अलर्ट: कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन? सरकार ने दिया जवाब, साथ ही कहा- दुनिया में आई चौथी लहर

अलर्ट: कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन? सरकार ने दिया जवाब, साथ ही कहा- दुनिया में आई चौथी लहर

 

भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से गंभीर बीमारी नहीं होती और भारत में मिले सभी मामलों में से लगभग एक तिहाई हल्के लक्षण वाले थे।

नयी दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया कोरोना वायरस की चौथी लहर का सामना कर रही है और ऐसे में हमें अपनी सतर्कता, खासकर साल के अंत में होने वाले उत्सवों के दौरान, बनाए रखने की आवश्यकता है। साथ ही सरकार ने रेखांकित किया कि जरूरी नहीं है कि ओमिक्रॉन से होने वाले संक्रमण से गंभीर रोग हो। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत में अभी तक मुख्य स्वरूप डेल्टा ही बना हुआ है। उन्होंने कोविड संबंधी उपयुक्त व्यवहार और जल्दी टीकाकरण पर भी जोर दिया।

ओमिक्रॉन वेरिएंट से गंभीर बीमारी नहीं होती’

भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से गंभीर बीमारी नहीं होती और भारत में मिले सभी मामलों में से लगभग एक तिहाई हल्के लक्षण वाले थे और बाकी मरीजों में कोई लक्षण नहीं था। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्तियों के लिए उपचार समान रहता है। यह डेल्टा, अल्फा या बीटा स्वरूप के इलाज से अलग नहीं होता है।’ केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने आगाह करते हुए कहा कि विश्व कोविड-19 मामलों के चौथे उभार का सामना कर रहा है और संक्रमण की पुष्टि की समग्र दर 6.1 प्रतिशत है।

‘4 हफ्तों से दैनिक मामलों की संख्या 10,000 से नीचे’
विभिन्न महाद्वीपों में कोविड की प्रवृत्ति के बारे में भूषण ने कहा कि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में 26 नवंबर से सप्ताह-दर-सप्ताह संक्रमण में वृद्धि देखी जा रही थी लेकिन एशिया में अब भी मामलों में गिरावट देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत में, पिछले 4 हफ्तों से दैनिक मामलों की संख्या 10,000 से नीचे रही है। हालांकि ये संख्या कम है, लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए। भूषण ने कहा कि भले ही देश के कुल मामलों में गिरावट आ रही है लेकिन केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मिजोरम में अब भी अधिक संख्या में संक्रमण की सूचना है। केरल और मिजोरम में कोविड-19 की संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है जो चिंता का कारण है।

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