Category: CRIME

  • जालंधर देहाती पुलिस ने अंतरराज्यी अफ़ीम रैकेट का किया पर्दाफाश

    जालंधर देहाती पुलिस ने अंतरराज्यी अफ़ीम रैकेट का किया पर्दाफाश

     

    जालंधर देहाती पुलिस ने अंतरराज्यी अफ़ीम रैकेट का किया पर्दाफाश

    बड़ी कार्यवाही करते 2 किलो अफ़ीम सहित 3 काबू

    पुलिस ने उत्तर प्रदेश और झारखंड से पंजाब तक फैले ड्रग नैटवर्क का किया पर्दाफाश

    MBD NEWS :(सुमेश शर्मा) जालंधर, 10 अगस्त नशीले पदार्थों की तस्करी के ख़िलाफ़ एक महत्वपूर्ण अभियान में, जालंधर देहाती पुलिस की सीआईए टीम ने एक अंतरराज्यी अफ़ीम रैकेट को सफलतापूर्वक नष्ट करके तीन व्यक्तियों को 2 किलो अफ़ीम सहित गिरफ़्तार किया है।

    मुलजिमों की पहचान उसमा ख़ान पत्नी मरहूम अमरान अजाज निवासी पी. एस अतरौली, ज़िला अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, जुनैद अंसारी पुत्र बाबू अहमद और आदर्श कुमार पुत्र भजन लाल दोनों निवासी गाँव माझ गावां, पी. एस बिसरत गैंग, ज़िला बरेली, उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई है।

    जालंधर देहाती के सीनियर कप्तान पुलिस हरकमल प्रीत सिंह खख ने मीडिया को जानकारी देते हुए इलाके में नशा तस्करी को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से किए जा रहे ठोस प्रयास के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए गज़टिड रैक के अधिकारियों की निगरानी में जालंधर देहाती की सभी सब- डवीजनों में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है।

    एसएसपी खख ने बताया कि भरोसेयोग सूचना पर कार्यवाही करते डीएसपी ( डी) लखवीर सिंह की निगरानी नीचे सीआईए के इंस्पेक्टर पुष्प बाली के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने लांबड़ा रोड पर रामपुर ललियाना नज़दीक विशेष नाके लगाया गया था। जहाँ पुलिस पार्टी ने शक्की व्यक्तियों को रोका और तलाशी लेने पर उनके पास से 2 किलो अफ़ीम बरामद की है।

    पकड़े गए व्यक्तियों ने झारखंड से 2,60, 000 रुपए की कीमत पर अफ़ीम ला कर 3 00, 000 रुपए’में आगे बेचने के इरादे के साथ ले कर आए थे। इसको आगे बेचने’ और, दोषी को 7 000 रुपए मिलने थे। इस आपरेशन ने झारखंड में ड्रग स्पलायरों और उत्तर प्रदेश के समागलरा के बीच एक महत्वपूर्ण सम्बन्ध का पर्दाफाश किया है। पुलिस अब इस ग़ैर- कानूनी धंधे में शामिल व्यापक नैटवर्क का पर्दाफाश करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    इस संबंधी थाना लांबड़ा, जालंधर देहाती में एन. डी. पी. एस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा नंबर 80 दर्ज किया गया है।

    गिरफ़्तार व्यक्तियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस इस नैटवर्क की पूछताछ करने के लिए उनके रिमांड की माँग करेगी।

    एसएसपी खख ने कहा कि जालंधर देहाती पुलिस क्षेत्र में से नशा तस्करी के ख़ात्मे के अपने मिशन के लिए वचनबद्ध है और ऐसे आप्रेशन को पूरी ताकत के साथ जारी रखेगी।

  • बंगलादेश में सत्ता परिवर्तन के कारण कानून प्रवर्तन और पुलिस व्यवस्था बुरी तरह चरमराई; चार सौ पुलिस स्टेशनों में तोड़फोड़, 50 पुलिसकर्मियों को सरेआम दी मौत

    बंगलादेश में सत्ता परिवर्तन के कारण कानून प्रवर्तन और पुलिस व्यवस्था बुरी तरह चरमराई; चार सौ पुलिस स्टेशनों में तोड़फोड़, 50 पुलिसकर्मियों को सरेआम दी मौत

     

     

    ढाका- अशांत चल रहे बगलादेश में सत्ता परिवर्तन के कारण कानून प्रवर्तन और पुलिस व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गयी है। पिछले दो दिनों में हिंसक भीड़ ने लगभग 400 पुलिस स्टेशनों पर हमला किया है और कम से कम 50 कानून लागू करने वालों की हत्या कर दी। मीडिया रिपोर्टों में बुधवार को यह बात कही गई है।

