राष्ट्रपति की हत्या में नाकाम जवाहिरी ने दूतावास में बारूदी कारें टकरा खेला था खून खेल..

राष्ट्रपति की हत्या में नाकाम जवाहिरी ने दूतावास में बारूदी कारें टकरा खेला था खून खेल..

 

Al-Zawahiri Killed मिस्र राष्ट्रपति की हत्या में गिरफ्तार आतंकी अल-जवाहिरी ने कोर्ट में चिल्लाकर कहा था हमने कई कुर्बानियां दी हैं। हम तब तक कुर्बानी देंगे जब तक इस्लाम की जीत नहीं हो जाती। इसके बाद लादेन के आया था लादेन के संपर्क में।

Al-Zawahiri Killed: राष्ट्रपति की हत्या में नाकाम जवाहिरी ने दूतावास में बारूदी कारें टकरा खेली थी खून की होली

 

नई दिल्ली,  ओसामा बिन लादेन (Osama Bin Laden) के बाद आतंकी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) की कमान संभालने वाला अल-जवाहिरी (Al-Zawahiri) भी अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। लादेन के संपर्क में आने और अल-कायदा में शामिल होने से पहले ही अल-जवाहिरी एक खूंखार आतंकवादी बन चुका था। पहली बार जवाहिरी का नाम तब सुर्खियों में आया, जब उसे मिस्र के राष्ट्रपति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तब तक वह अल-कायदा में शामिल नहीं हुआ था। अल-कायदा में शामिल होने और लादेन का करीबी बनने के बाद उसने कई राष्ट्राध्यक्षों पर हमले की साजिश रची। लादेन के दौर में भी अल-कायदा ने जितने बड़े हमले किए, उसके पीछे अल-जवाहिरी प्रमुख चेहरा रहा है।

1981 – मिस्र के राष्ट्रपति की हत्या

पेशे से नेत्र सर्जन रहा अल-जवाहिरी, अल-कायदा में शामिल होने से पहले ही कट्टर इस्लामी आतंकवादी बन चुका था। वर्ष 1981 में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर अल-सादत की हत्या के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था। तब वह पहली बार अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अल-जवाहिरी ने अपनी खौफनाक आतंकी सोच जाहिरी की। उसने कोर्ट में चिल्लाकर कहा था, ‘हमने कई कुर्बानियां दी हैं। हम तब तक कुर्बानी देने को तैयार हैं, जब तक इस्लाम की जीत नहीं हो जाती।’ मिस्र के राष्ट्रपति अनवर अल-सादत की हत्या के आरोप में अल-जवाहिरी बरी हो गया था, लेकिन उसे अवैध हथियार रखने के लिए तीन वर्ष की जेल हुई थी। जेल से रिहा होने के बाद अल-जवाहिरी पाकिस्तान चला गया। यहां उसने डॉक्टर के तौर पर उन अफगान लड़ाकों का इलाज किया, जो उस वक्त रूस के खिलाफ युद्ध कर रहे थे। यहीं पर उसकी मुलाकात ओसामा बिन लादेन से हुई। दोनों की आतंकवादी सोच ने बहुत जल्द उन्हें एक-दूसरे का करीबी बना दिया।

1996 – अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पर हमले की साजिश

अमेरिका से अल-कायदा की दुश्मनी बहुत पुरानी है। दोनों एक-दूसरे को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं। वर्ष 1996 में अल-कायदा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन (US President Bill Clinton) को बम से उड़ाने की साजिश रची थी। इसकी योजना लादेन ने खुद तैयार की थी। हमले उस वक्त होना था, जब बिल क्लिंटन मनीला में एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए जाने वाले थे। हालांकि बिल क्लिंटन के निकलने से पहले ही खूफिया एजेंसियों को साजिश की भनक लग गई। उन्होंने तुरंत अमेरिकन सीक्रेट सर्विस (US Secret Service) को अलर्ट कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी ने एक पुल के नीचे लगा बम बरामद कर लिया, जिससे राष्ट्रपति को बैठक में शामिल होने के लिए जाना था।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *