हिमाचल में बारिश तो पंजाब में बढ़ा खतरा, सतलुज दरिया का जलस्तर बढ़ा
चंडीगढ़ः पिछले कुछ दिनों से हिमाचल में हो रही बारिश ने पंजाब में एक बार फिर से बाढ़ के खतरा की घंटी बजा दी है, जिसके तहत अब रोपड़ स्थित सतलुज दरिया का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके बाद भाखड़ा बांध और तरनतारन में हरिके हेड से भी लगातार पानी छोड़ने के कारण तरनतारन का एक सरहदी गांव पानी की चपेट में आ गया है। जिसके बाद लोगों में चिंता दिखाई दे रही है।
मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल में बारिश के बाद रोपड़ में सतलुज का जलस्तर बढ़ने लगा है। सतलुज के किनारों पर रहने वालों के घर एक बार फिर खाली करवा दिए गए हैं। जल स्तर को देखते हुए गांव में देर रात एनडीआरएफ की टीमें पहुंच गई हैं और राहत कार्य व रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिए गए है। रोपड़ की डीसी डॉ. प्रीति यादव ने कहा कि प्रशासन की टीमों ने हर्षा-बेला गांव का दौरा किया है। एनडीआरएफ की टीमें भी मदद के लिए पहुंच रही हैं। वहीं फिरोजपुर के सरहदी गांवों में खतरा मंडरा रहा है। हरिके हेड में तकरीबन 1.72 लाख क्यूसेक पानी बताया जा रहा है। 1.49 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तरनतारन के गांव मुठियांवाली पानी की चपेट में आ गया है। बाढ़ का जहां लोगों पर असर दिखाई दे रहा है वहीं पशुओं के लिए भी चारे का प्रबंध करना मुश्किल हो रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों ने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है।
इसके अलावा गांव कुत्तीवाला, वस्ती लाल, सभरा, घडुंम, गटी हरिके आदि गांवों में पानी घुसा हुआ है। बताया जा रहा है कि तरनतारन में घडुंम में धुस्सी बांध की दरार को भरने का काम जारी है। बीते 3 दिन में 100 फीट दरार में से 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आने वाले कुछ दिनों में दरार को पूरी तरह से भर दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन की मदद से लोग लगातार मिट्टी की ट्रालियां भरकर पहुंच रहे हैं








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