    देश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अधिकांश पुलिसकर्मी सुरक्षित स्थानों पर शरण ले चुके है। जिसके चलते देश के कई पुलिस स्टेशनों में एक भी पुलिसकर्मी नहीं है। ‘ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार पिछली अवामी लीग सरकार के करीबी माने जाने वाले अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भूमिगत हो गए हैं।

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक लगभग 400 पुलिस स्टेशनों को हिंसक भीड़ के हमलों का सामना करना पड़ा। जिसमें हथियार और गोला-बारूद लूट लिया गया और इमारतों में आग लगा दी गई। मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पुलिस स्टेशनों पर हमले सोमवार दोपहर से रात तक बड्डा, जात्राबारी, वतारा, अबाडोर, मीरपुर, उत्तर पूर्व, मुहम्मदपुर, शाह अली और पलटन सहित विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर शुरू हुए।

    कई स्थानों पर सुरक्षा बलों और हिंसक भीड़ के बीच टकराव हुआ जिससे कई पुलिस स्टेशन तबाह हो गए। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियां, पंखे, मेज और अन्य सामान चुरा लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘कोई भी अपने पुलिस स्टेशनों और कार्यालयों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा है क्योंकि सोमवार को शुरू हुए हिंसक विरोध और सार्वजनिक आक्रोश में पचास से अधिक पुलिस कर्मियों की जान चली गई।”

    ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण हताहतों की सटीक संख्या अनिश्चित बनी हुई है। ढाका के बाहर स्थित एक पुलिस अधीक्षक ने कहा कि व्यापक विनाश के कारण इसे पुनः स्थापित करने में समय लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि 1971 के बाद हमें कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने पुलिस के राजनीतिकरण और उन्हें स्वतंत्र रूप से कानून-व्यवस्था लागू करने के अपने कर्तव्य को निभाने से रोकने पर असंतोष व्यक्त किया।

  • मशहूर Travel Agent के Office के बाहर किसानों ने लगाया धरना, जानें क्या है पूरा मामला…

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    Farmers staged a protest outside the office of a famous travel agent, know what is the whole matter….

    मशहूर Travel Agent के Office के बाहर किसानों ने लगाया धरना, जानें क्या है पूरा मामला….

    • जालंधरः महानगर में बस स्टैंड के बिल्कुल सामने स्थित एक मशहूर ट्रेवल एजेंट के बाहर किसानों द्वारा धरना लगाया गया है। बताया जा रहा है कि My Travel Agent पर 25 लाख ठगने के आरोप है, जिसकी वजह से किसानों को मजबूरन आज पीड़ितों के हक के धरना लगाना पड़ा है।

    इस संबंधी जानकारी देते हुए पीड़ित परिवार जोकि बरनाला के जोधपुर का रहने वाला है ने बताया कि उक्त ट्रैवल एजेंट से कनाडा का विज़िटर वीज़ा लगवाया था, जिसकी एवज के बदले में उक्त एजेंट ने उनसे करीब 22 लाख से अधिक रूपए ले लिए थे जिसके बाद अन्य दस्तावेज के तहत 25 लाख रुपए ले लिए। बाद उन्हें विदेश जाने के लिए एक वीज़ा दिया गया परिवार जब दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा तो एंबेसी वालों ने कैंसिल की मोहर लगा दी।

    आरोप है कि एजेंट द्वारा विदेश भेजने के झूठे दस्तावेज तैयार किए गए थे। परिजनों ने कहा कि कई बार एजेंट द्वारा समझौता भी किया लेकिन अभी तक उनके पैसे वापिस नहीं दिए गए। वहीं, इस मामले में भारतीय किसान यूनियन बूटा सिंह बुर्ज ने अन्य किसानों के साथ धरना लगा दिया है।

  • नोएडा में मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे थे नाबालिग बच्चे, RPF ने 12 को बच्चों को करवाया मुक्त; एक अपराधी गिरफ्तार

    नोएडा में मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे थे नाबालिग बच्चे, RPF ने 12 को बच्चों को करवाया मुक्त; एक अपराधी गिरफ्तार

     

    रांची : रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर बड़ी कामयाबी मिली है। फोर्स ने ट्रैफिकिंग कर मजदूरी कराने के लिए ले जाए जा रहे 12 बच्चों को मुक्त कराया है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने इस दौरान एक अपराधी को भी गिरफ्तार किया है। मुक्त कराए गए सभी बच्चे बिहार के गया जिले के सलैया के रहने वाले हैं। इन बच्चों की उम्र 10 से 14 साल के बीच है। बताया जा रहा है कि इन बच्चों को गांव का ही एक व्यक्ति नोएडा ले जा रहा था।

