने नेटवर्क को 40,000 स्थानों तक विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं. इसमें कई राज्य हैं. वहीं, जल शक्ति मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुबोध यादव ने कहा हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह कुल संख्या बढ़कर लगभग एक लाख हो जाएगी.

    क्या है जलदूत ऐप

    इस ऐप को ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है. इस ऐप को जलस्तर का पता लगाने के लिए लॉन्च किया गया है. यह ऐप प्रत्येक गांवों में चयनित दो से तीन कुओं के जलस्तर का पता लगाएगा. इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी इस ऐप के जरिए जलस्तर का पता लगाया जा सकेगा. यह ऐप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में काम करेगा. यह ऐप साल में दो बार प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून के बाद कुएं के जलस्तर को पता लगाने अनुमति देगा.

    अमृत सरोवर मिशन का उद्देश्य

    जल संरक्षण के उद्देश्य से अमृत सरोवर मिशन को शुरू किया गया था. इस मिशन के तहत देश में करीब 50 हजार अमृत सरोवर बनाए जाने हैं. हर एक अमृत सरोवर 10 हजार क्यूबिक मीटर की जल धारण क्षमता के साथ 1 एकड़ इलाके में होगा. इस साल 15 अगस्त तक इस मिशन को पूरा करने का लक्ष्य है. अमृत सरोवर मिशन के डायरेक्टर अमित कटारिया ने कहा कि 12 मई तक देश भर में पहचाने गए 105,734 जल निकायों में से 50,794 जल निकायों का काम पूरा कर लिया गया था.

    भारत में हर साल 230 क्यूबिक किमी भूजल की खपत

    बता दें कि भारत दुनिया में भूजल का सबसे अधिक उपयोग करता है. वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 230 क्यूबिक किमी भूजल की खपत होती है. यह वैश्विक खपत के एक चौथाई से अधिक है. इसके अलावा अमेरिका और चीन को मिलाकर भी अधिक है. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की 60 फीसदी से अधिक सिंचित कृषि और 85 फीसदी पेयजल आपूर्ति भूजल पर निर्भर है. इसके साथ साथ ही भारत के लगभग दो तिहाई 63 फीसदी जिलों को भूजल स्तर गिरने का खतरा है.

  • एलोपैथी डॉक्टरों के बराबर हैं आयुर्वेद के चिकित्सक? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला

    एलोपैथी डॉक्टरों के बराबर हैं आयुर्वेद के चिकित्सक? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला

     एलोपैथी डॉक्टरों के बराबर हैं आयुर्वेद के चिकित्सक? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला

     

    Supreme Court order: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर सर्जन को असिस्ट नहीं कर सकते हैं. लेकिन एमबीबीएस डॉक्टर सर्जरी से लेकर इमरजेंसी ड्यूटी और ट्रामा सेंटर में ड्यूटी कर सकते हैं. जबकि आयुर्वेद के डॉक्टर की भूमिका अलग है.

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपैथी चिकित्सकों के बराबर माना जाना चाहिए और इसलिए वे समान वेतन के हकदार हैं. सर्वोच्च अदालत साल 2012 के गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह कहा गया था कि आयुर्वेद चिकित्सक एमबीबीएस (MBBS) डिग्री वाले डॉक्टरों के बराबर का दर्जा पाने के हकदार हैं.आयुर्वेद चिकित्सकों के महत्व और चिकित्सा की वैकल्पिक या स्वदेशी प्रणालियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता को मान्यता प्रदान करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि वह इस तथ्य से बेखबर नहीं हो सकता है कि दोनों श्रेणियों के डॉक्टर निश्चित रूप से समान वेतन के हकदार होने के लिए समान कार्य नहीं कर रहे हैं. जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यम और जस्टिस पंकज मिथल की पीठ ने कहा कि एलोपैथी चिकित्सकों को आपातकालीन विभाग और ट्रॉमा केंद्र में ड्यूटी करने की आवश्यकता होती है.शीर्ष अदालत ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए जटिल सर्जरी करने वाले शल्य चिकित्सकों की सहायता करना भी संभव नहीं है, जबकि एमबीबीएस डिग्री वाले डॉक्टर यह काम कर सकते हैं.

    एलोपैथिक और आयुर्वेदिक में अंतर

    एलोपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार प्रणालियां में बड़ा फर्क है? कुछ लोग झट से आयुर्वेदिक उपचार को नकार देते हैं जबकि दूसरे आयुर्वेद पर पूरा विश्वास करते हैं. अब भी एलोपैथी चिकित्सा पद्धति संक्रमणों से निपटने में सबसे प्रभावी है, इसमें कोई शक नहीं है. त्वरित राहत देने में भी एलोपैथी आयुर्वेद से आगे मानी जाती है. लेकिन कहा जाता है कि ज्यादातर बीमारियां जो खुद की उत्पन्न की हुई होती हैं उन्हे आयुर्वेद की दवाएं मूल कारण यानी दोष को दूर करते हुए जड़ से खत्म कर देती हैं.

