वीवीआईपी निमंत्रण कार्डों की संख्या की गई कटौती, सिर्फ 45000 लोगों को ही मिलेगा गणतंत्र दिवस परेड देखने को मौका
गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार दर्शकों की संख्या सरकार ने घटाने का फैसला किया है. कोरोना काल के बाद ऐसा दूसरी बार होगा जब समारोह में दर्शकों की संख्या कम होगी. इस बार मुख्य अतिथि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी होंगे.
गणतंत्र दिवस समारोह में बड़े बदलाव किए गए हैं. इस खास मौके पर केंद्र ने गेस्ट को कम करने का फैसला किया है. अब गणतंत्र दिवस समारोह में 45000 ही दर्शक पहुंच सकेंगे, जहां पहले कर्तव्य पथ पर हर साल एक लाख 25 हजार दर्शकों को आमंत्रित किया जाता था. सिर्फ कोरोना काल में 25 हजार दर्शक ही कर्तव्य पथ पहुंच सके थे. हाल के समय में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर चिंताएं बढ़ गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई सख्त नियम लागू नहीं किए.
आपको बता दें कि 32,000 टिकट ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे और 12,000 ई-निमंत्रण कार्ड जारी किए जाएंगे. हालांकि, कुछ फिजिकल टिकट भी जनता के लिए बेचे जाएंगे. इस बार वीवीआईपी निमंत्रण कार्डों की संख्या कम कर दी गई है. पहले यह 50,000 – 60,000 से अधिक हुआ करती थी और अब इसे घटाकर 12,000 कर दिया गया है. आम जनता के लिए संख्या में कोई कटौती नही की गई है.
मिस्र के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं. मिस्र का 120 सदस्यीय दल पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च करेगा. बीटिंग द रिट्रीट समारोह के लिए, कुल सीटों का 10 प्रतिशत आम जनता के लिए आरक्षित किया गया है, जिनकी संख्या 1,250 है. इस साल 16 राज्यों और छह केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी. गणतंत्र दिवस समारोह का थीम इस बार जनभागीदारी का विषय है, जिसका अर्थ है अधिक लोगों की भागीदारी और सब कुछ उसी के अनुसार आयोजित किया गया है.
सेंट्रल विस्टा के श्रमजीवियों का खास ध्यान
इस समारोह में सेंट्रल विस्टा परियोजनाओं के श्रमजीवी और उनके परिवार के सदस्य, कर्तव्य पथ के रखरखाव कार्यकर्ता, दूध बूथ विक्रेता, सब्जी विक्रेता और छोटे किराना विक्रेता इस कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित व्यक्ति होंगे. उन्हें आगे की पंक्ति में दाहिने ओर बैठाया जाएगा. वहीं सरकार गणतंत्र दिवस परेड के लिए वैध टिकट या निमंत्रण पत्र रखने वाले दर्शकों को मेट्रो के स्टेशन से आसानी से परेड स्थल पर जाने का इंतजाम होगा. इस बार समारोह 23 जनवरी से स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन समारोह के साथ सैन्य टैटू और आदिवासी नृत्य के साथ शुरू होगा. यह दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दो दिनों के लिए आयोजित किया जाएगा.








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