    पूछताछ के क्रम में पता चला है कि बच्चों को नोएडा स्थित एक कूलर फैक्ट्री में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। मुक्त कराए गए बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं, लेकिन उनके माता-पिता को बहला-फुसलाकर अच्छी नौकरी दिलाने का वादा करके इन बच्चों को नोएडा ले जाया जा रहा था।

    गिरफ्तार बाल तस्कर की मानें तो मजदूरी के एवज में सभी बच्चों को हर महीने सात-सात हजार रुपए दिए जाने की बात थी। मंगलवार को आरपीएफ की टीम ने स्टेशन पर गश्त के दौरान इन बच्चों को देखा तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद जब बच्चों से पूछताछ की गई तब मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। मुक्त कराए गए बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपने के लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है।

    बता दें कि झारखंड-बिहार से बच्चों और लड़कियों की ट्रैफिकिंग करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। इन्हें दिल्ली में चलने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों को सौंप दिया जाता है और इसके बाद उन्हें दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के शहरों में बेच दिया जाता है।

  • Punjab में नाका लगाकर खड़ी SHO पर दातर से Attack,आर्मी का जवान Arrested

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    SHO standing at a checkpoint in Punjab attacked with a gun, army soldier arrested

    Punjab में नाका लगाकर खड़ी SHO पर दातर से Attack,आर्मी का जवान Arrested

     

    •  अमृतसर: महानगर के अंतर्गत आते वेरका के गांव मुधल के नजदीक नाका लगाकर खड़ी एसएचओ पर अज्ञात युवकों द्वारा जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में एसएचओ अमनजोत कौर गंभीर रूप से घायल हो गईं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका आप्रेशन किया जा रहा है।

    वहीं पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि घायल एसएचओ अमनजोत कौर वेरका थाने में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है, जबकि अन्य को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।

    अमृतसर में थाना वेरका की एसएचओ ए.के. सोही। - Dainik Bhaskar

    इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार घटना बीती रात अमृतसर के वेरका थाने के अंतर्गत आने वाले गांव मुद्दल में हुई जहां दो गुटों में झगड़ा हो रहा था। जिसकी सूचना किसी ने वेरका थाने को दी थी। जिसके बाद वेरका थाने के एसएचओ एके सोही मौके पर पहुंचीं। रात का समय होने के कारण वह वर्दी में नहीं थीं। इस दौरान एक गुट ने दातर के साथ महिला एसएचओ एके सोही पर हमला कर दिया। जिसमें वह गंभीर घायल हो गईं। मौके पर साथ पहुंची पुलिस ने तुरंत उन्हें उठाया और अमनदीप अस्पताल ले गए। जहां उनका उपचार चल रहा है।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन हरप्रीत सिंह मंडेर ने बताया कि गांव मुद्दल के पेट्रोल पंप के पास दो पार्टियां आपस में लड़ाई कर रही थी। पुलिस को इसकी सूचना मिली तो अमनजोत कौर पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंच गई। इसी दौरान उन पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया। पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी सुखजीत सिंह फौजी को अरेस्ट कर लिया है। सुखजीत आर्मी में जवान है और छुट्‌टी पर आया हुआ था। वहीं बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। जल्द ही आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।

  • पाकिस्तानी आतंकियों के लिए कर रहे थे काम पुलिस वाले, 6 सरकारी कर्मचारी तत्काल बर्खास्त

     पाकिस्तानी आतंकियों के लिए कर रहे थे काम पुलिस वाले, 6 सरकारी कर्मचारी तत्काल बर्खास्त

     

     

    श्रीनगर- जम्मू कश्मीर में ड्रग्स बेचकर आतंकियों की मदद करने के मामले में 6 सरकारी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। इसमें पांच पुलिसकर्मी और एक शिक्षक शामिल है। ये सभी सरकारी कर्मचारी पाकिस्तान के आईएसआई के एक नार्को टेरर नेटवर्क का हिस्सा थे।