  • कोरोना ने फिर तरेरी आंखे: 24 घंटे में नए केस 12 हजार के पार, 42 की मौत

    कोरोना ने फिर तरेरी आंखे: 24 घंटे में नए केस 12 हजार के पार, 42 की मौत

    नई दिल्ली : भारत में कोरोना के नए मामलों का ग्राफ हर दिन बदल रहा है। पहले दो दिन केस में बढ़ोतरी देखी गई फिर शुक्रवार को सात फीसदी की कमी दर्ज की गई। आज फिर कोरोना महामारी के नए मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना 12,193 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 67, 556 हो गई है। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में 42 लोगों की मौत हो गई है। इसमें से 10 मौतें अकेले केरल से हैं। इसी के साथ मौतों का कुल आंकड़ा 531300 हो गया है।

    जानकारी के मुताबिक एक्टिव केस कुल मामलों का 0।15 फीसदी है, जबकि रिकवरी रेट 98।66 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को कोरोना के 11692 नए मामले सामने आए थे। यानी पिछले 24 घंटों में 501 नए मामले मामले बढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा मामले केरल से सामने आ रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य भी कोरोना का हॉटस्पोट बने हुए हैं।

    महाराष्ट्र में भी कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। शुक्रवार को यहां 933 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 5 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 8160499 हो गई जबकि मरने वालों का आंकड़ा 148497 हो गया।वहां स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए ओमिक्रॉन का XBB।1।16 वेरिएंट जिम्मेदार है। अभी तक इस वेरिएंट ते 681 केस सामने आ चुते हैं जबकि 5 लोगों की इसके चलते मौत हो गई है।

    कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए 8 राज्यों को स्थिति पर खास नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, हरियाणा और दिल्ली के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखा औऱ सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा।

    उन्होंने पत्र में कहा कि इस साल मार्च से ही कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले हफ्ते कोरोना के 10262 मामले दर्द किए गए थे। इसके अलावा पॉजिटिविटी रेट में भी इजाफा हो रहा है। 19 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते में 5।5 फीसदी पॉजिटिविटी रेट दर्ज की गई जबकि इससे पिछले हफ्ते पॉजिटिविटी रेट 4।7 फीसदी था। पत्र में कहा गया है कि महामारी अभी तक खत्म नहीं हुई है। ऐसे में हमें और सतर्क रहने की जरूरत है।

  • Corona Update: पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित हुए 11692 लोग, 28 ने गवाई जान..

    Corona Update: पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित हुए 11692 लोग, 28 ने गवाई जान..

     

    देश में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 11,692 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, 28 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है और एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 66,170 हो गई है.

     

    देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है. लगातार मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को बीते दिन से सात फीसदी केस कम रिपोर्ट किए गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में कोविड-19 11,692 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, 28 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है, जिसके बाद कुल मौत का आंकड़ा 5,31,258 के पार पहुंच गया है. इस समय देश में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 66,170 हो गई है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अबतक कोरोना के 4,48,69,684 केस रिपोर्ट किए गए हैं. फिलहाल एक्टिव केस कुल संक्रमण का 0.15 फीसदी हैं और कोविड-19 रिकवरी रेट 98.67 फीसदी है. वहीं, वायरस से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 4,42,72,256 हो गई, जबकि मृत्यु दर 1.18 फीसदी दर्ज की गई. कोरोना पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया, जिसके तहत अभी तक देश में कोविड वैक्सीन के 220.66 करोड़ डोज लगाए गए हैं.

    तेजी से क्यों फैल रहा है कोरोना वायरस?

    डॉक्टरों के मुताबिक कि कोविड-19 का नया XBB.1.16 वैरिएंट मामलों में तेजी से बढ़ोतरी कर सकता है. WHO की रिपोर्ट का कहना है कि भारत में XBB.1.16 या आर्कटुरस ने अन्य वैरिएंट को रिप्लेस कर दिया है. XBB.1.16 वैरिएंट ओमिक्रॉन का एक सब वैरिएंट है. डॉक्टरों का कहना है कि इस वैरिएंट से लोगों का एम्यून सिस्टम बचने में सक्षम है और किसी भी तरह की घबराने वाले स्थिति नहीं है.

  • देश के मंत्री राजनाथ सिंह कोरोना पॉजिटिव, घर में हुए क्वारंटाइन

    देश के मंत्री राजनाथ सिंह कोरोना पॉजिटिव, घर में हुए क्वारंटाइन

    नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें फिलहाल घर में ही क्वारंटाइन किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डॉक्टरों की टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, रक्षा मंत्री में हल्के लक्षण देखे गए हैं।

    गौरतलब है कि राजनाथ को गुरुवार को ही भारतीय वायुसेना की कमांडर कॉन्फ्रेंस में जाना था, लेकिन संक्रमित मिलने के बाद उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा है।

  • Corona  के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने उठाया बड़ा कदम, स्कूल-ऑफिस और सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाना किया जरूरी

    Corona  के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने उठाया बड़ा कदम, स्कूल-ऑफिस और सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाना किया जरूरी

     

    नई दिल्ली : देश में एक बार फिर तेजी के साथ कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पिछले 24 घंटे के दौरान 1527 नए मामले सामने आए हैं। राजधानी में बढ़ते कोविड केसों को देखते हुए एनसीआर में आने वाले नोएडा में एक बार फिर मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी सार्वजनिक जगहों, स्कूल, ऑफिस, कॉलेज, शॉपिंग मॉल में मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है और सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने की हिदायत दी है।

    इसी के ही साथ रेलवे और बस स्टेशन के गेट पर सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी व्यक्ति में सर्दी, जुखाम और बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं तो वो मरीज को क्वारंटीन हो जाए।

    जारी दिशा निर्देश के मुताबिक अगर किसी बच्चे को जुखाम-खांसी है तो अभिभावक उसे स्कूल या कॉलेज नहीं भेजें। साथ ही सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में भी बिना मास्क प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाले जगहों पर न जाने की सलाह दी गई है। किडनी, दिल, लीवर, शुगर, अस्थमा के अलावा ब्लड संबंधी बीमारियों से पीड़ितों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

    वहीं मूवी हॉल में भी अब 50 फीसदी क्षमता के साथ ही फिल्म देखी जाएगी। एक सीट छोड़कर बैठना होगा। बिना मास्क थिएटर में एंट्री नहीं दी जाएगी। बाजार और मॉल में खरीदारी करते समय मास्क और दस्ताने पहनने की हिदायत भी लोगों को दी गई है।