विपक्षी गठबंधन भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के प्रतिनिधिमंडल के 21 सांसद राज्यपाल से मिले, मणिपुर में झड़प के पीड़ितों का दुख बताया; प्रभावी कदम उठाने का किया अनुरोध

विपक्षी गठबंधन भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के प्रतिनिधिमंडल के 21 सांसद राज्यपाल से मिले, मणिपुर में झड़प के पीड़ितों का दुख बताया; प्रभावी कदम उठाने का किया अनुरोध

 

 

इंफाल : विपक्षी गठबंधन भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनसे सभी प्रभावी कदम उठाते हुए शांति और सद्भाव बहाल करने का अनुरोध किया गया।

ज्ञापन में कहा गया है, आपसे यह भी अनुरोध है कि आप केंद्र सरकार को पिछले 89 दिनों से मणिपुर में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से खराब होने के बारे में अवगत कराएं ताकि उन्हें शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मणिपुर में अनिश्चित स्थिति में हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाया जा सके।

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बता दें, विपक्षी गठबंधन के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर हिंसा का आकलन करने के लिए शनिवार से हिंसा प्रभावित क्षेत्र की दो दिवसीय यात्रा पर है। पहले दिन सांसदों ने इंफाल, बिष्णुपुर जिले के मोइरांग और चुराचांदपुर राहत शिविरों में झड़प के पीड़ितों से मुलाकात की है। रविवार को प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर उन्हें पूर्वोत्तर राज्य के मौजूदा हालात पर एक ज्ञापन सौंपा।

बैठक के बाद राज भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा, राज्यपाल ने हमारी बातें सुनीं और उन पर सहमति जताई। उन्होंने हिंसा की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया और कहा कि समुदायों के बीच अविश्वास खत्म करने के लिए सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को लोगों से बातचीत करने के वास्ते मणिपुर का दौरा करना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि सांसदों ने मणिपुर में जो स्थिति देखी, उसके बारे में संसद में एक रिपोर्ट पेश करेंगे। उन्होंने कहा, हमने हर दिन बिगड़ते हालात के बीच संसद में मणिपुर पर चर्चा का अनुरोध किया है।

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि राहत शिविरों का दौरा कर पता चला कि एक हॉल में 400-500 लोग रह रहे हैं। राज्य सरकार उन्हें केवल दाल-चावल मुहैया करा रही है, बच्चों को पूरे दिन खाने के लिए और कुछ नहीं मिल रहा है। शौचालय या बाथरूम की भी कोई सुविधा नहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोग शिविरों में रह रहे हैं वह बहुत हृदय विदारक है।

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