    जानकारी के अनुसार ये लोग जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के अवैध कारोबार में मदद करते थे और इससे प्राप्त फंडिंगा का इस्तेमाल पाकिस्तान के आतंकी संगठन दहशत फैलाने के लिए करते हैं। पीटीआई के मुताबिक ड्रग्स की बिक्री के माध्यम से आतंकी फंडिंग से जुड़े छह सरकारी कर्मचारियों पर ऐक्शन लिया गया है। आरोपियों की पहचान कॉन्स्टेबल फारूक अहमद शेख, कॉन्स्टेबल खालिद हुसैन शाह कन्स्टेबल रहमत शाह, कन्स्टेबल इर्शाद अहमद चाकू, कॉन्स्टेबल सैफ दीन और सरकारी सिक्ष नजम दीन के तौर पर की गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के आर्टिकल 311 (2) का इस्तेमाल करते हुए इन सभी को तत्काल सेवा से हटा दिया है। बता दें कि संविधान में इस आर्टिकल के तहत प्रावधान है कि अगर कोई देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करता है तो राष्ट्रपति या फिर राज्यपाल उसे बिना किसी जांच के तत्काल सेवा से हटा सकते हैं।

    2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद अब तक 70 सरकारी कर्मचारियों को इसी तरह के आरोपों के चलते बर्खास्त किया जा चुका है। बीते महीने भीचार सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी इसमें दो पुलिसकर्मी शामिल थे। नार्को टेरर में शामिल होने के आरोप में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इन चारों की पहचान कॉन्स्टेबल मुश्ताक अहमद पीर और इम्तियाज अहमद लोन के तौर पर की गई थी। वहीं शिक्षा विभाग में कार्यरत जूनियर असिस्टेंट अहमद मीर और ग्रामीण विकास विभाग के मोहम्मद जैद को बर्खास्त कर दिया गया था। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने कहा कि ये सभी आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों ने इनके बारे में जानकारी हासिल की थी। बता दें कि ब्राउन शुगर और हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में होती है। आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग जुटाने में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है।

  • ऐ के-47 हथियारों के साथ दिखे संदिग्ध, सुरक्षाबलों ने चलाया तलाशी अभियान

     ऐ के-47 हथियारों के साथ दिखे संदिग्ध, सुरक्षाबलों ने चलाया तलाशी अभियान

     

     

    जम्मू : जम्मू में ग्रेटर कैलाश के पास सूखी नहर में बीती रात कैंप ड्रेस पहने तीन लोगों को कथित तौर पर एके-47 जैसे हथियारों के साथ देखा गया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया।

    तलाशी अभियान रात 10:15 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान सुरक्षाबलों को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने नरवाल की ओर चौकियों को मजबूत करने की सलाह दी है।

    बता दें कि 30 जुलाई को भारतीय सेना ने पुंछ जिले से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी को गिरफ्तार किया था। आतंकी की पहचान मोहम्मद खलील के रूप में हुई थी।

    राष्ट्रीय राइफल की रोमियो फोर्स को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मोहम्मद खलील के पुंछ के मंगनार गांव में छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन चलाकर उसे गिरफ्तार किया था। आतंकी खलील के पास से एक विदेशी पिस्टल भी बरामद की गई थी।

    इस बीच जम्मू-कश्मीर में हो रही घुसपैठ को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बीएसएफ के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पदों से हटा दिया है। डीजी बीएसएफ नितिन अग्रवाल और स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया को उनके पदों से हटाकर उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है।

    जम्मू-कश्मीर में पिछले एक साल से हो रही लगातार आतंकियों की घुसपैठ, डीजी बीएसएफ और स्पेशल डीजी बीएसएफ को हटाने की मुख्य वजह है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ को लेकर भारत सरकार का यह सबसे बड़ा प्रशासनिक एक्शन है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों पर गाज गिरी है।

    पिछले एक महीने में इन दोनों अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर, अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल का दौरा किया था और अहम बैठकों में हिस्सा लिया था। इसके अलावा पंजाब सेक्टर से लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ को प्रभावशाली ढंग से ना काबू पाना भी इस एक्शन की बड़ी वजह है।

    पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो वरिष्ठ अधिकारियों को इस तरीके से हटाया गया है, जो किसी अर्धसैनिक बलों को लीड कर रहे थे। यह घटना सुरक्षा बलों के अंदर की संरचना और प्रशासनिक निर्णयों पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।

  • चंडीगढ़ जिला सेशन कोर्ट में चली गोलियां , निलंबित AIG ने अपने दामाद आईआरएस अधिकारी को गोलियों से भून डाला

    चंडीगढ़ जिला सेशन कोर्ट में चली गोलियां , निलंबित AIG ने अपने दामाद आईआरएस अधिकारी को गोलियों से भून डाला

     

     

