पंजाब के गुरदासपुर में 4 साल की मासूम छात्रा के रेप केस में स्कूल प्रबंध निदेशक गिरफ्तार,सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (सीएएसए) ने  विरोध में राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थान बंद

पंजाब के गुरदासपुर में 4 साल की मासूम छात्रा के रेप केस में स्कूल प्रबंध निदेशक गिरफ्तार,सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (सीएएसए) ने  विरोध में राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थान बंद

निजी शिक्षण संस्थान से जुड़े संगठनों ने एमडी को रिहा करने की मांग की है (सांकेतिक तस्वीर- आभार twitter)

निजी शिक्षण संस्थान से जुड़े संगठनों ने एमडी को रिहा करने की मांग की है

पिछले महीने पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक प्राइवेट स्कूल के परिसर में एक 4 साल की मासूम छात्रा के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया था. इस सनसनीखेज वारदात से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया. लोग इस निजी स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. लिहाजा पुलिस ने स्कूल के प्रबंध निदेशक को अपनी गिरफ्त में ले लिया. मगर राज्य के निजी शिक्षण संस्थान गिरफ्तारी को गलत बता रहे हैं.

चंडीगढ़:  4 साल की छात्रा से कथित बलात्कार के मामले में पंजाब के गुरदासपुर जिले के एक प्राइवेट स्कूल के प्रबंध निदेशक (एमडी) की गिरफ्तारी के विरोध में राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थान आज बंद है. बंद का आह्वान निजी स्कूल से जुड़े संगठनों ने किया है. पिछले महीने स्कूल परिसर में मासूम छात्रा के साथ बलात्कार की घटना हुई थी. वैसे सभी सभी संगठनों ने इस घटना की निंदा की है, मगर साथ में यह भी कहा है कि स्कूल प्रबंधक की गिरफ्तारी उचित नहीं है.

इस मामले में सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (सीएएसए) के अध्यक्ष अनिल चोपड़ा (Anil Chopra, CBSE Affiliated Schools Association) का कहना है कि यह हमारे समाज के लिए बहुत शर्म की बात है कि जहां बच्चे भी हिंसा से सुरक्षित नहीं हैं. वहीं पंजाब के कन्फेडरेशन ऑफ अनएडिड स्कूल एंड कॉलेजिज (Confederation of Unaided Schools and Colleges, Punjab) के प्रतिनिधियों ने  भी इस वारदात को जघन्य घटना बताया है और दोषियों को मौत की  सजा देने की मांग की है. साथ ही कहा है कि निर्दोश प्रबंध निदेशक को भी न्याय मिलना चाहिए.

प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि गुरदासपुर एसएसपीको स्कूल के एमडी और अन्य प्रशासकों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है और उनकी गिरफ्तारी जनता के दबाव में की गई है. इस कार्रवाई को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता है. संगठन ने पुलिस से कैमरे के फुटेज और अन्य सबूतों की सही तरह से जांच करने की मांग की है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके.

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