राहुल के संभल दौरे से पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगा भारी ट्रैफिक जाम, गाजीपुर बॉर्डर पर रेंगने लगीं हजारों गाड़ियां

राहुल के संभल दौरे से पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगा भारी ट्रैफिक जाम, गाजीपुर बॉर्डर पर रेंगने लगीं हजारों गाड़ियां

 

संभल दौरे पर जा रहे राहुल गांधी के काफिले को गाजीपुर फ्लाईओवर पर रोक लिया गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में गाजीपुर बॉर्डर पर लगाए गए अवरोधकों को तोड़कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वहां एकत्र होने से भारी ट्रैफिक जाम हो गया है।

 

delhi up border traffic jam - India TV Hindi

उत्तर प्रदेश के संभल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे से पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में गाजीपुर बॉर्डर पर लगाए गए अवरोधकों को तोड़कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वहां एकत्र होने से ट्रैफिक जाम हो गया। यूपी पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अवरोधक लगा दिए और वाहनों की जांच शुरू कर दी है। ACP स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया, ‘‘हमें हाईवे पर लोगों के एकत्र होने की सूचना मिली है और हमने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है।’’

राहुल के काफिले को ‘यूपी गेट’ पर रोका

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संभल में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जिले में जाते समय गाजियाबाद में ‘यूपी गेट’ पर रोक दिया गया है। संभल में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (उपद्रव या आशंकाजनक खतरे के तत्काल मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति) के तहत प्रतिबंध 31 दिसंबर तक बढ़ा दिए गए हैं। पहले यह प्रतिबंध रविवार को समाप्त होना था।

पुलिस से झड़प, धरने पर बैठे कांग्रेसी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हिंसा प्रभावित संभल के दौरे पर जा रहा है। उनके साथ यूपी के पांच अन्य कांग्रेस सांसद भी मौजूद हैं। काफिले को गाजीपुर फ्लाईओवर पर रोक लिया गया है। प्रशासन ने आगे जाने की इजाजत नहीं दी है। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली है। वहीं, वरिष्ट पुलिस अधिकरी से राहुल गांधी ने सर्फ 4 लोगों के संभल जाने की इजाजत मांगी है। प्रशासन के जवाब का इंतजार किया जा है। राहुल और प्रियंका अपनी गाड़ी में बैठ गए हैं। फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है।

संभल हिंसा में 4 की मौत

बता दें कि संभल की एक अदालत ने 19 नवंबर को एक मुगल कालीन मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश दिया था और उसी दिन एक टीम ने वहां सर्वेक्षण किया था। तभी से वहां तनाव की स्थिति है। दावा किया गया था कि मस्जिद वाले स्थान पर पहले हरिहर मंदिर था। उसके बाद 24 नवंबर को दोबारा सर्वेक्षण के दौरान प्रदर्शनकारियों के शाही जामा मस्जिद के पास एकत्र होने और सुरक्षा कर्मियों से भिड़ जाने के दौरान हिंसा भड़क उठी । इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए थे।

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