    चंडीगढ़ : चंडीगढ़ की जिला सेशन कोर्ट में आज गोलियां चलने का मामला सामने आया है। यह घटना सेक्टर 43 में घटित हुई। एक निलंबित एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू ने अपने दामाद जोकि आईआरएस अधिकारी था, को गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। वारदात की वजह घरेलू कलह बताई जा रही है। आज दोनों पक्ष झगड़े के निपटारे के लिए कोर्ट पहुंचे थे।

    मृतक की पहचान हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। हरप्रीत सिंह का पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा था। इसी केस की सुनवाई के लिए वह कोर्ट पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में आईआरएस अधिकारी थे। उनका पत्नी के साथ काफी समय से तलाक का केस चल रहा है। शनिवार को लड़का और लड़की पक्ष सुनवाई के लिए कोर्ट में पहुंचे थे। यहां कोर्ट ने दोनों पक्षों को मेडिएशन सेंटर भेजा था। यहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही थी। इस बीच, लड़की के पिता पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू ने बाथरूम जाने की बात कही। वह अपने दामाद हरप्रीत को रास्ता पूछने के बहाने मेडिएशन सेंटर से बाहर ले गया। बाहर आते ही ससुर ने करीब 5 राउंड फायरिंग की। जिसमें 2 गोलियां हरप्रीत सिंह को लगी।

  • Fortune कंपनी का नकली रिफाइंड बनाने वालों पर कंपनी के अधिकारियों ने रेड करवा कर पकड़वाया नकली सामान..

    Fortune कंपनी का नकली रिफाइंड बनाने वालों पर कंपनी के अधिकारियों ने रेड करवा कर पकड़वाया नकली सामान..

     Fortune कंपनी का नकली रिफाइंड बनाने वालों पर कंपनी के अधिकारियों ने रेड करवा कर पकड़वाया नकली सामान..

    थाना-8 के प्रभारी गुरमुख सिंह ने बताया कि उनके पास फॉर्च्यून कंपनी के एक टीम आई थी। जिसमें कंपनी के अधिकारी अपने साथ एक्सपर्ट्स की टीम लेकर थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी कि अमन नगर में उनकी कंपनी का का नकली रिफाइंड तैयार करके मार्कीट में बेचा जा रहा है। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए अमन नगर में स्थित हरि सन्स एग्रो ऑयल एंड कैमिकल नामक फैक्टरी में रेड कर दी। पुलिस ने फैक्टरी में रेड की तो अंदर रिफाइंड तैयार करने की मशीनरी मिली। जबकि पुलिस ने 40 फॉर्च्यून कंपनी के रिफाइंड के टीन बरामद किए और साथ ही साथ गत्ते के डिब्बे भी मिले जिस पर फॉर्च्यून कंपनी का नाम मार्का आदि सब कुछ असली फॉर्च्यून कंपनी के डिब्बों जैसा दिखाई दे रहा था। फॉर्च्यून कंपनी की एक्सपर्ट टीम ने बरामद हुए नकली रिफाइंड के सैंपल भी लिए हैं जबकि थाना 8 की पुलिस सारा सामान कब्जे में लेकर थाने पहुंच गई।

    फॉर्च्यून कंपनी के अधिकारियों ने हरि सन्स एग्रो ऑयल एंड कैमिकल के मालिक के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी है। थाना प्रभारी गुरमुख सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी और एफ.आई.आर दर्ज होगी।

    फैक्टरी से खरीद कर मार्कीट में बेचने वाले भी आएंगे शिकंजे में

    फॉर्च्यून कंपनी का नकली रिफाइंड तैयार करके लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे इस फैक्टरी मालिक के बारे काफी समय से कंपनी को शिकायत मिलने के बाद वे उसे ढूंढ रहे थे। काफी मशक्कत के बाद जाकर उन्हें पता लगा कि उनकी कंपनी का नकली रिफाइंड जालंधर के अमन नगर में तैयार करके मार्कीट में बेचा जा रहा है। अब खुलासा होने के बाद पुलिस उन लोगों तक भी पहुंचेगी जो फैक्टरी में नकली रिफाइंड तैयार होने की बात जानकर भी वहां से रिफाइंड खरीद कर मार्कीट में कंपनी के दाम में ही बेच रहे थे।

    सूत्रों की मानें तो फैक्टरी का मालिक काफी लंबे समय से इस धंधे से जुड़ा है और पता नहीं कितने हजार लीटर रिफाइंड वह नकली तैयार करके मार्कीट में बेच भी चुका है। हालांकि पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में नहीं लिया है लेकिन जल्द ही उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।