जालंधर के सर्किट हाउस में किसानों की वित्त मंत्री चीमा के साथ बैठक आज, मांगों पर होगी चर्चा
जालंधरः संयुक्त किसान मोर्चा ने गन्ने की बकाया राशि न मिलने से नाराज सरकार के खिलाफ वीरवार को फगवाड़ा में शूगर मिल के सामने जो हाईवे जाम करने का फैसला लिया था, उसे स्थगित कर दिया गया है। बाद दोपहर किसान जालंधर में वित्त एवं सहकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ बैठक करेंगे। बैठक में मांगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
जानकारी अनुसार, दोआबा किसान यूनियन के आह्वान पर पंजाब की सोलह जत्थेबंदियों ने गन्ने के पैसे न मिलने और अन्य मांगों को लेकर विरोध के प्रथम चरण में चार घंटे के लिए हाईवे जाम करने का निर्णय लिया था। सरकार को जब इस बाबत पता चला तो खुद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किसानों के साथ बैठक तय की। उन्होंने किसानों को पत्र लिखकर संदेश भेजा कि वह कल जाम का निर्णय वापस ले लें। उनकी मांगों पर विचार करने के लिए वह खुद जालंधर आ रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन दोआबा के सूबा प्रधान मनजीत सिंह राय ने कहा कि किसानों का गन्ने का 900 करोड़ रुपए बकाया है। कई बार किसान अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेज चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई ही नही कर रहा है। गन्ने के यदि सालों बाद ही पैसे मिलेंगे तो फिर उनका घाटा कैसे पूरा होगा। इसी के चलते 26 मई को सुबह 10 से 2 बजे तक नेशनल हाईवे जाम करने की घोषणा की थी।
जालंधर के सर्किट हाउस में वीरवार को 4.30 बजे बैठक करने की बात कही। किसानों का कहना है कि समय पर अदायगी न होने के कारण किसानों में रोष है। किसानों को गन्ने की अदायगी न होने के कारण बैंकों से लिए गए कर्ज पर ब्याज चढ़ रहा है। गन्ने के बढ़े हुए भाव मिलने तो दूर अभी पिछला बकाया भी नहीं मिला है।








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